कर्नल पीके अब्दुल अजीज़

  • सैय्यद आमिर मियां

लीगढ़। एएमयू के कुपति प्रोफेसर पीके अब्दुल अजीज़ को एनसीसी ने आनरेरी कर्नल की उपाधि से विभूषित किया। अवैतनिक कर्नल के रैंक से सम्मानित करने के लिए सबसे पहले कर्नल एके सिंह और कर्नल आर के गिल ने कुलपति को कर्नल की वेशभूषा में बैजेज लगाये गए और एनसीसी छात्र और छात्राओं ने गार्ड ऑफ ऑनर पेश किया। कर्नल के रैंक से सम्मानित किए जाने के बाद आयोजित स्वागत समारोह में कुलपति प्रोफेसर पीके अब्दुल अजीज़ ने कहा कि वह अपने छात्र जीवन में एनसीसी से जुड़े रहे और वह इस सम्मान को प्राप्त करके अपने आप को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।
कुलपति ने कहा कि फौज में छात्र और छात्राओं के रोजगार चुनने के अवसर मौजूद है। उन्होने कहा कि एनसीसी की सदस्यता ग्रहण करने से छात्रों में अनुशासन पैदा हो रहा है। वह अपनी वेशभूषा के प्रति गंभीर होते हैं। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास होगा कि इस संस्था के ज्यादा से ज्यादा छात्र एनसीसी का प्रशिक्षण प्राप्‍त करें। इससे पूर्व कर्नल एके सिंह ने प्रोफेसर श्री अजीज़ का अभिनंदन करते हुए कहा कि एनसीसी के इतिहास में आज का दिन यादगार दिन हैं हम इससे संस्था के कुलपति को सम्मानित करने के लिए जमा हुए है उन्होंने कहा कि 1960 से एएमयू में एनसीसी का प्रशिक्षण दिया जाता है और विश्‍वविद्यालय परिसर में इस समय 3 यूपी गर्ल्स बटालियन, 8 यूपी बटालियन एनसीसी और एक यूपी इंजीनियरिंग कंपनी आफ एनसीसी स्थित है। कर्नल आर के गिल ने कार्यक्रम का संचालन किया। आनरेरी कर्नल की रैंक प्राप्त करने के बाद कुलपति ने एनसीसी कार्यालय का निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध कराई गई सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।
 

प्रवोस्टों की नियुक्ति
एएमयू के तीन हालों बेगम सुल्तान जहां हाल, अब्दुल्लाह हाल तथा अल्लामा इकबाल हाल में नए प्रवोस्टों की नियुक्ति की गई है। इंग्लिश विभाग की प्राफेसर सीमीं हसन को बेगम सुल्तान जहां, वीमेन्स कालिज में अंग्रेजी की रीडर डा निकहत ताज अब्दुल्ला हाल तथा एएमयू सिटी हाई स्कूल के प्रिंसिपल एस, तनवीर नबी को अल्लामा इकबाल हाल का प्रवोस्ट नियुक्त किया गया है। इन प्रवोस्ट का कार्यकाल दो वर्ष या अग्रिम आदेश तक प्रभावी रहेगा।
 

