राज्यपाल ने मेधावियों को छात्रवृत्ति के चेक दिए

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के राज्यपाल बीएलजोशी ने कहा है कि बच्चों में ऊंचा सपना देखने की प्रवृत्ति पैदा की जानी चाहिए ताकि वे अपने प्रयासों से आगे बढ़ते जाएं और कल को एक सफल नागरिक बन सकें। राज्यपाल गोमती नगर में उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी के संत गाडगे सभागार में दैनिक हिन्दुस्तान की ओर से आयोजित प्रतिभा सम्मान-2010 में ऐसे प्रतिभाशाली छात्रों को सम्मानित कर रहे थे जिन्होंने अपने परिश्रम और लगन से अपने विद्यालय और राज्य का गौरव बढ़ाया है।
उन्होंने छह प्रतिभाशाली छात्रों को एक-एक लाख रूपये की छात्रवृत्ति का चेक प्रदान किया। इनमें लारेटो कॉन्वेंट लखनऊ की अत्रेया अग्रहरि, सेंट एन्थोनी स्कूल बाराबंकी की सुमैया अंजुम, हरिमिलाप मिशन स्कूल कानपुर के तुषार शुक्ला, खालसा इण्टर कालेज कानपुर के मयंक मिश्रा, सेन्ट्रल हिन्दू ब्वायज स्कूल वाराणसी के रोहित कुमार और क्रास्थवेट गर्ल्स कालेज इलाहाबाद की रश्मि द्विवेदी शामिल हैं। शेष दसवीं एवं बारहवीं के छात्र/छात्राओं को भारतीय प्रबन्ध संस्थान के निदेशक प्रोफेसर देवी सिंह ने प्रमाण-पत्र प्रदान किया। इस अवसर पर शहर के तीन सर्वश्रेष्ठ स्कूलों को ट्राफी प्रदान की गयी। इनमें सीबीएससी, आईसीएससी और यूपीबोर्ड का एक-एक स्कूल शामिल है। कार्यक्रम में हिंदुस्तान टाइम्स की रेजीडेंट एडिटर सुनीता ऐरन, महाप्रबंधक हिन्दुस्तान मीडिया रजत कुमार और कार्यकारी संपादक नवीन जोशी उपस्थित थे।

सर्वाधिक वर्षा पलिया कला में
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कई नदियों के जलस्तर में वृद्धि हो रही है। कई नदियों का जलस्तर स्थिर बना हुआ है। इस अगस्त में आज तक सर्वाधिक वर्षा शारदा नदी क्षे़त्र के पलियाकला (लखीमपुर खीरी) क्षेत्र में 148 मिमी रिकार्ड की गई, वहीं राप्ती नदी क्षेत्र के काकर धारी (बहराइच), भिनगा (श्रावस्ती), कुआनों नदी क्षेत्र के चन्द्रदीपघाट (महाराजगंज) और मुखलिसपुर (संतकबीर नगर) में कोई वर्षा नही हुई।
सिंचाई विभाग के केन्द्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष की सूचना के अनुसार गंगा नदी का जलस्तर फतेहगढ़ में खतरे के निशान से 0.48 मीटर नीचे है और नदी की प्रवृत्ति घटाव की ओर है। इसी प्रकार रामगंगा नदी का जलस्तर डाबरी में खतरे के निशान से 0.32 मीटर नीचे, शारदा का जलस्तर पलियाकला मे खतरे के निशान से 0.12 मीटर, घाघरा का जलस्तर एल्गिनब्रिज में 0.14 मीटर और अयोध्या में 0.12 मीटर खतरे के निशान से नीचे चल रहा है। प्रदेश में गंगा का जलस्तर गुमटिया (कन्नौज), अंकिनघाट (रमाबाई नगर), कानपुर नगर, डलमऊ (रायबरेली), फाफमऊ (इलाहाबाद), मिर्जापुर, वाराणसी, गाजीपुर में बढ़ रहा है।
इसी प्रकार यमुना नदी का जलस्तर मथुरा, काल्पी (जालौन) और हमीरपुर मे बढ़ रहा है। शेष सभी नदियों के जलस्तर में घटाव की प्रवृत्ति है। नियंत्रण कक्ष के अनुसार गंगा नदी का जलस्तर आज मुमटिया में 124.97 मीटर पर है, जो खतरे के निशान से एक मीटर नीचे है। कल तक इस क्षेत्र में नदी के जलस्तर बढ़ने की संभावना है। नदियों की स्थिति पर केन्द्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से निरंतर नजर रखी जा रही है। सभी बाढ़ चैकियों को सतर्क कर दिया गया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश में कुछ स्थानों पर हल्की वर्षा होने की संभावना है।

जीपीओ पर मनाया अगस्त क्रांति दिवस
hindi news portalलखनऊ। नौ अगस्त 1925 को अंग्रेजी सरकार की चूलें हिलाने वाली घटना काकोरी ट्रेन लूट काण्ड की 85वीं और भारत छोड़ो आन्दोलन की 68वीं वर्ष गांठ पर काकोरी शहीद स्तम्भ जीपीओ पार्क पर सुमंगलम सेवा संस्थान एवं कर्तव्य फाउण्डेशन ने क्रान्ति दिवस का आयोजन किया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी हरीश श्रीवास्तव ने कहा कि वर्तमान युवा पीढ़ी को इन शहीदों से प्रेरणा लेकर अपनी प्रतिभा क्षमता देश के विकास के लिए अर्पित करना चाहिए। यही इन शहीदों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। सुमंगलम परिवार के महासचिव राजकुमार ने कहा कि आज देश जिन पंथीय सौहार्द की चुनौतियों से जूझ रहा है, धर्म निरपेक्षता के नाम पर जिस प्रकार से हिन्दू मुस्लिम को लड़ाने के राजनैतिक षड्यंत्र चल रहे हैं, ऐसे में हमारे शहीदों रामप्रसाद विस्मिल, अशफाक उल्ला खां जैसे क्रान्तिवीरों के पवित्र स्मरण से ही देश की एकता और अखण्डता को बनाये रखा जा सकता है। सभी को सोचना है कि क्रान्तिकारी ऐसा कर सकते हैं तो हम क्यों नही? काकोरी की घटना से पूरे देश में जन ज्वार उठा जो अंग्रेजी सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए प्रतिबद्ध थी।
कर्तव्या फाउण्डेशन के महासचिव हरनाम सिंह ने कहा कि जीपीओ को राष्ट्रीय स्मारक घोषित किया जाए और काकोरी काण्ड से सम्बन्धित क्रान्तिकारियों का संग्रहालय बनवाकर प्रदर्शनी लगवाई जाए क्योंकि लखनऊ की हृदयस्थली जीपीओ के भवन में काकोरी काण्ड में शामिल 28 क्रान्तिवीरों के मुकदमें की सुनवाई हुई थी। जिसमें राम प्रसाद विस्मिल, अशफाक उल्ला खां, राजेन्द्र लहिड़ी, रोशन सिंह को फांसी की सजा सुनाई गयी और शेष को उम्र कैद एवं कुछ वर्षों की सजा सुनाई गयी। भाजपा के महानगर महामंत्री मानसिंह ने काकोरी काण्ड की घटना को ब्रितानिया हुकुमत को हिला देने वाली घटना बताई जिससे भयभीत होकर अंग्रेजों को देश छोड़कर भागना पड़ा। कार्यक्रम में उपस्थित सभी को अभिजात मिश्रा ने संकल्प दिलाया कि हम भारत माता एवं अमर शहीदों का स्मरण कर संकल्प लेते हैं कि देश की एकता अखण्डता सुरक्षा एवं विकास के लिए तन, मन, धन से कार्य करेंगे। भारत माता की जय।
स्मृति सभा को विनोद तिवारी अप्पू, सुदर्शन भारती, शिवशंकर शर्मा ने संबोधित किया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से अविनाश कश्यप, विनीत यादव, अनिल कुमार शर्मा, आशीष, पीयूष, विकास सिंह आदि उपस्थित रहे। आभार ज्ञापन कैप्टन चंदन सिंह नेगी ने किया।

 

महंगाई के खिलाफ भाजपा की लड़ाई

गाजियाबाद। भारतीय जनता पार्टी ने महंगाई के विरोध में कराये गये हस्ताक्षर अभियान के पच्चीस लाख हस्ताक्षरों वाला ज्ञापन पत्रक बुधवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही ने केन्द्रीय नेतृत्व के पास पहुंचा दिया। ज्ञापन पत्रकों को बैलगाड़ी पर लाद कर गाजियाबाद के डाबर चौराहे से दिल्ली की सीमा पर स्थित गाजीपुर तक एक जुलूस के साथ ले जाया गया। जुलूस में प्रदेश अध्यक्ष के साथ भाजपा के लगभग तीन हजार कार्यकर्ता थे और केन्द्र की कांग्रेसी सरकार के विरूद्ध नारेबाजी कर रहे थे। 'कांग्रेस आई है, महंगाई लाई है' जैसे नारे लगाते हुए कार्यकर्ता लगभग दो किलोमीटर तक जुलूस बनाकर चले।
जुलूस में प्रदेश उपाध्यक्ष सतपाल मलिक, गुलाबो देवी, प्रदेश मंत्री अशोक कटारिया, विधायक सुनील शर्मा, सत्यप्रकाश अग्रवाल, महापौर दमयंती गोयल, पश्चिम क्षेत्रीय अध्यक्ष लज्जाराम गर्ग, श्याम नंदन सिंह, डॉ महेश शर्मा, नवाब सिंह नागर, बालेश्वर त्यागी, लक्ष्मीकांत बाजपेयी, विजयपाल सिंह तोमर, यशपाल पंवार, भूपेन्द्र सिंह, महेश अग्रवाल, अशोक मोंगा, परमात्मा शरण बंसल आदि नेता भी साथ में थे।
प्रदेश अध्यक्ष सूर्यप्रताप शाही ने इस अवसर पर एक सभा को भी सम्बोधित किया और कहा कि समूचा उत्तर प्रदेश और देश केन्द्र सरकार प्रायोजित महंगाई से परेशान है, आम आदमी का जीना मुश्किल हो गया है, पेट्रोल, डीजल, किरासिन और रसोई गैस की कीमतें बढ़ाकर केन्द्र सरकार ने महंगाई की आग में पेट्रोल डाला है, राज्य की बसपा सरकार भी अपने भ्रष्टाचार और नीतियों से महंगाई बढ़ा रही है, सपा, बसपा, कांग्रेस मिले-जुले हैं, लोकसभा में महंगाई के विरूद्ध हुए मतदान में तीनो साथ-साथ थे, केवल भाजपा ही महंगाई के विरूद्ध लगातार लड़ रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी का यह अभियान लगातार जारी रहेगा।

 

