हेलीकाप्टर से चार-धाम यात्रा का विस्तार

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देहरादून। देश विदेश के तीर्थ यात्रियों के लिए चार धाम यात्रा शीघ्र ही सुगम और सुविधाजनक करने के लिए उत्तराखण्ड निवास में प्रमुख सचिव पर्यटन राकेश शर्मा ने हेलीकाप्टर और विमान सेवा प्रदाताओं और टूर आपरेटर एजेंसियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर कार्ययोजना पर विचार विमर्श किया। इस कार्ययोजना के लागू होने के बाद बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के दर्शन मात्र चार दिन में ही किए जा सकेंगे। उत्तराखण्ड का पर्यटन विभाग इसके लिए जोर शोर से जुटा हुआ है।
प्रमुख सचिव पर्यटन राकेश शर्मा ने कहा कि एक बड़ा तबका व्यस्त प्रबंधकों, अधिकारियों, व्यापारियों और प्रवासियों का है जो कम समय में उच्च स्तरीय सेवाओं के साथ चार धाम यात्रा करने के लिए कीमत चुकाने के लिए तैयार है। सोलह सितम्बर से आठ नवम्बर तक का यात्रा पैकेज संचालित किया जाएगा इसे देखते हुए उत्तराखण्ड का पर्यटन विभाग चार धाम यात्रा का पैकेज तैयार कर रहा है, जिसमें कि विभिन्न एयरलाईंस, हेलीकाप्टर सर्विस प्रोवाईडर और ट्रेवल एजेंटो के साथ सार्वजनिक-निजी भागीदारी को बढ़ावा दिया जाएगा।
कार्ययोजना के अनुसार देश के प्रमुख महानगरों से पर्यटकों को विमान सेवा से देहरादून लाया जाएगा जहां से हेलीकाप्टर से चार धाम ले जाया जाएगा। चारों धाम पर राज्य सरकार सिविल हेलीपेड विकसित कर रही है। गढ़वाल मंडल विकास निगम आवास, भोजन सहित अन्य सभी सुविधाएं उच्च गुणवत्ता के साथ उपलब्ध कराएगा। पर्वतीय क्षेत्रों में स्थित होने के कारण तीर्थ यात्रियों और पर्यटकों के लिए आक्सीजन और अन्य चिकित्सकीय व्यवस्थाओं की भी समुचित व्यवस्था सरकार कर रही है। उन्होंने कहा कि इस पैकेज से एक ओर जहां श्रद्धालुओं को समय की बचत होगी वहीं राज्य सरकार को राजस्व की प्राप्ति होगी।
उन्होंने बताया कि शीघ्र ही इसका बड़े स्तर पर प्रचार प्रसार किया जाएगा। चार-धाम, चार दिन के साथ ही दो-धाम, दो दिन का पैकेज भी प्रस्तावित है। गढ़वाल मंडल विकास निगम चार धाम यात्रा के लिए 15 दिन का पैकेज पहले से ही सफलतापूर्वक संचालित कर रहा है। बैठक में प्रमुख स्थानिक आयुक्त अनूप बधावन, गढ़वाल मंडल विकास निगम के एमडी बीवीआरसी पुरूषोत्तम सहित विभिन्न एयरलाईन्स, हेलीकॅप्टर सर्विस प्रोवाईडर और ट्रेवल एजेंसी के प्रतिनिधि मौजूद थे।

राहत कार्य संतोषजनक नहीं हैं-सिंचाई मंत्री
रूद्रप्रयाग। रूद्रप्रयाग जिले में भारी वर्षा से हुई क्षति की समीक्षा बैठक करते हुए प्रदेश के सिंचाई, लघु सिंचाई, समाज कल्याण, खादी ग्रामोद्योग एवं विकलांग कल्याण मंत्री मातबर सिंह कण्डारी ने जिला कार्यालय सभागार में अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे न्याय पंचायत स्तर पर जाकर जन समस्याओं का निदान करें। कार्यदायी संस्थाएं लोक निर्माण विभाग एवं पीएमजीएसवाई खानापूर्ति न करें। जिले में 80 मोटर मार्ग में से 43 मोटर मार्ग डेढ़-डेढ़ माह से बन्द हैं। इससे क्षेत्र में आवश्यक सामग्री का संकट हो गया है। पेयजल की 48 योजनाओं में से 13 पूर्णरूप से बन्द हैं और सिंचाई की 171 नहरों में से 142 बन्द पड़ी हैं।
सिंचाई मंत्री ने शीघ्रता से जनता को सुविधाए मुहैय्या कराने के निर्देश देते हुए कहा कि जल निगम और जल संस्थान की लापरवाही जनता पर भारी पड़ रही है और गन्दे पेयजल आपूर्ति से कई लोग बीमार पड़ गये हैं। उन्होंने कहा कि जनता की असुविधा को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रत्येक ग्राम पंचायतों में प्रशिक्षण दिया जाए कि पेयजल में कितनी मात्रा में ब्लीचिंग पाउडर डाला जाता है और ग्राम पंचायतों को ब्लीचिंग पाउडर उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने स्वीकृत नलकूपों का निर्माण शुरू करने के भी निर्देश दिये। सिंचाई मंत्री ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिये कि वर्षा से क्षतिग्रस्त विद्यालयों के स्टीमेट तीन दिन के अन्दर तैयार करवाकर जिलाधिकारी को उपलब्ध करा दें। जीआईसी ल्वारा एवं क्यूंजा के क्षतिग्रस्त भवनों का आगणन शासन को शीघ्र भेजा जाए।
सिंचाई मंत्री ने भू-स्खलन के प्रति युद्ध स्तर पर कार्य करने की जरूरत बताते हुए वन विभाग को निर्देश दिये कि उन गांवों का चिन्हित किया जाए जिनको भूस्खलन का खतरा बना हुआ है और उन गांवों के भूस्खलन क्षेत्र में ग्रामीणों के सहयोग से वृक्षारोपण करें और जलागम एवं ग्राम्या को भी वृक्षारोपण के निर्देश दिये गये। उन्होंने विभागीय परिसम्पत्तियों के साथ ही स्थानीय स्तर पर भू-स्खलन एवं भूक्षरण के कारण हुई क्षति का विभागों का समय पर आगणन तैयार न किये जाने पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि लोगों की कृषि भूमि को नुकसान हुआ है इसलिए ऐसे लोगों को मनरेगा के अन्तर्गत भूमि सुधार के कार्य कर भरपाई का प्रयास किया जाए।
समीक्षा बैठक में विधायक केदारनाथ क्षेत्र एवं संसदीय सचिव लोक निर्माण विभाग आशा नौटियाल ने अपनी विधान सभा के अन्तर्गत की कई सड़को के बन्द होने की बात कही। उन्होंने कहा कि इसमें पीएमजीएसवाई की ज्यादा सड़कें बन्द हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष ने पठालीधार-बसुकेदार मोटर मार्ग बन्द होने के कारण क्षेत्र में खाद्यान्न का संकट बाताया इसके साथ ही ताला-बरंगाली आदि मोटर मार्गों को अविलम्ब खोलने की बात पर जोर दिया।
बैठक में जल निगम में अधिशासी अभियन्ता की अनुपस्थिति पर जिलाधिकारी रविनाथ रामन ने उनके वेतन रोकने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में आपदा की घटनाओं की प्रतिदिन समीक्षा की जा रही है और शासन को इसकी प्रतिदिन जानकारी भी उपलब्ध कराई जा रही है। बैठक से पूर्व कलक्ट्रेट परिसर में सिंचाई मंत्री ने वृक्षारोपण किया एवं और भी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने एक-एक पेड़ लगाए। बैठक में भाजपा के जिलाध्यक्ष वाचस्पति सेमवाल, पूर्व जिला अध्यक्ष भाजपा शकुन्तला जगवाण, जिला महामंत्री विजय कप्रवान, जिला कार्यालय प्रभारी अधिकारी दीपेन्द्र नेगी उपजिला अधिकारी सदर जगदीश लाल, मुख्य विकास अधिकारी एनएस रावत, मुख्य चिकित्साधिकारी जेएस जोशी, जनप्रतिनिधि सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।


सचिवालय सेवा अधिकारी संघ मुख्यमंत्री को धन्यवाद
Hindi News Siteदेहरादून। मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक से उत्तराखण्ड सचिवालय सेवा अधिकारी संघ (राजपत्रित) के प्रतिनिधिमण्डल ने एनेक्सी में भेंट की। प्रतिनिधिमण्डल ने प्रदेश में नई कार्य संस्कृति विकसित करने के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया, साथ ही विजन 2020 के अन्तर्गत प्रदेश के विकास में गति प्रदान करने में पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सचिवालय सेवा के अधिकारी, कर्मचारी उनकी अपेक्षा के अनुसार प्रदेश की जनता के हित में कार्य करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नई कार्य संस्कृति विकसित की गई और सभी अधिकारी और कर्मचारी उसी के अनुरूप कार्य करें। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड का निर्माण, विकास एवं जन-जन के कल्याण की भावना से हुआ है। विकास की गति को तेज करने के लिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को क्षमता विकास कार्यक्रमों में रूचि लेने की आवश्यकता है। प्रदेश सरकार क्षमता का विकास करने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम चला रही है, जिसमें अधिक से अधिक सहभागी होकर प्रदेश के विकास में सहभागी बने।
उत्तराखण्ड सचिवालय सेवा अधिकारी संघ ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि राज्य गठन के समय से अधिकारी और कर्मचारी पूरी लगन से कार्य कर रहे हैं इसलिए ऐसा कोई निर्णय न लिया जाए, जिससे कि उनकी पदोन्नति पर कोई प्रतिकूल असर पड़े। यदि ऐसा करना जरूरी हो, तो पहले सचिवालय के सभी संघों को विश्वास में लिया जाए। प्रतिनिधि मण्डल ने समीक्षा अधिकारी, टंकण लिपिक सहित सचिवालय में विभिन्न रिक्त पदों को भरने का अनुरोध किया।
प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री से यह भी आग्रह किया कि आधुनिक कार्य प्रणाली एवं तकनीकों से सचिवालय के अधिकारियों, कर्मचारियों को प्रतिष्ठित संस्थानों में व्यापक प्रशिक्षण दिया जाए। साथ ही पत्रावलियों के सुव्यस्थित रख-रखाव के लिए सचिवालय में संदर्भदाता की पूर्व व्यवस्था को सभी अनुभागों में बहाल किया जाए। प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री से पूर्ववर्ती राज्य उत्तर प्रदेश की भांति सीयूजी मोबाइल सुविधा प्रदान करने की भी मांग की। इस अवसर पर उत्तराखण्ड सचिवालय सेवा अधिकारी संघ के अध्यक्ष अर्जुन सिंह, उपाध्यक्ष जेएल शर्मा, महासचिव संतोष बडोनी, संयुक्त सचिव वीरेन्द्रपाल सिंह, अनिल पाण्डेय, कोषाध्यक्ष सतीश चन्द्र जोशी आदि उपस्थित थे।

अधिकारी विकास की ठोस योजनाएं बनाएं
Hindi News Siteदेहरादून। मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक से उत्तराखण्ड सिविल सेवा (कार्यकारी शाखा) संघ के प्रतिनिधिमण्डल ने एनेक्सी स्थित उनके आवास पर भेंट की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अधिकारियों के हितों के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सिविल सेवा संघ, प्रदेश को देश का आदर्श राज्य बनाने में अपना सक्रिय सहयोग दे। उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम आदमी को मिले, इसके लिए वे ठोस कार्ययोजना के तहत कार्य करें। सरकार ने अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं, जिन्हें मूर्तरूप दिया जाना है। सिविल सेवा (कार्यकारी शाखा) संघ के प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री से उत्तराखण्ड सिविल सेवा संवर्ग में अन्य राज्य के अधिकारी को पुनः प्रतिनियुक्ति न देने का आग्रह किया। इस अवसर पर सिविल सेवा (कार्यकारी शाखा) संघ के अध्यक्ष विजय ढौड़ियाल, महासचिव विनोद रतूड़ी सहित अपर सचिव एमसी जोशी, अरविन्द सिंह ह्यांकी आदि उपस्थित थे।

मनोरंजन सदन कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण
देहरादून। यमुना कालोनी स्थित मनोरंजन सदन तृतीय की नव निर्वाचित कार्यकारिणी ने शपथ ग्रहण किया। नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को सिंचाई विभाग के विभागाध्यक्ष वीके टम्टा ने शपथ दिलाई। इस अवसर पर टम्टा ने कहा कि मनोरंजन सदन अपनी गतिविविधयों से कर्मचारियों में नई उत्साह और उमंग भरने का कार्य करेगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि मनोरंजन सदन मनोरंजन के साथ-साथ सृजनात्मक कार्य की दिशा में भी कार्य करेगा और कहा कि मनोरंजन सदन को हर संभव सहायता दी जायेगी। शपथ ग्रहण करने वालों में उपाध्यक्ष चतर सिंह नेगी, सचिव रामचन्द्र भट्ट, भगवती प्रसाद ढौड़ियाल, सत्यप्रसाद डंगवाल, चतर सिंह पुण्डीर, हरीष चन्द्र जोशी आदि शामिल थे। इस अवसर पर अधीक्षण अभियंता डीके पचौरी, अधीक्षण अभियंता आरसी सक्सेना, मुख्य संयोजक बनवारी सिंह, चुनाव अधिकारी शेखरानंद रतूड़ी, प्रेमविनोद उनियाल आदि उपस्थित थे।

 