एएमयू कोर्ट की वार्षिक बैठक हुई

लीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय कोर्ट की वार्षिक बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई। बैठक में डेन्टल कौंसिल ऑफ इन्डिया की सदस्यता के लिये जियाउद्दीन अहमद डैंटल कालिज के प्राचार्य प्रोफेसर एसएच हाशमी को निर्विरोध चुन लिया गया, जबकि वक्फ बोर्ड श्रेणी से रिक्त एक सदस्य के लिये दिल्ली वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष चौधरी मतीन अहमद निर्वाचित घोषित किये गये। दीनी मदरसों की श्रेणियों से रिक्त दो सदस्यों के चुनाव में मौलाना अताउर्रहमान कासिमी और मौलाना अब्दुल वहाब खिलजी को चुना गया। इन सदस्यों का कार्यकाल 21 जनवरी 2010 तक के लिये ही होगा।
बैठक में सभी ग्यारह मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई और चांसलर न्यायमूर्ति एएम अहमदी ने सभी सदस्यों को अपने विचार प्रकट करने का पूर्ण अवसर प्रदान किया। बैठक के प्रारम्भ में कुलपति प्रोफेसर पीके अब्दुल अजीज़ ने इस बैठक में पधारे 97 सदस्यों का अभिनन्दन करते हुए सभी सदस्यों से इस संस्था के विकास और इसकी प्रतिष्ठा को आगे बढ़ाने और शांतिपूर्ण शैक्षणिक वातावरण को बनाये रखने में सहयोग की अपील की।
कुलपति प्रोफेसर अजीज़ ने अपने दो वर्षीय कार्यकाल में हुए कार्यो पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस संस्था को अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक पहुचाने के लिये बहुत से प्रभावी कदम उठाये गये और विश्वभर की प्रख्यात शिक्षा संस्थाओं से परस्पर सहयोग बढ़ाया गया है। एक दर्जन से अधिक नये पाठ्यक्रम शुरू किये गये हैं और सूचना प्राद्यौगिकी का विस्तार किया गया है। ई-प्रबंधन को लागू किया गया है और डिजिटल रिसोर्स सेंटर की स्थापना की गई है।
कुलपति ने कहा कि इस संस्था के संस्थापक सर सैयद अहमद के विजन और मिशन को आगे बढ़ाने के लिये सर सैयद अंतर्राष्ट्रीय पुरूस्कार के साथ-साथ सर सैयद द्वारा लिखित पुस्तकों का कम्पयूटरीकरण करा दिया गया है। शिक्षा के साथ-साथ शोध को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया। उन्होंने कहा कि इससे संस्था की प्रतिष्ठा बढ़ी है और शोध छात्रों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है, साथ ही शिक्षकों ने नये रिसर्च प्रोजेक्ट भी हासिल किये हैं।
कुलपति ने कहा कि भारतीय मुसलमान के शैक्षणिक पिछड़ेपन को दूर करने के लिये भी विशेष प्रयास किये गये। मदरसों के छात्रों को प्रवेश की सुविधायें उपलब्ध कराई जा रही हैं और देश भर के छात्रों को प्रवेश की सुविधा उपलब्ध कराने के लिये देश के विभिन्न क्षेत्रों में प्रवेश परीक्षा केन्द्र बनाये गये हैं। साथ ही एएमयू के नये कैम्पस खोलने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है ताकि मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में शिक्षा का स्तर बहतर हो सके।
कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन में पारदर्शिता लाने के लिये जनसूचना कानून को प्रभावी ढ़ंग से लागू किया गया है। ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना के अन्तर्गत मेडीकल कालिज, इंजीनियरिंग कालिज और विवि से सम्बद्ध स्कूलों को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया। छात्रों की प्रतिभाओं को निखारने पर विशेष बल दिया गया और शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक और खेल कूद की गतिविधियों को नई गति प्रदान की गई। गरीब छात्रों को छात्रवृतियां उपलब्ध कराई गईं।
बैठक में खुर्शीद अहमद खॉ की कोर्ट सदस्यता का मामला अन्तिम निर्णय के लिये चांसलर को सौंप दिया गया। चांसलर न्यायमूर्ति एएम अहमदी, प्रो चासंलर नवाब रहमतउल्लाह खां शेरवानी, आनरेरी ट्रेजरार डा महफूज़ अहमद के अलावा राज्य सभा सदस्य मुईनउल हसन, राशिद अल्वी और कुसुम राय, अदीब अहमद के अलावा पूर्व सांसद सैयद शहाबउद्दीन, पूर्व सांसद वसीम अहमद, पूर्व मंत्री डा मेराजउद्दीन अहमद, हाईकोर्ट के वकील जफरयाब जीलानी, ख्वाजा मुहम्मद शाहिद, मौलाना वली रहमानी, लखनऊ विवि के पूर्व कुलपति प्रोफेसर आरपी सिंह, प्रख्यात शिक्षाविद् प्रोफेसर इम्तियाज अहमद, वीरन साहब वीके, पीए इनामदार, यूसुफ भाई कुरैशी, हाफिज़ रशीद अहमद चौधरी, एआर शेरवानी, के अलावा यूनिवर्सिटी रजिस्ट्रार प्रोफेसर वीके अब्दुल जलील व विवि से जुड़े संकायों के डीन, कालिजों के प्राचार्य, पॉच हालों के प्रवोस्ट और निर्वाचित कोर्ट सदस्यों ने भी भाग लिया।
 

कुलपति ने खिलाड़ियों को सर्टिफिकेट दिए
लीगढ़। एएमयू की गेम्स कमेटी के लॉन टेनिस, राइडिंग, रोलर स्केटिंग एवं जिमखाना क्लब के समर कोचिंग कैम्प के समापन पर मुख्य अतिथि कुलपति प्रोफेसर पीके अब्दुल अजीज़, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक असीम अरूण, छात्र कल्याण के डीन प्रोफेसर मुहम्मद जुबैर खान, समाज विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता प्रोफेसर मुर्तजा अली खान व यूनानी मेडीसन संकाय के डीन प्रोफेसर ताजउद्दीन ने प्रतिभागी स्कूलों के छात्रों को सर्टीफिकेट प्रदान किये।
इस अवसर पर कुलपति प्रोफेसर पीके अब्दुल अजीज़ ने गेम्स कमेटी की प्रशंसा करते हुए कहा कि उसके प्रयासों से परिसर में खेलकूद गतिविधियों में इजाफा हुआ है। उन्होंने कहा कि समर कैम्प स्कूली छात्रों की प्रतिभा को ढ़ूढ़ने का सशक्त माध्यम होता है और इस प्रकार के कैम्प नियमित रूप से आयोजित किये जाते रहने चाहिए। उन्होंने गेम्स कमेटी को यथासंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
अपने स्वागत भाषण में गेम्स कमेटी के सचिव प्रोफेसर तारिक मंसूर ने कुलपति ने गेम्स कमेटी को हर प्रकार की सहायता उपलब्ध कराये जाने पर धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि गेम्स कमेटी में ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना में बैडमिंटन व टीटी के लिए इंडोर हाल, वूडन फ्लोर व क्ले कोर्ट बनाने की अनुमति कुलपति ने दे दी है। इस अवसर पर जिमखाना क्लब के अध्यक्ष प्रोफेसर तबस्सुम शहाब, राइडिंग क्लब अध्यक्ष डा नफीस अहमद सेकेंड और क्रिकेट क्लब के अध्यक्ष डा एस अमजद अली रिज़वी के अलावा बच्चों के अभिभावकगण भी मौजूद थे। समर कैम्प में 150 स्कूली छात्रों ने स्केटिंग, 15 ने बैडमिंटन, 13 ने वालीबाल, छह ने टेबिल टेनिस और 9 छात्रों ने राइडिंग क्लब में भाग लिया, जिनको सर्टीफिकेट प्रदान किये गये।
 

नियुक्ति
अलीगढ़। एएमयू के रजिस्ट्रार पद पर प्रोफेसर वीके अब्दुल जलील, कंट्रोलर पद पर प्रोफेसर परवेज मुस्तजाब तथा वित्त अधिकारी पद पर यासमीन जलाल बेग की पॉच वर्ष के लिए नियुक्ति की गई है। इन तीनों अधिकारियों का चयन हाल में इन पदो के लिए हुई सामान्य चयन समिति की संस्तुति के आधार पर हुआ है।
 