दोगली है कांग्रेस-उस्मानी

लखनऊ। राजधानी के सपा के पर्यवेक्षक और लखीमपुर खीरी के विधायक डॉ आरए उस्मानी ने कहा है कि रंगनाथ मिश्रा आयोग एवं जस्टिस सच्चर कमेटी की रिपोर्ट को न लागू करना कांग्रेस का दोगलापन है। राजधानी में छठवें दिन के दौरे के दौरान कैण्ट विधानसभा क्षेत्र की समीक्षा के लिए पहुंचे आरए उस्मानी एवं सयुस के प्रदेश अध्यक्ष नफीस अहमद का कैण्ट विधानसभा में कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी से स्वागत किया।
डॉ आरए उस्मानी ने सपा कार्यकर्ताओं को आगाह किया कि समाजवादी पार्टी जमीन से जुड़े लोगो की पार्टी है इसीलिए हम लोगो ने वातानुकूलित हालों में बैठक न करके क्षेत्र में जमीन पर बैठकें कर रहे हैं। उन्होने सपा कार्यकर्ताओं को समझाया कि समाजवाद लाना है तो परिक्रमा करने वाले एवं पांच सितारा होटल भोग छोड़ना होगा और जमीन से जुड़े लोगों को पार्टी में उच्च पदों पर लाना होगा। डॉ उस्मानी ने कांग्रेस को चुनौती दी है कि यदि वह मुसलमानो की सच्ची हितैषी है तो रंगनाथ मिश्रा आयोग एवं सच्चर कमेटी की रिपोर्ट को लागू कर मुसलमानों को उनकी आबादी के हिसाब से आरक्षण दे। उस्मानी ने कहा कि 1984 के दंगों के लिए कांग्रेस ने सिख समाज से तो माफी मांग ली है किन्तु बाबरी मस्जिद शहीद होने पर कांग्रेस ने मुस्लिम समाज से माफी नही मांगी हैं, दूसरे 25 करोड़ मुसलमान कांग्रेस को जिताकर केंद्र में उसकी सरकार बनवाते हैं किन्तु एक करोड़ वाले मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री बनाया जाता है।

 

जेठवा की हत्या की जांच गुजरात के बाहर हो

लखनऊ। जुझारू, कर्मठ और अद्वितीय आरटीआई कार्यकर्ता  अमित जेठवा की गुजरात हाई कोर्ट के सामने हुई ह्त्या की चौतरफा निंदा हो रही है, उनको श्रद्धांजलि देने के लिए नेशनल आरटीआई फोरम के कार्यालय  गोमती नगर, लखनऊ में एक सभा का आयोजन हुआ, जिसमें प्रमुख रूप से फोरम के अध्यक्ष  अमिताभ ठाकुर, उत्तर प्रदेश फोरम के  हिमांशु, अभिषेक, लखनऊ फोरम के अशोक कुमार पाण्डेय, गगन कुमार, हरीश मलिक  आदि उपस्थित थे।
शोक सभा में फोरम की गुजरात इकाई के को-ऑर्डीनेटर अमित जेठवा के आरटीआई क्षेत्र में उनके निर्भीक कार्यों की चर्चा करते हुए उनकी हत्या की घोर निंदा की गई। इस सम्बन्ध में कुछ प्रमुख निर्णय भी लिए गए। आरटीआई कार्यकर्ताओं के लिए अलग से एक स्थायी  'आरटीआई फंड' बनाया जाएगा जिसे नेशनल आरटीआई फोरम संचालित करेगा। यह भी तय हुआ कि सबसे पहले इसमें मिली धनराशि को अमित जेठवा के परिवार वालों को दिया जाएगा। चूंकि इस हत्या में अमित के पिता बिकुभाई जेठवा ने सीधे-सीधे जूनागढ़  के स्थानीय भाजपा सांसद दिनुभाई सोलंकी  को जिम्मेदार ठहराया है, इसलिए इसकी विवेचना गुजरात के बाहर की किसी एजेंसी से कराने की मांग की गई। इसके अतिरिक्त सुप्रीम कोर्ट के एक अधिवक्ता जितेन्द्र सिंह ने भी इसकी जांच के लिए एक रिट दायर करने  की बात कही है। नेशनल आरटीआई फोरम ने अक्तूबर को प्रकाशित होने वाला 'जर्नल  फॉर राईट टू इन्फोर्मशन' भी अमित जेठवा को सम्पर्पित करने का निर्णय लिया है। फोरम के तीन आरटीआई गैलेंट्री  अवार्ड में से एक जेठवा को दिए जाने का भी निश्चय किया गया।

 

तिलक और आजाद को याद किया

लखनऊ। 'तुमने दिया देश को जीवन, देश तुम्हे क्या देगा? अपनी आग तेज करने को, नाम तुम्हारा लेगा।' भारत की स्वतंत्रता शांति से नहीं बल्कि क्रांति से मिली। भारत बलिदान की भूमि है, यहां देश के लिये मर-मिटने वालों की लम्बी श्रृंखला है। अमर क्रान्तिकारी बाल गंगाधर तिलक एवं शहीद शिरोमणि चन्द्रशेखर आजाद ने अपनी क्रान्तिकारी गतिविधियों से अंग्रेजी शासन को हिलाकर रख दिया था। तेईस जुलाई को इन दोनो क्रान्तिकारियों को देश ने याद किया। सुमंगलम् सेवा साधना संस्थान एवं कर्तव्य फाउण्डेशन सहित अनेक देश-भक्तों ने तिलक प्रतिमा स्थल नावेल्टी चौराहे पर बाल गंगाधर तिलक की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित की और बाद में लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर में आजाद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर देश की एकता, अखण्डता, सुरक्षा का संकल्प लिया। 'स्वतंत्रता हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है' एवं 'आजाद हैं, आजाद रहेंगे' का उद्घोष देने वाले क्रान्तिवीर तिलक एवं आजाद को श्रद्धापूर्वक याद करते हुए देश भर में उनके संस्मरणों से संबंधित कार्यक्रम आयोजित किए गए। महसूस करने वाली बात यह है कि गैर-सरकारी स्वयंसेवी संस्थाओं और नागरिकों एवं युवाओं की इन कार्यक्रमों में भागीदारी देखी गई जबकि सरकारी स्तर पर इन क्रांतिवीरों की उपेक्षा का भाव नजर आया।
सुमंगलम् के महासचिव राजकुमार ने इस अवसर पर कहा कि स्वाधीनता आन्दोलन में तिलक एवं आजाद ने 'हिन्दुत्व ही राष्ट्रीत्व है' के उद्घोष को सिद्ध करते हुए हिन्दुत्व के आधार पर राष्ट्रीय स्वाधीनता आन्दोलन चलाया। क्रान्तिवीरों के जिस आजाद भारत के सपने को लेकर बलिदान हुए थे, वे अभी अधूरे हैं, आधी-अधूरी आजादी को पूरा करने के लिये युवा पीढ़ी को अपनी प्रतिभा क्षमता भारत माता के चरणों में समर्पित करनी पड़ेगी। लखनऊ विश्वविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व महामंत्री शिवभूषण सिंह ने कहा कि आज सामाजिक परिवर्तन के लिये पुनः एक क्रान्ति की जरूरत है, इसमें युवाओं को आगे आना चाहिए।
कर्तव्य फाउण्डेशन के सचिव हरनाम सिंह ने आजाद के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आजाद को राष्ट्रवादी संस्कार धरोहर के रूप में मिले थे, वे साहसी, स्वाभिमानी और वचन के पक्के थे। सन् 1919 में हुए जलियांवाला बाग नरसंहार ने उन्हें काफी व्यथित किया था। सन् 1921 में महात्मा गांधी ने असहयोग आन्दोलन प्रारम्भ किया तो उन्होंने इसमें बढ़-चढ़ कर भाग लिया था। इसी आन्दोलन में वे गिरफ्तार भी हुए और अंग्रेजी हुकूमत ने उन्हें 15 बेंतों की सजा दी। वाराणसी में उनका नाम 'आजाद' प्रसिद्ध हुआ। हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन के संस्थापक रहे चंद्रशेखर आजाद, काकोरी काण्ड और सांडर्स वध में शामिल रहे। पुलिस उनसे इतना भयभीत रहती थी कि इलाहाबाद में आजाद के वीरगति प्राप्त होने के बाद भी अंग्रेज पुलिस काफी देर तक उनके शरीर के पास नहीं गई और मृत शरीर पर गोलियां दागती रही।
हैदराबाद के कवि पुनीत क्रान्तिकारी ने राष्ट्रभक्ति कविताओं का पाठ किया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से सोमेशवर्द्धन सिंह, सुरजीत सिंह, सोनू सिंह, सुशील चौरसिया, दीपक तिवारी, तेज प्रताप सिंह, कमलनयन आदि ने भाग लिया। स्कूलों में भी तिलक और आजाद को बच्चों ने याद किया। कुछ जगहों पर गोष्ठियां भी हुईं। तिलक और आजाद को यह देश कृतज्ञता से याद करता है।

 

संसद में बसपाई सदस्य मर्यादित रहें-मायावती

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने अपने सांसदों से कहा है कि वे देश की ज्वलन्त समस्याओं, ख़ासकर केन्द्र में कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार की ग़लत आर्थिक नीतियों के कारण आसमान छूती महँगाई के मुद्दे को संसद के मानसून सत्र में काफ़ी ज़ोरदार तरीके़ से उठायें।
संसद के दोनों सदनों-लोकसभा और राज्यसभा-में बीएसपी के सदस्यों की 5, कालिदास मार्ग स्थित मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित एक संयुक्त बैठक में मायावती ने अपने सांसदों को अनुशासन और शालीनता का पाठ पढ़ाया। मायावती ने कहाकि अभी हाल ही में कांग्रेस के नेतृत्व वाली केन्द्र की यूपीए सरकार ने पेट्रोल की क़ीमत बढ़ाकर एक अत्यन्त 'जन-विरोधी' काम किया है, जिस कारण पूरे देश में महँगाई और ज़्यादा बढ़ी है इससे यह बार-बार साबित हो रहा है कि केन्द्र में कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व वाली यूपीए की सरकार का हाथ पूर्णरूप से पूंजीपतियों के साथ है और आम आदमी के हित से उसका कोई लेना-देना नहीं है।
मायावती ने अपने सांसदों से कहाकि बीएसपी एक अनुशासित पार्टी है तथा इसका यह चरित्र संसद के भीतर और बाहर दोनों ही जगह लगातार प्रदर्शित होना चाहिये, साथ ही, देश की तीसरी सबसे बड़ी राष्ट्रीय पार्टी होने के नाते पार्टी के सांसदों, विधायकों और अन्य ज़िम्मेदार पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को जनता की अपेक्षा के अनुरूप कसौटी पर खरा उतरने का प्रयास करना चाहिये, उन्हें ऐसा कोई काम नहीं करना चाहिये जिससे पार्टी की इमेज पर आंच आये।

 

अवंती बाई प्रतिमा पर पर्यावरण जनजागरण

लखनऊ। शुद्ध पेयजल, स्वस्थ पवन, हरियाली बचाओ, प्रफुल्लित हो मन आदि पर्यावरणीय उद्देश्यों को लेकर जनजागरण के लिए श्रीश्री रविशंकर की संस्था ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ के युवा स्वयंसेवकों ने अपने अध्यापक अभिषेक कोहली के नेतृत्व में हजरतगंज जीपीओ के सामने अवंती बाई प्रतिमा पर जनजागरण के साथ-साथ वृक्ष वितरण समारोह का आयोजन किया। इसमें सैकड़ों लोगों को निःशुल्क वृक्ष वितरित किये गए। वितरण के लिए सभी वृक्ष मनीष तिवारी (पेड़ वाले बाबा) ने उपलब्ध कराए थे। इस अवसर पर भाजपा के पूर्व महामंत्री विन्ध्यवासिनी कुमार, पूर्व सदस्य विधान परिषद जयप्रकाश चतुर्वेदी, भाजपा मुख्यालय प्रभारी भारत दीक्षित विशेष रूप से उपस्थित थे। निःशुल्क वृक्ष वितरण कार्यक्रम में दीपक, जयति, शालिनी, सर्वेश, राहुल, आशू, विवेक, नेहा, शिवा और प्रियंका आदि स्वयंसेवकों ने समर्पित ढंग से कार्य किया।

