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निशंक ने कविता सुनाई
देहरादून।
कवियों के आग्रह पर कि मुख्यमंत्री स्वयं एक कवि है, इसलिए वे
भी कविता का पाठ करें, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल
निशंक ने अपनी एक कविता सुनाई- ‘अभी भी है जंग जारी, वेदना सोई
नही है, मनुजता होगी धरा पर, संवेदना खोई नही है, किया है
बलिदान जीवन, निर्बलता ढोई नही है, कह रहा हूं ए वतन तुझ से
बड़ा कोई नही है’। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे बीच ऐसे
संवेदनशील कवि हैं, जिनकी कविताएं देश प्रेम से ओत-प्रोत हैं।
इन्ही भावनाओं से हम आजादी के उद्देश्यों को पूरा कर सकेंगे।
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर संस्कृति विभाग के
तत्वाधान में नगर निगम के जुगमन्दर प्रेक्षागृह में आयोजित कवि
सम्मेलन एवं मुशायरे का यह अवसर था। दीप प्रज्ज्वलन कर निशंक
ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया और कार्यक्रम में आये कवियों और
शायरों का शॉल भेंट कर स्वागत किया। कवि सम्मेलन में राहत
बिजनौरी, प्रदीप चौबे, सुमन दुबे, गिरीश तिवारी गिरदा, वेदव्रत
वाजपेयी, रामेन्द्र त्रिपाठी, लोकेश नवानी, सुनील जोगी, कविता
तिवारी, नदीम बरनी, डॉ सुरेश, अनूप श्रीवास्तव, वीणा पाणी
जोशी, हेमंत बिष्ट, मनीष शुक्ल, मयंक गौनियाल जैसे प्रसिद्ध
कवि एवं शायरों ने शिरकत की।
मुख्यमंत्री ने भू-स्खलन क्षेत्र का दौरा किया
उत्तरकाशी।
मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने शनिवार को तहसील
मुख्यालय भटवाड़ी के भू-धंसाव एवं भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्र
भटवाड़ी बाजार एवं भटवाड़ी गांव का निरीक्षण किया और लोगों की
समस्याओं से रूबरू हुए। उन्होने जिनके मकान भू-धंसाव से
पूर्णरूप से ध्वस्त हुए, उन्हे 50-50 हजार रुपये मुआवजा राशि
देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्र का हवाई
सर्वेक्षण किया और 100 मीटर रेंज में भू-धंसाव एवं भूस्खलन से
प्रभावित क्षेत्र के लोगों के शिफ्टिंग और तात्कालिक व्यवस्था
के रूप में पाला-मनेरी के संस्थान पर लोगों को शिफ्ट करने एवं
मुख्य बाजार को शिफ्ट करने की कार्ययोजना बनाने के भी निर्देश
दिये। उन्होंने कहा कि क्षति के आंकलन एवं पुनर्वास हेतु
जिलाधिकारी पुलिस अधीक्षक, उप जिलाधिकारी सूची तैयार कर मुख्य
सचिव को उपलब्ध कराएं। समस्याओं के निराकरण के लिए उप
जिलाधिकारी प्रभावित क्षेत्र में कैम्प करेंगे। आपदा प्रबन्धन
राज्यमंत्री खजान दास भी प्रभावितों की समस्याओं के निराकरण के
लिए उपलब्ध रहेंगे।
मुख्यमंत्री ने भटवाड़ी से आगे गंगोत्री में रूके हुए
वाहनों को निकालने के लिए बीआरओ से वैकल्पिक व्यवस्था करने के
निर्देश दिये। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिये कि
यात्रियों से ज्यादा किराया न वसूला जाय, वे इसकी व्यवस्था
सुनिश्चित करें। जिन यात्रियों की बसें गंगोत्री की ओर रूकी
हैं, उन्हें ऋषिकेश या अन्य स्थानों की ओर पहुंचाने के लिए
व्यवस्था सुनिश्चित करें। उन्होंने मीडिया से भी सहयोग की
अपेक्षा की।
क्षेत्रीय विधायक एवं सभा सचिव गोपाल रावत ने क्षेत्र
की समस्याओं से अवगत कराया। ब्लॉक प्रमुख विनीता रावत ने
प्रभावित क्षेत्र की समस्याओं के सम्बन्ध में ज्ञापन दिया।
प्रधान ग्राम सभा भटवाड़ी अनुराधा एवं व्यापार मंडल अध्यक्ष
कामेश्वर प्रसाद ने भी प्रभावित क्षेत्र के लोगों के पुनर्वास
एवं दुकानों की क्षतिपूर्ति तथा विस्थापन के संबंध में मांग
प्रस्तुत की। जिलाध्यक्ष भाजपा एवं मण्डल महामंत्री ने भी
स्थानीय समस्याओं से अवगत कराया। इस मौके पर संयुक्त
