सशस्त्र सीमा बल की 46वीं वर्षगांठ पर शानदार परेड

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लखनऊ सशस्त्र सीमा बल लखनऊ सीमांत ने बल की 46 वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में समारोह पूर्वक एक भव्य परेड कार्यक्रम आयोजित किया जिसमें महानिरीक्षक एसएसबी लखनऊ सीमांत ने भव्य परेड की सलामी ली और अपने उत्कृष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों को बल के सर्वोच्च सम्मान 'महानिदेशक पदक और प्रशस्ति पत्र' से सम्मानित किया।
समारोह में उपस्थित बल के जवानों, अधिकारियों और परेड देखने आए जन समुदाय को शुभकामनाएं देते हुए अनिल अग्रवाल ने एसएसबी लखनऊ सीमांत की उपलब्धियों और भावी योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा में किए गए आधुनिक सुरक्षा उपायों और उपकरणों के बारे में जानकारी दी, साथ ही जवानों के कल्याण के लिए किए गए कार्यों का जिक्र भी किया।
अनिल अग्रवाल ने अपने सम्बोधन में सशस्त्र सीमा बल की सीमावासियों के लिए जन कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि एसएसबी लखनऊ सीमांत का लक्ष्य है कि भारत-नेपाल सीमा रेखा पर बसे प्रत्येक गांव में विकासोन्मुख और चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करे ताकि सीमावासियों के साथ रचनात्मक संवाद सुदृढ़ हो और सुरक्षा में उनकी भागीदारी सुनिश्चित की जा सके। समारोह में अविनाश चंद्र, उप-महानिरीक्षक, एसएसबी ने मुख्य अतिथि और उपस्थित जनों का स्वागत करते हुए बल के इतिहास और सीमा पर कार्यप्रणाली का परिचय दिया।
'वर्षगांठ परेड' में लखनऊ सीमांत के अंतर्गत कार्यरत रानीखेत, लखीमपुर-खीरी, गोरखपुर और महिला वाहिनी का प्रतिनिधित्व करती चार टुकड़ियों ने संपूर्ण सैन्य परम्परा और जोश के साथ बैंड की धुन पर मार्चपास्ट किया। परेड का नेतृत्व अनिल शर्मा, उप-सेनानायक, 39 वीं वाहिनी कर रहे थे और द्वितीय कमान सहायक सेनानायक एमकेएस मुंडा थे। एसएसबी के श्वानदल, ब्रास बैंड और पाइप बैंड ने आकर्षक प्रस्तुति देकर अतिथियों को अपने कौशल का परिचय दिया। जवानों ने भी मार्शल आर्ट के प्रदर्शन से दर्शकों का मनोरंजन किया। इस आकर्षक और प्रभावित करने वाले परेड समारोह के प्रांगण में फोटो प्रदर्शनी से भी सशस्त्र सीमा बल, लखनऊ सीमांत की उपलब्धियों और कार्यशैली को प्रदर्शित किया गया था। समारोह में विभिन्न केंद्रीय और राज्य पुलिस बलों के अधिकारी और
एसएसबी के अधिकारी और कर्मचारी अपने परिवार सहित शामिल हुए।