इंग्लिश स्पीकिंग क्रेश कोर्स
अलीगढ़। एएमयू के वीमेन्स कालिज के तहत चलने वाले कैरियर प्लानिंग सेंटर का आगामी एक जुलाई से एक माह का इंग्लिश स्पीकिंग क्रेश कोर्स प्रारंभ किया जा रहा है। कैरियर प्लानिंग सेंटर की निदेशक डा साबरा खातून के मुताबिक इंग्लिश स्पीकिंग कोर्स में प्रवेश की इच्छुक छात्रायें सेंटर के कार्यालय में अपना पंजीकरण करा सकती हैं। यह कोर्स एक अगस्त को समाप्त होगा।


मधुमेह पर शोध
अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, जवाहर लाल नेहरू मेडीकल कालिज के बायोकैमिस्ट्री विभाग में शोधार्थी नदीम ए अंसारी ने अपने शोध पत्र में बताया है कि डायबेटिक के वर्ग 2 के रोगियों में ग्लुकोज़ माडीफाइड आईसीन रिच प्रोटीन, जो कि दिल ऑख तथा किडनी पर प्रभाव डालते हैं का जल्दी पता लगाने के लिए जॉच बायोमेकर का कार्य करता है और रोग के निदान में भी मदद करता है। इस्ताम्बूल तुर्की में मोलीक्यूलर मेडीसिन पर आयोजित तीसरी इन्टरनेशनल कांफ्रेंस में उन्होंने डायबिटिक्स के रोगियों के लिए रोग लक्षण सम्बन्धी बायोमेकर पर अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया।
डा अंसारी ने अमरीकन जरनल हयूमन इक्योनोलोजी (दोनों वर्ग 2 तथा 3) के लिए डायगनोस्सिटिक बायोमेकर पर अपना शोध-पत्र प्रस्तुत किया है तथा राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर की पॉच अन्य कांफ्रेंसों में भी उसे प्रस्तुत किया। उन्होंने हाल में डा मोईनुद्दीन की निगरानी में बायोकैमिस्ट्री (मेडीसन) में अपनी पीएचडी पूरी की है। डा अंसारी ने सुपरवाइजर एवं विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर आसिफ अली का उनके सहयोग एवं निर्देशों के लिए उनका आभार जताया। काफ्रेंस में भाग लेने के लिए उन्हें वित्तीय सहायता साइंस एवं टेक्नालौजी विभाग (डीएसटी) नई दिल्ली एवं इण्डियन नेशनल साइंस एकेडेमी/आईएनएसए) नई दिल्ली ने उपलब्ध कराई थी।

आनरेरी डायरेक्टर नियुक्त
अलीगढ़। कुलपति प्रोफेसर पीके अब्दुल अजीज़ ने प्रोफेसर एआर फतिही को सेंटर फॉर कम्प्रेटिव स्टडीज ऑफ इंडियन लेंग्वेजेज एण्ड कल्चर का आनरेरी डायरेक्टर नियुक्त किया है। प्रोफेसर फतिही एएमयू के लिंग्वेस्टिक विभाग में वरिष्ठ शिक्षक हैं। उनकी नियुक्ति प्रोफेसर शेख मस्तान के स्थान पर की गई है।

 

एएमयू में प्रवोस्टों की नई नियुक्तियां

अलीगढ़। एएमयू के कुलपति प्रोफेसर पीके अब्दुल अजीज़ ने सभी आवासीय और गैर आवासीय हाल के प्रवोस्टों की नई नियुक्ति के आदेश पारित कर दिए हैं। इनकी नियुक्ति तत्काल प्रभाव से दो वर्ष या अग्रिम आदेश तक के लिये की गई है। कानून संकाय के प्रोफेसर मुहम्मद शब्बीर को डा बीआर अम्बेडकर हाल का प्रवोस्ट नियुक्त किया गया। वरिष्ठता के आधार पर प्रोफेसर मुहम्मद शब्बीर, ईसी, कोर्ट और एकेडेमिक कौंसिल के सदस्य भी होंगे। उनकी नियुक्ति प्रोफेसर महशर रजा के स्थान पर की गई है।
कम्यूनिटी मेडीसन के रीडर डा नजम खलीक को प्रोफेसर महमूद एस खान के स्थान पर हादी हसन हाल का प्रवोस्ट नियुक्त किया गया है। हिन्दी विभाग के रीडर डा मेराज अहमद को आफताब हाल, कैमिस्ट्री के प्राध्यापक डा सुहैल साबिर को एमएम हाल का प्रवोस्ट नियुक्त किया गया है। जो नये प्रवोस्ट नियुक्त किये हैं उनमें कुल्लियात विभाग के प्रोफेसर अनीस अहमद अंसारी को सर सैयद हाल (साउथ), अर्थशास्त्र विभाग के प्रोफेसर अशोक मित्तल को एनआरएससी, अंग्रेजी विभाग की प्रोफेसर सैयदा नुजहत ज़ेबा को इन्दिरा गांधी हाल, भाषा विज्ञान विभाग के प्रोफेसर एआर फतिही को सर सैयद हाल (नॉरथ), कैमिकल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर सत्तार हुसैन को सर सुलेमान हाल, सिविल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर मुहम्मद आरिफ को नदीम तरीन हाल, संस्कृत विभाग के डा खालिद बिन यूसुफ खान को विकारूल मुल्क हाल, राजनीतिशास्त्र विभाग के डा मुहम्मद आबिद को मुहम्मद हबीब हाल, बाल एंव शिशु रोग विभाग की डा फरजाना के बेग को सरोजनी नायडू हाल, फिजिकल हैल्थ एण्ड स्पोटर्स एजूकेशन के डा इकराम हुसैन को सर जियाउद्दीन हाल और कॉमर्स विभाग के डा नवाब अली खान को रास मसूद हाल का प्रवोस्ट नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही नई नियुक्ति होने तक प्रोफेसर मुहम्मद शब्बीर को अल्लामा इकबाल हाल, प्रोफेसर सैयदा नुजहत ज़ेबा को अब्दुल्लाह हाल और डा फरजाना के बेग को बेगम सुल्तान जहॉ हाल की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है।
 