वैदिक ज्योतिष डॉ रमन को याद किया

hindi news siteदेहरादून। बीसवीं सदी के विख्यात ज्योतिषी डॉ बीवी रमन की 98वीं जयंती पर मां महाकाली सेवा समिति की ओर से मित्रलोक कालोनी में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें वैदिक ज्योतिष के विकास में डॉ रमन के योगदान पर चर्चा के साथ उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अखिल भारतीय ज्योतिष परिषद के महामंत्री आचार्य पंडित सुशांत राज ने कहा कि वैदिक ज्योतिष के प्रचार प्रसार में डॉ रमन के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता।
उन्होंने कहा कि डॉ रमन ने एडोल्फ हिटलर, बेनिटो मुसोलिनी और द्वितीय विश्व युद्ध के बारे में सटीक भविष्यवाणी की थी, जिससे उन्हें वैश्विक स्तर पर ख्याति मिली। उन्होंने वैदिक ज्योतिष पर काफी शोध किया जिसका पश्चिम के देश भी लोहा मानते थे। डॉ रमन ने भारतीय ज्योतिष विज्ञान परिषद का गठन करने के साथ विदेशों में वैदिक ज्योतिष का प्रचार किया। सन् 1992 में कैलिफोर्निया में हुए प्रथम अंतर्राष्ट्रीय वैदिक महाधिवेशन में वैदिक ज्योतिष पर उनके व्याख्यान से विदेशी भी दंग रह गए थे। इस अधिवेशन में उन्हें लाइफटाइम एचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया था।
ग्रेट इंटरनेशनल एस्ट्रोलॉजर अवार्ड से सम्मानित पंडित सुशांत राज ने डॉ रमन को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि वैदिक ज्योतिष के गणना सूत्रों का अमेरिका की संस्था नासा भी अध्ययन कर रही है। वैदिक ज्योतिष में हजारों साल पहले सूर्यादि ग्रहों की गति, परिभ्रमण काल और दूरी आदि के बारे में सटीक जानकारी दी गई है। इसके अलावा खगोल विज्ञान, जन्मकुंडली और ग्रहों का मानव जीवन और स्वभाव पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में भी सूक्ष्म गणना सूत्र दिए गए हैं। डॉ रमन ने वैदिक ज्योतिष के विकास में उल्लेखनीय कार्य किया है जिसके लिए वे हमेशा याद किए जाते रहेंगे।
सुशांत राज ने बताया कि डॉ रमन आंशिक कुलिक कालसर्प योग में पैदा हुए थे। लेकिन उन्हें आधुनिक पाराशर के नाम से ख्याति मिली। उनकी कुंभ लग्न कुंडली में राहु दूसरे भाव में है और दसवें भाव में बृहस्पति राहु केतु की परिधि से बाहर है। चूंकि बृहस्पति बुद्धि का ग्रह है इस कारण डॉ रमन ज्योतिषाचार्य के रूप में विख्यात हुए। पंडित शिवरानरायण त्रिपाठी ने डॉ वेंकट रमन के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि उनका जन्म 8 अगस्त 1912 को बेंगलौर में हुआ था। उन्होंने जन्मकुंडली बनाने की अपनी पद्धति विकसित की जिसे आज अनेक ज्योतिषी अपना रहे हैं। वे कई ज्योतिष संस्थाओं से जुड़े और ज्योतिष पढ़ा भी देते थे। वैदिक ज्योतिष पर उनका शोध बताता है कि इससे सटीक और सूक्ष्म गणना विश्व में किसी और पद्धति में नहीं है। उन्होंने 1936 से एक पत्रिका का प्रकाशन भी प्रारंभ किया था, जिसमें वे राजनेताओं से संबंधित भविष्यवाणी भी करते थे। बीस दिसंबर 1998 को इसी पत्रिका की प्रूफरीडिंग करते समय हार्ट अटैक से उनका स्वर्गवास हो गया और इसके बाद उनकी पुत्री गायत्री देवी वासुदेव उनकी पत्रिका की मुख्य संपादक का कार्य देख रही हैं। कार्यक्रम में पीयूष पांडेय, सदानंद भारती आदि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने फटकारा भी पुचकारा भी
hindi news websiteदेहरादून। मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने सोमवार को सचिवालय में वीडियों कांफ्रेसिंग के माध्यम से प्रदेश के विकास कार्यो और कानून व्यवस्था की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों के साथ ही मण्डल एवं जनपद स्तर के अन्य अधिकारियों के कार्यो की समीक्षा भी की। इस अवसर पर मुख्य सचिव एनएस नपलच्याल, अपर मुख्य सचिव सुभाष कुमार, एके जोशी, एसके मट्टू, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री डीके कोटिया सहित सभी प्रमुख सचिव एवं विभागाध्यक्ष उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने अप्रैल 2010 को अवशेष धनराशि 603 करोड़ के सापेक्ष 31 जुलाई तक केवल 320 करोड़ रुपये खर्च होने की गति पर गहरा असंतोष व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि हर हाल में सितम्बर माह के अन्त तक अवशेष धनराशि खर्च हो जानी चाहिए। उन्होंने देहरादून जनपद में गत वर्ष के 127 करोड़ के सापेक्ष केवल 38 करोड़ राशि खर्च होने पर भी नाराजगी व्यक्त की।
समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी देहरादून ने सफाई दी कि सर्वाधिक अवशेष धनराशि 60 करोड़ जल निगम की है जिसे मसूरी और देहरादून में सीवरेज सिस्टम विकसित करना है। पेयजल सचिव एमएच खान ने बताया कि मसूरी देहरादून सीवरेज सिस्टम के लिए धनराशि मार्च माह में ही प्राप्त हुई है और अब टेण्डर आमंत्रित किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने टेण्डर प्रक्रिया में लिए जाने वाले समय पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि जहां औसतन तीन सप्ताह की समय अवधि में कार्य हो जाना चाहिए वहां पर भी टेण्डर के नाम पर डेढ़ माह का समय क्यों व्यर्थ किया जा रहा है?
मुख्यमंत्री ने अवशेष धनराशि के व्यय की समीक्षा के दौरान पाया कि रूद्रप्रयाग में जल निगम केवल इसलिए काम नहीं कर पा रहा है क्योंकि निगम की अधिकांश क्षमता तल्ला नागपुर नामक एक बड़ी पेयजल योजना को संचालित करने में खर्च हो रही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से पूछा कि किन कारणों से यह योजना अभी तक जल संस्थान को हस्तांतरित नहीं की गई है? उन्होंने सचिव पेयजल को शीघ्र ही इस योजना को जल संस्थान को हस्तांतरित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने मण्डलायुक्तों को प्रति सप्ताह अवशेष धनराशि की समीक्षा कर सितम्बर माह की डेड लाइन तक पूर्ण व्यय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने विभागाध्यक्षों को वार्षिक योजना की धनराशि जनपदों में समय से जारी करने के निर्देश दिए और कहा कि जनपदों में धनराशि जारी करने की जिम्मेदारी पूर्ण रूप से विभागाध्यक्ष की होगी। जिलाधिकारी अपनी प्रगति की समीक्षा अवमुक्त धनराशि के स्थान पर कुल परिव्यय के सापेक्ष किए गये व्यय के आधार पर करें। जिलाधिकारी चमोली ने बताया कि जनपद में कुल परिव्यय 22 करोड़ के सापेक्ष लगभग 19 करोड़ रुपये अवमुक्त हुए हैं, और व्यय 5 करोड़ रुपये हुआ है। समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने पाया कि गत तीन वर्षो से चमोली में लोनिवि का राष्ट्रीय समविकास योजना का लगभग एक करोड़ रुपये बचा हुआ है, जिस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने अधिकारियों को नसीहत दी कि लोगों को बिजली, पानी, सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं की जरूरत है और अधिकारियों की लापरवाही के कारण धनराशि खर्च नहीं हो पा रही है?
पिथौरागढ़ में निर्माणाधीन गंगोलीहाट लिफ्टिंग पेयजल योजना हेतु राज्य सेक्टर से रुपये दो करोड़ शीघ्र जारी करने के निर्देश संबंधित विभाग को दिये। नगर पिथौरागढ़ में निर्माणाधीन सीवर योजना सहित विभिन्न निर्माणाधीन कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने बताया कि गत वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष जिला योजना की स्वीकृतियां तेजी से जारी की गई हैं, और 354 करोड़ रुपये की कुल धनराशि के सापेक्ष जिला योजना में 300 करोड़ रुपये की स्वीकृतियां जारी कर दी गई हैं। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सचिव और महानिदेशक को राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए और कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों और एएनएम सेन्टरों की मरम्मत के लिए आवश्यक धनराशि शीघ्र जारी की जाए। उन्होंने हरिद्वार में 7 करोड़ के विपरीत 68 लाख रुपये खर्च और ऊधमसिंह नगर में लगभग 3 करोड़ के विपरीत 50 लाख रुपये खर्च करने पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए दोनो जनपदों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को कार्य में सुधार लाने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की अधिकांश योजनाएं ग्रामीण स्वास्थ्य एवं स्वच्छता समितियों के माध्यम से संचालित की जानी है, जिसके लिए जिलाधिकारियों को इन समितियों को सक्रिय करने में व्यक्तिगत रूचि लेनी होगी। मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव कार्मिक डीके कोटिया को निर्देश दिए कि वे लोक सेवा आयोग से बात कर लोनिवि सहित अन्य विभागों के लिए जेई और एई की गतिमान भर्ती प्रक्रिया को शीघ्र पूरा कराएं जिससे इंजीनियरिंग विभागों में कार्मिकों की कमी पूरी की जा सके।
मुख्यमंत्री ने अटल आदर्श ग्राम योजना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारियों से पूछा कि उन्होंने कितने अटल आदर्श ग्रामों का स्थलीय निरीक्षण किया है? उन्होंने जिलाधिकारियों और मुख्य विकास अधिकारियों को अटल आदर्श ग्रामों के नियमित निरीक्षण कर प्रतिमाह शासन को रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन गांवों को सभी सुविधाओं से संतृप्त करने से भी अधिक आवश्यक है कि ग्रामीणों के जीवन में इन सुविधाओं के कारण गुणात्मक सुधार आए। अल्मोड़ा के सहायक निबंधक आनन्द शुक्ला ने बताया कि जनपद के 42 अटल आदर्श ग्रामों में उनके विभाग ने मिनी बैंक स्थापित किये हैं जिसमें 14 मिनी बैंक का उन्होंने स्वयं निरीक्षण किया है। इन मिनी बैंकों में वर्तमान वित्तीय वर्ष में ग्रामीणों ने 28 लाख रुपये की धनराशि जमा की है। शुक्ला की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी अल्मोड़ा को उन्हें सम्मानित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव वित्त को निर्देश दिए कि वित्त विभाग में भेजी जाने वाली अटल आदर्श ग्रामों से संबंधित योजनाओं की पत्रावलियां का वे स्वयं अनुश्रवण करें। मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी नाराजगी व्यक्त की कि मुख्य विकास अधिकारी अपेक्षा अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण नहीं कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से पुलिस महानिदेशक और पुलिस कप्तानों को प्रदेश में कानून व्यवस्था में और अधिक सुधार लाने के लिए सख्त दिशा निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल जनपदों के लिए विशेष कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अक्षम थानाध्यक्षों को तत्काल हटाया जाए, अच्छे अधिकारियों को पुरस्कृत किया जाए। मुख्यमंत्री ने जेलों में बन्द अपराधियों के नेटवर्क संचालित करने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने पुलिस महानिदेशक को कहा कि अभियान चलाकर अपराधियों और उन्हें संरक्षण देने वाले असामाजिक तत्वों को सलाखों के पीछे किया जाए।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में अतिवृष्टि के कारण हो रही आपदाओं पर जिलाधिकारियों को विशेष सजगता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन मद में प्रत्येक जनपद को एक करोड़ रुपये की धनराशि उपलब्ध करा दी गई है। उन्होंने लोनिवि को आपदाओं में क्षतिग्रस्त हुए मार्गो को तत्काल मरम्मत करने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को आकस्मिक निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए। विशेष रूप से उन्होंने तहसील कार्यालयों को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष के साथ ही अन्य समाज कल्याण एवं विकास योजनाओं के चेक लाभार्थियों तक समय से पहुंचाए जाने चाहिएं।

भाखड़ा नदी पर पुल शुरू हुआ
hindi news portalहल्द्वानी। हल्द्वानी-कालाढूंगी मोटरमार्ग पर भाखड़ा नदी पर 365.96 लाख रूपये से 90 मीटर लंबे और 7.5 मीटर चौड़े पुल का लोकापर्ण करते हुए प्रदेश के औद्योगिक विकास, परिवहन, सहकारिता मंत्री बंशीधर भगत ने कहा कि इस क्षेत्र को इस पुल की कई वर्षों से आवश्यकता थी, अब बरसात में सुचारू रूप से वाहनों का आवागमन सुचारू रहेगा। उन्होंने कहा कि इससे पहले बरसात में आने-जाने के लिए घंटों काजवे पर पानी कम होने का इंतजार करना पड़ता था। सरकार ने प्रदेश में सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को छटा वेतनमान दे दिया है उसके बाद भी विकास कार्यों के लिए धन की कमी आड़े नहीं आने दी जा रही है। उन्होंने इस पुल का निर्माण कार्य निश्चित समय से पूर्व पूर्ण करने पर लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को बधाई दी।
भगत ने कहा कि कांग्रेस ने पांच साल में जो कार्य किए थे, हमारी सरकार ने तीन वर्ष में उससे अधिक कार्य कर दिए हैं। हल्द्वानी में स्टेडियम निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराया जायेगा। आईएसबीटी हेतु वन भूमि हस्तान्तरण के प्रस्ताव में केन्द्र सरकार ने अभी तक अपनी स्वीकृति नहीं दी है, जिस कारण कार्यों में विलम्ब हो रहा है। चालक, प्रशिक्षण संस्थान हेतु भी एनपीबी की धनराशि जमा होने के बाद भी अभी तक केन्द्र से सैद्वान्तिक स्वीकृति नहीं मिल पायी है। कालटैक्स से नहर भूमिगत करने का कार्य डेढ़ वर्ष के अन्तर्गत पूर्ण कर लिया जायेगा। इस समय धान की रोपाई के सीजन को देखते हुए कार्य रोका गया है। रोपाई समाप्त होने के तुरन्त बाद कार्य शीघ्र प्रारम्भ करवाया जायेगा। क्षेत्र के विकास के लिए अनके कार्य चल रहे हैं, हरिपुर नायक में स्वैप योजना के अन्तर्गत 3.5 करोड़ रुपये की लागत से योजना तैयार की गई है। इस योजना के बनने के बाद गोविन्दपुर गरबाल, लोशज्ञानी, छड़ैल नया आबाद क्षेत्रों में पेयजल की कोई समस्या नहीं रही है।
रामनगर के विधायक एवं संसदीय सचिव दीवान सिंह बिष्ट ने कहा कि पुल की बहुत पुरानी आवश्यकता थी, जो आज पूरी हो गयी। तीन वर्ष के अन्तर्गत सरकार ने अनेक पुलों का शिलान्यास व लोकापर्ण किया गया है। नैनीताल के विधायक खड़क सिंह बोरा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि बरसात में इस पुल के न होने से पूरा क्षेत्र अलग-थलग पड़ जाता था कुमाऊं मण्डल का हल्द्वानी सबसे बड़ी मण्डी होने के कारण लोगों को यहां तक आने में परेशानी होती थी। विकास कार्य जनता के लिए किए जाते हैं इसमें कोई राजनीतिक पार्टी नहीं देखी जाती है, इसलिए सभी को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर विकास कार्यों को करना चाहिए।
कार्यक्रम में हेमेन्त द्विवेदी अध्यक्ष उत्तराखण्ड बीज एवं तराई विकास निगम, डा अनिल डब्बू उपाध्यक्ष मीडिया सलाहकार समिति, पंकज पाण्डे अध्यक्ष जिला सहकारी बैंक, ब्लाक प्रमुख कोटा बाग दीपाली कन्याल, हल्द्वानी ब्लाक प्रमुख शांति भट्ट, प्रदीप बिष्ट, दीपक मेहरा, हरेन्द्र दरम्वाल आदि ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन राजेन्द्र सिंह बिष्ट ने किया। इस अवसर पर अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष मजहर नईम, उपजिलाधिकारी दीपक रावत, अधिशासी अभियंता लोनिवि एलडी मथेला सहित अनेक जनप्रतिनिधि व लोकनिर्माण विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

 

सूचना निदेशक की वीडियो कांफ्रेंस

hindi news portalदेहरादून। राज्य के सूचना निदेशक अक्षय गुप्ता ने वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से सभी जिला सूचना अधिकारियों से कहा है कि वे प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी जन-जन तक पहुंचाएं और मीडिया से बेहतर समन्वय बनाकर जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार करें। सूचना निदेशक ने जिला सूचना अधिकारियों को सोमवार तक जनपदों में स्थापित होर्डिग की अद्यतन स्थिति की सूचना भी मांगी है और इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि अगले 15 दिनों में अपने जनपदों में फोटो यूनिट की स्थापना कर विकासपरक फोटो निदेशालय को उपलब्ध कराएं।
सूचना निदेशक ने जिला सूचना अधिकारियों से अपेक्षा की कि प्रत्येक माह की 20 तारीख तक जनपदों में हुए विकास कार्यों, विभिन्न गतिविधियों और सफलता की कहानी का आलेख फोटो सहित निदेशालय को उपलब्ध कराएं। उन्होंने जनपदों में प्रेस क्लबों की स्थापना की जानकारी भी मांगी और निर्देश दिये कि जिस जनपद में प्रेस क्लब के लिए भूमि उपलब्ध नहीं है, वहां वे भूमि उपलब्ध कराने का प्रयास करें। अक्षय गुप्ता ने सूचना अधिकारियों से कहा कि वे शासकीय योजनाओं के साहित्य को न्याय पंचायत तक उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। क्षेत्र पंचायत समितियों की बैठको में अनिवार्य रूप से भाग लेकर शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों का प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें। उन्होंने सूचना अधिकारियों को गांवों का भ्रमण कर वहां रात्रि विश्राम के भी निर्देश दिए। सूचना निदेशक ने मीडिया से और अधिक समन्वय कायम करने एवं प्रचार-प्रसार कार्यों में तेजी करने के निर्देश देते हुए कहा कि शासन की अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित हो रही हैं और सूचना अधिकारियों का दायित्व है कि वे जिले में विभिन्न विभागों से समन्वय कर इन योजनाओं की पूरी जानकारी जन-जन तक पहुंचाएं।
संयुक्त निदेशक सूचना डॉ अनिल चन्दोला ने जिला सूचना अधिकारियों को निर्देश दिये कि माह में कम से कम एक बार जिलाधिकारी की प्रेस कांफ्रेंस अवश्य आयोजित की जाए। जनपदों के महत्वपूर्ण साहित्यकारों, लेखकों, कवियों, गीतकारों, खिलाड़ियों,संगीतज्ञों एवं अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विशिष्ट व्यक्तियों की सूची सूचना निदेशालय को उपलब्ध कराई जाए। इस अवसर पर उप निदेशक राजेश कुमार, वित्त अधिकारी ओम प्रकाश पंत, सूचना अधिकारी भगवान प्रसाद घिल्डियाल, सम्बद्ध प्रवक्ता वीरेन्द्र बहादुर सिंह, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी हरदयाल सिंह नेगी, प्रशासनिक अधिकारी दिनेश चन्द्र पंत, शंकर दत्त लोहनी, गोपाल सिंह राणा, चन्द्र सिंह तोमर सहित जनपदों के जिला सूचना अधिकारी उपस्थित थे।

आशीर्वाद योजना में गॉडविन उद्योग आया
देहरादून। मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल 'निशंक' की पहल पर प्रदेश के युवाओं को उद्योगों के अनुकूल रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई आशीर्वाद योजना का दूसरा चरण शुरू कर दिया गया है। मुख्यमंत्री के सलाहकार राजेश नैथानी ने बताया कि आशीर्वाद योजना के प्रथम चरण में अशोक लीलैण्ड उद्योग समूह ने जो सहयोग दिया था, उसके उत्साहजनक परिणाम सामने आ रहे हैं। यह समूह ने इस वर्ष के अंत तक 1000 युवाओं को इंजीनियरिंग का उच्च स्तरीय प्रशिक्षण देगा।
नैथानी ने बताया कि सामाजिक उत्तरदायित्व के अंतर्गत आशीर्वाद योजना के दूसरे चरण में प्रसिद्ध उद्योग समूह गॉडविन ने राज्य सरकार के साथ काम करने की इच्छा व्यक्त की है। इसके लिए राज्य सरकार साथ करार भी कर लिया गया है। गॉडविन उद्योग समूह रियल स्टेट, शिक्षा एवं होटल व्यवसाय से जुड़े हुए हैं। गॉडविन समूह पर्वतीय क्षेत्र के बच्चों को अपने होटल व्यवसाय में रोजगार के बेहतर अवसर प्रदान करेगा। राज्य सरकार ने इसके लिए उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय के सहयोग से होटल मैनेजमेंट कोर्स करवाएंगे। कोर्स प्राप्त करने के पश्चात इन छात्र-छात्राओं को गॉडविन अपने संस्थानों में प्रशिक्षण देने के बाद हरिद्वार, मेरठ और गोवा में स्थित अपने विभिन्न उद्यमों में रोजगार के अवसर देंगे।
गॉडविन के चेयरमैन जितेन्द्र बाजवा ने कहा कि उन्हें इस बात की प्रसन्नता है कि मुख्यमंत्री डॉ निशंक ने अपनी इस महत्वाकांक्षी योजना में उन्हें सहभागी बनाया है। इसके माध्यम से प्रदेश के युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि आज के समय में निजी क्षेत्र की सहभागिता से विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। निजी क्षेत्र की सहभागिता से युवाओं की कार्य कुशलता में सुधार होगा और उन्हें उद्योगों के अनुकूल रोजगार के अवसर मिल सकेंगे।
उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ विनय कुमार पाठक ने कहा कि उत्तराखण्ड में पर्यटन एवं आतिथ्य के क्षेत्र में रोजगार की असीम संभावनांए हैं। वर्तमान समय में आवश्यकता इस बात की है कि युवाओं को बेहतर प्रशिक्षण एवं शिक्षा मिल सके। इसके लिए विश्वविद्यालय ने युवाओं को उनके प्रशिक्षण के दौरान ही डिग्री भी देने की व्यवस्था की है। इस योजना के दूरगामी परिणाम सामने आयेंगे।