 

मंत्री पर हमले की निंदा
लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी ने राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ पर हुए हमले की निंदा की है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि बसपा के राज में कोई भी सुरक्षित नहीं है, आम जनजीवन पहले से ही असुरक्षित है, राज्य में अराजकता, हिंसा, हत्या और लूट की घटनाएं बढ़ रही हैं, सरकार राज्य की कानून व्यवस्था की स्थिति को संभालने में असफल है। शाही ने कहा कि कैबिनेट मंत्री पर हुए हमले से यह सिद्ध हो गया है कि इस सरकार के कैबिनेट मंत्री भी सुरक्षित नहीं हैं। सरकार ने राज्य में शासन का अपना अधिकार खो दिया है। राज्य के सभी दलों के नेता भी असुरक्षित हैं। शाही ने दिल्ली से इलाहाबाद फोन करके नंदी का हालचाल भी लिया और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की शुभकामना की।

दीक्षित भाजपा प्रशिक्षण टीम के सदस्य
लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष और सदस्य विधान परिषद हृदयनारायण दीक्षित को पार्टी की केन्द्रीय प्रशिक्षण टीम में शामिल किया गया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी के निर्देशन में बनी इस टीम में उत्तर प्रदेश से अकेले दीक्षित को स्थान मिला है। प्रदेश मुख्यालय प्रभारी भारत दीक्षित, प्रदेश मीडिया प्रभारी नरेन्द्र सिंह राणा, प्रदेश सहमीडिया प्रभारी दिलीप श्रीवास्तव, पूर्व महामंत्री विन्ध्यवासिनी कुमार, मुख्यालय सहप्रभारी चौधरी लक्ष्मण सिंह, कार्यालय सचिव अनूप गुप्ता, अब्दुल कादिर राईनी, स्वतंत्र बाजपेयी, दिनेश दुबे ने हृदयनारायण दीक्षित को उनके मनोनयन पर बधाई दी है।

 

भोजपुरी समाज ने वृक्षारोपण कराया
लखनऊ। अखिल भारतीय भोजपुरी समाज ने वृक्षारोपण का एक कार्यक्रम सरस्वती पार्क विराट खंड गोमती नगर लखनऊ मे आयोजित किया जिसमें सचिव मुख्यमंत्री नवनीत सहगल ने वृक्ष लगाकर कार्यक्रम की शुरूआत की। वृक्षारोपण की खास बात यह थी कि यहां पर लगाये गये एक हज़ार पेड़ों को कालोनी वासियों के छोटे-छोटे बच्चो ने अपने हाथों से लगाया। नवनीत सहगल ने इस अवसर पर कहा कि पर्यावरण को बचाने के लिए इस तरह का निरन्तर प्रयास होना चाहिए, वृक्षों का हमारे जीवन मे बहुत महत्व है, उन्होने सभी से पेड़ लगाने की अपील भी की। अखिल भारतीय भोजपुरी समाज के अध्यक्ष प्रभुनाथ राय ने कहा कि 2 अक्टूबर तक निरन्तर वृक्षारोपण कार्यक्रम होगा, इस अवधि मे अखिल भारतीय भोजपुरी समाज का कुल एक लाख पेड़ लगाने का संकल्प है, जिससे पर्यावरण प्रदूषण मुक्त हो और शहर को स्वच्छ वातावरण और आक्सीजन मिल सके। वृक्षारोपण कार्यक्रम मे सहयोग देने वालो मे प्रमुख रूप से प्रमोद श्रीवास्तव, बीके श्रीवास्तव, मनोज सिंह, रामरतन यादव,शकुन कपूर, जे अन्सारी, अरूण कुमार सिंह, तीरथ राम, हनुमान यादव, वेद प्रकाश राय, विजय यादव, अमरनाथ वर्मा, राधेश्‍याम पटेल, आकाश कपूर, संजय सिंह, सुनील सिंह, अनिल सिंह, मिन्टू सिंह, मनीष पोद्दार शामिल हैं।

 

यूपी में बड़े पुलिस अफसरों के तबादले

लखनऊ। पुलिस प्रशासन ने शीर्ष स्तर पर फेरबदल करते हुए सुधीर कुमार अवस्थी, पुलिस महानिदेशक, प्रशिक्षण से महासमादेष्टा होमगार्ड, उप्र, बीएल यादव पुलिस महानिदेशक डा भीमराव अम्बेडकर पुलिस अकादमी मुरादाबाद से पुलिस महानिदेशक प्रशिक्षण लखनऊ, एसपी श्रीवास्तव पुलिस महानिदेशक (प्रोन्नति के फलस्वरूप) पुलिस महानिदेशक पुलिस मुख्यालय इलाहाबाद, उदयन परमार अपर पुलिस महानिदेशक पीटीसी मुरादाबाद से अपर पुलिस महानिदेशक डा भीमराव अम्बेडकर पुलिस अकादमी मुरादाबाद, अरूण कुमार गुप्ता अपर पुलिस महानिदेशक यातायात उप्र से अपर पुलिस महानिदेशक फायर सर्विस उप्र, एसी शर्मा अपर पुलिस महानिदेशक डा भीमराव अम्बेडकर पुलिस अकादमी मुरादाबा से अपर पुलिस महानिदेशक पीटीसी मुरादाबाद, सूर्य कुमार शुक्ला अपर पुलिस महानिदेशक विशेष जांच प्रकोष्ठ लखनऊ से अपर पुलिस महानिदेशक यातायात लखनऊ, वीरेन्द्र कुमार पुलिस महानिरीक्षक लोक शिकायत मुख्यालय से पुलिस महानिरीक्षक प्रशासन मुख्यालय लखनऊ, तनुजा श्रीवास्तव पुलिस उप महानिरीक्षक दूरसंचार लखनऊ से पुलिस उप महानिरीक्षक लोक शिकायत मुख्यालय पुलिस महानिदेशक लखनऊ, बीपी जोगदण्ड पुलिस उप महानिरीक्षक पीएसी अनुभाग लखनऊ से पुलिस उप महानिरीक्षक दूरसंचार उप्र लखनऊ पदस्थापित किए गए हैं।

 

तम्बाकू के खिलाफ जागरूकता

लखनऊ। तम्बाकू मुक्त भारत अभियान को लागू करने और समाज में जन जागरूकता पैदा करने के लिए विभिन्न क्षेत्र के युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, पत्रकारों और युवा चिकित्सकों ने तम्बाकू मुक्त भारत बनाने के उद्देश्य से लालकुंआ पीसीएफ बिल्डिंग के पीछे सिटिजन वाक आन (सीडब्लूओ) ने जागरूकता शिविर और निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया। इसमें डॉ प्रशांत नाटू, डॉ सिद्धार्थ, डॉ सुबोध नाटू, डॉ वैशाली नाटू और डॉ अमनदीप सोढ़ी ने लगभग 277 मरीजों का चिकित्सकीय परीक्षण किया। परीक्षण में मीनू देवी(उम्र लगभग 55 वर्ष) में मुख का कैंसर पाया गया। शिविर के समकक्ष ही तम्बाकू मुक्त भारत बनाने के लिए हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया। शिविर के अन्त में वहां के क्षेत्रीय नागरिकों को साथ लेकर सफाई अभियान हुआ, जिसमें प्रमुख सहयोगी प्रोजेक्ट विजय (यूथ इनीसिएटिव) के हिमांशु गांधी, कपिल, अखिलेश सक्सेना, अभिषेक, हिमांशु वशिष्ठ, सारिका, अनुश्री आदि लोगों ने स्वच्छता लाओ बीमारी भगाओ, का संदेश देते हुए तम्बाकू मुक्त भारत बनाने का संकल्प लेकर शिविर का समापन किया।
 

जया बच्चन सपा से राज्यसभा प्रत्याशी

लखनऊ। समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश से राज्य सभा की दो सीटों के निर्वाचन के लिए रशीद मसूद और जया बच्चन को प्रत्याशी बनाया है जबकि विधान परिषद के निर्वाचन के लिए बलराम यादव, रामसुंदर दास निषाद और यशवंत सिंह को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बताया कि विधान परिषद के लिये बलराम यादव, रामसुन्दर दास निषाद और रामनरेश यादव को प्रत्याशी घोषित किया था परन्तु रामनरेश यादव ने कहा है कि वह विधान परिषद में जाने के बजाय पार्टी संगठन में काम करना चाहते हैं इस कारण उन्होंने अपना नाम वापस ले लिया है इसलिए समाजवादी पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी बलराम यादव, रामसुन्दर दास निषाद और यशवन्त सिंह (आजमगढ़)  घोषित किये गये हैं।

 

विपक्षी नेताओं की जान खतरे में

लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी ने बसपा सरकार पर प्रतिपक्ष की आवाज़ कुचलने, प्रतिपक्षी दलों को तंग करने और उन्हें असुरक्षा की परिस्थितियों में ढकेल कर पीड़ित करने का आरोप लगाया है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता हृदयनारायण दीक्षित ने कहा कि बसपा सरकार ने असहमति की आवाज़ को दबाने की नीयत से ही भाजपा विधानमंडल दल के नेता, विधायक, पूर्व वरिष्ठ मंत्री की सुरक्षा छीन ली है। पहले उन्हें जेड श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त थी, सरकार ने उसे हटाकर वाई कर दिया था लेकिन तीन दिन पूर्व वाई श्रेणी की भी सुरक्षा वापस लेकर उन्हें उनके हाल पर छोड़ दिया गया है। सुरेश्वर सिंह एक दर्जन से ज्यादा विभागों के मंत्री रहे हैं। वे राज्य के वरिष्ठ नेता हैं। सरकार ने इस मामले में साधारण शिष्टाचार का भी पालन नहीं किया, उन्हें सुरक्षा हटाने की सूचना भी नहीं दी गयी, सरकार की यह कार्यशैली घोर फांसीवादी है और प्रतिपक्षी नेताओं का अपमान है।
दीक्षित ने कहा कि भाजपा विधायक सुरेश्वर सिंह के घर पर कई दफा हमला हुआ। सरकार सुरेश्वर सिंह की असुरक्षा से परिचित है, उनकी सुरक्षा हटाकर सरकार ने संदिग्ध हमलावरों को सुविधाजनक परिस्थितियां उपलब्ध करवाई हैं। भाजपा नेता ब्रह्मदत्त द्विवेदी के पुत्र मेजर सुनील दत्त द्विवेदी को भी मिली सुरक्षा सरकार ने हटा ली है जोकि द्विवेदी की हत्या के मामले में पैरोकार हैं, सरकार नहीं चाहती कि दोषी दण्डित हो। प्रवक्ता ने स्वयं अपना उदाहरण भी दिया कि जिलाधिकारी और एसपी की अनुशंसा के बावजूद सरकार ने स्वयं उनकी भी, एक सिपाही की सुरक्षा वापस ले ली है, सरकार, विपक्ष का असहमति अधिकार छीन लेने पर आमादा है। वह उत्पीड़न के जरिए विपक्षी आवाज़ को दबाना चाहती है लेकिन भाजपा सरकारी उत्पीड़न से नहीं डरती।
 