मजिस्ट्रेट डॉ आर राजेश कुमार, पुलिस अधीक्षक अरूण मोहन जोशी,
मुख्य विकास अधिकारी एमएस कुटियाल आदि उपस्थित थे।
गंगा को रोकने वाली लोहारी
परियोजना निरस्त की जाए
देहरादून। मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने
प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर उत्तरकाशी में
एनटीपीसी की लोहारी नागपाला जल विद्युत परियोजना को निरस्त
करने का अनुरोध किया है। साथ ही उन्होंने उत्तराखण्ड की
विशिष्ठ सामाजिक सांस्कृतिक एवं भौगोलिक परिस्थितियों को
दृष्टिगत रखते हुए यहां के सर्वागीण विकास के लिए राज्य को कम
से कम दो हजार मेगावाट बिजली निःशुल्क उपलब्ध कराने की मांग की
है।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि जनभावना तथा पर्यावरण संरक्षण के
दृष्टिगत प्रदेश सरकार ने दो जल विद्युत परियोजनाएं पाला मनेरी
एवं भैरो घाटी डेढ़ वर्ष पूर्व ही स्थगित कर दी थी। उन्होंने
कहा कि इसके विपरीत भारत सरकार के सार्वजनिक उपक्रम एनटीपीसी
की लोहारी नागपाला योजना को पुनः प्रारंभ करने का निर्णय ले
लिया है। चूंकि इस योजना से गंगा विलुप्त होकर 16 किमी लम्बी
टनल के माध्यम से गुजरेगी, जोकि जनभावनाओं एवं पर्यावरण दोनो
ही दृष्टिकोण से ठीक नही है। गंगा की पावनता, अविरलता को बनाये
रखने के लिए लोहारी नागपाला योजना को निरस्त करने की मांग की
है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार गंगा के अतिरिक्त उपलब्ध जल
पर लघु जल विद्युत परियोजनाओं की पक्षधर है, किन्तु पूरी गंगा
टनल में चली जाए, इसकी कदापि पक्षधर नही रही है। गंगा नदी का
अधिकांश जल किसी टनल में होते हुए जाए अथवा गंगा के पानी को
बांध बनाकर रोका जाए, यह उचित नही होगा।
मीडिया नकारात्मक प्रवृत्तियों को हतोत्साहित करे- 'निशंक'
देहरादून। मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने वन
विभाग के मंथन सभागार में प्रेस ट्रस्ट ऑफ इण्डिया कर्मचारी
संगठनों के महासंघ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के अधिवेशन का
उद्घाटन करते हुए कहा कि प्रेस ट्रस्ट ऑफ इण्डिया ने पिछले छः
दशकों में मिशनरी पत्रकारिता का प्रदर्शन करते हुए लोकतंत्र की
मजबूती में योगदान दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आबादी के
साथ ही पीटीआई की स्थापना भारत में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता
का प्रतीक है। पीटीआई ने भारत में पत्रकारिता को सशक्त करने
में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में आये
सामाजिक सांस्कृतिक परिवर्तन के साथ ही पत्रकारिता में भी कुछ
बदलाव आये है। पीटीआई जैसी संस्थाओं की यह जिम्मेदारी है कि वह
नकारात्मक प्रवृत्तियों को हतोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि
पिछले कुछ वर्षों में खबरों की अंधाधुंध दौड़ में पत्रकारिता
में गंभीरता और विश्वसनीयता का अभाव परिलक्षित हो रहा है।
उन्होंने पत्रकारिता के गिरते स्तर पर चिन्ता व्यक्त करते हुए
कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता एक बहुत महत्वपूर्ण अधिकार है
और बड़े अधिकारों के साथ बड़ी जिम्मेदारियां भी जुड़ी रहती है।
इस अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों से आये पीटीआई के
वरिष्ठ पत्रकारों को उत्तराखण्ड की विभिन्न विकास योजनाओं की
जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने उनसे उत्तराखण्ड के विकास में
सहयोग देने की अपील की। उन्होंने कहा कि विजन 2020 के अन्तर्गत
देश को आदर्श राज्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विधान सभा अध्यक्ष