एएमयू में स्वाईन फ्लू की चिकित्सा

अलीगढ़। एएमयू के जवाहर लाल नेहरू मेडीकल कालिज में एच1 एन1 इन्फ्लूएंजा (स्वाईन फ्लू) के केसों की देख-रेख विशेषकर विदेशों से आने वाले शिक्षकों एवं छात्रों के लिए छह सदस्यीय चिकित्सकों की कमेटी का गठन किया है। जेएन मेडीकल कालिज हास्पिटल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रोफेसर एम अशरफ मलिक ने बताया कि छह सदस्यीय कमेटी के कार्डीनेटर चिकित्सा अधीक्षक होंगे जब कि सदस्यों में डिप्टी मेडीकल सुपरींटेंडेंट डाक्टर हारिस मंजूर, डा रियाज़ अहमद सीएमओ डाक्टर नसीम आलम, मेडीसन विभाग में रीडर डाक्टर शुएब ज़हीर तथा डाक्टर अंजुम परवेज को शामिल किया गया है।
प्रोफेसर अशरफ मलिक ने बताया कि समस्त संदेहास्पद मामलों को डा एम शुएब जहीर, डा अंजुम परवेज को क्लीनिकल सिस्टम के लिए भेजे जाएंगें जो यह तय करेंगे कि उनको ब्लड स्क्रीनिंग, आइसोलेशन व क्वारटाईन की आवश्यकता है या नहीं। उसके उपरान्त सभी संदेहास्पद मामले मलखान सिंह जिला चिकित्सालय के चीफ मेडीकल आफीसर को भेजे जाएगे जो कि रक्त के नमूने एनआईसीडी को भेजेंगे। रक्त मलखान सिंह जिला चिकित्सालय में ही जमा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि एच1 एन1 इन्फ्लूएंजा की दवा मलखान सिंह चिकित्सालय के सीएमओ उपलब्ध कराएंगे। प्रोफेसर मलिक ने बताया कि प्रदेश सरकार नेजिला मलखान सिंह चिकित्सालय में ही दवायें उपलब्ध करा दी हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि रक्त केवल जिला मलखान सिंह चिकित्सालय में ही जमा किया जाएगा न कि जेएन मेडीकल कालिज में।
 

एएमयू में विभिन्न पदों पर नई नियुक्तियां

अलीगढ़। प्रोफेसर सैयद अबरार हसन एएमयू की फैकल्टी ऑफ मेडीसन के नये डीन नियुक्त हुए हैं। प्रोफेसर हसन ने डीन पद का कार्यभार आज निवर्तमान डीन प्रोफेसर अबुकमर सिद्दीकी से ग्रहण कर लिया।प्रोफेसर सैयद अबरार हसन जवाहर लाल नेहरू मेडीकल कालिज में ईएनटी विभाग में वरिष्ठ चिकित्सक हैं। उनका कार्यकाल दो वर्ष के लिए होगा। इनके अलावा डा नौशाद अली पीएम को लाइब्रेरी एण्ड इन्फॉरमेशन साइंस विभाग का तीन वर्ष के लिए नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। डा नौशाद अली लाइब्रेरी एण्ड इन्फॉरमेशन साइंस विभाग में रीडर हैं। उनकी नियुक्ति डा एम मुस्तफा केक्यू जैदी के विभागाध्यक्ष पद का कार्यकाल पूर्ण होने के उपरान्त की गई है।
डा श्रीनिवास रामचंद्रा सिरास को मार्डन इंडियन लेंग्वेजेज का नया विभागाध्यक्ष नियुक्त किया गया है उनकी नियुक्ति डा टीबी चक्रवर्ती का कार्यकाल पूर्ण होने के उपरान्त की गई है। प्रोफेसर सैयद अली मुहम्मद नकवी शिया थ्योलोजी के नये विभागाध्यक्ष बन गये हैं। उनकी नियुक्ति प्रोफेसर सैयद फरमान हुसैन के स्थान पर की गई है। प्रोफेसर मुहम्मद इदरीस को कैमिकल इंजीनियरिंग विभाग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है जब कि प्रोफेसर एम सलीमउद्दीन की इंटरडिसिप्लनरी बायोटेक्नालौजी यूनिट के कार्डीनेटर पद पर पुनः नियुक्ति की गई है।

 

एएमयू कोर्ट में नामिनी नियुक्त

अलीगढ़। सेवानिवृत आईएएस अधिकारी मूसा रज़ा, लखनऊ विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर राम प्रकाश सिंह, जेएनयू के सेवानिवृत शिक्षक प्रोफेसर इम्तियाज अहमद को एएमयू की विजीटर और राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने एएमयू कोर्ट में अपना नामिनी नियुक्त किया है। इन तीनों सदस्यों का कार्यकाल तीन वर्ष का होगा। इनके अलावा कॉमर्स संकाय के डीन प्रोफेसर ज़ियाउद्दीन खैरूवाला व साइंस फैकल्टी के डीन प्रोफेसर मुहम्मद जुबैर खान को वरिष्ठतम डीन के आधार पर एग्जीक्यूटिव कौंसिल का नया सदस्य नियुक्त किया गया है। इनकी नियुक्ति मेडीसन संकाय के डीन प्रोफेसर अबु कमर सिद्दीकी व समाज विज्ञान संकाय के डीन प्रोफेसर एम मुर्तजा खान का डीनशिप का कार्यकाल पूर्ण होने के उपरान्त की गई है।