उत्तराखंड में संवेदना कार्यक्रम
देहरादून। प्रदेश के युवाओं के सहयोग से संवेदना कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के माध्यम से राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के चिकित्सालयों में आने वाले मरीजों को आवश्यकता पड़ने पर पर्याप्त मात्रा में रक्त मिल सके। मुख्यमंत्री के सलाहकार राजेश नैथानी ने बताया है कि स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से यह कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। इस कार्यक्रम से एनएसएस को मुख्य रूप से जोड़ा जा रहा है, साथ ही इसमें युवा मंगल एवं महिला मंगल दल, स्वयंसेवी संगठन, एनसीसी, महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं का सहयोग लिया जायेगा। संवेदना कार्यक्रम के तहत इस वर्ष तक 75000 यूनिट रक्त एकत्रित करने की योजना है, जिसमें से अभी तक 5000 यूनिट रक्त एकत्रित भी कर लिया गया है।
उन्होंने बताया कि जिस प्रकार से एनएसएस के माध्यम से स्पर्श गंगा अभियान को सफल बनाया जा रहा है, उसी प्रकार से इस कार्यक्रम को भी सफल बनाने का प्रयास है। कार्यक्रम के तहत प्रत्येक जनपद में राष्ट्रीय सेवा योजना के माध्यम से रक्तदान शिविर आयोजित किये जायेंगे। अभी तक नैनीताल जनपद के हल्द्वानी में 5 अगस्त को रक्तदान शिविर आयोजित किये जा चुके है। घनानन्द इंटर कालेज में 9 अगस्त, 2010 को रक्तदान शिविर आयोजित किये जायेंगे। देहरादून द्वारा भी इसी प्रकार के शिविर आयोजित किये जायेंगे। नैथानी ने कहा कि सभी लोगों को इस कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना सहयोग देना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक लोगो की मदद की जा सके।

 

लाभार्थियों को चेक वितरित

hindi news portalदेहरादून। मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने गुरूवार को सहसपुर ब्लॉक के कैंचीवाला अटक फार्म गांव में आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के चेक वितरित किये। मुख्यमंत्री ने शिविर में आयोजित जनसभा को सम्बोधित करते हुए रामपुर कैंचीवाल से रामसावाला मार्ग की पक्कीकरण की घोषणा की। उन्होंने स्थानीय जूनियर हाई स्कूल के उच्चीकरण और स्वास्थ्य उपकेन्द्र की मांग पर जिला अधिकारी को परीक्षण कर प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिलाधिकारियों को बहुउद्देशीय शिविर लगाकर जन समस्याओं का निस्तारण करने के निर्देश दिए गए हैं। इन शिविरों में पेंशन वितरण, इंदिरा आवास स्वीकृति के साथ-साथ चिकित्सा, शिक्षा, पेयजल सम्बंधी मामलों का भी समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गांवों के समग्र विकास के लिए अटल आदर्श ग्राम योजना शुरू की गई है। पहलें चरण में 670 न्याय पंचायतों को आदर्श गांव के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन गांवों में सभी प्रकार की जरूरी सुविधाएं इस वित्तीय वर्ष में पूरी कर ली जायेंगी। स्पर्श गंगा योजना को प्रदेश की महत्वाकांक्षी ऐतिहासिक योजना बताते हुए डॉ निशंक ने कहा कि मां गंगा की पवित्रता एवं अविरलता को बनाये रखने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य शुरू किया गया है। इस अभियान में बड़ी संख्या में एनएसएस, एनसीसी, युवक मंगल दल, महिला मंगल दल एवं स्वयंसेवी संस्थाएं जुड़ चुकी है। डॉ निशंक ने कहा कि उत्तराखण्ड को हरित प्रदेश बनाने का व्यापक अभियान भी शुरू किया गया है। इसके अंतर्गत श्रीदेव सुमन जयंती पर सभी जनपदों में लाखों वृक्षों का रोपण किया गया है।
मुख्यमंत्री ने सरकारी विकास विभागों के स्टालों को निरीक्षण भी किया। जिलाधिकारी डी सेन्थिल पांडियन ने बताया कि ग्राम पंचायत कैंचीवाला अटक फार्म में आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में कुल 124 शिकायतें प्राप्त हुई, जिनमें 72 का मौके पर निस्तारण कर लिया गया। शिविर में लोक निर्माण विभाग, शिक्षा, जल निगम, जल संस्थान, समाज कल्याण स्वास्थ्य विभाग, विद्युत विभाग, राजस्व विभाग सहित 22 से अधिक विभागों के स्टॉल लगाये गये थे। शिविर में इंदिरा आवास योजना के अन्तर्गत स्वीकृत 5 आवासों के लिए 1 लाख 60 हजार रूपए की धनराशि, स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना के अन्तर्गत 5 लाख 40 हजार रूपए मौके पर वितरित किये गये। समाज कल्याण विभाग के अन्तर्गत गौरा देवी कल्याण योजना के अन्तर्गत 6 कन्याओं को 1 लाख 50 हजार की धनराशि दी गयी। विधवा पेंशन के अन्तर्गत 13 लाभार्थियों को चेक दिये गये। स्वजल परियोजना के अन्तर्गत लगभग 6 लाख की धनराशि वितरित की गई। शिविर में वन विभाग ने वन्य जीवों द्वारा जान-माल की क्षति की दिशा में अनुग्रह की धनराशि स्वीकृत की। इससे पूर्व मुख्यमंत्री विश्व जन-जागृति मिशन कार्यक्रम में भी शामिल हुए। इस अवसर पर समाज कल्याण राज्यमंत्री खजान दास, विधायक सहसपुर राजकुमार सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं जनपदीय अधिकारी उपस्थित थे।

'मुख्यमंत्री निशंक मॉरिशस पधारें'
hindi news websiteदेहरादून। मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल 'निशंक' से उनके सचिवालय कक्ष में मॉरिशस की धार्मिक और सांस्कृतिक संस्था 'स्वास्तिक' के अध्यक्ष आचार्य रामेश्वर दास शर्मा ने मुलाकात कर मॉरिशस में नबंवर में आयोजित किये जाने वाले 'श्रीमदभागवत पुराण कथा' के श्रवण लिए आमंत्रित किया। उन्होंने बताया कि इस आयोजन में मॉरिशस के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री एवं कैबिनेट के अन्य मंत्रीगण शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने आचार्य शर्मा से मॉरिशस में विद्वानों का एक वृहद सम्मेलन आयोजित करने की पेशकश की। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने भारत की समृद्ध संस्कृति के संरक्षण एवं संबर्धन हेतु संस्कृत भाषा को राज्य की द्वितीय भाषा का दर्जा देने सहित राज्य में अनेक पहल की है। आचार्य रामेश्वर दास शर्मा ने संस्कृत को प्रदेश में गौरव दिलाने के लिए मुख्यमंत्री को बधाई दी।

मुख्यमंत्री को पुस्तकें भेंट कीं
देहरादून। मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक से प्रसिद्ध साहित्यकार रतन सिंह जौनसारी ने मुलाकात कर उन्हें अपनी रचित पुस्तकें भेंट कीं। प्रदेश में स्थानीय साहित्य एवं संगीत की गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ साहित्यकार एवं गीतकार जौनसारी से प्रदेश के सभी साहित्यकारों एवं गीतकारों के साथ एक बैठक शीघ्र आयोजित करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर लेखकों के भी बहुमूल्य कृतियों को आम जनता में लाने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, जिसके तहत 2 लाख तक की सहायता निदेशक संस्कृति एवं इससे अधिक की सहायता की स्थिति में विद्वानों की समिति की संस्तुति पर कृतियों का प्रकाशन कराया जायेगा। लेखकों एवं गीतकारों का भविष्य सुरक्षित करने के लिए उनकी कृतियों की मांग पर रायल्टी का भी प्राविधान किया गया है।

विशेषज्ञ डॉक्टर की नियुक्ति पर धन्यवाद
hindi newsदेहरादून। मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक से सचिवालय कक्ष में पौड़ी विधानसभा क्षेत्र के विधायक यशपाल बेनाम ने मुलाकात कर पौड़ी जिला चिकित्सालय में विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति के आदेश जारी करने पर उनका धन्यवाद दिया। इस महत्वपूर्ण आदेश से पौड़ी जनपद के सुदूर विकासखण्डों के लोगों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं मिलेगी। इससे जनता की लम्बे समय से चली आ रही बहुप्रतीक्षित मांग पूरी हुई है। उन्होंने पौड़ी जनपद के वासियों की ओर से मुख्यमंत्री का धन्यवाद ज्ञापित किया। मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक से सचिवालय कक्ष में प्रदेश के लिए नवनियुक्त चिकित्सा स्वास्थ्य सलाहकार पदमश्री डॉ आरके जैन के नेतृत्व में डाक्टरों के एक समूह ने मुलाकात कर उनके बीच से जुड़े वरिष्ठ चिकित्सक को गौरव देने के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमण्डल में शामिल विशेषज्ञ डाक्टरों से भी प्रदेश में चिकित्सा सेवाओं में बेहतरी के लिए अपेक्षा की। प्रतिनिधिमण्डल में डॉ विमल नौटियाल, डॉ सचिन रस्तोगी, डॉ गौरव, डॉ गीता खन्ना, डॉ शबा खान, डॉ शालिनी, सुशील जैन एवं मनोज ठाकुर आदि शामिल थे।

 

जड़ी-बूटी का संरक्षण जरूरी

hindi news portalदेहरादून। 'राज्य में जड़ी-बूटी उत्पादन में तेजी लाने के लिए कृषि मंत्री की अध्यक्षता में कोर कमेटी बनाई जाए और वन पंचायतों में एक-एक नर्सरी तैयार कर जड़ी-बूटी की खेती का विस्तार किया जाए। इसके साथ ही जड़ी-बूटी क्षेत्र के विशेषज्ञों, वैद्यों के ज्ञान का अभिलेखीकरण भी कराया जाए।' यह बात मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने राजपुर रोड स्थित एक होटल में जड़ी-बूटी दिवस पर जड़ी-बूटी शोध एवं विकास संस्थान की आयोजित एक कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जड़ी-बूटी प्रदेश के काश्तकारों की आमदनी का जरिया बन सकती है, इसके लिए आवश्यक है कि जड़ी-बूटी कृषिकरण की गतिविधि में और तेजी लाई जाए, इसके लिए कृषि मंत्री की अध्यक्षता में एक कोर कमेटी का गठन किया जाए, जिसमें जड़ी-बूटी क्षेत्र से जुड़े अनुभवी लोगों को भी शामिल किया जाए। जनपद स्तर पर भी इस प्रकार की कमेटी का गठन किया जाए। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में महिलाओं का महत्वपूर्ण योगदान है, इसलिए जड़ी-बूटी कृषिकरण से महिलाओं को भी जोड़ा जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जड़ी-बूटी के क्षेत्र में विशेषज्ञ लोगों से परामर्श और सुझाव प्राप्त किए जाएं और इसके एवज में उन्हें रॉयल्टी देने की भी व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही वैद्यों, काश्तकारों, शोध एवं विशेषज्ञों के साथ अलग-अलग बैठकें भी की जाएं। राज्य में उत्पादित होने वाली जड़ी-बूटियों के विपणन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और इसके लिए फार्मा कम्पनियों से भी बैठक की जाए। उन्होंने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि आयुर्वेद के जन्मदाता ऋषि चरक और चारों वेदों की उत्पत्ति यहीं हुई थी, यहां पर कलस्टर में 250 दवाई की फर्मे एक ही स्थान पर हैं, इसलिए जड़ी-बूटी की दृष्टि में सबकी निगाह हमारी तरफ है इस चुनौती को स्वीकारने के लिए हमें नियोजित प्रबंधन एवं कर्मठता से कार्य करना होगा।
कृषि मंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि जड़ी-बूटी के साथ-साथ सगंध पौधों को भी प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि यह कार्य कलस्टर एप्रोच से किया जाए, ताकि काश्तकारों को अपने उत्पादों का बाजार आसानी से उपलब्ध हो। रावत ने कहा कि 4 लाख हेक्टेयर बंजर भूमि है, को कृषि योग्य बनाकर सगंध पौध कृषीकरण से जोड़ा जाए। उपाध्यक्ष औषधि उत्पादन बोर्ड आदित्य कुमार ने बताया कि जड़ी-बूटी कार्यक्रम को व्यवसाय का प्रमुख जरिया बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयत्नशील है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जड़ी-बूटी विकास योजना के माध्यम से राज्य में औषधि एवं सगंध पौधों के समग्र विकास एवं हर्बल प्रदेश बनाने के लिए सरकार ने अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाये हैं।
अपर मुख्य सचिव सुभाष कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय विकास परिषद ने भी ऊर्जा, पर्यटन एवं जड़ी-बूटी व्यवसाय की प्रदेश में अपार संभावनाओं को देखते हुए इन क्षेत्रों में व्यवसाय परक कार्यक्रम चलाया जाए। उन्होंने काश्तकारों की समस्याओं का निराकरण करने और आये हुये सुझाव को कार्य योजना में शामिल करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जड़ी-बूटी काश्तकारों को बाजार में उपलब्धता दिलाने की सरकार की योजना है। प्रमुख वन संरक्षक रघुवीर सिंह रावत ने कहा कि संस्थान के 70 पौधालयों के माध्यम से जड़ी-बूटी के बीज एवं तकनीकी जानकारी काश्तकारों तक पहुंचाई जा रही है। डॉ रावत ने कहा कि वन विभाग हर्बल गार्डन विकसित कर रहा है। प्रदेश के हर जनपद में एक-एक हर्बल गार्डन बनाया जाएगा और 20 से 25 हेक्टेयर क्षेत्रफल में बद्रीश एकता वन बनेगा, जिसमें देश के सभी राज्यों के लोग अपने-अपने पूर्वजों की स्मृति में पौधा रोपित करेंगे। डॉ रावत ने काश्तकारों से कहा कि वे अपने क्षेत्र के मौसम के अनुसार चिन्हित प्रजाति के जड़ी-बूटी पौधों को ही उगाएं ताकि उत्पादों के विपणन से अधिक लाभ प्राप्त कर सके।
इस अवसर पर अपर सचिव जड़ी बूटी पीडी पाण्डे, संस्थान के निदेशक आरसी सुन्दरियाल, औद्यानीक उपाध्यक्ष आदित्य कोठारी, पूर्व कुलपति प्रोफेसर एएन पुरोहित, पूर्व सलाहकार मायाराम उनियाल, सगंध पादप केन्द्र के वैज्ञानिक नृपेन्द्र चौहान आदि ने भी विचार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन राम विनय सिंह ने किया।

