पल्स पोलियो उन्मूलन में रोटरी की सराहाना

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देहरादून मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने रविवार को यहां रोटरी इंटरनेशनल के उत्तराखंड राज्य पल्स पोलियो सेमिनार का उद्घाटन किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि गत वर्ष प्रदेश में बाहर से आये एक मामले को यदि अपवाद स्वरूप छोड़ दिया जा तो उत्तराखंड में पोलियो उन्मूलन अभियान को अच्छी कामयाबी मिली है। इन सफलताओं के बावजूद स्वास्थ्य विभाग को संतुष्ट होकर नहीं बैठना है, और शत प्रतिश उन्मूलन के लक्ष्य को हासिल करना है। उन्होंने कहा कि पोलियो के विरूद्ध वर्षो से चली आ रही लड़ाई अपने आखिरी चरण में आ पहुंची है, और एक मजबूत समग्र प्रयास इसका जड़ से नाश कर देगा।

मुख्यमंत्री ने रोटरी इंटरनेशनल के पोलियो उन्मूलन अभियान में दिये जा रहे योगदान की सराहना करते हुए कहा कि रोटरी इंटरनेशनल के सदस्य न केवल आर्थिक रूप से सक्षम हैं वरन वे वैचारिक एवं सांस्कृतिक रूप से भी समृद्ध हैं आज मशीनी युग में इस प्रकार के प्रयासों से ही मानवता को बचाया जा सकता है। उन्होंने रोटरी इंटरनेशनल से प्रदेश के विकास में और अधिक योगदान करने की अपील की। प्रदेश के स्वास्थ्य सचिव डॉ उमाकान्त पंवार ने कार्यक्रम में पल्स पोलियो कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के योगदान की जानकारी देने के साथ ही आगामी नीतियों पर चर्चा की। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ एचसी भट्ट ने स्वयंसेवियों के योगदान के साथ ही लोगों में जागरूकता का प्रसार करने वाली विधियों पर चर्चा की।

रोटरी इंटरनेशनल के डिस्ट्रिक्ट गवर्नर मधुकर मल्होत्रा ने कहा कि 1985 में पोलियो की बीमारी 125 से अधिक देशों में फैली थी, और आज यह केवल चार देशों अफगानिस्तान, पाकिस्तान, नाईजीरिया और भारत में मौजूद है। भारत से इस बीमारी का समूल नाश ही सभी का लक्ष्य होना चाहिए। कार्यक्रम में प्रदेश मीडिया सलाहकार समिति के अजेन्द्र अजय, डॉ नितिन बिष्ट, पियूष मित्तल, प्रेम भल्ला, जागृति नवानी आदि उपस्थित थे।

 

मुख्यमंत्री ने किया ओलंपियन का सम्मान
देहरादून मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने एनेक्सी स्थित अपने आवास पर उदयीमान पैरा औलंपिक खिलाड़ी प्रेम कुमार से मुलाकात की और प्रेम कुमार को खेल दिवस की बधाई देते हुए, उनका सम्मान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रेम कुमार ने अपनी दृढ़ ईच्छा शक्ति और कौशल का प्रदर्शन करते हुए उत्तराखंड का नाम देश-विदेश में रोशन किया है। उल्लेखनीय है कि प्रेम कुमार ने हाल ही में राष्ट्रीय पैरा औलंपिक खेलों में बैंटमिंटन प्रतियोगिता में राज्य के लिए दो कांस्य पदक जीते थे। प्रेम कुमार बैंटमिंटन और तैराकी में अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिभाग कर चुके हैं।

 