मायावती का यूपी में खुशहाली का दावा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी ने उत्तर प्रदेश में 38 वर्ष तक शासन किया है और इसी तरह केंद्र में भी लगभग 50 वर्ष तक उसका शासन रहा है, इसके बावजूद कांग्रेस ने प्रदेश की गरीबी और बेरोजगारी दूर करने पर कोई ध्यान नहीं दिया। ज्यादातर प्रधानमंत्री उत्तर प्रदेश से ही रहे हैं, किंतु कांग्रेस सरकारों के गरीबों के प्रति उदासीन रवैये के कारण ही उत्तर प्रदेश से बड़े पैमाने पर पलायन हुआ, रोजी-रोटी की तलाश में उत्तर प्रदेश के लोगों को मुंबई और दिल्ली जैसे शहरों में बसना पड़ा, जहां कांग्रेस शासित इन राज्यों की सरकारों ने भी इनके प्रति उदासीन रवैया अपनाया।
बीएसपी सरकार के तीन वर्ष पूरे होने पर आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में मुख्यमंत्री मायावती ने अपनी तथाकथित उपलब्धियों का बढ़-चढ़कर बखान करते हुए सपा और भाजपा को भी निशाने पर लिया और कहा कि उत्तर प्रदेश में इन सहित अन्य दलों की सरकारों ने भी जनता के हितों और प्रदेश के विकास पर ध्यान नहीं दिया है, ये पार्टियां सिर्फ हवाई बातें करती रहीं जबकि बीएसपी सरकार में विकास और जनता के हित में उठाये गये कदमों के फलस्वरूप जनता अपने को खुशहाल एवं काफी राहत महसूस कर रही है।
मायावती ने कहा कि आबादी के हिसाब से उत्तर प्रदेश, देश का सबसे बड़ा राज्य है और देश की लगभग 18 प्रतिशत आबादी यहां निवास करती है मगर अफसोस कि उत्तर प्रदेश को केंद्रीय संसाधनों में से सिर्फ सात प्रतिशत ही हिस्सा मिलता है जबकि बिहार को केंद्रीय करों में लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा प्राप्त होता है। इस तरह उत्तर प्रदेश के साथ भेदभाव का रवैया अपनाया जा रहा है। प्रदेश लगातार पिछड़ता चला गया है, केंद्र सरकार के उपेक्षापूर्ण व्यवहार के बाद भी बीएसपी सरकार ने सत्ता में आते ही काफी हद तक प्रदेश की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाने के साथ ही विकास के लिए हर सम्भव कदम उठाये हैं। राज्य में बीएसपी के शासन से पहले दो वर्ष (2007-2009) में उत्तर प्रदेश की विकास दर 7.1 प्रतिशत रही, जबकि पूरा विश्व आर्थिक मंदी के दौर से गुजर रहा था, इसको देखते हुए उत्तर प्रदेश की यह उपलब्धि काफी महत्वपूर्ण कही जा सकती है। पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल के दौरान प्रदेश की औसत वार्षिक विकास दर 4.9 प्रतिशत तक ही रही।

 

सरकार के कारनामों के खिलाफ सपा राज्यपाल से मिली
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मई 2007 से जब से बसपा की सरकार ने सत्ता सम्भाली है तभी से विद्वेशपूर्ण राजनैतिक दुभार्वना से समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और नेताओं का उत्पीड़न किया जा रहा है। विगत 3 वर्ष में एक लाख से अधिक कार्यकर्ताओं और नेताओं को फर्जी मुकदमों में फंसाया जा चुका है। इन पर एनएसए, गुण्डा एक्ट, एससी, एसटी अधिनियम में प्रताड़ित करने का कार्य चल रहा है। मायावती सरकार, लोकतांत्रिक परम्पराओं को त्याग कर तानाशाही पर उतारू है। सरकार के जन विरोधी कार्यों, भ्रष्टाचार, लूटपाट, महंगाई, चरमसीमा पर है। प्रशासनिक और पुलिस की विफलता जंगलराज में बदल गई है। राजनैतिक दलों के समक्ष इसके विरोध में धरना प्रदर्शन आदि मार्ग अपनाने के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं है। इसलिए इस समय जब से प्रदेश में मंहगाई ने विकराल रूप धारण कर लिया है, भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है, विकास कार्य ठप्प हैं, राज्य की अरबों की निधि पत्थर की प्रतिमाओं और पार्को पर नष्ट की जा रही है, इसी स्थिति के कारण राज्य एवं केन्द्र सरकार के विरूद्ध 27 अप्रैल को देश के 13 दलों ने राष्ट्रव्यापी हड़ताल का निर्णय लिया था। सभी वर्गो व्यापारिक संस्थानो, अधिवक्ताओं, छात्रों, नौजवानों, महिलाओं, किसानों आदि के सहयोग से हड़ताल सफल रही।
लखनऊ में हड़ताल का सपा के नेतृत्व प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने किया। लखनऊ के प्रशासन और पुलिस ने 26 अप्रैल की रात से ही सांसद अखिलेश यादव के निवास की घेराबन्दी करा दी थी। समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यालय के बाहर भी भारी पुलिस बल तैनात कर दिया था। प्रशासन की रणनीति थी कि प्रदेश अध्यक्ष, हड़ताल में सम्मिलित होने के लिए हजरतगंज तक न पहुंच सकें, परन्तु अखिलेश यादव पुलिस को धता बता हजरतगंज पहुंच गये जिससे पुलिस ने बौखलाकर समाजवादी पार्टी के सैकड़ो कार्यकर्ताओं को बलपूर्वक बसों में ठूंस कर पुलिस लाइन भिजवा दिया। पुलिस के अधिकारी इतने हताश हुए कि उन्होंने सांसद अखिलेश यादव के साथ भी दुर्व्यवहार करते हुए, उनको भी बलपूर्वक बस में बैठाया। उसी दिन से कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के घरो में पुलिस दबिश दे रही है, उनके परिजनो को अपमानित किया जा रहा है, गंभीर और झूठे मुकदमों में फंसाकर जेल भेजा जा रहा है।
पुलिस ने लखनऊ में कोतवाली कृष्णानगर, हजरतगंज और आशियाना में अलग-अलग रिपोर्ट दर्ज कराकर तीन कार्यकर्ताओं को जेल भेज दिया है जिनमें अर्जुन सिंह यादव तो नाबालिग है। एक फूल बेचने वाला है। पुलिस रिपोर्ट में अज्ञात दिखाकर छात्रसभा के प्रदेश अध्यक्ष सुनील सिंह के वाहन को आशियाना पुलिस जबरदस्ती 28 अप्रैल को उठवा लाई थी। सुनील सिंह के परिजनो और रिश्तेदारो को थाना पर बुलाकर अपमानित किया जा रहा है। समाजवादी पार्टी के पदाधिकारियों के यहां छापे डाले जा रहे हैं।
जनपद औरैया की नगर पंचायत विधूना के अध्यक्ष प्रमोद गुप्ता को फर्जीकाण्ड दिखाकर जेल भेज दिया गया और विधूना क्षेत्र के तीन अन्य कार्यकर्ताओं लकी यादव, बबलू यादव और सुरेन्द्र यादव को भी फर्जी तौर से मुकदमे में फंसाकर जेल भेजा गया है। बिजनौर, रायबरेली, कानुपर, वाराणसी आदि जिलो में भी 27 अप्रैल को कार्यकर्ताओं पर बर्बरतापूर्वक ढंग से लाठीचार्ज किया गया और जेल भेज दिया गया है। ये विद्वेषपूर्ण उत्पीड़न है।
सपा का कहना है कि राजनीतिक दलों एवं नागरिकों के संविधान प्रदत्त मौलिक अधिकारों का जिस तरह से राज्य सरकार दमन कर रही है, उससे यह स्पष्ट है कि यह तानाशाही है। आम लोग बुरी तरह पीड़ित हैं। राज्य में अराजकता व्याप्त है। अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं, मंत्रियों और प्रशासन का उन्हें संरक्षण प्राप्त है। सत्ता का दुरूपयोग एवं राजकोष का अपव्यय सरेआम हो रहा है। संविधान की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
सपा ने राज्यपाल को दिए ज्ञापन में आशा प्रकट की है कि वे ऐसी असंवैधानिक एवं अलोकतांत्रिक सरकार के विरूद्ध कार्यवाही करेंगे और सरकार को निर्देश देंगे कि लखनऊ और औरैया जिलो के प्रशासनिक पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिये जाएं कि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं के विरूद्ध की जा रही उत्पीड़न की कार्यवाही बन्द करे और 27 अप्रैल की घटनाओं से सम्बन्धित मामलो को समाप्त किया जाए।

 

क्षत्रिय राजपूत संघ की जागरण यात्रा शुरू
लखनऊ। अंतर्राष्ट्रीय क्षत्रिय राजपूत संघ की माता कुलदेवी मंदिर निर्माण जागरण यात्रा चल रही है जो दादरी, नई दिल्ली से प्रारम्भ हुई थी और 26 मई को मध्य प्रदेश के भिण्ड शहर में समाप्त होगी। राजपूत संघ के राष्ट्रीय प्रचारक राजकुमार सिंह गहरवार ने बताया कि संघ, देश भर में माता कुलदेवी मंदिर स्थापित कर समाज का धार्मिक विकास कर रहा है उसी के तहत 18 मई को दिल्ली से प्रारम्भ यह यात्रा मेरठ से होकर धूम शिवमन्दिर, बुलन्दशहर, अलीगढ़ होते हुए वृन्दावन पहुंची और यहां रात्रि विश्राम किया।

अब यह यात्रा मथुरा, आगरा से होते हुए राजस्थान के पलवल, धौलपुर के रास्ते मध्यप्रदेश के मुरैना और ग्वालियर में रात्रि विश्राम करेगी। इक्कीस मई की सुबह दबरा शक्तिपीठ दतिया होते हुए उत्तरप्रदेश के झांसी से रामराजा शिवपुरी, राघोगढ़ अहोरा से गुना में यात्रा रात्रि विश्राम करेगी। बाईस मई को सुबह राजा लक्ष्मण सिंह किला से बीना मध्यप्रदेश पहुंचेगी। बीना से चलकर उत्तरप्रदेश के ललितपुर से होते हुए टीकमगढ़ मध्यप्रदेश के छतरपुर में रात्रि विश्राम करेगी।

गहरवार ने आगे बताया कि 23 मई को सुबह पन्ना, नौगढ़, सतना, कोठी से होते हुए जागरण यात्रा मझिगवां के बाद चित्रकूट में रात्रि विश्राम करेगी। चौबीस मई की सुबह उत्तरप्रदेश के महोबा से मौदहा, सुमेरपुर, हमीरपुर होते हुए कुरारा गीता रचयिता व्यास स्थित कपिल में रात्रि विश्राम करेगी। पच्चीस मई को सुबह भोगनीपुर, कानपुर देहात से माती, नवीपुर, अकबरपुर होते हुए औरैया से इटावा पहुंचेगी। मध्यप्रदेश के भिण्ड में 26 मई को जागरण यात्रा का समापन होगा।
श्रीगहरवार ने क्षत्रिय समाज के लोगों से अपील की है कि वे माता कुलदेवी मन्दिर निर्माण जागरण यात्रा का गर्मजोशी से स्वागत करें। उन्होंने बताया कि चारों राज्यों के अलग-अलग शहरों में यात्रा का नेतृत्व राजपूत संघ के राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारी करेंगे। जागरण यात्रा का नेतृत्व संघ के ट्रस्टी कुंवर जितेन्द्र सिंह चौहान कर रहे हैं।