जीना के नाम पर मेडिकल कालेज
hindi news websiteअल्मोड़ा। उत्तराखण्ड में विकास की परिकल्पना को साकार करने के लिए जिस महान सपूत ने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर कार्य किया उसका अनुसरण हमें करना होगा। यह बात प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने बुधवार को स्थानीय रैमजे इन्टर कालेज में अल्मोड़ा के महान सपूत सोबन सिंह जीना की जन्म शताब्दी समारोह के समापन अवसर पर कही। उन्होंने कहा कि जीना ने सुदूर ग्रामीण अंचलों का भ्रमण कर सामजिक शैक्षिक विकास के लिए कार्य किया और एक प्रखर पत्रकार की भूमिका निभाते हुए उन्हें अपनी लेखनी के माध्यम से समाचार पत्रों में उजागर किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीना एक महान कानूनविद के साथ-साथ विद्वान व्यक्ति थे, जिनकी सराहना तत्कालीन विपक्षी दलों ने भी की है।
जीना ने उत्तराखण्ड राज्य संघर्ष समिति के अध्यक्ष पद पर रह कर लोगों में नये राज्य के प्रति चेतना जागृत की, जिसके परिणाम स्वरुप नवोदित उत्तराखण्ड राज्य प्राप्त हुआ। जीना अपनी सौम्यता, मृदुभाषिता और समाज सेवा के लिए हमेशा जाने जाते रहे। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य में वनों के विकास के साथ-साथ पर्यटन को बढ़ावा देना होगा, साथ ही जल संरक्षण एवं जल सवंर्द्धन के कार्यो को प्राथमिकता देनी होगी। हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती पलायन को रोकना होगा और यहां के बेरोजगारों को स्वाबलंबन की ओर प्रेरित करना होगा, यही जीना जी को सच्ची श्रद्वांजलि होगी।
इससे पूर्व डॉ निशंक ने सोबन सिंह जीना परिसर में स्थापित मूर्ति पर माल्यापर्ण किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने रैमजे इंटर कॉलेज में दीप प्रज्जवलित कर और पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने 7 योजनाओं का लोकार्पण एवं 1 योजना का शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि मेडिकल कालेज अल्मोड़ा का नाम सोबन सिंह जीना रखा जाएगा, इसके अलावा मुख्यमंत्री ने उनके पैतृक गांव स्यूनरा पट्टी के सुनोली में सोबन सिंह जीना की मूर्ति स्थापित करने और वहां पर उनके नाम से वाचनालय एवं संग्रहालय खोलने की भी बात कही। इसके साथ ही ग्रामीण पॉलिटेक्निक ताकुला का नाम भी जीना के नाम से करने की बात कही। नगर की पेयजल समस्या के लिये ठोस निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने ताकुला-बागेश्वर मोटर मार्ग को भी जीना के नाम से रखने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने 8.01 करोड़ रुपये से बनने वाले टैक्सी स्टैण्ड एवं शॉपिंग काम्प्लैक्स, जो वर्तमान में 5.50 करोड़ रुपये की लागत बना हुआ है का लोकापर्ण किया। कालेज अल्मोड़ा के निर्माण कार्य को शीघ्र प्रारम्भ किया जाएगा। उन्होंने धार्मिक क्षेत्र जागेश्वर में लकड़ी का टाल खोलने की और साथ ही सोबन सिंह जीना की स्मृति में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय फुटबाल टूर्नामेन्ट के लिए धन उपलब्घ कराने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि न्याय पंचायत स्तर पर विकास कार्यो की समीक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।
इस अवसर पर उन्होंने सोबन सिंह जीना के नजदीकी रहे वयोवृद्ध एडवोकेट गोवर्द्धन उप्रेती, बलवंत सिंह भाकुनी सहित समिति ने अनेक गणमान्य लोगों को शाल भेंट कर सम्मानित किया। सोबन सिंह जयंती समारोह में डॉ निशंक ने विवेकानन्द विद्या मन्दिर के बोर्ड परीक्षा में मैरिट में आये छात्रों को पुरुस्कार एवं प्रमाण पत्र दिये। कार्यक्रम का संचालन समिति के संयोजक गोबिन्द सिंह भंडारी और पंकज जोशी ने किया। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भाजपा बच्ची सिंह रावत, भाजपा नेता पूरन चन्द्र शर्मा, सहित अनेक लोगों ने कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त किये। सोबन सिंह जयंती समारोह में डॉ निशंक ने विवेकानन्द विद्या मंदिर के बोर्ड परीक्षा में मैरिट में आए छात्रों को पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र दिये। इस अवसर पर समिति ने अनेक गणमान्य लोगों को शाल भेंट कर सम्मानित भी किया।

 

मुख्यमंत्री का आभार जताया

hindi news portalदेहरादून। मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ से देहरादून निवासी संदीप सिंह और उनकी पत्नी हेमलता ने अपने पुत्र विश्वजीत उर्फ विशु के साथ मंगलवार को सचिवालय में भेंट की। संदीप सिंह और उनकी पत्नी ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस प्रशासन ने अपनी जिम्मेदारी का ईमानदारी से निर्वहन किया है और इसके लिए सभी पुलिस कर्मी बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए वचनबद्ध है। जनता को भी जागरूक रहना होगा, ताकि इस प्रकार की घटनाओं में कमी आ सके। उन्होंने कहा कि पुलिस की मदद के लिए प्रत्येक नागरिक को अपने आस-पास घटित होने वाली संदिग्ध घटनाक्रम की जानकारी अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन को देनी चाहिए।

 

सोबन सिंह जीना को याद किया

देहरादून। मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने विख्यात राजनेता, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, शिक्षाविद सोबन सिंह जीना की जयंती पर उनका भावपूर्ण स्मरण किया है। मुख्यमंत्री ने जीना को एक प्रखर अधिवक्ता, कुशल राजनीतिज्ञ, समाजसेवी, पत्रकार और भारतीय जनसंघ का आधार स्तम्भ बताया। उन्होंने कहा कि जीना ने अपने संपूर्ण जीवन में निर्बल एवं असहाय वर्ग के कल्याण के लिए कार्य किये। उत्तर प्रदेश सरकार में जीना ने पर्वतीय विकास मंत्री के रूप में कार्य करते हुए इस क्षेत्र के विकास में अहम योगदान निभाया, जिसके लिए उन्हें सदैव याद किया जाता रहेगा। उन्होंने पर्वतीय विकास मे बाधक वन अधिनियम 1980 और अन्य पहाड़ विरोधी कानूनों का मुखर विरोध किया। जीना ने सामाजिक शैक्षिक विकास के लिए भी कार्य किये और इस क्षेत्र के कई शिक्षा संस्थानों के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। अल्मोड़ा हाईस्कूल को इंटर कालेज और फिर उसे डिग्री कालेज बनाने में उनके योगदान को कभी भुलाया नही जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने पत्रकारिता और साहित्य के माध्यम से भी जनता की आवाज को उठाने के प्रयास किये।

 

सांख्यिकीय अधिकारियों का एक्सपोजर कार्यक्रम

Hindi News Portalदेहरादून। अपर सचिव नियोजन एवं निदेशक, अर्थ एवं संख्या पी एस जंगपागी ने भारतीय सांख्यिकीय सेवा के अधिकारियों के एक्सपोजर कार्यक्रम का अर्थ एवं संख्या निदेशालय में शुभारंभ किया। इस अवसर पर जंगपांगी ने सभी प्रशिक्षणार्थियों से परिचय प्राप्त किया और कहा कि कार्यक्रम के माध्यम से प्रशिक्षणार्थियों को नियोजन विभाग, उत्तराखण्ड के ढ़ांचे, अर्थ एवं संख्या निदेशालय और इसके क्षेत्रीय कार्यालयों के कार्य एवं दायित्वों, और सूचना के प्रवाह के संबंध में जानकारी दी जाएगी। अर्थ एवं संख्या निदेशालय के विभिन्न सांख्यिकीय कार्यकलापों जैसे राज्य आय अनुमान, हाउसिंग स्टेटिस्टिक्स, राष्ट्रीय प्रतीक सर्वेक्षण का आंकड़ा संकलन, वैलिडेशन और रिपोर्ट राइटिंग, ग्रामवार आधारभूत सांख्यिकीय और संबंधित प्रकाशनों, भाव और मजदूरी आंकड़ें एवं संबंधित सूचकांक, बीस सूत्री कार्यक्रम के अनुश्रवण क्रियाविधि, आपदा प्रबंधन सांख्यिकीय और भारत सांख्यिकीय सुदृढ़ीकरण परियोजना से संबंधित प्रस्तुतिकरण एवं परिचर्चा से संबंधित विषयों का अभिज्ञान कराया जाएगा ताकि राज्य सांख्यिकीय तंत्र के विभिन्न अवयवों से प्रशिक्षणार्थियों का परिचय हो सके।
राज्य मुख्यालय में अवस्थित मुख्य रेखीय विभाग जिनके द्वारा सांख्यिकीय क्रियाकलाप सम्पादित किये जाते हैं, प्रस्तुतिकरण एवं परिचर्चा के माध्यम से प्रशिक्षणार्थियों को संग्रहित की जा रही सांख्यिकी के संबंध में परिचय कराया जाएगा। अर्थ एवं संख्या निदेशालय के क्षेत्रीय कार्यालय अर्थ एवं संख्याधिकारी कार्यालय टिहरी गढ़वाल और नगरपालिका परिषद मसूरी का क्षेत्र भ्रमण भी प्रस्तावित है ताकि जिला, विकासखण्ड, ग्रामस्तर पर संपादित किये जा रहे सांख्यिकीय क्रियाकलापों से प्रशिक्षणार्थियों का अभिज्ञान हो सके। शिव कुमार, उप महानिदेशक, राष्ट्रीय प्रतीक सर्वेक्षण संगठन क्षेत्रीय कार्यालय, देहरादून ने प्रशिक्षणार्थियों की आंकाक्षाओं विषयक सत्र की अध्यक्षता की। पंकज नैथानी, संयुक्त निदेशक ने नियोजन विभाग, उत्तराखण्ड के संबंध में और डॉ मनोज कुमार पंत, संयुक्त निदेशक ने अर्थ एवं संख्या निदेशालय के क्षेत्रीय कार्यालयों के कार्य एवं दायित्वों के संबंध में प्रस्तुतिकरण दिया।
इस कार्यक्रम में शिव कुमार, उप महानिदेशक, राष्ट्रीय प्रतीक सर्वेक्षण संगठन क्षेत्रीय कार्यालय, देहरादून, वाईएस पांगती, अपर निदेशक, अर्थ एवं संख्या, सुशील कुमार, संयुक्त निदेशक, अर्थ एवं संख्या, पंकज नैथानी, संयुक्त निदेशक, अर्थ एवं संख्या, डॉ मनोज कुमार पंत, संयुक्त निदेशक, अर्थ एवं संख्या, टीएस अन्ना, अर्थ एवं संख्याधिकारी और भारतीय सांख्यिकी सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी सुरेन्दर सिंह, मदन मोहन, सिराज अहमद, एसएच सैयद, महेश चंद, जीआर जांघू, जेएनएस यादव आदि ने भाग लिया।

ट्रेवल एण्ड टूरिस्ट फेयर में भारी दिलचस्पी
hindi news siteदेहरादून। कोलकत्ता में आयोजित तीन दिवसीय ट्रेवल एण्ड टूरिस्ट फेयर 2010 (टीटीएफ) का सोमवार को समापन हो गया। इस कार्यक्रम में उत्तराखण्ड राज्य ने पार्टनर स्टेट के रूप में भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पर्यटन राज्यमंत्री, भारत सरकार सुल्तान अहमद थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कोलकत्ता के मेयर सोवन चटर्जी ने की। मुख्य अतिथि सुल्तान ने बेस्ट डिजायन और बेस्ट स्टॉल के आवार्ड भी वितरित किये जिसमें उत्तराखण्ड टूरिज्म बोर्ड को स्पर्श गंगा अभियान के लिए बेस्ट इनोवशन एवार्ड दिया गया।
मुख्य अतिथि अहमद ने इस मौके पर भारत सरकार की ओर से पर्यटन के क्षेत्र में किये जा रहे कार्यो की विस्तृत जानकारियां दी। उन्होंने पश्चिम बंगाल सरकार और टीटीएफ के आयोजकों और स्टॉलों में लगभग 26 प्रदेशों और अन्य देशों से आये हुए प्रतिभागियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इससे प्रत्येक राज्यों और अन्य विदेशों से प्रतिभाग कर रहे प्रतिभागियों को टूरिज्म के क्षेत्र में निश्चित तौर पर फायदा होगा। इससे न केवल स्थानीय लोगों को रोजगार के साधन उपलब्ध होंगे, बल्कि प्रदेशों की आय में भी वृद्धि होगी। इस अवसर पर उत्तराखण्ड और गुजरात के सांस्कृतिक दलो द्वारा संयुक्त रूप से सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये गये। उत्तराखण्ड ने वीर नृत्य पेश किया। अहमद ने उत्तराखण्ड के सांस्कृतिक दल के कार्यक्रमों की भी भूरि-भूरि प्रशंसा की।
राज्य के पर्यटन विभाग ने इस मेले में तीसरे और अतिंम दिन उत्तराखण्ड के होटल एसोशिएशन के स्टॉलों और टूर एण्ड ट्रेवल एजेन्सी के स्टॉलों पर रिकार्ड बुकिंग की। तीन दिवसीय टीटीएफ में उत्तराखण्ड के 35 स्टॉलों पर लगभग एक करोड़ तीस लाख की स्पॉट बुकिंग की गई, जो कि अपने आप में एक रिकार्ड है। इसके अतिरिक्त अभी तक 3 हजार से भी ज्यादा लोगो ने पूछताछ की। मसूरी होटल एसोशिएशन के सचिव अजय भार्गव ने बताया कि कोलकत्ता के लोगों की उत्तराखण्ड में बहुत अधिक दिलचस्पी देखने को मिली। मेले में लोगों ने उत्तराखण्ड पवेलियन और सांस्कृतिक दल के कलाकारों के कार्यक्रमों की काफी सहराहना की। टीटीएफ में प्रतिभाग कर रहे हरिद्वार के डॉयमण्ड टूर एण्ड ट्रेवल एजेंसी के मैनेजिंग डायरेक्टर अभिषेक अहलूवालिया ने बताया कि अभी तक उनकी स्पॉट बुकिंग 14 से 15 लाख रुपये की हो चुकी है। मेले में लगभग 1900 स्टॉल लगे हुए हैं और अभी तक लगभग 25 हजार लोगों ने टीटीएफ में भ्रमण किया, जिसकी 30 हजार पहुंचने की उम्मीद है।
टीटीएफ के अंतिम दिन भी उत्तराखण्ड के सांस्कृतिक दल के कलाकारों के अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रम जारी रहे और झाकियां निकालकर पूरे टीटीएफ के चक्कर लगाए। उनको देखकर बरवस ही लोगों को कैमरा और मोबाइल से फोटो खीचने के लिए मजबूर होना पड़ा। इसके साथ ही स्थानीय लोगों ने भी कलाकारों के साथ जमकर नृत्य किया। सांस्कृतिक दल ने थडिया, चैफल, गढवाली कुमाउनी और जौनसारी लोक गीतों के अतिरिक्त जागर, जन जीवन पर आधारित हारूल नृत्य, जैंता, रासू, नुणाई, बीसू आदि नृत्य प्रस्तुत किये। इस अवसर पर गढवाल मण्डल विकास निगम और कुमाऊं मण्डल विकास निगम के पीआरओ आरपी सिंह और एसपी जुयाल, टीटीएफ के आयोजक ओटीए के प्रबंध निदेशक संजीव अग्रवाल, जीटीजैड के सीनियर प्रोग्राम मैनेजर सुब्रोत राय, डॉ घोष, रविन्द्र कुमार, मनीष जुयाल आदि उपस्थित थे।

 

मुएथाई खिलाड़ियों को खेल किट दी

hindi news websiteदेहरादून। कावॅली जी एमएस रोड़ स्थित उत्तराखण्ड मुएथाई एसोसिएशन के मुख्य प्रशिक्षण केन्द्र में प्रदेश के मुएथाए के राष्ट्रीय खिलाड़ियों को खेल विभाग उत्तराखण्ड-महाराणा प्रताप स्पोर्टस कालेज के सौजन्य से स्पोर्टस शू मोजे एवं ट्रेक सूट निःशुल्क प्रदान किए गए। उत्तराखण्ड मुएथाई एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ नवीन हिक्की ने बताया कि राज्य की मुएथाई टीम गत दो वर्षों से राष्ट्रीय मुएथाई प्रतियोगिता में भाग लेकर राज्य का नाम रौशन कर रही है उत्तराखंड राज्य में मुएथाई के जबरदस्त खिलाड़ी है।
प्रदेश कोच प्रतिमा ने बताया कि इस साल की राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में उत्तराखण्ड के हिमांशु बिष्ट ने मात्र पांच सैकेन्ड में अपने प्रतिद्वदी को नॉक-आऊट कर, ना टूटने वाला बेजोड रिकार्ड बनाया है। उत्तराखण्ड मुएथाई एसोसिएशन के प्रदेश प्रवक्ता विकास चौहान ने कहा कि ऐसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की हौसला अफजाई सरकार का एक महत्वपूर्ण कदम है। उत्तराखण्ड मुएथाई एसोसिएशन के प्रदेश संरक्षक जोगिन्दर सिह पुंडीर ने खिलाड़ियों को 32 ट्रेक सूट और टीम मैनेजर टीम कोच को एक ट्रेक सूट वितरित किया। इस अवसर पर उत्तराखण्ड मुएथाई एसोसिएशन के महासचिव रमेश चंद काला उपाध्यक्ष निशांत बंसल, भास्कर शाह, सहसचिव नीरज शर्मा, कोषाध्यक्ष प्रतिमा एवं कार्यकारिणी सदस्य राजू वर्मा, अनंत त्यागी, सर्वेश खत्री इत्यादी मौजूद थे।

ब्राह्मण सभा ने निशंक को सम्मानित किया
नई दिल्ली। बुधवार को उत्तराखण्ड निवास में ऑल इण्डिया ब्राह्मण महासभा की केन्द्रीय समिति के पदाधिकारियों ने उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक को महाकुम्भ 2010 के सफल आयोजन के लिए प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया और आभार प्रकट किया। इंटर नेशनल जूरिस्ट क्लब और ऑल इण्डिया यंग लायर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष पवित्र मोहन शर्मा और सचिव सच्चिदानंद शर्मा ने भी सरस्वती का भव्य चित्र मुख्यमंत्री को देकर सम्मानित किया।
महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित नरेश दत्त शर्मा ने कहा कि डॉ निशंक ने समाज, राज्य और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है, वे अपने कार्यों के चलते राष्ट्र निर्माण में अग्रणी है। कार्यक्रम में ऑल इण्डिया ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित नरेश दत्त शर्मा, राष्ट्रीय सचिव पंडित बीएन कमरवान, राष्ट्रीय संयुक्त सचिव और उत्तराखण्ड के प्रभारी पंडित सच्चिदानन्द शर्मा, कार्यकारी अध्यक्ष पंडित कैलाश चन्द्र शर्मा, राष्ट्रीय प्रवक्ता और कानूनी सलाहकार पंडित पवित्र मोहन शर्मा, कोषाध्यक्ष पंडित त्रिलोक चन्द्र शर्मा, उपाध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ राजेश शर्मा और अनेक महानुभाव उपस्थित थे।