सार्द्धसती समारोह में जाएंगे निशंक

देहरादून। मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक से एनेक्सी स्थित उनके आवास पर ग्लोबल आर्गेनाइजेशन आफ पीपुल आफ इण्डियन ओरिजन के अध्यक्ष महेन्द्र उचाना ने एक प्रतिनिधिमंडल के साथ भेंट की। इस अवसर पर गोपियो के अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री डॉ निशंक से आगामी नवम्बर माह में भारतीय मूल के लोगों के अफ्रीका में 150 वर्ष पूर्व आगमन के उपलक्ष्य में आयोजित सार्द्धसती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया, जिस पर मुख्यमंत्री ने अपनी सहमति प्रदान कर दी।
मुख्यमंत्री ने मानव के कल्याण के लिए मॉरिशस में योग एवं आयुर्वेद का बड़ा केन्द्र स्थापित करने की पेशकश की। उन्होंने राष्ट्रपति सर अनिरूद्ध जगन्नाथ एवं प्रधानमंत्री नवीन चंद्र रामगुलाम के नेतृत्व में मॉरिशस के उत्तरोत्तर विकास की कामना की और उनके विकास में उत्तराखंड सरकार की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि ऊर्जा, पर्यटन, जड़ी-बूटी, आयुर्वेद के क्षेत्र में उत्तराखंड सरकार विजन 2020 के तहत दीर्घकालीन योजना के तहत अवस्थापना विकास करा रही है। उन्होंने इन क्षेत्रों में मॉरिशस के निवेशकों का स्वागत करते हुए अपर मुख्य सचिव सुभाष कुमार को समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री डॉ निशंक ने उचाना और उनके साथ आये सदस्यों को अपनी कहानी संग्रह ‘खड़े हुए प्रश्न’ के फ्रेंच अनुवाद की पुस्तिका भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ निशंक ने गोपियो प्रतिनिधिमंडल को बदरीनाथ मंदिर का स्मृति चिन्ह मॉरिशस के राष्ट्रपति को भेंट करने के लिए प्रदान किया और उचाना को भी ओम पर्वत का स्मृति चिन्ह भेंट किया।
महेन्द्र उचाना ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान जनवरी माह में मॉरिशस से निवेशकों के दल को लाने की इच्छा व्यक्त की, जो उत्तराखंड में हर्बल, पर्यटन, शिक्षा के क्षेत्र में निवेश करना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि उनके गंगोत्री से गंगा जल को गंगा तालाव में मिलाने से वह स्थल मॉरिशस के लोगों के लिए धार्मिक और आध्यात्मिक केन्द्र बन गया है, जहां लोग तीन-तीन दिन पैदल चलकर आते हैं। प्रधानमंत्री मॉरिशस के भाषणों में हिन्दी के प्रयोग देखने को मिलता है, उनकी रचित पुस्तक स्पर्श गंगा हर विद्यालय में उपलब्ध है। प्रतिनिधिमंडल में मॉरिशस के पर्यटन के आयुक्त विजय और रणबीर सहित प्रेस प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।

 