 

यूपी में परीक्षाओं की विश्वनीयता पर प्रश्न चिन्ह

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बसपा सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में सबसे ज्यादा नरक किया हुआ है। माध्यमिक परीक्षाएं, जिन स्थितियों में शिक्षा माफियाओं की मर्जी मुताबिक हुई हैं, उससे प्रदेश की साख बहुत गिरी है। नकल का भयंकर रोग यूपी बोर्ड की परीक्षाओं पर प्रश्न चिन्ह लगा रहा है। पीएमटी परीक्षाओं का भी यही हश्र रहा है। लेकिन सबसे ताजा प्रकरण बीएड परीक्षाओं से संबंधित है जिससे लाखों छात्र-छात्राओं का भविष्य जुड़ा हुआ है। पर्चा लीक होने से लाखों परीक्षार्थियों को एक यातना के दौर से गुजरना पड़ा है। यह मायावती सरकार के प्रबंधन की यह बड़ी कमज़ोरी है जिसमें नकल माफियाओं ने प्रतियोगी परीक्षाओं की उपयोगिता को नष्ट कर दिया है।
समाजवादी पार्टी ने इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए कहा है कि मायावती सरकार की प्रशासनिक पंगुता के कारण पहले तो प्रवेश परीक्षा में बैठने के लिए अंक सीमा (45 या 50 प्रतिशत) को लेकर हाय तोबा मची। डेढ लाख छात्रों की जिन्दगी पर जब संकट आया तो हाईकोर्ट तक को हस्तक्षेप करना पड़ा। जब परीक्षा की नौबत आई तो पर्चा लीक हो गया। कई जगहों पर यह पर्चा बीस हजार रूपये में खुलेआम बिका। बीएड की प्रवेश परीक्षा 1274 केन्द्रों पर 5 मई, 2010 को होनी थी और इसमें 6 लाख 92 हजार अभ्यर्थी शामिल हो रहे थे। विभिन्न परीक्षा केन्द्रो में कल से ही दूर-दूर से आकर छात्र-छा़त्राओं ने डेरा डाल दिया था। बहुतों के अभिभावक भी साथ आए थे। परीक्षाएं ऐन मौके पर रद्द होने से इन सबको कितनी परेशानी हुई होगी, इसका अंदाजा एसी कमरों में बैठे आला अफसरो को भला कैसे होगा? 
बीएड परीक्षा के पर्चे लीक होने के मामले की जांच की औपचारिकता तो होगी ही पर इतना स्पष्ट है कि लखनऊ विश्वविद्यालय अपने कर्तव्य के निर्वहन में पूरी तरह अफसल रहा है और उसने इस परीक्षा को अपेक्षित गम्भीरता से नहीं लिया है। वस्तुतः सम्पूर्ण शिक्षातंत्र बसपा राज में अस्त व्यस्त हो गया है। प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में मंत्रियों की दिलचस्पी मुख्यमंत्री को प्रसन्न करने के लिए, ज्यादा से ज्यादा धन उगाही और इस क्षेत्र में बसपाइयों की भर्ती की रही है। स्कूल कालेजों को मान्यता देने के नाम पर धन उगाही का खुला खेल चल रहा है। कुछ मंत्रियों को तो स्वयं मुख्यमंत्री भी अकेले माल हड़प करने पर हड़का चुकी हैं।
मुख्यमंत्री की प्राथमिकता पत्थर, पार्क और स्मारक हैं। ऐसी सरकार से शैक्षिक माहौल में सुधार की आशा करना व्यर्थ है। इस सरकार को इसलिए भी हटा दिया जाना चाहिए क्योंकि उसके मंत्री ज्यादातर अपराधिक छवि वाले हैं और वे शिक्षा के नाम पर धंधा करने में विश्वास रखने वाले लोग हैं। समाजवादी पार्टी ने बीएड के लाखों अभ्यर्थियों के साथ हुए इसकी निन्दा की है और पर्चा लीक होने के कांड की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। इसमें मंत्रियों की लापरवाही की भी जांच होनी चाहिए।

 

राज्यपाल के सामने युवाओं की समस्याएं रखीं
लखनऊ। राष्ट्रवादी युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष धनंजय शर्मा ने युवाओं एवं छात्रों की तमाम समस्याओं को लेकर राज्यपाल बीएल जोशी से भेंट की और मांग की कि- बीएड की 2008-2009 एवं 2009-2010 की परीक्षाओं में निर्धारित संख्या से कम प्रवेश हुए हैं जिसके लिए संख्या की पूर्ति की जाए और प्रवेश प्रक्रिया में पूरी तरह से पारदर्शिता रखी जाए।
धनंजय ने कहा कि बीएड 2010-11 की प्रवेश परीक्षा में 45 प्रतिशत अंक के छात्रों को भी प्रवेश परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाये। युवाओं के रोजगार के लिए कोई कार्य योजना तैयार की जाए, जिसमें प्रदेश के 9 करोड़ युवाओं के रोजगार की रूपरेखा हो और यह कार्य अति शीघ्र किया जाए, तब तक एक हज़ार रूपये प्रतिमाह की दर से बेरोजगारी भत्ता स्नातक बेरोजगार युवाओं को दिया जाए। छात्र संघ चुनाव छात्रों का मौलिक अधिकार है, इससे छात्रों में लोकतंत्र के प्रति जागरूकता पैदा होती है, मौजूदा सरकार छात्रों के इस मौलिक अधिकारों का हनन कर रही है इसलिए उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देश दें कि वह छात्रसंघ चुनाव अति शीघ्र कराये। बड़ी संख्या में उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक एवं दलित छात्रों को स्कालरशिप नही दी गई है, तत्काल दी जाए जिससे उनकी शिक्षा पूरी होने में बाधा न हो।
प्रदेश में बालिकाओं की शिक्षा दर अति कम है, कारण बालिका विद्यालयों की संख्या मे कमी है। अभिभावक किसी अनहोनी की शंका के कारण अपनी बालिकाओं को दूर-दराज नहीं भेजते हैं इसलिए लड़कियां अशिक्षित रह जाती हैं। ग्राम पंचायत स्तर पर बालिका इण्टर कालेज खोले जाएं, जिसमें इण्टर तक लड़कियों को शिक्षा दी जाए। पांच किलो मीटर की परिधि में बालिकाओं के लिए उच्च शिक्षा का निःशुल्क प्रबन्ध किया जाए।
गरीब वर्ग के मेधावी छात्र उच्च शिक्षा को ग्रहण नहीं कर पाते हैं, कारण विश्वविद्यालय, डिग्री कालेजों और व्यवसायिक शिक्षा में फीस बहुत ज्यादा है, जिसको ये छात्र वहन नहीं कर पाते हैं। उच्च स्तरीय शिक्षा एवं व्यवसायिक शिक्षा में फीस कम की जाए या गरीब छात्रों को उच्च शिक्षा एवं व्यवसायिक शिक्षा ग्रहण करने के लिए सरकार उनकी मदद करे। बीटीसी की योजना जल्द से जल्द लागू की जाए, सरकारी एवं निजी संस्थाओं में फीस सामान्य हो। ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में छात्र बस आदि साधनों से शिक्षा गृहण करने शहरों में जाते हैं, उनकी बस एमएसटी पर 50 प्रतिशत का शुल्क लिया जाए।
निजी कोचिंगो में फीस नियंत्रण करके सामान्य फीस छात्रों से ली जाए। उत्तर प्रदेश सरकार युवा आयोग गठित करे जिसमें युवा अपनी समस्याओं को रख सकें और उनका समाधान हो सके। निजी स्कूलों में नर्सरी से लेकर 12वीं कक्षा तक छात्रों से प्रवेश एवं कोर्स के नाम पर मनमाने तरीके से धन वसूला जा रहा है, नर्सरी से 8वीं तक हर साल निजी स्कूल छात्रों के कोर्स को बदल देते हैं जिससे उनके छोटे भाई या बहन उसका लाभ न उठा सकें, इस पर सरकार की बाध्यकारी नीति हो।

 

बीएसबी छात्राओं को देगा छात्रवृत्ति
लखनऊ। बैंगलोर स्कूल ऑफ बिजनेस ने होटर डीडी इंटरनेशल में ओपेन हॉउस कैरियर काउंसलिंग का आयोजन किया जिसमें छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस मुफ्त कैरियर काउंसलिंग में एमबीए के महत्व और उसमें उज्जवल कैरियर पर महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। कॉउंसलिंग के सबसे महत्वपूर्ण पहलू पर प्रकाश डालते हुए बीएसबी के प्रतिनिधिमंडल के सदस्य अनिल तोमर, चारू आचार्या, सुनील सचदेव, अमित कुमार ने बताया कि कॉलेजों में पढ़ने वाली निर्धन और अनाथ छात्राओं को बीएसबी नई दिल्ली की ओर से छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। साथ ही उन सभी छात्राओं को स्नातक और स्नातकोत्तर तक की शिक्षा का संपूर्ण खर्च संस्थान उठाएगा।
बीएसबी के प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने शहर के डिग्री कॉलेजों का दौरा करने के बाद कहा कि यह देश के इतिहास में किसी भी गैर सरकारी शिक्षा संगठन की अब तक दी जाने वाली सबसे बड़ी छात्रवृत्ति है। बीएसबी देश की 200 मेधावी छात्राओं को मुफ्त व्यवसायिक शिक्षा प्रदान करेगी। छात्राओं का चयन योग्यता के आधार पर होगा। इस संस्था के छात्रों को अन्य संस्थाओं की अपेक्षा अधिक से अधिक बेहतर जानकारियां दी जाती हैं जो उन्हें दूसरे संस्थानों की अपेक्षा रोजगार देने के मामले में सहायक सिद्ध होते हैं।
अनिल तोमर और अमित कुमार ने बताया कि यह संस्था संपूर्ण खर्च वहन करेगी। जिसमें रहने, खाने, कपड़े और शिक्षा आदि का व्यय शामिल है। उन्होंने दावा किया कि संस्था के छात्रों को रोजगार के बेहतर अवसर प्रदान किए जाते हैं, निर्धन छात्राओं को मुफ्त शिक्षा प्रदान कर उन्हें आज के व्यवसायिक दौर में सक्षम बनाया जाता है।

 