सांस्कृतिक दलों का पंजीकरण
देहरादून। सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग के नगर निगम देहरादून में आयोजित सांस्कृतिक दलों के पंजीकरण कार्यक्रम का शुक्रवार को समापन हो गया। इस चयन प्रक्रिया में गढ़वाल मण्डल के जनपदों के 67 सांस्कृतिक दलों ने भाग लिया। सरकार की नीतियों, कल्याणकारी विकास योजनाओं और उपलब्धियों के प्रचार-प्रसार के लिए सूचना विभाग गीत एवं नाट्य योजना के तहत सांस्कृतिक दलों का पंजीकरण करता है। इन सांस्कृतिक दलों को विभिन्न विधाओं के लिए चयन किया जाता है, जिनमें लोक गीत, नाटक, नौटंकी, नुक्कड़ नाटक, भजन, कव्वाली, कठपुतली, जादू आदि शामिल है। गढ़वाल मण्डल के जनपदों के सांस्कृतिक दलों की चयन प्रक्रिया 26 जुलाई, से नगर निगम प्रेक्षागृह देहरादून में शुरू हुई। इसमें जनपद देहरादून के 32, पौड़ी से 9, हरिद्वार से 4, चमोली से 7, रूद्रप्रयाग और टिहरी से 3, उत्तरकाशी से 10 दलों ने भाग लिया। चयन प्रक्रिया के लिए समिति का गठन किया गया था, जिसमें गैर सरकारी सदस्यों में पद्मश्री लीलाधर जगूड़ी, प्रोफेसर डीआर पुरोहित, रतन सिंह जौनसारी, नरेन्द्र सिंह नेगी और सरकारी सदस्यों में संस्कृति विभाग के योगेन्द्र भण्डारी, सूचना विभाग के सूचना अधिकारी मलेश्वर प्रसाद कैलखुरी और व्यवस्थाधिकारी केएस चौहान शामिल थे।

निधन पर शोक
देहरादून। मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने जनपद पौड़ी के थलीसैण ब्लॉग के ग्राम पंज्याणा निवासी द्वितीय विश्व युद्ध के सेनानी मुकंदराम पंत के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगत की आत्मा की शांति एवं उनके परिजनों को धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से कामना की है। मुख्यमंत्री ने बेरीनाग (बागेश्वर) के पूर्व ब्लॉक प्रमुख कुंवर महिराज सिंह बिष्ट के निधन पर भी गहरा दुःख व्यक्त किया है। शोक संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि बिष्ट ने राज्य निर्माण आन्दोलन में अपनी सक्रिय भागीदारी निभायी।

 

उत्तराखंड में पर्यटन विकास की योजनाएं मंजूर

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने उत्तराखण्ड के हरिद्वार और हल्द्वानी में एक-एक होटल प्रबंधन संस्थान की स्थापना और प्रदेश के प्रमुख मेला स्थलों, हरिद्वार, ऋषिकेश, चार धाम मार्ग, जागेश्वर, पाताल भुवनेश्वर, पंच केदार, पंच बदरी सहित महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों पर प्रथम चरण में 10 हजार आधुनिक तकनीक युक्त बायोडिग्रेडेबल शौचालयों के निर्माण के लिए अपनी सैद्धांतिक स्वीकृति दी है। केंद्र सरकार के स्तर पर लम्बित प्रदेश की पर्यटन योजनाओं के शीघ्र निस्तारण के लिए बुद्धवार को निर्माण भवन नई दिल्ली में उत्तराखण्ड के पर्यटन मंत्री मदन कौशिक ने केंद्रीय पर्यटन मंत्री शैलजा से मुलाकात कर समुचित कार्यवाही किए जाने की मांग की।
राज्य के पर्यटन मंत्री मदन कौशिक ने लम्बित योजनाओं के साथ ही प्रदेश में पर्यटन विकास के लिए अनेक नई योजनाओं की ओर भी केंद्रीय पर्यटन मंत्री का ध्यान आकर्षित किया। कौशिक ने उत्तराखण्ड में राष्ट्रीय राजमार्गों पर 30-35 किमी के अंतराल पर सुविधा केंद्रों की स्थापना के लिए केंद्र सरकार से सहयोग का आग्रह किया ताकि लाखों की संख्या में प्रदेश में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को पार्किंग, शौचालय, प्रसाधन, पेयजल की उच्च गुणवत्ता की सुविधा प्राप्त हो सके। इस पर केंद्रीय पर्यटन मंत्री ने अपनी सैद्धांतिक स्वीकृति देते हुए राज्य सरकार से प्रस्ताव भिजवाने को कहा। इसके अतिरिक्त वर्ष 2012 में होने जा रही विश्व विख्यात नंदा देवी राजजात यात्रा-मार्ग के आधारिक संरचना के विकास पर सहमति के साथ ही कैलाश मानसरोवर के यात्रियों की सुविधाओं के लिए अवस्थापना विकास हेतु मेगा प्रोजेक्ट के रूप में सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई। औली में स्कीइंग उपकरण उपलब्ध करवाने के लिए भी केंद्रीय पर्यटन मंत्री ने अपनी सहमति दी। इन योजनाओं के लिए अगले पांच वर्षों में केंद्र सरकार से 500 करोड़ रूपए की सहायता दिलाए जाने का आश्वासन दिया गया।
पर्यटन मंत्री मदन कौशिक ने पर्यटन विकास के लिए प्रदेश सरकार के प्रयासों से केंद्रीय पर्यटन मंत्री शैलजा को अवगत कराते हुए केंद्र से भी समुचित सहयोग किए जाने का अनुरोध किया। उन्होंने मुख्यमंत्री के विजन 2020 के तहत पंच केदार, पंच बदरी, कैलाश मानसरोवर सहित प्रदेश के महत्वपूर्ण पर्यटन और धार्मिक स्थलों के समग्र विकास के लिए 3 हजार करोड़ रूपए का पैकेज दिए जाने की मांग की। केंद्रीय पर्यटन मंत्री ने इसके लिए राज्य सरकार से अलग से योजना भेजे जाने के लिए कहते हुए समुचित कार्यवाही किए जाने का आश्वासन दिया। इस बैठक में केंद्र सरकार के उच्च अधिकारियों के साथ ही उत्तराखण्ड की ओर से प्रमुख सचिव पर्यटन राकेश शर्मा, गढ़वाल मंडल विकास निगम के प्रबंध निदेशक एवी पुरूषोत्तम सहित अनेक अधिकारी उपस्थित थे।

नियोजन मंत्री ने समीक्षा बैठक की
देहरादून। 'योजनाओं की धीमी प्रगति पर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए, शासन स्तर पर बजट स्वीकृति जारी होने में देरी के लिये संबंधित सचिव और स्वीकृत धन का उपयोग करने में देरी होने पर संबंधित विभागाध्यक्ष जिम्मेदार होगें, तकनीकी जांच के नियोजन विभाग के निर्देशों के अनुपालन की नियमित रूप से रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए' ये निर्देश नियोजन मंत्री प्रकाश पंत ने सचिवालय में विभिन्न विभागों की प्रगति समीक्षा करते हुए दिए।
नियोजन मंत्री ने बताया कि राज्य की वार्षिक योजना 2010-11 का परिव्यय 6801.47 करोड़ रुपये था, जिसके विपरीत जारी स्वीकृति 1901.95 करोड़ रुपये को कम बताते हुए, इसमें तेजी लाने के निर्देश सचिवों को दिये गए हैं। उन्होंने 25 से 50 प्रतिशत खर्च करने वाले सहकारिता उच्च शिक्षा, राजस्व, आवास, कृषि, पशुपालन, तकनीकी शिक्षा, प्राथमिक शिक्षा में अभियान के तहत योजनाओं में तेजी लाकर व्यय प्रतिशत बढ़ाने के निर्देश संबंधित सचिवों को दिए। नियोजन मंत्री ने 75 से 100 प्रतिशत व्यय करने वाले परिवहन, वाणिज्यकर, लोक निर्माण विभाग, विज्ञान प्रौद्योगिकी की प्रशंसा करते हुए अन्य विभागों से भी इनका अनुश्रवण करने के निर्देश दिये। उन्होंने बताया कि नियोजन विभाग ने 155 प्रकरणों पर तकनीकी जांच की, जिनमें से 124 सेवानिवृत्त अभियन्ताओं तथा 31 विभिन्न विभागों के माध्यम से कराई गई। जिनमें से 74 योजनाएं संतोषजनक पाई गई, जिसमें से 37 गम्भीर तथा 44 में आंशिक कमी पाई गई।
नियोजन मंत्री ने केन्द्र द्वारा पोषित पाईका योजना के लिए शत-प्रतिशत राज्यांश निर्गत कराने के निर्देश दिये। न्याय विभाग की अवस्थापना विकास की समीक्षा में समस्त न्यायालयों का कम्प्यूटरीकरण, क्षमता विकास कार्यक्रमों को केन्द्रपोषित योजना से आच्छादित किया जाय। अपर मुख्य सचिव एसके मट्टू ने समाज कल्याण, सचिव मनीषा पंवार ने शिक्षा, अपर सचिव पर्यटन अक्षत गुप्ता ने पर्यटन की अध्यतन प्रगति पर विस्तार से जानकारी दी। बैठक में सचिव नियोजन आनन्द वर्धन, अपर सचिव पीएस जंगपांगी, निदेशक राज्य योजना आयोग एचपी उनियाल, अपर सचिव विजय कुमार ढौड़ियाल, एल फैनई सहित सभी विभागों के सचिव एवं विभागाध्यक्ष एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

 

वनों को आग से बचाने वालों को नौकरी

मुख्यमंत्री ने शुरू की हरित विकास योजना

देहरादून। मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने राजपुर रोड स्थित राष्ट्रीय दृष्टिबाधितार्थ संस्थान (एनआईवीएच) के प्रांगण में आम का पौधा रोपित कर मुख्यमंत्री हरित विकास योजना का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर आयोजित समारोह में गत वर्ष पौड़ी जनपद के गड़वारा ग्राम में वनों की आग बुझाने में अपने प्राणों का बलिदान देने वाले आठ ग्रामीणों के आश्रितों को वन विभाग में सेवायोजित किये जाने संबंधी नियुक्ति पत्र भी प्रदान किये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री हरित विकास योजना केवल एक योजना मात्र नही है, बल्कि यह जीवन का अभियान है। इस योजना को मिशन का नाम देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसहभागिता से ही इस प्रकार के अभियान को सफल बनाया जा सकता है। बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण प्रोत्साहित करने के लिए आवश्यक मात्रा में नर्सरियों को भी तैयार करना होगा, इसके साथ ही शिक्षण संस्थानों को भी विशेष पहल करनी होगी। वनों की आग बुझाने में पिछले वर्ष मृत्यु को प्राप्त हुए पौड़ी के गड़वारा ग्राम के लोगों को श्रद्धांजलि देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वनों के प्रति प्रेम उत्तराखण्ड की संस्कृति में है, सरकार लोगो की भावना को समझती है और इसीलिए इन लोगों के परिवारों को सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से आश्रितों को नौकरी प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो भी वनों के संरक्षण-संवर्द्धन के लिए तत्पर है, सरकार सदैव उसका सहयोग करेगी।
कार्यक्रम में विधान सभा अध्यक्ष हरबंश कपूर ने कहा कि वनों का स्वच्छ जलवायु एवं जीवन के लिए बड़ा महत्व है। उत्तराखण्ड के लोगों ने वनो की रक्षा के लिए बड़े आन्दोलन किये है। मुख्य सचिव एनएस नपलच्याल ने कहा कि हरे वृक्षों का पतन रोकने के लिए कड़े कदम उठाये जायेंगे, आवश्यकता पड़ने पर नया कानून भी लाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत हर्बल गार्डन भी विकसित किए जाएंगे।
वन विभाग ने जिन आठ लोगों को नौकरी दी है, उनमें वन रक्षक पद पर रेनु पत्नी तजेन्द्रपाल, जगदीश पुत्र महावीर सिंह, अनिल नेगी पुत्र जयकृत सिंह, निधि पत्नी अनिल कुमार तथा चतुर्थ श्रेणी पद पर ज्योति पत्नी युद्धवीर सिंह, कांति देवी पत्नी मोहन सिंह, लीला देवी पत्नी सुरेन्द्र लाल और राकेश कुमार पुत्र पदमदास सिंह है। कार्यक्रम में राज्यमंत्री आपदा प्रबंधन खजान दास, विधायक राजपुर गणेश जोशी, प्रमुख वन संरक्षक डॉ आरबीएस रावत तथा निदेशक एनआईवीएच अनुराधा मोहित सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित थे।

कारगिल दिवस अब आगे शौर्य दिवस
देहरादून। मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक सोमवार को गांधी पार्क स्थित शहीद स्मारक पर गये तथा कारगिल युद्ध में शहीद जवानों को श्रद्धासुमन अर्पित किये। मुख्यमंत्री इसके पश्चात रेजर्स ग्राउण्ड में देहरादून भूतपूर्व सैनिक संगठन के एक कार्यक्रम में शामिल हुए। डॉ निशंक ने कारगिल विजय दिवस को शौर्य दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि अब आगे इस दिवस को उत्तराखण्ड सरकार शौर्य दिवस के रूप में मनाएगी।
मुख्यमंत्री सोमवार को शहीद रोहित गुरूंग के भारूवाला ग्रान्ट, देहरादून स्थित आवास पर भी गये और गुरूंग के परिजनों से भेंट की और दो लाख रुपये धनराशि देने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने शहीदों के सम्मान में एक युद्ध स्मारक के निर्माण की भी घोषणा की। उन्होंने इसके लिए प्रथम चरण में एक करोड़ रुपये की धनराशि देने की घोषणा भी की। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने सैनिकों एवं भूतपूर्व सैनिकों द्वारा उत्तराखण्ड की सीएसडी कैन्टीन पर खरीदे जाने वाले वाहनों पर बिक्री कर पर छूट देने की भी घोषणा की। उन्होंने भूतपूर्व सैनिकों को भवन कर में छूट दिये जाने की मांग पर विचार करने का आश्वासन देते हुए कहा कि अन्य राज्यों में की गई व्यवस्थाओं के अनुरूप ही यहां भी कार्रवाई की जायेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों एवं उनके परिजनों के कल्याण के लिए वचनबद्ध है और उसने इस दिशा में बहुत से कदम भी उठाये है। सैनिकों से सम्बन्धित बहुत सी मांगे रक्षा मंत्रालय भारत सरकार से सम्बन्धित है, जिसके लिए वे स्वयं केन्द्रीय रक्षा मंत्री से बात करेंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कारगिल शहीदों के परिजनों को सम्मानित भी किया। विधायक राजपुर क्षेत्र गणेश जोशी ने ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखण्ड विकास के नये आयाम स्थापित कर रहा है। इस अवसर पर भूतपूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष ब्रिगेडियर (सेनि) केजी बहल, मेजर जनरल (सेनि) ओपी सब्बरवाल, कर्नल (सेनि) बीएस क्षेत्री आदि उपस्थित थे।

तरूण विजय ने ली संस्कृत में शपथ
नई दिल्ली। भाजपा के नवनिर्वाचित राज्यसभा सदस्य तरूण विजय ने आज संसद में संस्कृत में शपथ ली। इस अवसर पर सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों ओर से उठी तालियों की गड़गड़ाहट सबके लिए कौतूहल का विषय बनी। सदन में तरूण विजय को सबसे पहले बधाई देनेवालों में नेता प्रतिपक्ष अरुण जेटली और सुषमा स्वराज तथा भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भगतसिंह कोश्यारी थे। इसके साथ ही प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कन्धा थपथपाकर उन्हें बधाई और आशीर्वाद दिया और कहा कि अब सदन में उनके आने से हमें विश्वास है कि अच्छी बहस और विचार सुनने को मिलेंगे।
तरूण विजय को बधाई देनेवालों में भाकपा के सीताराम येचुरी, नेशनल कांफ्रेंस के डॉ फारूख अब्दुल्ला, केन्द्रीय मंत्री पृथ्वीराज चौहान, गुलाम नबी आजाद, मुकुट मिथी, बसपा के सतीश मिश्रा और सीपीआई के डी राजा भी शामिल थे। भाजपा सदस्य ने ‘जयश्रीराम’ का उद्घोष किया। शपथ लेने के एक दिन पूर्व तरूण विजय अपने आदर्श अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी एवं नितिन गडकरी से आशीर्वाद लेने उनके घर गये थे। सदन में शपथ लेने के बाद तरूण विजय से उत्तराखण्ड की राज्यपाल मार्गरेट अल्वा भी मिलीं। राज्यपाल ने उन्हें हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि वे उत्तराखण्ड के विकास और विशेषकर युवाओं के लिए अब ज्यादा जोर से काम करेंगे।
तरूण विजय ने राज्यपाल से कहा कि वे सभी नेताओं के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड के लिए ठोस कार्य करना चाहेंगे। विशेषकर पुलिस की भर्ती में केन्द्रीय रुकावट, औद्योगिक पैकेज की बहाली और तीर्थयात्रियों के लिए बेहतर सुविधाओं के अतिरिक्त पहाड़ में रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए केन्द्रीय योजनाओं का आवंटन उनकी प्राथमिकता होगी। ‘फिर लौटें पहाड़ की ओर’ अभियान के साथ वे अपना कार्यकाल शुरू करना चाहते हैं। तरूण विजय के शपथ ग्रहण समारोह में देहरादून से 94 वर्षीय माता राजरानी विशेष रूप से दर्शक दीर्घा में बैठी थीं।

लोक कलाकार के निधन पर शोक
देहरादून। मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने प्रसिद्ध लोक कलाकार भगवती प्रसाद पोखरियाल के आकस्मिक निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। अपने शोक संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि पोखरियाल ने उत्तराखण्ड की संस्कृति के संवर्द्धन में अपना बहुमूल्य योगदान दिया, अपना जीवन सादगी से व्यतीत किया, उन्होंने अपनी सांस्कृतिक गतिविधियों से संस्कृति के क्षेत्र में अपनी एक अलग छवि बनाई, जिसके लिए उन्हें सदैव याद किया जाता रहेगा। उन्होंने कहा कि उनके निधन से संस्कृति एवं साहित्य के क्षेत्र में अपूर्णीय क्षति हुई है, जिसकी भरपाई नही हो सकती।