राज्य कर्मचारी सकारात्मक सोच रखें-मुख्यमंत्री

देहरादून। मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने नगर निगम प्रेक्षागृह में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के पंचम द्विवार्षिक अधिवेशन का उद्घाटन करते हुए कहा कि कर्मचारियों की सभी मांगों का सरकार यथोचित परीक्षण करायेगी, और जो भी मांग पूरी की जा सकती हैं, उन्हें हर हाल में पूरा किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ निशंक ने कहा कि अच्छा काम करने वाले कार्मिकों को चाहे वो ब्लॉक स्तर पर हों, ग्राम स्तर पर हों या जनपद स्तर पर हों, सरकार चिन्हित कर सम्मानित करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य यहां के लोगों की कड़ी तपस्या एवं संघर्ष का फल है। इस संघर्ष में राज्य कर्मचारियों के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने राज्य कर्मचारियों से आशावादी एवं सकारात्मक सोच अपनाने की अपील की। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि राज्य निर्माण के बाद उत्तराखंड ने सभी क्षेत्रों में उल्लेखनीय विकास किया है, राज्य की विकास दर देश में तीसरे स्थान पर है। राज्य को कुशल वित्तीय प्रबंधन के लिए 13 वें वित्त आयोग ने एक हजार करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में स्थानीय युवाओं को रोजगार के अधिकतम अवसर प्राप्त हों, इसलिए समूह-ग की भर्तियों के लिए स्थानीय रोजगार कार्यालयों में पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में अधिकांश प्रश्न उत्तराखंड पर आधारित पूछे जाने का निर्णय लिया गया है, जिससे उत्तराखंड के निवासियों को अधिकतम लाभ मिल सके।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष प्रह्लाद सिंह ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए बताया कि परिषद में प्रदेश के दो सौ से भी अधिक कर्मचारी संगठनों का प्रतिभाग है। परिषद के महामंत्री प्रदीप कोहली ने वेतन विसंगति, मकान किराये भत्ते के वर्गीकरण, मसूरी को बी श्रेणी का दर्जा दिये जाने, राज्य कर्मियों के लिए हेल्थ स्मार्ट कार्ड सुविधा शीघ्र शुरू किये जाने, ठोस स्थानांतरण नीति बनाये जाने, परिवार नियोजन भत्ते को ग्रेड पे का 10 प्रतिशत किये जाने जैसी कई मांगे मुख्यमंत्री के सम्मुख रखी। इस अवसर पर मेयर विनोद चमोली, राज्य युवा कल्याण परिषद के उपाध्यक्ष सुभाष बड़थवाल, उपाध्यक्ष मीडिया सलाहकार समिति अजेन्द्र अजय सहित और भी गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
 

आपदा प्रबंध की समीक्षा

देहरादून। अपर मुख्य सचिव राजस्व, आपदा प्रबंधन एवं समाज कल्याण आयुक्त एसके मट्टू ने वर्तमान वर्षा ऋतु में हो रही अतिवृष्टि, बाढ़ त्वरित बाढ़, भूस्खलन एवं बादल फटने की घटनाओं से हो रही क्षति की समीक्षा सभी जनपदों से वीडियों कॉन्फ्रेन्स के माध्यम से की। अनुसचिव आपदा प्रबंधन संतोष बड़ोनी ने बताया कि समीक्षा बैठक में वर्तमान तक कई क्षतियों का जनपदवार समीक्षा की गयी। प्रभावित नागरिकों को जो अहेतुक सहायता दी जाती है, उसके आवंटन की समीक्षा प्रत्येक जिलाधिकारी से की गयी। 

विभागीय अधिकारियों एवं जिलाधिकारियों से यह अनुरोध किया गया कि वे क्षतियों का विवरण प्रत्येक दशा में 31 अगस्त तक आपदा प्रबंधन विभाग को उपलब्ध करवा दें। दूरस्थ क्षेत्रों में खाद्य सामग्री और अन्य मूलभूत सामग्रियां खच्चरों आदि के माध्यम से उपलब्ध कराई जाए। जिन आवासीय क्षेत्रों में जलभराव हो गया है उनमें पम्पों से पानी की शीघ्र निकासी किये जाने, जिन सड़क मार्गो पर अत्यधिक मलबा आ गया है एवं लोक निर्माण विभाग के सामान्य मद से इसकी निकासी सम्भव नहीं हो पा रही है, उन्हें भी इसके शीघ्र प्रबंध के निर्देश दिये गये हैं। वीडियो कान्फ्रेन्स में अपर सचिव आपदा प्रबंधन भास्करानन्द, अपर सचिव कृषि और पेयजल सुरेन्द्र सिंह रावत, अपर सचिव शहरी विकास निधिमणि त्रिपाठी, मुख्य अभियन्ता लोनिवि, मुख्य अभियन्ता सिंचाई विभाग, मुख्य अभियन्ता लघु सिंचाई, निदेशक कृषि और अन्य विभागीय अधिकारियों ने भाग लिया।

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