चैम्पियनशिप के लिए चयन
लीगढ़। एएमयू के बास्केटबाल क्लब के बीस छात्रों का कानपुर में होने वाली अंडर 19 यूपी स्टेट चैम्पियनशिप के लिए चयन हुआ है। जिमखाना क्लब के अध्यक्ष प्रोफेसर तबस्सुम शहाब ने बास्केटबाल समर कोचिंग कैम्प के समापन समारोह में बताया कि एएमयू बास्केटबाल क्लब के माधव, आकाश, अरबाज़ खान, अनस अब्दुल्लाह, मुहम्मद असद खान, मुहम्मद उवैस खान, अबु सुलतान, अभ्युदय यादव, मुहम्मद उमैर, आक्षित वर्मा, गौरव, मुहम्मद वामिक, दीपक सैनी, निशांत अग्रवाल, हेमेन्द्र, शशांक, दिनेश गौड, मनीष मिश्रा व नीरव का अंडर 19 यूपी स्टेट चैम्पियनशिप के लिए चयन हुआ है। इन बीस खिलाडि़यों में बारह खिलाडि़यों को मुख्य टीम में शामिल किया गया है जबकि आठ खिलाडि़यों को प्रतीक्षा में रखा गया है। समापन समारोह के मुख्य अतिथि भवन निर्माण विभाग की विशेषज्ञ समिति के पूर्व चैयरमैन प्रोफेसर मुहम्मद जमील व गेम्स कमेटी के सचिव प्रोफेसर असलम कदीर ने एएमयू और अलीगढ़ शहर के 15 स्कूलों के 85प्रतिभागी बच्चों को सर्टीफिकेट प्रदान किये। मेहमानों का स्वागत कैप्टन आदित्य ने किया। एएमयू बास्केटबाल कोच केपी सिंह ने बताया कि शिविर में इंडियोरेन्स ट्रेनिंग एवं स्किल ट्रेनिंग के साथ गेम्स टेक्टिस पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।

 

शहर काज़ी के निधन पर कुलपति दुखी

अलीगढ़। एएमयू के कुलपति प्रोफेसर पीके अब्दुल अजीज़ ने शहर काज़ी अजमल के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। शहर काज़ी अजमल एक लम्बे समय तक यूनिवर्सिटी से सम्बद्ध रह चुके थे। कुलपति प्रोफेसर अजीज़ ने ऊपरकोट मौहल्ला बनी इसराईलान स्थित शहर काज़ी के मकान पर जाकर उनके परिवारजनों के साथ संवेदना व्यक्त की। कुलपति ने इस अवसर पर ऊपरकोट स्थित पुराने किले के अवशेषों को भी देखा और शहर की एतिहासिक जामा मस्जिद में उपस्थित होकर 1857 की क्रान्ति के शहीदों के मजारों पर श्रद्धाजंलि अर्पित की। मौलवी अब्दुल जलील के नेतृत्व में अलीगढ़ के उलेमाओं ने अंग्रेजों के खिलाफ बगावत की थी जिसमें कई उलेमा शहीद हो गये थे और उनको जामा मस्जिद परिसर में दफनाया गया था। कुलपति ने ऊपरकोट की गलियों में ताला बनाने वाली एक फैक्ट्री को भी देखा और अलीगढ़ के ताला उद्योग के बारे में जानकारी प्राप्त की। एएमयू के पीआरओ डा राहत अबरार भी कुलपति के साथ थे।

 

बीएड की परीक्षा
अलीगढ़। एएमयू की बीएड की प्रवेश परीक्षा शांतिपूर्ण संपन्न हो गई। बीएड में प्रवेश के लिए 2713 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। बीएड की प्रवेश परीक्षा विवि परिसर में तीन केन्द्रों एएमयू गर्ल्स हाईस्कूल, सीनियर सेकेड्री स्कूल (गर्ल्स) तथा एसटीहाईस्कूल में बने परीक्षा केन्द्रों पर आयोजित की गई। एएमयू गर्ल्स हाई स्कूल में 1012 छात्राओं, सीनियर सेकेंड्री स्कूल (गर्ल्स) में 820 छात्राओं तथा एसटी हाईस्कूल में 872 छात्रों ने परीक्षा दी। प्रवेश परीक्षा को संपन्न कराने के लिए विवि प्रशासन द्वारा समस्त प्रबंध किये गये और तीनों परीक्षा केन्द्रों पर पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई।

आवेदन जमा करें
अलीगढ़। एएमयू की कक्षा ग्यारह व कक्षा 9 की पूरक परीक्षा में शामिल होने के लिए आवेदन जमा करने की तिथि घोषित कर दी गई है। परीक्षा कंट्रोलर प्रोफेसर मुहम्मद इरफान ने बताया कि ग्यारहवीं कक्षा की पूरक परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थी अपने आवेदन 30 जून व नवीं कक्षा की पूरक परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र अपने आवेदन 25 जून तक वांछित शुल्क सहित जमा कर सकते हैं।
 

तीन छात्रों ने नेट पास किया
अलीगढ़। एएमयू के इस्लामिक स्टडीज़ विभाग के तीन शोध छात्रों ने नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट (नेट) उत्तीर्ण कर लिया है। इस्लामिक स्टडीज़ विभाग के तीन शोध छात्रों जुबैर जफर खान, आसिया यूसुफ एवं फरहीन ताहिर ने लेक्चररशिप अहर्ता के लिये विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की अखिल भारतीय स्तर पर आयोजित इस परीक्षा में कामयाबी अर्जित की है। जुबैर जफर खान एवं आसिया यूसुफ इस्लामिक स्टडीज़ विभाग में क्रमवार डा मुहम्मद इस्माईल एवं प्रोफेसर जफरूल इस्लाम की निगरानी में शोध कर रहे हैं। जब कि फरहीन ताहिर डा रईस फातिमा की गिरानी में एम फिल कर रही हैं।