बैडमिंटन खिलाड़ी को बधाई
देहरादून। मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने बैंगलूर में आयोजित पैरालिंपिक बैडमिंटन प्रतियोगिता में कांस्य पदक प्राप्त करने पर देहरादून निवासी प्रेम कुमार को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि इस अन्तर्राष्ट्रीय विकलांग खिलाड़ी ने समय-समय पर अपनी प्रतिभा से प्रदेश का नाम राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय क्षेत्र में रोशन किया है। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की है कि चीन में आयोजित होने वाले एशियन पैरालिंपिक खेलों के लिए भी राष्ट्रीय टीम में उनका चयन होगा और वे एशियन खेलों में भी पदक प्राप्त कर उत्तराखण्ड का गौरव बढ़ायेंगे।

 

उत्तराखंड में व्यापक वृक्षारोपण की शुरूआत

देहरादून। अमर शहीद श्रीदेव सुमन की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने रायपुर स्थित प्रांतीय रक्षक दल निदेशालय में शौर्य वृक्षारोपण कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। इसके साथ ही पूरे प्रदेश में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजीव गांधी नवोदय विद्यालय और नालापानी इंटर कालेज में रोपित वृक्षों के संरक्षण के लिए सर्वश्रेष्ठ कार्य करने वाले स्कूली बच्चों को प्रतिवर्ष मैती संस्था से 5-5 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जायेगा। उत्तराखंड पुलिस ने भी रविवार को श्रीदेव सुमन की पुण्यतिथि के अवसर पर प्रदेश भर में 24,694 वृक्ष रोपित किये।
मुख्यमंत्री ने चिपको आन्दोलन की प्रणेता गौरा देवी एवं पर्यावरण के क्षेत्र मे विशिष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों के संदर्भ में उपस्थित छात्र-छात्राओं से प्रश्न पूछे और सही जवाब देने वाले छात्र-छात्राओं को 500-500 रुपये के पुरस्कार दिये। उन्होंने उपस्थित जनों से एक-एक वृक्ष लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प दिलाते हुए कहा कि आज पूरे प्रदेश में वृक्षारोपण कार्यक्रम शुरू किया गया है, जो हमारे प्रदेश की हरित प्रदेश की अवधारणा को पूर्ण करेगा। उन्होंने कहा कि आज का दिन हमें चिपको आन्दोलन की प्रणेता गौरा देवी की स्मृति को याद दिलाता है, जिन्होंने वृक्षों की सुरक्षा के लिए जनता को जागरूक करने का प्रभावी संदेश दिया था। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने उन्ही की स्मृति गौरा देवी कन्याधन योजना संचालित की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नक्षत्र वन, बदरीश वन शुरू कर रही है, जिनके माध्यम से विभिन्न व्याधियों को दूर करने वाले वृक्षों के बारे में व्यापक जन-जागरूकता फैलाई जायेगी।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में 12 हजार से अधिक वन पंचायते हैं और वन्य संपदा के मामले में यह राज्य पूरे देश में अग्रणी है। यहां ऐसी-ऐसी वन संपदा है, जो मानव कल्याण के लिए उपयोगी है। यहां की परम्पराएं भी वैज्ञानिक दृष्टिकोण की रही हैं। यह कार्यक्रम प्रदेश के 670 न्याय पंचायतों में चयनित अटल आदर्श ग्रामों में एनसीसी, युवक मंगल दल, महिला मंगल दल, एनएसएस, पीआरडी जवानों और छात्र-छात्राओं से संपन्न किया जायेगा। युवा कल्याण परिषद के उपाध्यक्ष सुभाष बड़थ्वाल ने कहा कि मुख्यमंत्री ने युवा कल्याण परिषद के कार्यक्रम में जो सात घोषणाएं की थीं, उनका पूर्ण लाभ स्वयंसेवकों को मिल रहा है। अभी हाल ही में मुख्यमंत्री ने समूह ग के पदों में स्थानीय लोगों को वरीयता दी है जिससे प्रदेश के युवाओं को लाभ मिलेगा। उन्होंने प्रांतीय रक्षक दल विभाग की समस्याओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री के सलाहकार डॉ राजेश नैथानी, कर्नल पीडी कुडियाल और भाजपा नेता गोवर्द्धन भारद्वाज, निदेशक युवा कल्याण पीएस गुसांई ने भी विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम में ग्राम प्रधान सुनीता, आन्दोलनकारी प्रदीप कुकरेती और रामलाल खण्डूड़ी भी उपस्थित थे।
उत्तराखण्ड को हरित प्रदेश बनाने के संकल्प को साकार करने के लिए सोमवार से प्रदेश के प्रत्येक जनपद में मुख्यमंत्री हरित विकास योजना का शुभारम्भ किया जायेगा। इस योजना का शुभारम्भ प्रत्येक जनपद में मंत्री, दायित्वधारी या सभा सचिव द्वारा किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ निशंक इस कार्यक्रम का शुभारम्भ 26 जुलाई को प्रातः 10 बजे दृष्टिबाधितार्थ संस्थान देहरादून में करेंगे।

निशंक ने जैन धर्म गुरू से आशीर्वाद लिया
देहरादून। मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने रविवार को गांधी रोड़ स्थित जैन धर्मशाला में चतुर्मास स्थापना कार्यक्रम में जैन धर्म गुरू विशोकसागर जी महाराज एवं छुल्लक 105 समर्पण सागर जी महाराज से भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों की ओर से उत्तराखण्ड आगमन पर जैन गुरूओं का स्वागत किया। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस कार्यक्रम में जैन धर्म गुरूओं के प्रवचन से प्रदेशवासियों को आध्यात्मिक लाभ मिलेगा और ज्ञान की अनुभूति होगी। इस अवसर पर विधान सभा अध्यक्ष हरबंश कपूर, महानगर अध्यक्ष भाजपा पुनीत मित्तल, दिग्गम्बर जैन समाज के अध्यक्ष चन्द्रसेन जैन, प्रदेश महामंत्री सुकमाल जैन, अल्पसंख्यक आयोग सदस्य प्रवीण जैन, उत्तराखण्ड पशु कल्याण बोर्ड के सदस्य बाबूलाल जैन और दयाचंद जैन सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे।

सुमाड़ी गांव में एनआईटी
देहरादून। उत्तराखण्ड की प्रतिभाओं ने राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर अनेक क्षेत्रों में इस प्रदेश का नाम रोशन किया है। पौड़ी जिले का सुमाड़ी भी एक ऐसा गांव है, जहां के लोगों ने शिक्षा, पत्रकारिता, चिकित्सा, संगीत, कला, साहित्य, सैन्य सेवा, राजनीति, समाज सेवा आदि क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और इस गांव को देश के नक्शे पर लाने में अहम भूमिका निभायी है। राज्य सरकार ने भी इस क्षेत्र के लोगों के योगदान को अहमियत देते हुए राष्ट्रीय स्तर की संस्था एनआईटी की स्थापना का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने परेड़ ग्राउण्ड के निकट सुमाड़ी विकास परिषद के प्रथम वार्षिक अधिवेशन का करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुमाड़ी के लोगों का व्यक्तित्व अपने में एक संस्था है जो हिमालयी पुरूषार्थ का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि श्रेष्ठजन बनने के लिए कठिन रास्ते से गुजरना पड़ता है, जो सुमाड़ी के लोगों के चेहरों में दिखायी देता है, जिसके लिए उन्होंने सुमाड़ीवासियों को साधुवाद दिया। उन्होंने सुमाड़ी के पूर्वज पंथ्यादादा के समाजहित में बलिदान होने की घटना को उत्तराखण्ड के त्याग और बलिदान की परंपरा में मील का पत्थर बताया और सुमाड़ी के लोगों से उस परम्परा को समाजहित में जारी रखने का आह्वान किया।
राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष मनोहर कांत ध्यानी ने कहा कि हिमालयी समाज को गौरव दिलाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ निशंक ने महत्वपूर्ण कार्य किये है। सुमाड़ी विकास परिषद के अध्यक्ष ब्रिगेडियर (सेनि) एनएन बहुगुणा ने कहा कि उनके गांव की त्याग एवं बलिदान की परम्परा रही है और वर्तमान 6 हजार नाली एनआईटी के लिए देकर इस परम्परा एवं संस्कृति को कायम रखा। वरिष्ठ उपाध्यक्ष मोहन प्रसाद काला, वरिष्ठ सचिव विनोद काला, गायक दिनेश रूडोला, डॉ डीएम काला, पूर्व आईएएस सुन्दर लाल मुयाल, उपाध्यक्ष राकेश मोहन काला, एएफएस रंजना काला, अनिल काला सहित अनेक पदाधिकारी एवं गणमान्य लोग इस मौके पर उपस्थित थे।

पर्यटन विकास परिषद ने वृक्षारोपण किया
देहरादून। श्रीदेव सुमनजी की पुण्य तिथि पर उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद, पटेल नगर, देहरादून के परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी पर्यटन अक्षत गुप्ता ने की। इस अवसर पर श्रीमती रिदिम अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक सतर्कता ने भी उनके साथ वृक्षारोपण किया। इसके अतिरिक्त उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद के अधिकारियों, कर्मचारियों ने भी अपने परिवार सहित इस कार्यक्रम में भाग लेकर वृक्षारोपण किया। इस अवसर पर पर्यटन परिवार के सदस्यों ने राज्य को हरा-भरा एवं पर्यावरण की दृष्टि से सुरक्षित रखने का संकल्प लिया। अक्षत गुप्ता ने कहा कि उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद के गढ़ीकैन्ट स्थित नये कार्यालय भवन के परिसर में भी निकट भविष्य में वृक्षारोपण का वृहद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में संयुक्त निदेशक पर्यटन एके द्विवेदी एवं एके सिंह, विशेष कार्याधिकारी साहसिक पर्यटन रामचन्द्र भारद्वाज एवं विभाग के अन्य अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित थे।

कारगिल शहीदों को याद किया
देहरादून। मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने प्रदेशवासियों की ओर से ‘कारगिल विजय दिवस’ पर कारगिल शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की है। विजय दिवस पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दिवस हमें देश के प्रहरियों की याद दिलाता है, जिन्होंने पाकिस्तान के घुसपैठियों को अपनी जान की परवाह किये बिना खदेड़कर देश की सीमाओं की रक्षा की। उन्होंने कहा कि हमारा देश शहीद सैनिकों को उनके त्याग और बलिदान के लिए हमेशा याद रखेगा। कारगिल युद्ध में भारतीय सशस्त्र सेनाओं ने जिस वीरता का परिचय दिया, वह देशवासियों को गर्व का एहसास कराता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कारगिल युद्ध में भारतीय सेना के जवानों ने दिखा दिया कि वे देश की सीमाओं की रक्षा के लिए अपने जीवन का खुशी-खुशी बलिदान कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस युद्ध के दौरान तत्कालीन एनडीए की केन्द्र सरकार ने शहीद सैनिकों के पार्थिव शरीर को उनके गांव तक पहुंचा कर पूरे सैनिक सम्मान के साथ अंतिम विदाई देने का एक ऐतिहासिक कदम उठाया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों के कल्याण के लिए संकल्पबद्ध है।

गुरूंग की मौत पर मुख्यमंत्री दुखी
देहरादून। मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने देहरादून के भारूवाला ग्रान्ट निवासी गोरखा रेजीमेंट के लांस नायक रोहित गुरूंग के जम्मू कश्मीर के कृष्णा घाटी सेक्टर में आतंकवादियों की बिछाई बारूदी सुरंग के विस्फोट में शहीद होने पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। अपने शोक संदेश में मुख्यमंत्री डॉ निशंक ने कहा कि उत्तराखण्ड के वीर सपूतों की देश की रक्षा में शहादत की गौरवशाली परम्परा रही है। गुरूंग ने देश के लिये अपने प्राणों को न्योछावर कर उत्तराखण्ड का मान बढ़ाया है।

 

हिमालयी राज्य विकास प्राधिकरण बने-निशंक

देहरादून। विज्ञान भवन नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय विकास परिषद की 55 वीं बैठक में उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने हिमालयी राज्यों की विशिष्टताओं को देखते हुए इनके सर्वांगीण विकास के लिए अलग से विकास नीति बनाए जाने की वकालत की। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालयी क्षेत्र की वन संपदा, वन्य जीव और जड़ी बूटियों के संरक्षण और क्षेत्र के विकास के लिए केंद्र सरकार हिमालयी राज्य विकास प्राधिकरण का गठन करे।
मुख्यमंत्री ने राज्य के लिए स्वीकृत विशेष औद्योगिक पैकेज को वर्ष 2020 तक बढ़ाए जाने की पुरजोर मांग की और कहा कि मूल रूप से वर्ष 2013 तक के लिए स्वीकृत औद्योगिक पैकेज को मार्च 2010 में ही समाप्त कर नवोदित पर्वतीय राज्य के साथ अन्याय किया गया है। मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण में उत्तराखण्ड के योगदान को देखते हुए ग्रीन बोनस के तौर पर 5 हजार करोड़ रूपए की धनराशि स्वीकृत किए जाने, विशेष श्रेणी का राज्य होने के नाते केंद्र पोषित योजनाओं में वित्त पोषण 90:10 के अनुपात में किए जाने और उत्तर प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम 2000 के तहत टिहरी जल विद्युत परियोजना में 25 फीसदी हिस्सा उत्तर प्रदेश से उत्तराखण्ड को दिलाए जाने के लिए केंद्र से अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड में बिजली की समस्या की ओर केंद्र का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि मौसमी बदलावों के कारण नदियों में जल स्तर के कम हो जाने और निर्माणाधीन पाला मनेरी एवं भैंरोघाटी जलविद्युत परियोजनाओं पर रोक लगाए जाने से निरंतर तेजी से बढ़ती मांग के अनुरूप बिजली की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इसे देखते हुए राज्य में तापीय विद्युत स्थापना के लिए कोल ब्लॉक और गैस आधारित परियोजनाओं के लिए 6 एमएमएससीएमडी गैस का आवंटन किया जाए। साथ ही तत्काल आधार पर केंद्रीय कोटे से दो हजार मेगावाट बिजली निशुल्क उपलब्ध कराई जाए। एक हजार मेगावाट क्षमता की टिहरी जल विद्युत परियोजना का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री डॉ निशंक ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम 2000 की धारा 47(3) में यह प्राविधान है कि राज्य गठन से पहले उत्तर प्रदेश द्वारा किसी कम्पनी में किया गया निवेश उस राज्य को हस्तान्तरित कर दिया जाएगा जहां उस कम्पनी का मुख्यालय स्थित है। इसलिए टिहरी परियोजना में 25 प्रतिशत अंशपूंजी और 250 मेगावाट बिजली अविलम्ब हस्तान्तरित करवाते हुए परियोजना के निर्माण वर्ष 2006-07 से अब तक उत्तर प्रदेश को आवंटित लाभांश और बिजली के सापेक्ष धनराशि भी उपलब्ध कराई जाए।
निशंक ने कहा कि उत्तराखण्ड का 65 फीसदी भाग वनाच्छादित है। देश के पर्यावरण और पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण का दबाव राज्य के विकास और संसाधनों पर पड़ रहा है। मुख्यमंत्री ने पर्वतीय क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति के लिए पम्पिंग योजनाओं के निर्माण में अत्यधिक व्यय और राज्य के सीमित संसाधनों को देखते हुए विशेष केंद्रीय सहायता दिए जाने का भी अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की चीन के साथ 350 किमी और नेपाल के साथ 275 किमी सीमा लगती है। भविष्य में सीमापार से माओवादी विचारधारा की घुसपैठ की सम्भावना को देखते हुए सीमावर्ती क्षेत्रों में सामाजिक आर्थिक अवस्थापना सुविधाओं का विकास कर स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाया जाना नितान्त जरूरी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमान्त क्षेत्र विकास योजना(बीएडीपी) में राज्य के सीमान्त जिलों के सभी 26 विकासखण्डों को शामिल किया जाए। उन्होंने पिथौरागढ़ और उत्तरकाशी को समस्याग्रस्त क्षेत्र के आधार पर बैकवर्ड रीजन ग्राण्ट फण्ड योजना में शामिल किये जाने का सुझाव दिया। सिक्किम, अरूणाचल प्रदेश और नागालैंड में ग्रीन फील्ड हवाई अड्डों का निर्माण शतप्रतिशत केंद्रीय सहायता से किए जाने का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने विशेष श्रेणी राज्य होने के नाते सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नैनी-सैनी(पिथौरागढ़), चिन्यालीसौड़(उत्तरकाशी) और गौचर(चमोली) में भी भारत सरकार के वित्त पोषण से हवाई अड्डों का विकास किए जाने की मांग की।
प्रदेश सरकार के सीमित संसाधनों को देखते हुए इस वित्तीय वर्ष के रेल बजट में प्रस्तावित ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल मार्ग और मुजफ्फरनगर-रूड़की रेलवे लाईन के निर्माण पर शतप्रतिशत व्यय केंद्र सरकार करे। राज्य में आपदा प्रबंधन की वस्तुस्थिति से अवगत कराते हुए लगभग 100 आपदाग्रस्त गांवों के पुनर्वास के लिए केंद्र से विशेष सहायता दिए जाने का अनुरोध किया। केंद्रपोषित त्वरित सिंचाई लाभ योजना के तहत प्रति हैक्टेयर लागत के मानक में उत्तराखण्ड की भौगोलिक स्थिति के अनुरूप परिवर्तन किए जाने व राष्ट्रीय फ्लैगशिप कार्यक्रमों की स्वीकृति के लिए आवश्यक शर्तों को व्यावहारिक बनाए जाने पर बल दिया। जनजातियों के विकास के लिए सुझाव देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिम जनजातियों को स्वतः ही निर्धनता रेखा से नीचे मान लिया जाना चाहिए।
उत्तराखण्ड में राज्य सरकार के प्रयासों से हुए आर्थिक विकास की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि राज्य में प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर वर्ष 2001-02 में 5.5 प्रतिशत से बढ़कर वर्ष 2008-09 में 8.67 प्रतिशत हो गई है। छोटा राज्य होते हुए राज्य के कुशल वित्तीय प्रबंधन की सराहना करते हुए तेरहवें वित्त आयोग ने प्रोत्साहन स्वरूप 1000 करोड़ रूपए की राशि अनुमोदित की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से कुम्भ मेले को कुशलतापूर्वक सम्पन्न करा लिया गया। गांवों के समग्र विकास के लिए ‘अटल आदर्श ग्राम योजना’ प्रथम चरण में 670 न्याय पंचायतों में प्रारम्भ की गई है। ‘पहल’ योजना के तहत प्रदेश में कार्यरत औद्योगिक घरानों को सामाजिक-व्यावयायिक जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए युवाओं को प्रशिक्षण देकर अपने ही उद्योगों में नियुक्त करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। पर्यटन के क्षेत्र में ‘वीर चंद्र सिंह गढ़वाली स्वरोजगार योजना’ संचालित की जा रही है। राष्ट्र की संस्कृति और आस्था की प्रतीक गंगा व इसकी सहायक नदियों को स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त रखने के लिए स्पर्श गंगा अभियान प्रारम्भ किया गया है। बैठक में उत्तराखण्ड के नियोजन मंत्री प्रकाश पंत, मुख्य सचिव एनएस नपलच्याल, प्रमुख सचिव, डीके कोटिया, प्रमुख सचिव, वित्त आलोक कुमार जैन, सचिव, नियोजन आनन्द वर्धन और नई दिल्ली में तैनात प्रमुख स्थानिक आयुक्त अनूप बधावन भी उपस्थित थे।