हज जाने वालों के लिए हेल्पलाइन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश से इस वर्ष हज पर जाने वाले यात्रियों को राज्य हज समिति परिसर में ही पासपोर्ट के साथ संलग्न किये जाने वाले ड्राफ्ट और शपथ पत्र उपलब्ध कराये जा रहे हैं। अब तक 6750 हज यात्री बैंक ड्राफ्ट एवं शपथ पत्र बनवाने का लाभ उठा चुके हैं और 53000 हज यात्रियों ने प्रोविजनल रजिस्ट्रेशन फार्म जमा कर दिये हैं। प्रोविजनल फार्म जमा करने की तिथि बढ़ाकर 15 मई कर दी गयी है। विशेष कार्याधिकारी हज डा एमएए खान ने बताया कि इस वर्ष हज यात्रियों को पासपोर्ट आसानी से उपलब्ध कराये जाने के‍ लिए राज्य हज समिति परिसर में ही विशेष हज पासपोर्ट सेल 5 अप्रैल से कार्य कर रहा है। इस सेल को अब तक लगभग 7000 पासपोर्ट हेतु आवेदन पत्र प्राप्त हो चुके हैं। डा खान ने बताया कि राज्य हज समिति कार्यालय में हज यात्रियों को बैंक ड्राफ्ट एवं शपथ पत्र बनाये जाने की व्यवस्था आठ अप्रैल से शुरू कर दी गयी है। हज की सूचनाओं के लिए हेल्पनाइन- 0522-6590893, 6591138, 6591139 एवं 09235610680 पर पिछले तीन वर्षों 2007, 2008 एवं 2009 के कवर नम्बरों की जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

 

पंचायत निर्वाचक नामावलियों के पुनरीक्षण का कार्यक्रम
लखनऊ। राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेन्द्र भौनवाल ने अधिसूचना जारी करके बताया है कि निर्वाचक नामावली में नाम सम्मिलित करने के लिए अर्हता का आधार 01 जनवरी 2010 होगा। निर्वाचन नामावली में परिवर्धन/ संशोधन/विलोपन की कार्रवाई के लिए 17 मई से 31 मई तक का समय निर्धारित किया गया है। पूरक सूची की पाण्डुलिपि 01 जून से 07 जून तक तैयार की जायेगी। पूरक सूची का कम्प्यूटरीकरण 08 जून से 22 जून तक होगा। निर्वाचक नामावली का अनन्तिम प्रकाशन 23 जून 2010 को होगा। अधिसूचना के अनुसार निर्वाचक नामावली का निरीक्षण 26 जून से 28 जून तक तथा इस पर दावा/आपत्ति करने की अवधि 26 जून से 02 जुलाई तक निर्धारित है। दावे/आपत्तियों की सुनवाई 03 जुलाई से 07 जुलाई तक तथा इनका निस्तारण 08 जुलाई से 11 जुलाई तक किया जायेगा। अपील प्रस्तुत करने के लिए 12 जुलाई से 14 जुलाई तक एवं अपील का निस्तारण 15 जुलाई से 17 जुलाई तक किया जायेगा। अपील निस्तारण करने के उपरान्त पूरक सूची के कम्प्यूटरीकरण की कार्यवाही 18 जुलाई से 21 जुलाई तक की जायेगी। निर्वाचन नामावली का अन्तिम प्रकाशन 22 जुलाई 2010 को किया जायेगा।

 

पॉलिटेक्निक प्रवेश परीक्षा 9, 10, एवं 11 मई को
लखनऊ। उत्तर प्रदेश प्राविधिक शिक्षा परिषद से सम्बद्ध प्रदेश की राजकीय अनुदानित एवं निजी क्षेत्र की पॉलिटेक्निक संस्थाओं में संचालित विभिन्न डिप्लोमा इंजीनियरिंग एवं अन्य पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए 'संयुक्त प्रवेश परीक्षा' 9, 10, एवं 11 मई को प्रदेश के विभिन्न जनपदों में आयोजित की जाएगी। प्रवेश परीक्षाओं के लिए अभ्यर्थियों को प्रवेश-पत्र डाक से उनके निवास के पते पर भेज दिये गये हैं। प्रवेश परीक्षा परिषद के संयुक्त सचिव एसके गोविल ने बताया कि ऐसे अभ्यर्थी जिन्हें प्रवेश-पत्र डाक से प्राप्त नहीं हुए हों, वे अपना प्रवेश-पत्र परिषद की वेबसाइट www.jeecup.org से डाउन लोड कर सकते हैं। ऐसे अभ्यर्थी जिनके प्रवेश-पत्र में किसी प्रकार की त्रुटि हो वे अपने मूल प्रवेश-पत्र के साथ परिषद कार्यालय में प्रार्थना-पत्र दे कर 6 मई तक त्रुटि का निस्तारण करा सकते हैं। परीक्षा सम्बन्धी नवीनतम जानकारी परिषद की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

 

मायावती दर्ज करा रही हैं फर्जी मुकदमें
लखनऊ। समाजवादी पार्टी ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री मायावती अपनी पार्टी के अपराधियों के बजाए विपक्ष के नेताओं के उत्पीड़न एवं गिरफ्तारी पर उतर आई हैं। विधूना के चेयरमैन प्रमोद गुप्ता को फर्जी केस लगाकर धारा 120-बी में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। इसके विरोध में विधान सभा में नेता विरोधी दल शिवपाल सिंह यादव औरैया में जिलाधिकारी कार्यालय पर धरने पर बैठ गए हैं। उन्होने इसे विद्वेषपूर्ण कार्रवाई करार दिया है और इसकी घोर निन्दा की है। यादव ने कहा कि फर्जी एफआईआर में अज्ञात बताकर निर्दोषों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई जारी रही तो समाजवादी पार्टी फिर बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होगी।
विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष अहमद हसन, समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने जेल में समाजवादी पार्टी के 27 अप्रैल,2010 के जनांदोलन के संबंध में गिरफ्तार तीन नौजवानों से भेंट कर उनका हालचाल जाना। जेल में बन्द अजय सिंह फूलों की सजावट का काम करता है। जीतू पाण्डेय मजदूरी करता है और अर्जुन सिंह यादव कक्षा 9 का छात्र है और 18 वर्ष से कम उम्र का है। इन्हें 28 अप्रैल से जेल में रखा गया है।
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने एक संयुक्त वक्तव्य में कहा है कि मुख्यमंत्री का लोकतंत्र के प्रति कोई सम्मान नहीं है और विपक्ष के प्रति तो उनका व्यवहार हमेशा विद्वेषपूर्ण रहा है। समाजवादी पार्टी ने मंहगाई, भ्रष्टाचार के खिलाफ जन प्रदर्शन किया था तो मुख्यमंत्री ने दमनात्मक कार्यवाहियां तेज कर दी हैं। विभिन्न जनपदों में निर्दोष नौजवानों को पुलिस से फर्जी मुकदमों में फॅसवाया जा रहा है और उन्हें जेल में रखकर प्रताड़ित किया जा रहा है। आंदोलन की सफलता से बौखलाई मुख्यमंत्री अब और फर्जी केस बनवा रही हैं। समाजवादी पार्टी नेताओं ने निर्दोषों की रिहाई की मांग की है और कहा है कि सरकार विपक्ष एवं जनांदोलन का भी सम्मान करना सीखे।

 

बच्चों का काव्यपाठ

लखनऊ। नि:शुल्क स्तरीय शिक्षा प्रदान करने वाले इण्डियन पब्लिक एकेडमी, कौशलपुरी कालोनी, खरगापुर, गोमतीनगर, लखनऊ  में एक काव्यपाठ समारोह आयोजित किया गया। माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर निदेशक  सर्वेन्द्र विक्रम सिंह इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे। कार्यक्रम में बच्चों और शिक्षिकाओं की स्वरचित कविताएं प्रस्तुत की गयीं। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छोटे बच्चों को काव्यविधा के बारे में जानकारी प्रदान करना और काव्य रचना से परिचित कराना था। 
कक्षा तीन की सिमरन कश्यप ने स्वरचित कविता फूल, उसी कक्षा के अमित रावत ने बगीचे, देवांश ने पेड़ कविता प्रस्तुत की। कक्षा चार के सुमित ने तोता, कक्षा पॉच की कुमकुम सिंह ने सूरज और प्रियंका ने वर्षा  आयी कविता सुनाई। विद्यालय की कोऑर्डिनेटर डॉ नूतन ठाकुर ने अपना गीत गुलशन गाया जबकि प्राचार्या स्मिता श्रीवास्तव ने आस कविता, गीता पाण्डेय ने कोई-कोई, शिल्पी पाण्डेय ने नवयुवक और उमा श्रीवास्तव ने जीवन कविता प्रस्तुत किया। सर्वेन्द्र विक्रम सिंह, जो स्वयं भी एक अच्छे कवि हैं, उन्होंने बच्चों को अच्छी कविता लिखने के तौर-तरीके और बारीकियॉ बताईं। उन्होंने इन नन्हें बच्चों को यह बताया कि अच्छा कवि बनने के लिये उन्हें काफी श्रम और तपस्या करनी पड़ती है।

 

कांग्रेस ने मायावती को भ्रष्टाचार की छूट दी-सपा

लखनऊ। समाजवादी पार्टी ने कहा है कि कांग्रेस और बसपा एक सिक्के के दो पहलू हैं, यह बात अब किसी से छिपी नहीं रह गई है। केन्द्र सरकार के खिलाफ आए कटौती प्रस्ताव पर बसपा ने कांग्रेस को खुला समर्थन दिया तो बदले में कांग्रेस ने आय से अधिक संपत्ति मामले में मायावती को बचाने का भरोसा दिला दिया है। इस सौदेबाजी पर मुहर लगाने के लिए कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने लखनऊ आकर मायावती का धन्यवाद किया। राज्य की मुख्यमंत्री को कांग्रेस का यह भरोसा भी प्राप्त हो गया है कि वह कितना भी भ्रष्टाचार करें या बादलपुर में कितनी भी नामी बेनामी सम्पत्ति जुटा लें, केन्द्र सरकार उन्हे संरक्षण देती रहेगी, अब तो मनरेगा की लूट भी जारी रखने का राज्य सरकार को लाइसेंस मिल गया है।
अभी कुछ दिन पहले प्रदेश में बसपा ने मंहगाई के खिलाफ प्रदर्शन का नाटक किया था, जबकि हकीकत यह है कि केन्द्र की तरह प्रदेश सरकार भी मंहगाई बढ़ाने की गुनहगार है। मायावती अपने हर भाषण में कांग्रेस को दलित विरोधी बताती रही हैं, बाबा साहेब डा अम्बेडकर को कांग्रेस के अपमानित किए जाने का मुद्दा वे जोर शोर से उठाती रही हैं, अचानक पानी पी-पीकर कांग्रेस को कोसने वाली मायावती का ऐसा ‘हृदय परिवर्तन’ हुआ कि वे कांग्रेस की सरकार को गिरने से बचाने में लग गईं। उन्हे कांग्रेस में अच्छाइयां दिखाई देने लगीं। ऐसा ही बदलाव कांग्रेस में भी न जाने कैसे ‘रातों-रात’ आ गया कि आय से अधिक संपत्ति और ताज कारिडोर मामलों में फंसी मायावती को बचाने के लिए सीबीआई की ड्यूटी लगा दी गई है और उससे मायावती को क्लीनचिट दिलाई जाने लगी है। अब दिग्विजय सिंह अपने भाषणों में मायावती के कई नेक कामों की फेहरिस्त गिनाने लगे हैं।
सपा के प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा कि कांग्रेस-बसपा की इस मिली-भगत में प्रदेश की जनता पिस रही है। उसकी थाली से कई पौष्टिक खाद्य वस्तुएं गायब हो गई हैं। बिजली-पानी के संकट से त्राहि-त्राहि मची है। अपराध बढ़ रहे हैं। प्रदेश सरकार ने मानवाधिकारों का मखौल उड़ाने में सबको पीछे छोड़ दिया है। महिलाओं, अल्पसंख्यकों में असुरक्षा बढ़ी है। सबसे बढ़कर यह कि बसपा सरकार में संवैधानिक संस्थाओं की अवमानना और लोकतंत्री व्यवस्थाओं का हनन होने पर भी केन्द्र सरकार चुप्पी साध रही है। राज्य में प्रशासनिक आतंक के चलते अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति है। विपक्ष के प्रति इस सरकार की असहिष्णुता जगजाहिर है। उसके सभी काम रागद्वेष से प्रेरित होते हैं। समाजवादी पार्टी कांग्रेस-बसपा की इस ‘नई दोस्ती’ को अवसरवादिता का नमूना मानती हैं। जनता इस खेल को समझती हैं जो अवसर पाते ही इन दोनो की पोल पट्टी खोल देगी।