परीक्षा परिणाम घोषित

लीगढ़। एएमयू की एमबीबीएस/बीडीएस की संयुक्त प्रवेश परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया गया है। एमबीबीएस एवं बीडीएस में 180 छात्र-छात्राओं का अंतिम रूप से चयन हुआ है। एमबीबीएस की प्रवेश प्रक्रिया 7 जुलाई तथा बीडीएस की प्रवेश प्रक्रिया 8 जुलाई को मेडीसन फैकल्टी के डीन कार्यालय में पूर्ण होगी। चांसमेमो की सूची में शामिल एमबीबीएस अभ्यार्थियों को 8 जुलाई तथा बीडीएस अभ्यार्थियों को 9 जुलाई को रिपोर्ट करना होगा। संपूर्ण रिजल्ट विवि की वेबसाइट पर देखा जा सकता है।

 

रहमान और नारंग एएमयू से मानद् डॉक्टर

लीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम विश्‍वविद्यालय का 59वां वार्षिक दीक्षान्त समारोह परंपरागत और गौरवपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इसमें अंतर्राष्ट्रीय ख्याति के संगीतकार और ऑस्कार पुरस्कार विजेता एआर रहमान और प्रख्यात उर्दू साहित्यकार प्रोफेसर गोपीचन्द नारंग को डीलिट की मानद् उपाधि से विभूषित किया गया।
दीक्षान्त समारोह की अध्यक्षता एएमयू के चांसलर और उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एएम अहमदी ने की। दीक्षान्त समारोह में बाटनी विभाग के प्राध्यापक प्रोफेसर मंसूर अहमद सिद्दीकी को डीएससी की डिग्री प्रदान की गई। साथ ही लगभग पांच हजार छात्र व छात्राओं को उपाधियां प्रदान की गईं। अमुवि के इतिहास में पहली बार एमबीबीएस की छात्रा प्राची मंहदी रत्ता को सर्वाधिक 14 स्वर्ण पदक प्रदान किये गये। इसके साथ ही मेधावी छात्र व छात्राओं को मैडल भी प्रदान किये गये।
पश्चिमी बंगाल के राज्यपाल गोपाल कृष्ण गांधी ने दीक्षान्त भाषण पेश करते हुए कहा कि यह समारोह छात्रों के लिये एक त्यौहार के समान है। उन्होंने कहा कि एएमयू हमारे देश में धर्मनिर्पेक्ष रूह का एक अहम घराना है और इस संस्था में हजारों फूलों के रंग खिल रहे हैं। इस घराने से निकली तमाम प्रतिभाएं दुनिया भर में अमन और चैन का संदेश दे रहीं हैं। हमें इंसान के दर्द को पहचानना चाहिये। परन्तु हमारे बीच कुछ लोग हैं जो हिन्दू और मुसलमान को बांटने की कोशिश करते हैं। दर्द के कई रूप हैं और यह भी एक दर्द है इसलिए हमें ऐसा दर्द नहीं बल्कि सुकून चाहिये।
प्रख्यात संगीतकार एआर रहमान ने मानद् उपाधि प्राप्त करने के बाद विवि प्रशासन का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि इस सम्मान को प्राप्त करके उन्हें बड़ा गर्व हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस संस्था ने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बुद्धिजीवियों के बीच समानता और एकता का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि भारतीय परम्परा और दर्शन ने हमेशा उनका मार्गदर्शन किया है और इसी का परिणाम है कि 2009 में उन्हें ऑस्कार पुस्कार मिला। एआर रहमान ने कहा कि संगीत वह भाषा है जो हर व्यक्ति के दिल में उतरती है और मनुष्यों को एक दूसरे के निकट लाती है। उन्होंने युवा छात्रों से अपील की कि वह एक विशाल भारत के नव निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभायें। प्रोफेसर गोपीचन्द नांरग ने कहा कि एएमयू मात्र एक संस्था ही नहीं है बल्कि उर्दू साहित्य का एक चमकता अध्याय और सर सैयद अहमद खां के सपनों का साकार है। उन्होंने कहा कि उर्दू भारतीय भाषाओं का ताजमहल है। उन्होंने कहा कि उर्दू भारत की साझा संस्कृति की विरासत है और साउथ एशिया की एक बड़ी जुबान है।
दीक्षान्त समारोह में वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए कुलपति प्रोफेसर पीके अब्दुल अजीज़ ने कहा कि शिक्षा से ही समाज की दशा बदली जा सकती है लिहाजा भारतीय मुसलमानों को अपने पिछड़ेपन को दूर करने के लिये शिक्षा पर अपना ध्यान केन्द्रित करना चाहिये। कुलपति ने कहा कि जनसूचना प्राद्योगिकी को विकसित किया गया है और एएमयू देश की पहली एसी संस्था बन गई है जहॉ इंटरनेट की स्पीड 54 एमबीपीएस की जा रही है और चौबीस घन्टे इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध करा दी गई है और आवासीय व्यवस्था को बेहतर बनाया गया है। नई इमारतें तैयार कराई जा रही हैं। छात्रों की समस्याओं के निदान के लिये स्टूडैंटस ग्रीवांस कमेटी गठित की गई है। शोध को प्रमुख वरीयता दी गई है। कुलपति प्रोफेसर अजीज़ ने इन दो मानद् उपाधि प्रदान करने वालों का जीवन परिचय भी प्रस्तुत किया।
चांसलर जस्टिस अहमदी ने मानद् उपाधियां भेंट कीं। कंट्रोलर परीक्षा ने मैडल प्राप्त करने वालों की सूची प्रस्तुत की और रजिस्ट्रार प्रोफेसर वीके अब्दुल जलील ने कार्यक्रम का संचालन किया। यूनिवर्सिटी की बग्घी में इन अतिथियों को कुलपति निवास से भव्य पंडाल तक लाया गया। जिसके साथ राइडिंग क्लब के घुड़सवार भी थे। छात्रों ने यूनिवर्सिटी तराना और राष्ट्रगान प्रस्तुत किया। इस अवसर पर पश्चिमी बंगाल के राज्यपाल गांधी, रहमान, प्रोफेसर नारंग, न्यायमूर्ति अहमदी, कुलपति प्रोफेसर अजीज़ ने सर सैयद के मजार पर फूलों की चादर भी चढ़ाई। पश्चिमी बंगाल के राज्यपाल ने एकेडेमिक स्टाफ कालिज को भी देखा यहां उनके दादा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी 1920 और 1921 में आकर ठहरते थे। एआर रहमान ने वीमेन्स कालिज में छात्राओं से भेंट की और अपने लोकप्रिय गाने भी सुनाये।