हरबंश कपूर ने कहा कि पीटीआई के पत्रकार और खबरें अपनी
निष्पक्षता के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने कहा कि पीटीआई के
पत्रकार चमक-धमक से दूर रहते हुए अपना काम ईमानदारी के साथ
करते हैं। मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष डॉ देवेन्द्र भसीन
ने कहा कि पीटीआई की पत्रकारिता के मापदण्डों को स्थापित करने
में महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
पीटीआई कर्मचारी महासंघ के महासचिव एमएस यादव ने पीटीआई
के गठन से लेकर छः दशकों की जानकारी दी। इस अवसर पर महासंघ के
अध्यक्ष जॉन गोनजाल्विस, पीटीआई देहरादून के ब्यूरो चीफ
कविन्द्र श्रीवास्तव सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।
पेंशनर मुख्यमंत्री से मिले
देहरादून। मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ से
भाजपा महानगर महामंत्री गोवर्द्धन भारद्वाज के नेतृत्व में
सेवानिवृत्त राजकीय पेंशनर्स संगठन, उत्तराखण्ड के
प्रतिनिधिमण्डल ने भेंट की। प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री से
उत्तराखण्ड राज्य बनने से पूर्व (9.11.2000) के राजकीय
सेवानिवृत्त पेंशनर्स को उत्तराखण्ड शासन द्वारा उत्तर प्रदेश
के पेंशनर्स मानने के निर्णय के संबंध में अवगत कराया।
प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि राज्य गठन से
पूर्व के पेंशनर्स को उत्तराखण्ड राज्य का पेंशनर्स माना जाए।
मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमण्डल को आश्वस्त किया कि उनके
प्रकरण पर यथोचित की जायेगी। प्रतिनिधिमण्डल में सेवानिवृत्त
राजकीय पेंशनर्स संगठन, उत्तराखण्ड के अध्यक्ष आरएस परिहार,
महामंत्री पीडी गुप्ता आदि लोग उपस्थित थे।
अब्बास समशुद्दीन तैय्यबजी मार्ग
देहरादून। मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने
मसूरी में किंक्रेग-किताबघर दो किमी मार्ग को अब्बास तैय्यबजी
मार्ग करने की स्वीकृति प्रदान कर दी है। लोनिवि ने सुविख्यात
राष्ट्रवादी नेता और शीर्षस्थ स्वतंत्रता संग्राम सेनानी
अब्बास समशुद्दीन तैय्यब के नाम पर किताब घर किंक्रेग सड़क का
नाम रखने का प्रस्ताव दिया था। तैय्यबजी का मसूरी स्थित किताब
घर के नीचे सुविख्यात भवन बुड स्टेट है, जिसे उनके मरणोपरांत
उनकी बेटी ने लिखित वसीयत द्वारा राष्ट्रपति को सौपा था। उनकी
कब्र भी लण्ढौर के नीचे कब्रगाह में है।
स्वतंत्रता दिवस पर बंदियों की रिहाई
देहरादून। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उत्तराखण्ड स्थित
न्यायालयों से दण्डित सिद्धदोष बन्दियों, जो इस निमित्त
निर्धारित मानको को पूरा करते हों तथा जिनका आचरण अच्छा रहा हो
उनकी समयपूर्व रिहाई की जायेगी। गृह सचिव राजीव गुप्ता ने
बताया कि ऐसे कैदियों की रिहाई के मापदंड निर्धारित कर दिए गए
हैं। महानिरीक्षक कारागार यह सुनिश्चित करेंगे कि प्रत्येक दशा
में परीक्षणोपरान्त केवल पात्र बन्दी ही मुक्त किये जायें।
सैनिक अदालतों से दण्डित बन्दी, विचाराधीन बन्दी, नजरबन्द
बन्दी, अनैतिक व्यापार अधिनियम के अधीन बन्दी, महिलाओं का शील
भंग करने के लिए बल प्रयोग के अपराध में दण्डित बन्दी मुक्ति
के पात्र नही होंगे।
आयुष ग्राम के लिए अनुबंध
देहरादून। मुख्यमंत्री निदेशक आयुर्वेदिक एवं यूनानी
सेवाएं तथा मैसर्स कोलकाता के मध्य आयुष ग्राम की स्थापना के
लिए लोक निजी सहभागिता अनुबन्ध पर हस्ताक्षरित किया गया। जनपद
नैनीताल के भवाली स्थित सेनोटोरियम की भूमि में आयुष ग्राम की
स्थापना की जानी है, जिसके लिए लोक निजी सहभागिता के आधार पर
कार्य किया जाना है।

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