बारिश में खाद्यान्न भीगा, यूपी जिम्मेदार
देहरादून। अपर सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति सतीश चन्द्र बडोनी ने बताया है कि विगत दिन 18 जुलाई,2010 को रात्रि में भारी वर्षा होने के कारण कुमायूं सम्भाग के जनपद ऊधमसिंहनगर के गदरपुर एवं गढ़वाल सम्भाग के जनपद हरिद्वार के ज्वालापुर के एसडब्लूसी के खाद्य गोदामों में पानी भर जाने के फलस्वरूप गदरपुर में संग्रहित राज्य सरकार का 3418.6 कुंटल गेहूं जिसमें से 382 कुंटल गेहूं और इसी गोदाम में संग्रहित 10216.8 कुंटल चावल की मात्रा में से 900 कुंटल चावल भीग गया। इस प्रकार कुमायूं सम्भाग में कुल 382 कुंटल गेहूं और 900 कुंटल चावल भीग गया। इसके अतिरिक्त राज्य भण्डार निगम ज्वालापुर, हरिद्वार में स्थित तीन गोदामों में राज्य सरकार का 50270 कुंटल चावल संग्रहित था, जिसमें कुल 3300 कट्टे अर्थात लगभग 1500 कुंटल चावल अत्याधिक वर्षा में जलभराव से भीग गया। इस वर्षा के कारण राज्य के विभागीय गोदामों में भण्डारित खाद्यान्न या चीनी को कोई क्षति नहीं हुई है।
राज्य भण्डारण निगम के गोदामों में राज्य के स्टेटपूल योजना में संग्रहित गेहूं और चावल की गुणवत्ता एवं सुरक्षा का पूर्ण उत्तरदायित्व उत्तर प्रदेश राज्य भण्डारण निगम का है। अतएव क्षतिग्रस्त एवं खराब हुए खाद्यान्न के मूल्य की प्रतिपूर्ति राज्य भण्डारण निगम द्वारा राज्य सरकार को की जानी है। इस विषय पर 20 जुलाई, 2010 को सचिव खाद्य ने बैठक लेते हुए उत्तर प्रदेश राज्य भण्डारण निगम के प्रतिनिधि एवं अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे ससमय खाद्य विभाग के अधिकारियों के साथ नियत निरीक्षण करते हुए क्षतिपूर्ति की कार्यवाही सुनिश्चित करें। विभागीय अधिकारियों को भी खाद्य विभाग के गोदामों की सुरक्षा एवं देखरेख के सख्त निर्देश दे दिये गये हैं।

शहीद श्रीदेव सुमन को याद किया
देहरादून। मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने टिहरी जन क्रांति के नायक अमर शहीद श्रीदेव सुमन की पुण्य तिथि पर उनका भाव पूर्ण स्मरण किया है। उन्होंने कहा कि श्रीदेव सुमन एक महान स्वतंत्रता सेनानी एवं प्रखर वक्ता थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांधीजी के सत्याग्रह एवं अहिंसा के सिद्धांतों पर चलकर श्रीदेव सुमन ने जो संघर्ष किया, वह अपने आप में एक इतिहास है। उन्होंने कहा कि 23 जनवरी, 1939 को देहरादून में टिहरी राज्य प्रजामण्डल की स्थापना के पश्चात श्रीदेव सुमन ने इस संगठन से जुड़कर अपना बहुमूल्य योगदान दिया। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों की ओर से उन्हें शत-शत नमन करते हुए, युवा पीढ़ी से अपील की है कि वे राज्य के विकास में अपना योगदान दें। उन्होंने कहा कि टिहरी जन क्रांति के नायक श्रीदेव सुमन की पुण्य तिथि पर राज्य सरकार ने राज्य शौर्य वृक्षारोपण कार्यक्रम मनाने का निर्णय लिया है।

 

अपहृत कैप्टन के पिता को भरोसा दिया

देहरादून। मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक के प्रतिनिधि के रूप में उनके विशेष कार्य अधिकारी एसके द्विवेदी, सोमालियाई डाकुओं द्वारा अपहृत किए गए कैप्टन संदीप डंगवाल के पिता सुंदरमणि डंगवाल से उनके देहरादून स्थित आवास पर मिले। एसके द्विवेदी ने डंगवाल से कहा कि उत्तराखण्ड सरकार उनके बेटे की रिहाई के लिए हर संभव प्रयास कर रही है और इस मामले में केंद्र सरकार से भी कार्यवाही करने के लिए अनुरोध किया गया है।

 

वनस्थली विद्यापीठ संस्कृत को बढ़ावा दे-मुख्यमंत्री

देहरादून। मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक से वनस्थली विद्यापीठ के अध्यक्ष दिवाकर शास्त्री एवं कुलपति प्रो आदित्य शास्त्री ने राजकीय अतिथि गृह बीजापुर में भेंट की। मुख्यमंत्री ने वनस्थली विद्यापीठ के शिक्षा के क्षेत्र में किये जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने संस्कृत को द्वितीय राजभाषा का दर्जा दिया है, जिसके अधिक प्रचार-प्रसार की आवश्यकता है, वनस्थली विद्यापीठ संस्कृत को अधिक से अधिक बढ़ावा दे।
इस अवसर पर वनस्थली विद्यापीठ के अध्यक्ष दिवाकर शास्त्री ने मुख्यमंत्री से वनस्थली विद्यापीठ के कार्यों की जानकारी दी और विद्यापीठ की स्थापना से अब तक की वार्षिक रिपोर्ट भी भेंट की। उन्होंने मुख्यमंत्री को बधाई दी कि उनके द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने गरीब बच्चों के लिए सपनो की उड़ान योजना शुरू कर शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
मुख्यमंत्री से एनेक्सी में कुमाऊं क्षेत्र से आये जनप्रतिनिधियों ने भेंट की तथा अपनी समस्याओं से अवगत कराया। भाजपा जिलाध्यक्ष रानीखेत दीप भगत, प्रदेश सदस्य मोहन सिंह अधिकारी, प्रदेश मंत्री गंगा बिष्ट आदि ने मुख्यमंत्री से रानीखेत सिविल एरिया को नगरपालिका का दर्जा देने और रानीखेत को जिला बनाए जाने की मांग रखी। इस अवसर पर पूरन सिंह गंगोला, मदन मोहन पाण्डे, ललित भगत, कुन्दन सिंह बिष्ट, हीरा सिंह, गीता जोशी, हेम पाण्डे तथा मदन तेवाड़ी आदि उपस्थित थे।

निशंक ने अक्षरधाम में आशीर्वाद लिया
देहरादून। मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने अपने नई दिल्ली प्रवास के दौरान अक्षरधाम मंदिर जाकर संस्था के प्रमुख स्वामी महाराज से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री ने अक्षरधाम मंदिर परिसर स्थित विभिन्न स्थलो का अवलोकन और भ्रमण किया। उन्होंने कहा कि अक्षरधाम मंदिर पारंपरिक भारतीय हिन्दू संस्कृति, आध्यात्मिकता और वास्तुकला का संगम है। डॉ निशंक ने मंदिर में देश के इतिहास को दर्शाने वाली गौरवगाथा का भी अवलोकन किया, जिसमें हमारे प्राचीन मूल्यो, ज्ञान, वैज्ञानिक और चिकित्सा प्रतिभाओं एवं विभिन्न संस्कृतियो का जीवंत चित्रण है। मुख्यमंत्री ने परिसर के वास्तुकला की सराहना करते हुऐ कहा कि अक्षरधाम सुंदरता के साथ भारतीय संस्कृति एवं वैदिक मूल्यो का धाम है। इस अवसर पर अक्षरधाम मंदिर के प्रमुख स्वामी महाराज ने हरिद्वार में महाकुम्भ के सफल आयोजन पर मुख्यमंत्री की प्रशंसा करते हुए बधाई दी।

निशंक ने विकास के लिए जनसंख्या स्थिरीकरण को जरूरी बताया
देहरादून। मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर जारी अपने संदेश में कहा है कि जनसंख्या स्थिरीकरण से ही प्रदेश का समग्र विकास हो सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने चिकित्सा क्षेत्र में विभिन्न योजनाएं शुरू की है, साथ ही दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर प्रदेशभर में 11 जुलाई, 2010 से 17 जुलाई, 2010 तक जागरूकता विषयक कार्यक्रम आयोजित जायेंगे जिसमें परिवार नियोजन संबंधी विभिन्न जानकारियां दी जायेगी, साथ ही चिकित्सा सुविधा संबंधी जानकारियां भी उपलब्ध होंगी। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि वे स्वयंसेवी संस्थाओं से समन्वय स्थापित कर आयोजित जनजागरूकता कार्यक्रमों को व्यापक स्तर पर चलाएं।

 

गडकरी और निशंक का वृक्षारोपण का आह्वान

दिव्य मिशन का वृक्ष लगाओ अभियान

हरिद्वार। मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा है कि हम सबको मिलकर अधिक से अधिक वृक्ष लगाने चाहिएं और वनों एवं वृक्षों को संरक्षण प्रदान करते हुए लोगों को इसके प्रति जागरूक होना चाहिए ताकि प्रदूषण पर नियंत्रण प्राप्त किया जा सके।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को चण्डीघाट स्थित दिव्य प्रेम सेवा मिशन के हरित भारत अभियान कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण हम सभी का कत्र्तव्य है, जिसके लिए सरकार दृढ़ संकल्प है और इस दिशा में जन जागृति अभियान चलाते हुए कार्य किये जा रहे हैं। उन्होंने दिव्य प्रेम सेवा मिशन के कार्यो की प्रशंसा करते हुए कहा कि जो बीड़ा यहां से एक लाख वृक्ष लगाने का शुरू किया है उसमें सरकार का यथासम्भव सहयोग मिलता रहेगा। इस अभियान के तहत शुरू किये गये वृक्षारोपण कार्यक्रम में देश के भीतर अलग-अलग कार्यक्रम चलाते हुए वृक्षों को लगाया जाएगा, उससे न केवल पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी बल्कि एक हरा भरा वातावरण भी पैदा होगा। उन्होंने दिव्य प्रेम सेवा मिशन के कार्यो को संचालित करने के लिए सरकार की ओर से 11 लाख रुपये देने की घोषणा की।
इस अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी ने कहा कि इस मिशन के कार्य सामाजिक संवेदनशीलता का प्रतीक है। मनुष्य वही है जो मनुष्य के लिए काम आये का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा जिस प्रकार अच्छे वृक्षों की आवश्यकता होती है उसी प्रकार समाज में अच्छे कार्यकर्ता और मनुष्यों की आवश्यकता होती है, हम सब को मिलकर समाज की सेवा करना चाहिए और समाज में शोषित और निर्धन व्यक्तियों की सेवा करते हुए उनके जीवन में परिवर्तन लाने के लिए कार्य करना चाहिए।
गडकरी ने दिव्य प्रेम सेवा मिशन के कार्यों का समर्थन करते हुए कहा कि समाज में दो रूप होते है एक सच्चाई तो दूसरा बुराई, हम सब को बुराई को त्याग कर अच्छाई को अपनाना चाहिए। उन्होंने कुंभ के सफल आयोजन के लिए मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक की सराहना की और एक बड़े आयोजन की सफलता पर उत्तराखंड सरकार को जन-सामान्य की ओर से धन्यवाद दिया। इस अवसर पर मिशन के संस्थापक आशीष भईया और महामण्डलेश्वर धर्मदेव महाराज ने भी अपने विचार व्यक्त किये। दिव्य प्रेम सेवा मिशन ने मुख्यमंत्री निशंक, राम चौहान, रामनाथ कोविद, सन्तोष गंगवार और राकेश को सम्मानित भी किया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से संसदीय कार्य मंत्री प्रकाश पंत, नगर विकास मंत्री मदन कौशिक, कृषि मंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, आपदा प्रबन्धन राज्य मंत्री खजान दास, वाणिज्य कर सलाहकार उपाध्यक्ष पंकज सहगल, राममूर्ति, अनुसूचित जनजाति आयोग उपाध्यक्ष सुरेश राठौर, विधायक सुरेश जैन, विधायक प्रेमचन्द्र अग्रवाल, नगर पालिकाध्यक्ष कमल जौरा आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन संस्कृत अकादमी उत्तराखण्ड के उपाध्यक्ष महावीर अग्रवाल ने किया।

 

  • देहरादून। उत्तराखंड प्रवास पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी को स्मृति चिन्ह भेंट करते मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक साथ में प्रदेश अध्यक्ष बिशन सिंह चुफाल। (दूसरा चित्र) गडकरी और निशंक ने उत्तराखंड राज्य के पहले मुख्यमंत्री स्वामी नित्यानंद की कुशलक्षेम पूछी और गुलदस्ता भेंट किया।



पत्रकार उमेश जोशी के निधन पर निशंक दु:खी
देहरादून। मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने वरिष्ठ पत्रकार उमेश जोशी के आकस्मिक निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। अपने शोक संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि उमेश जोशी एक ईमानदार, कर्तव्यनिष्ठ, जुझारू पत्रकार थे। उन्होंने कहा कि जोशी के पत्रकारिता के क्षेत्र में योगदान को सदैव याद रखा जायेगा।

बस दुर्घटना की मजिस्ट्रेटी जांच
देहरादून। मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने जनपद चमोली और पौड़ी गढ़वाल में हुई वाहन दुर्घटना पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए दुर्घटना की मजिस्ट्रीयल जांच के निर्देश दिये हैं। उन्होंने जिलाधिकारी चमोली और पौड़ी गढ़वाल से कहा कि वे दुर्घटना में मृत लोगों के परिजनों और घायलों को अनुमन्य आर्थिक सहायता तत्काल उपलब्ध कराएं। शुक्रवार को सवेरे गोपेश्वर से कर्णप्रयाग जाते समय एक यात्री बस मेठाणा-कुहेड़ के समीप सड़क से नीचे नदी में गिर गई जिसमे 11 लोगों की मृत्यु हो गई, जबकि जनपद पौड़ी गढ़वाल के अन्तर्गत एक बस संख्या-जीएमओ, यूपी-18/0174, शुक्रवार को ही प्रातः ऋषिकेश से हेमकुंड जाते समय श्रीकोट के समीप पहाड़ से पत्थर गिरने के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो गयी। इस घटना में भी दो लोगो की मृत्यु हो गई, जबकि एक घायल है।

रामसिंह ने कार्यभार संभाला
देहरादून। प्रमुख सचिव विधायी एवं संसदीय कार्य के पद पर रामसिंह की नियुक्ति की गई है उन्होंने इस पद पर अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया है।
 