 

कोर्ट सदस्य नियुक्त
अलीगढ़। डाक्टर मधुरानी, प्रोफेसर कमलेश चंद्रा और प्रोफेसर अख्तर हसीब को वरिष्ठतम विभागाध्यक्ष होने के आधार पर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय कोर्ट का नया सदस्य नियुक्त किया गया है। इनका कार्यकाल तीन वर्ष या विभागाध्यक्ष पद पर बने रहने तक होगा। डा मधुरानी फाइन आर्टस की विभागाध्यक्ष हैं जब कि प्रोफेसर कमलेश चंद्रा जेएन मेडीकल कालिज के ईएनटी विभाग तथा प्रोफेसेर अख्तर हसीब प्लांट प्रोटेक्शन विभाग के अध्यक्ष हैं।

वित्तीय सहायता के लिए आवेदन करें
अलीगढ़। अमेरिका में अध्ययन के लिए अमेरिकन एल्यूमनाई एसोसिएशन ने छात्रों को पोस्ट ग्रेजुएट शिक्षा के लिए उपलब्ध करायी जाने वाली वित्तीय सहायता के लिए आवेदन भेजने की तिथि 15 जून निर्धारित की है। द अमेरिकन एल्यूमनाई एसोसिएशन की महासचिव ज्योति ए वादमरे ने एएमयू के कुलपति को भेजे मेल में अवगत कराया है कि अमेरिका में पोस्ट ग्रेजुएट शिक्षा में अध्ययन करने के लिए जरूरतमंद छात्रों को गत 26 वर्षो से एसोसिएशन वित्तीय सहायता उपलब्ध करा रही है। वादमरे के मुताबिक एसोसिएशन अपनी स्थापना 1968 से अब तक 200 छात्रों को वित्तीय सहायता उपलब्ध करा चुकी है।

परीक्षा संपन्न
अलीगढ़। एएमयू की कक्षा ग्यारह एवं डिप्लोमा इंजीनियरिंग की संयुक्त प्रवेश परीक्षा 42 परीक्षा केन्द्रों पर शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो गई। इस प्रवेश परीक्षा में 24 हजार से अधिक परीक्षार्थी शामिल हुए। परीक्षा में सर्वाधिक 1700 परीक्षार्थी एसटीएस हाईस्कूल में बने परीक्षा केन्द्र पर शामिल हुए। जब कि वीमेन्स कालिज में 1400, अवर लेडी ऑफ फात्मा स्कूल में 1240, सिटी हाईस्कूल में 1140, एएमयू गर्ल्स हाईस्कूल में 1130, सीनियर सेकेंड्री स्कूल ब्वायज में 1049 तथा बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन विभाग में एक हजार परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। ग्यारहवीं व डिप्लोमा इंजीनियरिंग की प्रवेश परीक्षा पहली बार अलीगढ़ से बाहर लखनऊ में भी आयोजित कराई गई।
 

अब्दुल मलिक का प्रोजेक्ट स्वीकृत

अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कृषि माइक्रोबायलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डा अब्दुल मलिक को एक अन्तर्राष्ट्रीय संयुक्त अनुसन्धान प्रोजेक्ट श्मोलीक्यूलर स्क्रीनिंग, आईसोलेशन एण्ड करेक्टराइजेशन ऑफ कन्जुगेटिव प्लासमिडस फ्रॉम कन्टामिनेटेड सोएल्स टेक्निकल यूनिवर्सिटी, बर्लिन, जर्मनी के डा एलिजाबेथ ग्रोहामन के साथ डीएसटी/डीएएडी (जर्मनी) के शैक्षिक करार कार्यक्रम के तहत स्वीकृत किया है। इस कार्यक्रम के तहत डा मलिक ने जर्मनी के बर्लिन नगर में स्थित उमवेल्टमिक्रो बाइलोजी टेक्निकल विश्वविद्यालय में डिटेक्शन ऑफ कन्जुगेटिव प्लासमिडस एण्ड एन्टीबायोटिक रेजिस्टेन्स जेनेस इन कन्टीमिनेटेड सोएल्स ऑफ इण्डिया एण्ड जर्मनी एण्ण्ड जेनोटोक्सिटी ऑफ वास्टवाटस एण्ड सोएल्स, विषय पर व्याख्यान दिये। अनुसन्धान के दौरान प्राप्त जानकारियों को फेडरेशन ऑफ यूरोपियन माइक्रोबायोलॉजी सोसाएटी एवं अप्लाइड माइक्रोबायोलॉजी के जरनलों में भी प्रकाशित किया गया है। डा ग्रोहमान ने भी अमुवि में जनवरी तथा मार्च 2009 में एग्रीकल्चर माइक्रोबायोलॉजी विभाग में व्यायान प्रस्तुत किये थे। डा मलिक ने 2006 एवं 2008 में भी बर्लिन स्थित टेक्निकल यूनिवर्सिटी का दौरा किया था।
बर्लिन
स्थित टेक्निकल यूनिवर्सिटी की गिनती विश्व के सर्वोत्तम शिक्षण संस्थानों में होती है तथा वहां विभिन्न विषयों के अनुसन्धान होते हैं। विश्वविद्यालय के एनवायरनमेन्टल माइक्रोबाइलोजी एवं ईकोटोक्सीकोलोजी विभाग सर्वोत्तम हैं जहॉ वेस्ट वाटर तथा कन्टीमिनेटेड सोएल्स फॉर दी मोलीक्यूलर डिटेक्शन ऑफ कन्जुगे्रटिव प्लासामिडस एण्ड एन्टीबायोटिक रेजिस्टेन्स जेनेस एण्ड जोनोटोक्सी ऑफ वेस्ट करार एण्ड सोएल्स पर बुद्धिजीवी निरन्तर कार्य करते रहते हैं। डा मलिक अमुवि के एग्रीकल्चर माइक्रोबायोलॉजी विभाग में पिछले चौदह वर्षो से अध्यापन का कार्य कर रहे हैं तथा उन्हें यंग साइंसटिस प्रोजेक्ट भी मिल चुके हैं। भारत सरकार ने भी उन्हें डीएसटी, सीएसआईआर, यूजीसी के प्रिंसपिल इन्वेस्टीगेटर के रूप में अनुसन्धान के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई है।