 

कताई मिलों के कार्मिकों को स्वैच्छिक वीआरएस

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने उप्र सहकारी कताई मिल संघ की पांच सहकारी कताई मिलों के इच्छुक कार्मिकों के लिए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (वीआरएस) के अन्तर्गत 75 करोड़ रुपए की धनराशि स्वीकृति की है। राज्य के औद्यौगिक विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार ये सहकारी कताई मिलें अमरोहा, बहेड़ी, मऊ आइमा, बहादुरगंज और फतेहपुर की हैं। इन मिलों में कार्यरत कार्मिक, जो स्वैच्छिक रूप से सेवानिवृत्ति लेने के इच्छुक हों, उनके लिए हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग को यह धनराशि ब्याज रहित ऋण के रूप में कतिपय प्रतिबंधों के साथ मंजूर की गई है।
औद्यौगिक विकास विभाग ने जारी आदेशों में कहा है कि स्वीकृत धनराशि का आहरण वीआरएस हेतु प्राप्त एवं स्वीकृत परिपक्व आवेदनों के आधार पर आहरण होगा। इसके साथ ही सार्वजनिक उद्यम विभाग के शासनादेशों के अनुसार कार्मिकों को देय धनराशि का आगणन करते हुये व्यय के लिए तात्कालिक रूप से आवश्यक धनराशि का आहरण किया जाएगा। ऋण की अदायगी उप्र सहकारी कताई मिल्स संघ लि, कानपुर की सदस्य कताई मिलों अमरोहा, बहेड़ी, मऊ आइमा, बहादुरगंज, फतेहपुर की परिसम्पत्तियों के निस्तारण/विक्रय से प्राप्त होने वाली धनराशि से की जायेगी। इस धनराशि का भुगतान वीआरएस से संबंधित शासनादेशों के अनुसार पात्र व्यक्तियों को सार्वजनिक उद्यम विभाग के शासनादेश के मार्गनिर्देशनों के अनुसार किया जाएगा। इसके लिए कार्मिकों को शासन की स्वीकृति के उपरान्त मिल के महाप्रबन्धकों के नोटिस देने की तिथि से वीआरएस का विकल्प देने के लिए तीस दिन का समय दिया जाएगा।

इन्हें भी अब नि:शुल्क अखबार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश मंत्रिपरिषद की बैठक में उच्च न्यायालय, इलाहाबाद एवं खण्डपीठ लखनऊ में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को निःशुल्क समाचार-पत्र की सुविधा दिये जाने का निर्णय लिया गया है। उत्तर प्रदेश सचिवालय के समूह 'घ' के कर्मचारियों की भांति हुए उच्च न्यायालय के चतुर्थ श्रेणी (समूह ‘घ’) के कर्मचारियों को भी एक निःशुल्क भारतीय दैनिक समाचार पत्र, जिसका मूल्य 3.50 रूपये से अधिक न हो, की सुविधा दी जायेगी। उच्च न्यायालय के अधिकारियों, कर्मचारियों को उत्तर प्रदेश सचिवालय के अधिकारियों, कर्मचारियों की भांति वेतन, भत्ते आदि सुविधाओं में समानता प्राप्त है। इस समानता के आधार पर उच्च न्यायालय के समूह क, ख एवं ग श्रेणी के अधिकारियों, कर्मचारियों को भी एक दैनिक निःशुल्क समाचार पत्र की सुविधा अनुमन्य है। इसी को दृष्टिगत रखते हुए सरकार ने इन कर्मचारियों को भी निःशुल्क समाचार पत्र की सुविधा देने का फैसला लिया है।

राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण में अब 24 सदस्य
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने उप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नियमावली-1996 में संशोधन करके राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण में मुख्य संरक्षक और कार्यपालक अध्यक्ष के अतिरिक्त सदस्य-सचिव को सम्मिलित करते हुए सदस्यों की संख्या 22 से 24 कर दी है। मंत्रिपरिषद के निर्णयानुसार उप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण सेवा नियमावली-1996 (यथा संशोधित) के नियम-3 (2) में उल्लिखित सदस्यों में से प्रमुख सचिव या सचिव, सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, निदेशक, समाज कल्याण विभाग और निदेशक, महिला कल्याण विभाग को प्रतिस्थापित कर दिया जाएगा। शेष सदस्यों के अतिरिक्त राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण में अध्यक्ष, सुलह और समझौता केन्द्र, उच्च न्यायालय, इलाहाबाद, अध्यक्ष सुलह और समझौता केन्द्र, उच्च न्यायालय, लखनऊ खण्ड पीठ, मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन, आयुक्त, समाज कल्याण, प्रमुख सचिव समाज कल्याण, उप्र शासन और महानिदेशक कारागार को सदस्य के रूप में नामित किया जायेगा।

 

अक्षय ब्रह्मचारी के देहांत पर बाबरी कमेटी दुखी

लखनऊ। ऑल इण्डिया बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के संयोजक ज़फ़रयाब जीलानी ने कांग्रेस के नेता रहे और धर्मनिर्पेक्षता के प्रबल पक्षधर अक्षय ब्रह्मचारी के देहांत पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें प्रसिद्ध कौमी रहनुमा बताया है और अपने शोक वक्तव्य में कहा कि वे हिंदुस्तान के उन प्रसिद्ध धर्मनिर्पेक्ष नेताओं में से थे जिन्होंने महात्मा गांधी की शिक्षा पर अमल करते हुए कभी भी धर्मनिर्पेक्ष मूल्यों को नहीं छोड़ा चाहे इस रास्ते पर चलने में उनको कितना ही नुकसान हुआ हो या उन्हें कितने ही खतरों का सामना करना पड़ा हो। अक्षय ब्रह्मचारी का फैजाबाद में बुधवार को निधन हो गया है।
अक्षय ब्रह्मचारी के व्यक्तित्व को याद करते हुए जीलानी ने कहा कि सन् 1949 में बाबरी मस्जिद में मूर्ति रखे जाने के विरूद्ध भूख हड़ताल पर बैठते हुए उन्होंने यह घोषणा की थी कि वह उस समय तक भूख हड़ताल समाप्त नहीं करेंगे जब तक बाबरी मस्जिद से मूर्तियां हटा नहीं ली जातीं। यह भूख्‍ा हड़ताल उन्होंने उस समय समाप्त की थी जब उस समय के मुख्य मंत्री गोविंद वल्लभ पंत थे। मुख्यमंत्री के विशेष प्रतिनिधि के तौर पर उस समय के एडवोकेट जनरल ने अक्षय ब्रह्मचारी को इस बात का विश्वास दिलाया था कि वह सरकार से शीघ्र ही बाबरी मस्जिद मुकदमें में जवाब दावा दाख़िल करके मूर्तियों के हटाए जाने के विरूद्ध जारी निषेधाज्ञा समाप्त करवा देंगे और शीघ्र ही बाबरी मस्जिद मुसलमानों के हवाले कर दी जाएगी। उनके इस विरोध के कारण अयोध्या के हिंदुओं को उनके विरूद्ध इस प्रकार उकसाया गया कि मजबूरन उनको अयोध्या छोड़नी पड़ी और लखनऊ में निवास करना पड़ा। अक्षय ब्रह्मचारी अपने अन्तिम समय तक बाबरी मस्जिद की समस्या पर अपने इसी दृष्टिकोण पर बने रहे और उन्होंने कभी इस इमारत को मंदिर की हैसियत से स्वीकार नहीं किया। जफरयाब जीलानी ने कहा कि उनके देहांत से बाबरी मस्जिद आंदोलन को अत्यधिक क्षति हुई है जिसकी भरपाई आसान नहीं होगी।

 

हड़ताल में सरकारी सम्पत्ति को क्षति पहुंचाने की निंदा

लखनऊ। मुस्लिम मतदाता जागरूकता कल्याण समिति के प्रदेश अध्यक्ष तैमूर आलम कादरी ने मंगलवार को मंहगाई के विरोध में प्रदर्शनकारियों के हिंसात्मक दृष्टिकोण की निंदा करते हुए कहा है कि प्रजातंत्र में अपनी बात व्यक्त करने के लिए प्रदर्शन किया जाना ठीक है, लेकिन जिस तरह राजधानी लखनऊ में सरकारी सम्पत्ति को खुलेआम जलाकर महंगाई का विरोध किया गया, वह बड़ा ही दुखदाई और चिंताजनक भी है। वे लोग जो सत्ता में रह चुके हैं और सरकार बनाकर शासन कर चुके हैं वही आज हिंसा पर उतारू हो जाएंगे तो आम जनता के विरोध प्रदर्शन का क्या आलम हो सकता है? कादरी ने कहा कि इस तरह के विरोध प्रदर्शन का जनता के मस्तिष्क पर बुरा असर पड़ता है। ऐसे विरोध प्रदर्शनों के जरिए आम जनता को हिंसा का पाठ पढ़ाया जाना, चिंता का विषय है। कादरी ने कहा है कि मुसलमान अपने आप को हर उस संगठन से दूर रखें जिसमें हिंसात्मक प्रदर्शन और आगजनी से अपने विचार व्यक्त किए जाएं। अच्छे आचरण के व्यक्ति कभी हिंसा का मार्ग नहीं अपनाते।

 