पीएम से उत्तराखंड पैकेज की बहाली की मांग

नई दिल्ली/देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने बुद्धवार को भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज, राज्य सभा में नेता प्रतिपक्ष अरुण जेटली और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल के साथ प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह से मुलाकात कर उत्तराखंड में पूर्व घोषित औद्योगिक पैकेज की समय सीमा बढ़ाने की मांग की। इस अवसर पर सभी नेताओं ने संयुक्त रूप से हस्ताक्षरित ज्ञापन भी प्रधानमंत्री को सौंपा जिसमें उत्तराखण्ड और हिमाचल प्रदेश में औद्योगिक पैकेज की समय सीमा बढ़ाने की मांग की गयी।
मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड राज्य में औद्योगिक पैकेज की समय सीमा मार्च 2013 से घटाकर मार्च 2010 करने को अन्याय पूर्ण बताते हुए कहा कि यह देश के इतिहास में पहली बार हुआ है कि किसी केन्द्र सरकार ने पूर्ववर्ती सरकार के घोषित किसी पैकेज को वापस ले लिया हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि केन्द्र सरकार उत्तराखण्ड जैसे नवोदित राज्य के विकास के लिए औद्योगिक पैकेज की समय सीमा को बढ़ा नहीं सकती थी तो कम से कम अटल बिहारी बाजपेयी सरकार के दिए पैकेज को वापस तो नहीं लेती। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड दो-दो अन्तर्राष्ट्रीय सीमाओं से घिरा राज्य है और यहां यदि विकास अवरूद्ध होगा तो पलायन की दर बढ़ेगी, जिसका प्रभाव राष्ट्र की प्रगति और सुरक्षा पर भी पड़ सकता है।
ज्ञापन में कहा गया है कि पर्वतीय राज्य उत्तराखण्ड और हिमाचल प्रदेश की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए यहां के आर्थिक विकास में औद्योगिक पैकेज की महत्वपूर्ण भूमिका है। भारत सरकार के समन्वेशी विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिये क्षेत्रीय आर्थिक संतुलन का ध्यान रखना नितांत आवश्यक है, इसके लिए पर्वतीय राज्यों को औद्योगिक और अन्य रियायतें दी जानी चाहिएं। ज्ञापन में आगे कहा गया कि वर्ष 2003 में उत्तराखण्ड और हिमांचल के लिए विशेष औद्योगिक पैकेज मूल रूप से 2013 तक के लिए स्वीकृत किया गया था जिसमें उत्पाद शुल्क, आयकर और अन्य तमाम तरह की रियायतें दी गई थीं। इनमें सर्वाधिक महत्वपूर्ण भूमिका उत्पाद शुल्क की थी। दोनों राज्यों में विशेष औद्योगिक पैकेज को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए सम्बन्धित राज्य सरकारों ने आधारभूत संरचना में कई हजार करोड़ रूपये का निवेश किया परंतु केंद्र सरकार ने बाद में विशेष औद्योगिक पैकेज की अवधि को घटाकर वर्ष 2010 तक कर दिया जो कि दोनों ही राज्यों के साथ अन्यायपूर्ण था।
दोनों राज्यों की विधानसभाओं से सर्वसम्मति से पैकेज को आगे बढ़ाने के लिए संकल्प पारित कर प्रधानमंत्री को भेजा गया। इसके अलावा दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री अनेक बार प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री और वाणिज्य मंत्री से मिलकर अपनी बात रख चुके हैं। दोनों राज्यों ने विशेष औद्योगिक पैकेज को देखते हुए ही अपनी औद्योगिक नीतियों में संशोधन किए हैं, इसलिए औद्योगिक पैकेज के तहत उत्पादन शुल्क रियायत को पुनः लागू नहीं किये जाने की दशा में उत्तराखण्ड और हिमाचल प्रदेश के आर्थिक विकास में बाधा उत्पन्न होगी और ये राज्य औद्योगिक दृष्टि से पिछड़े रह जाएंगे।

 

'सपनों की उड़ान' को मुख्यमंत्री की हरी झंडी

देहरादून। 'सपने देखना प्रगति की निशानी है, किंतु सपनों को साकार करने के लिए दृढ़ संकल्प, मेहनत और लगन की आवश्यकता होती है।' यह बात मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने आईटीआई परिसर डोईवाला में आयोजित 'सपनों की उड़ान' कार्यक्रम के शुभारम्भ में व्यक्त किए। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर गढ़वाल एवं कुमाऊं मण्डल क्षेत्र में शिक्षा से वंचित कूड़ा बीनने वाले, सपेरे, भिखारी, खनन और अन्य कार्यो में लगे घुमंतू समुदाय के छात्रों को शिक्षा देने के लिए दो बहुउद्देशीय वाहनों को झंडी दिखाकर रवाना भी किया।
मुख्यमंत्री डॉ निशंक ने कहा कि उत्तराखंड राज्य शिक्षा के क्षेत्र में हमेशा अग्रणी रहा है। यह प्रदेश, राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों एवं विश्वविद्यालयों के कारण शिक्षा के हब के रूप में जाना जाता है। यहां आईआईटी, एनआईटी, आईआईएम जैसे उच्चस्तरीय गुणवत्ता युक्त शिक्षा प्रदान करने वाले संस्थान हैं। हमारा लक्ष्य प्रदेश का चहुंमुखी विकास करना है और इस संकल्प को मूर्तरूप देने के लिए मेहनत एवं दृढ़ संकल्पबद्ध होने की जरूरत है। डॉ निशंक ने बच्चों से मेहनत और संकल्पबद्ध होकर अपने सपनों को साकार करने का आह्वान किया, उनकी सरकार भी देश के भविष्य, बच्चों का स्वप्न पूरा करने के लिए हर समय तत्पर है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विकास के लिए तैयार विजन-2020 को पूरा करने के लिए सक्रिय सहभागिता निभाने का भी आह्वान किया और प्रतिस्पर्धा की भावना से देश और समाज का विकास करने की अपील की। उन्होंने राजकीय महाविद्यालय डोईवाला में पोस्ट ग्रेजुएट पाठ्यक्रम शुरू करने की घोषणा की और बताया कि प्रदेश में गरीबी एवं अन्य कारणों से वंचित छात्रों को शिक्षित करने के लिए पहल, मुस्कान योजना सहित अन्य योजनाएं चलाई गई हैं, जिससे कोई भी बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित नहीं रहे। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने सर्व शिक्षा अभियान के तैयार किये गये चाइल्ड ट्रैकिंग साफ्टवेयर का शुभारम्भ किया और बढ़ते कदम पुस्तिका का विमोचन किया। ज्ञातव्य है कि इस वेबसाइट में बच्चों के शैक्षिक विवरण और विद्यालय से बाहर रह रहे बच्चों के चिन्हिकरण से संबंधित विवरण का कम्प्यूट्रीकरण किया गया है। मुख्यमंत्री ने कई बच्चों को मंच पर बुलाकर उनके सपनों की जानकारी ली और ऊंचे सपने देखने वाले बच्चों को मंत्री, विधायक, सचिवों से नगद पुरस्कार भी दिलाये।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कृषि मंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि सर्वशिक्षा अभियान के अन्तर्गत यह सचल स्कूल अंतिम छोर में रह रहे शिक्षा से वंचित छात्रों को शिक्षित करेंगे। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये की वे ऐसा प्रयास करें कि इस अभियान के उद्देश्य को पूरा करने के लिए ये वाहन पात्र छात्रों तक प्रभावी ढ़ंग से पहुंचे। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि गोविन्द सिंह विष्ट ने कहा कि 'सपनों की उड़ान' से अब प्रदेश का कोई भी छात्र शिक्षा के अधिकार से वंचित नहीं रहेगा। उन्होंने सरकार की संचालित मुस्कान योजना, बच्चों का स्वास्थ्य शिक्षा कार्ड योजना आदि के बारे में भी विस्तार से प्रकाश डाला।
इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक एवं सभा सचिव प्रेमचन्द्र अग्रवाल, जिला अध्यक्ष भाजपा गोविन्द अग्रवाल, आईटीआई सलाहकार ज्ञान सिंह नेगी, अध्यक्ष राज्य आंदोलन कारी कल्याण परिषद सुभाष बर्डथ्वाल, नगर पालिका अध्यक्ष प्रेमलता रावत, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के उमेद सिंह नेगी, मण्डल अध्यक्ष भाजपा डोईवाला मंशा गैरौला, ब्लॉक प्रमुख डोईवाला नगीना रानी, सचिव शिक्षा मनीषा पंवार, अपर सचिव एवं निदेशक सर्वशिक्षा अभियान राधिका झा, अपर सचिव मुख्यमंत्री अरविंद सिंह हयांकी सहित अनेक जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित थे।

क्वींस बेटन रिले का उत्तराखंड में जोरदार स्वागत
देहरादून। राष्ट्रमण्डल खेल 2010 की क्वींस बेटन रिले का मंगलवार को उत्तराखण्ड पहुंचने पर प्रदेश की राज्यपाल मार्ग्रेट अल्वा और मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने स्वागत किया। दोनो ने राजभवन पहुंची क्वींस बेटन रिले को ओलंपियन हरदयाल सिंह और अर्जुन पदक विजेता अन्तर्राष्ट्रीय खिलाड़ी पदम बहादुर मल्ल को प्रदान कर रिले को आगे के लिए रवाना किया। इस अवसर पर विधान सभा अधयक्ष हरबंश कपूर, नियोजन मंत्री प्रकाश पंत, पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी, मुख्य सचिव एनएस नपलच्याल, प्रमुख सचिव खेल राकेश शर्मा आदि उपस्थित थे।
क्वींस बेटन रिले मंगलवार दोपहर 3.30 बजे हिमाचल प्रदेश से उत्तराखण्ड की सीमा कुल्हाल गेट पर पहुंची, जहां से क्वींस बेटन रिले हरबर्टपुर, सहसपुर, सेलाकुई, प्रेमनगर, आईएमए, एफआरआई, दून स्कूल, लाल गेट, राजभवन गेट पहुंची। इसके पश्चात क्वींस बेटन रिले हाथी बड़कला, दिलाराम चौक, गांधी पार्क, घंटाघर होते हुए परेड ग्राउण्ड पहुंची। परेड ग्राउण्ड स्थित बहुउद्देशीय क्रीड़ा हॉल में क्वींस बेटन रिले के देहरादून खण्ड के समापन अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक और विधान सभा अध्यक्ष हरबंश कपूर उपस्थित थे। क्वींस बेटन रिले बुधवार को प्रातः हरिद्वार के लिये रवाना हो गई। इसके पश्चात क्वींस बेटन रिले जनपद पौड़ी और नैनीताल पहुंचेगी।
बहुउद्देशीय क्रीड़ा हॉल में आयोजित कार्यक्रम में डॉ निशंक ने कहा कि राष्ट्रमण्डल खेल अपने आपमें खेलो एवं खिलाड़ियों का महाकुम्भ है और महाकुम्भ का सफलतापूर्वक आयोजन कर चुके उत्तराखण्ड की धरती का खेलो के इस महाकुम्भ से जुड़ाव नैसर्गिक है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार खेलों को प्रोत्साहन देने के लिए प्रतिबद्ध है और खेलो के विकास के लिए उपयुक्त वातावरण तैयार किया जा रहा है। विधान सभा अध्यक्ष हरबंश कपूर ने क्वीन्स बैटन का स्वागत करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड में होने वाले इस आयोजन से खेलो के प्रति लोगो का जुड़ाव और अधिक बढेगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ निशंक और विधान सभा अध्यक्ष कपूर ने डाक विभाग के उत्तराखण्ड की धार्मिक विरासत को दर्शाने वाले विशेष आवरण का विमोचन भी किया, जिसमें केदारनाथ, हेमकुण्ट साहिब, पिरान कलियर और लैंसडॉउन के एक प्राचीन चर्च को दर्शाया गया है। बैटन रिले में अमर बहादुर मल्ल, सुमन कुटियाल, बीएस रावत, हर्षवंती बिष्ट, कर्नल केएस मल्ल सहित बड़ी संख्या में खिलाड़ियों एवं आमजन ने भाग लिया।

निशंक ने केंद्र से मांगी बैंकिंग सुविधाएं
चंडीगढ़/देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा है कि पर्वतीय राज्यों हेतु आबादी के मानक के स्थान पर निकटतम बैंकिंग सुविधा से दूरी का मानक निर्धारित किया जाए ताकि ग्रामीण क्षेत्रों को अधिक से अधिक बैकिंग सुविधाएं मिल सके। चंडीगढ़ में केन्द्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी की अध्यक्षता में उत्तर क्षेत्र राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक को सम्बोधित करते हुए निशंक ने केन्द्र सरकार से मांग की कि उत्तराखण्ड राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए इन मानकों में शिथिलीकरण किया जाए।
चण्डीगढ के होटल माउण्टव्यू में आयोजित यह बैठक वित्तीय सेवा क्षेत्र, विशेष रूप से सार्वजनिक बैंकिग तंत्र से जुड़े विभिन्न नीतिगत एवं संचालन संबंधी मुद्दों पर विचार-विमर्श के लिये बुलाई गई थी। मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय वित्त मंत्री को औद्योगिक पैकेज की अवधि को बढ़ाने के लिए अनुस्मरण पत्र भी सौपा और कहा कि नवोदित राज्य उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां विषम हैं। राज्य के तीन जनपद मैदानी क्षेत्र मे अवस्थित हैं और शेष 10 जनपद दुर्गम पर्वतीय क्षेत्र में अवस्थित हैं। प्रदेश के पांच पर्वतीय जनपदों में किसी भी गांव की आबादी 2000 से अधिक नही है, चार पर्वतीय जनपदों में केवल दो-दो ग्राम और एक पर्वतीय जनपद में सोलह ग्रामों की आबादी 2000 से अधिक है। शेष तीन मैदानी जनपदों में इस मानक को पूर्ण करने वाले ग्रामों की संख्या 290 है। इसलिए स्पष्टतः असेवित क्षेत्रों के निर्धारण के लिए आबादी का मानक उपयुक्त नही है।
मुख्यमंत्री डॉ निशंक ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक का मानक 16,000 आबादी पर एक बैंक शाखा का है। आरबीआई ने देश के ऐसे जनपदों की सूची जारी की है, जहां पर आवश्यकता के अनुरूप बैंक नहीं हैं। इस सूची में आरबीआई के वर्तमान मानकों के कारण प्रदेश का कोई भी जनपद शामिल नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि राज्य में सभी प्रकार के बैंको की शाखाओं की कुल संख्या 1405 है। इसमें से लगभग 50 प्रतिशत (712) शाखाएं ही ग्रामीण क्षेत्रों में हैं। इन 712 शाखाओं में से भी 267 शाखाएं ग्रामीण और कोआपरेटिव बैंक की हैं। राज्य में 1 जून 2006 से आरबीआई का कार्यालय कार्यरत हैं जिसमें केवल ग्रामीण आयोजना, ऋण विभाग और शहरी बैंक विभाग ही कार्यरत हैं।
मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया कि राज्य सरकार ने कोर ट्रेजरी सिस्टम विकसित कर प्रदेश के सभी कोषागारों एवं उच्चीकृत उपकोषागारों को इससे जोड़ा है जिससे राज्य का वित्तीय अनुशासन एवं वित्तीय प्रशासन सुदृढ़ हुआ है। प्रदेश के कर्मचारियों एवं पेन्शनर आदि के भुगतान सीधे उनके बैंक खातो में किये जा रहे हैं किन्तु बैंकिंग सुविधाओं की कई क्षेत्रों में अनुपलब्धता के कारण इलेक्ट्रॉनिक बेनेफिट ट्रांसफर सिस्टम पूर्णतः सफल नही हो पा रहा है, इससे छात्रवृत्तियों और सामाजिक सुरक्षा पेंशन के भुगतान में विलम्ब होता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के अटल आदर्श ग्रामों को शाखा वृद्वि नीति में शामिल किया जाना चाहिए। इन ग्रामों में बैंक शाखाएं खोलने के लिए आर्थिक व्यवहार्यता मानक को छोड़ना होगा। नई शाखाएं खोलने के लिए जैसे उत्तर पूर्वी राज्यों को केंद्र सरकार और आरबीआई सब्सिडी दे रही है वैसी ही व्यवस्था पर्वतीय राज्यों के लिए भी की जानी चाहिए।
उत्तराखंड राज्य में वर्ष 2010 तक 16,054 स्वयं सहायता समूहों को बैंकों से जोड़कर कुल 86 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गयी है जिसमें 12,962 महिला स्वयं सहायता समूहों को 74 करोड़ रुपये के ऋण उपलब्ध कराये गये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सूचना प्रौद्योगिकी का विस्तार राज्य सरकार अपने संसाधनों से कर रही है, इसमें केन्द्र सरकार का वित्तीय सहयोग बहुत अपेक्षित है। उन्होंने केन्द्र सरकार से आग्रह किया कि उत्तराखण्ड की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए प्राथमिकता देकर बैंकिग सेवाएं और दूर संचार सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं ताकि राज्य में ई-गवर्नेंस और अधिक मजबूत हो सके।

श्यामा प्रसाद मुखर्जी को याद किया
देहरादून। मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने अपने यमुना कालोनी स्थित आवास पर आयोजित एक सादे कार्यक्रम में महान राष्ट्रवादी नेता और भारतीय जनसंघ के संस्थापक अध्यक्ष डा श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर उनका भावपूर्ण स्मरण किया। इस अवसर पर डॉ निशंक ने कहा कि डॉ मुखर्जी एक महान राष्ट्रभक्त थे, जिन्होंने राष्ट्रीय एकता एवं अखण्डता के लिए अपने जीवन का बलिदान कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे एक महान विचारक और चिन्तक भी थे। उन्होंने कहा कि डॉ मुखर्जी का राष्ट्र एवं समाज के लिए दिया गया योगदान हमारी भावी पीढ़ी के लिए सदैव अनुकरणीय रहेगा।

निशंक से मिले महाराष्ट्र के कृषि मंत्री
देहरादून। मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक से राज्य अतिथि गृह बीजापुर में महाराष्ट्र के कृषि मंत्री हर्षवर्धन पाटिल ने भेंट की। इस दौरान से मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र के कृषि मंत्री से उत्तराखण्ड की विभिन्न विकास योजनाओं पर चर्चा की। पाटिल ने भी महाराष्ट्र में संचालित विकास योजनाओं की जानकारी मुख्यमंत्री डॉ निशंक को दी। पाटिल ने उत्तराखण्ड में कृषि के क्षेत्र में किये जा रहे कार्यो की सराहना की।

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