पहले पिछड़े अपने भेदभाव मिटाएं-मुलायम

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने कहा है कि पिछड़े पहले अपने भेदभाव मिटाएं तभी सामाजिक न्याय की ताकत बढ़ेगी। मुस्लिम, अंसारी, बुनकर भाईयों को सम्मान दें। ऊंची जाति के गरीबों की लड़ाई भी लड़नी है। उन्होंने कांग्रेस और उत्तर प्रदेश की बसपा सरकार को निशाने पर लेते हुये कांग्रेस को पिछड़ा वर्ग विरोधी और बसपा को मुस्लिम विरोधी करार दिया और कहा कि हिन्दू-मुस्लिम पिछड़ों की आबादी 55 प्रतिशत है, वे एक होकर समाजवादी पार्टी के साथ जुडे़, तो दिल्ली की गद्दी पर कब्जा होगा और तभी अन्याय मिटेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके मुख्यमंत्रित्व काल में केन्द्र की कांग्रेस सरकार उनके खिलाफ साजिश रचती रही। बसपा की राज्य सरकार संविधान के विरूद्ध आचरण कर रही है, लेकिन केन्द्र मौन साधे है। कांग्रेस पिछड़ों और समाजवादी पार्टी को आगे नहीं देखना चाहती। वे रवीन्द्रालय लखनऊ में पिछड़ा वर्ग संघ के प्रांतीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने सभी वर्गो के लिए काम किए हैं पिछड़ों के लिए तो समाजवादी पार्टी ही संघर्ष करती आई है, सत्ता में भागीदारी दी, किसी के साथ भेदभाव नहीं किया। उनकी सरकार में कन्या विद्याधन योजना, छात्रवृत्ति की सुविधाएं दी गईं। अपनी पहली सरकार में 9 प्रतिशत, दूसरी सरकार में 10 प्रतिशत और तीसरी बार 14.6 प्रतिशत मुस्लिमों की पुलिस में भर्ती की गई। बसपा सरकार ने आते ही उन्हें बर्खास्त किया। मुस्लिम अफसर भी मायावती सरकार में प्रताड़ना के शिकार हुए हैं।
उन्होंने याद दिलाया कि डॉ लोहिया ने पिछड़ो के लिए सबसे पहले आवाज उठाई थी। समाजवादी सरकार में ही बिहार और उत्तर प्रदेश में सबसे पहले पिछड़ी जातियों को आरक्षण मिला था। कांग्रेस के बारे में तय होना चाहिए कि उसने उन्हें क्या दिया? ऐसा दुष्प्रचार भी होता है कि कांग्रेसी ईमानदार और पिछड़े नेता बेईमान हैं। यादव ने कहा कि महिला आरक्षण बिल में पिछड़ी महिलाओं के साथ अन्याय है। दुनिया भर में महिलाओं को दबाकर रखा गया है। घरों में उनके साथ अन्याय होता है। समाजवादी पार्टी उनकी भी लड़ाई लड़ती है।
उन्होंने कहा कि 55 प्रतिशत पिछड़ों को किसी से अधिकार मांगने की जरूरत नहीं है। लोकतंत्र में इतनी बड़ी संख्या उन्हें स्वंय में एक बड़ी ताकत का मालिक बना देती है। जरूरत है संकल्पित होकर, सबको जोड़कर समाजवादी पार्टी को ताकत देने की। जिस दिन दिल्ली की गद्दी पर 55 प्रतिशत पिछड़ों और मुस्लिमों का कब्जा होगा, व्यवस्था अपने आप बदल जाएगी। उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग संघ के प्रान्तीय सम्मेलन की अध्यक्षता सुरेन्द्र सिंह यादव एडवोकेट ने की। सम्मेलन में समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी सहित पिछड़े वर्ग के कई नेता शामिल हुए।

 

बोरवेल में बच्चे गिरने की घटनाओं पर कड़े सुरक्षा निर्देश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव लघु सिंचाई, सुशील कुमार ने राज्य के जिलाधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि प्रदेश में बोरवेल, ट्यूबवेल या अप्रयुक्त कुएं में बच्चों के गिरने की घटनाओं की रोकथाम के लिए सुरक्षा उपायों एवं दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
सुशील कुमार ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में बोरवेल, ट्यूबवेल का निर्माण कार्य शुरू करने से पन्द्रह दिन पहले भूमि, सम्पत्ति के मालिक को ग्राम पंचायत के सचिव को लिखित सूचना देनी होगी। इस सूचना की एक प्रति खण्ड विकास अधिकारी को भी दी जायेगी। इस संबंध में शहरी क्षेत्रों में संबंधित नगर निगम, नगर पालिका, अन्य नगरीय स्थानीय निकाय के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, उपक्षेत्रवार अधिकारी नामित करेंगे। पंचायत सचिव और शहरी क्षेत्रों को नामित अधिकारी प्राप्त सूचनाओं का विवरण एक रजिस्टर में तिथिवार अंकित करेंगे। खण्ड विकास अधिकारी एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियमित रूप से इसका निरीक्षण एवं समीक्षा की करेगा।
उन्होंने बताया कि जनपद स्तर पर बोरवेल करने वाली सरकारी, अर्द्ध सरकारी, निजी एजेन्सियों को सहायक अभियन्ता लघु सिंचाई के कार्यालय में पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। ड्रिलिंग एजेन्सी, ड्रिलर प्रार्थना पत्र के साथ 2 हजार रुपये की जमानत धनराशि एफडी, एनएससी के रूप में जमा करनी होगी। सहायक अभियन्ता लघु सिंचाई प्रार्थना पत्र पर सम्यक विचारोपरान्त उस पर जिलाधिकारी से अनुमोदन प्राप्त कर पंजीकरण प्रमाण पत्र निर्गत करेंगे। बोरवेल, ट्यूबवेल या अप्रयुक्त कूप के संबंध में संबंधित ड्रिलिंग एजेन्सी निर्माण स्थल के पास सूचना पट्ट पर अपना और उपभोक्ता एजेन्सी, मालिक का नाम और पूर्ण पता अंकित करायेगी। निर्माण के समय चारों ओर कांटेदार तार एवं चहारदीवारी आदि से अवरोध का निर्माण कराया जायेगा। बोरवेल के निर्माण के बाद उसके चारों ओर निर्धारित आकर का सीमेन्ट, कंक्रीट का चबूतरा निर्मित कराना आवश्यक है। अप्रयुक्त कूपों में जगत एवं मुंडेर बनाई जाएं जिससे इसमें बच्चों के गिरने की संभावना न रहें। बेल असेम्बली में स्टील प्लेट को वेल्डिंग कर इसे ढ़का जाय या क्रेसिंग पाइप में मजबूत ढ़क्कन लगाया जाए। पम्प रिपेयर के समय बोरवेल, टयूबवेल को खुला नहीं छोड़ा जाए। निर्माण कार्य पूर्ण हो जाने के बाद सभी नालियों एवं गढ्ढ़ों को भर दिया जाए और निष्प्रयोज्य बोरवेल को जमीन के स्तर तक मिट्टी से भर दिया जाए।
प्रमुख सचिव लघु सिंचाई ने कहा कि ड्रिलिंग एजेन्सी शासन के निर्देशों का पालन न करने पर जमानत की धनराशि जब्त कर ली जायेगी और तीन बार ऐसा करने पर उसका रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी अपने जिले में यह सुनिश्चित कराएंगे कि उपरोक्त निर्देशों का अनुपालन किया जा रहा है। शहरी क्षेत्रों में संबंधित नगर निगम, नगर पालिका अन्य नगरी स्थानीय निकायों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी इस कार्य के लिए उत्तरदायी होंगे।

जिलाधिकारी सूखे पर कार्ययोजना बनाएं
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने कम वर्षा होने की स्थिति में सम्भावित सूखे से निपटने के लिए जायद एवं खरीफ फसलों की सिंचाई, मनुष्यों एवं पशुओं के लिए पेयजल, बीमारियों एवं महामारियों से निपटने के लिए जिलाधिकारियों को सूखा परामर्शदात्री समिति की बैठक कर कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिये हैं।
प्रमुख सचिव एवं राहत आयुक्त केके सिन्हा ने बताया कि जिलाधिकारी सूखा प्रबन्धन योजना तैयार कर और योजना तैयार करते समय जन प्रतिनिधियों के व्यवहारिक ज्ञान एवं अनुभवों का सदुपयोग करते हुए सूखा परामर्शदात्री समिति की बैठक में कार्य योजना तैयार कर शासन को अवगत कराएंगे।
सिन्हा ने बताया कि निर्देश दिए गए हैं कि पेयजल एवं सिंचाई के सभी स्रोतो, संसाधनों कुओं, नहरों, नलकूपों, हैण्डपम्पों को चालू हालत में रखा जाये। खराब नलकूपों, ट्रास्फार्मरों को समय से ठीक कराकर तालाबों एवं पोखरों को भरवाना, निजी नलकूपों, पम्प सेटों के लिए ऊर्जा एवं डीजल की उपलब्धता, रोस्टर के हिसाब से नहरों में पानी छोड़ने एवं विद्युत आपूर्ति करने, मनुष्यों एवं पशुओं को लू, संक्रामक रोगों और महामारियों से बचाने के लिए आवश्यक चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराने, आकस्मिकता के लिए आवश्यक खाद्यान्न एवं उपभोक्ता वस्तुओं की व्यवस्था, खेतिहर मजदूरों और अन्य जरूरतमन्दों को रोजगार के अवसर प्रदान करने के निर्देश भी संबंधित विभागाध्यक्षों को भी दिये गये हैं।

 

मोहन सिंह सर्वश्रेष्ठ सांसद
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रवक्ता मोहन सिंह को संसद की पुरस्कार समिति ने वर्ष 2009 के लिए सर्वश्रेष्ठ सांसद चुने गए हैं। सपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद अखिलेश यादव ने उन्हें बधाई दी है और कहा है कि उनकी एक लम्बी एवं सम्मानित संसदीय पारी के धनी सिंह की एक चितंक और प्रखर वक्ता के रूप में ख्याति है। मोहन सिंह इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्र जीवन से राजनीति में सक्रिय हैं। वे इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश विधान सभा के भी सदस्य रहे हैं। पैंसठ वर्षीय मोहन सिंह 14वीं लोकसभा समेत तीन बार लोकसभा के लिए निर्वाचित हो चुके हैं और उत्तर प्रदेश में जनता पार्टी सरकार में मंत्री भी रहे हैं।
मोहन सिंह ने समाजवादी आन्दोलन में डॉ राम मनोहर लोहिया, राज नारायण, मधु लिमये और मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व में सक्रिय भूमिका निभाई है और आपातकाल के विरोध में जेपी आन्दोलन में उन्हें जेल यातना भी भुगतनी पड़ी थी। वे समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में हैं और इस समय सपा के राष्ट्रीय महासचिव और प्रवक्ता हैं।

 

भोजपुरी फिल्म ‘रिश्ता’ जल्दी
लखनऊ। भोजपुरी फीचर फिल्म ‘रिश्ता’ बहुत जल्द ही दर्शकों के सामने आने वाली है, इस फिल्म में उत्तर प्रदेश के कलाकारों ने अपनी भूमिका निभाई है। फिल्म के बारे में निर्देशक अखिलेश कुमार उपाध्याय (राजू बाबा) ने बताया कि ‘रिश्ता’ को शीघ्र ही बाक्स आफिस तक पहुंचाया जायेगा और इसके बाद यह प्रदर्शित होगी। उन्होने बताया कि उनकी आगामी फिल्म ‘रोटी की खातिर’ निर्माण के लिए तैयार है जिस पर मई में काम शुरू हो जायेगा। इस फिल्म की शूटिंग लखनऊ, आगरा, मथुरा, कानपुर में और गोरखपुर क्षेत्र में होगी। उन्होने बताया कि राधे मोहन फिल्म्स की पूरी टीम इस वर्ष के अंत तक चार फिल्मों का निर्माण करेगी। ‘रिश्ता’ पोस्ट प्रो. में जा चुकी है और ‘रोटी की खातिर’ ‘मुजरा’ और ‘सजनिया तोहरा से प्यार हो गईल’ ये फिल्में ऐसी होंगी जो केवल समाज ही नहीं बल्कि पूरे भारत के युवाओं का मनोरंजन कर उन्हें दिशा एवं नया आयाम देने का काम करेंगी। ‘रिश्ता’ फिल्म में मुख्य कलाकार राजेश तिवारी, आकृति सिंह (मुख्य नायिका), गजेन्द्र त्रिपाठी, दिव्य दिनेश शर्मा, प्रतिभा सिंह, अनामिका, वन्दना सिंह हैं। टाइटल सांग है ‘जी रिश्ता का मोल न जाने, उ का जाने... न दिलवा में दर्द रही, न अखियां में पानी।’

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