एएमयू ‍की म्यूजिक सीडी तैयार
लीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जनरल एजूकेशन सेंटर के म्यूजिक क्लब ने अमुवि संस्थापक सर सैयद अहमद खान को समर्पित सीडी का छठा संग्रह धनक तैयार किया है। इस सीडी में शास्त्रीय लोकगीत, गजल एवं यूनिवर्सिटी के तराने को शामिल किया गया है। म्यूजिक इंस्ट्रेक्टर एवं गजल गायक जॉनी फॉस्टर के निर्देशन में तैयार हुई इस सीडी में बीटेक, बीए, बीएससी, बीएफए, बीएएलएलबी, एमबीबीएस, डिप्लोमा इं जीनियरिंग, मॉस कम्यूनिकेशन तथा एमए के छात्रों ने अपनी आवाज दी है। जॉनी फॉस्टर ने बताया कि हालांकि यह छात्र संगीत के नियमित छात्र नहीं हैं, परन्तु इसके बावजूद भी वह संगीत के उच्च मापदंडों पर खरे उतरे हैं।
धनक
में अनेक पुरस्कार प्राप्त सारे जहॉ से अच्छा हिन्दुस्तां हमारा, हज़रत अमीर खुसरो की बंदिश सकल बन चल रही सरसों, रामप्रसाद बिस्मिल की सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है, अमुवि तराना, समूहगान दूर अपने वतन से कहॉ जाओगे तथा अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालय संघ देहली को प्रस्तावित सांस्कृतिक गान आदि शामिल हैं। उन्होंने बताया कि उनके छात्रों का तैयार किया प्रथम कैसिट 1988 में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने जारी किया था जो पं जवाहर लाल नेहरू को समर्पित था। इसके अलावा एक अन्य कैसिट अलीगेरियन जिसमें राही मासूम रजा, जांनिसार अख्तर, शहरयार, डा बशीर बद्र, जावेद अख्तर, असद बदायूनी तथा मुईन जज़बी की गज़लें शामिल हैं, भी अमुवि बिरादरी के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि सीडी का निर्माण अमुवि के टेलेंट को उभारने के अभियान के तहत किया गया है। इसकी रिकार्डिंग में लगभग 150 छात्रों एवं पूर्व छात्रों ने भाग लिया। समस्त छह सीडी का खर्चा स्वंय छात्रों ने उठाया है।

विभागाध्यक्षों की नियुक्तियां
अलीगढ़।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के लेंगिवेस्टिक्स विभाग, कम्पयूटर इंजीनियरिंग विभाग तथा कैमिकल इंजीनियरिंग विभाग में नये विभागाध्यक्षों की नियुक्तियां की गई हैं। प्रोफेसर इम्तियाज हसनैन लेंग्वेस्टिक्स विभाग के नये विभागाध्यक्ष होंगे। उनकी नियुक्ति प्रोफेसर एआर फतही के विभागाध्यक्ष पद का कार्यकाल पूर्ण होने के उपरान्त की गई है। मुहम्मद कासिम रफीक को कम्पयूटर इंजीनियरिंग तथा प्रोफेसर मुहम्मद इदरीस को कैमिकल इंजीनियरिंग विभाग का नया विभागाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इन विभागाध्यक्षों का कार्यकाल तीन वर्ष के लिए होगा।


दानिश ने मां-बाप का नाम रौशन किया!

लीगढ़। यूजीसी एकेडेमिक स्टाफ कालिज, एएमयू में भारत स्थित अमेरिकी दूतावास के एक्सेज़ स्कॉलरशिप प्रोग्राम में एएमयू सिटी हाईस्कूल के मेधावी छात्र दानिश अख्तर को ग्रीष्मकालीन कार्यशाला हेतु तीन सप्ताह के लिए अमेरिका में आमंत्रित किया गया है। कार्यशाला अग्रेजी भाषा के श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए आयोजित की जाती है।
दानिश अख्तर सिटी स्कूल में नवीं कक्षा का छात्र है। दानिश ने एएमयू के सभी स्कूलों में प्रथम स्थान प्राप्त किया। सौ मेधावी विद्यार्थियों में दानिश का प्रदर्शन और भाषा शैली सर्वश्रेष्ठ रही। इसके लिए उन्हें लिखित परीक्षा तथा कड़े साक्षात्कार से गुजरना पड़ा। ज्ञात हो कि यूजीसी एकेडेमिक स्टाफ कालिज, अलीगढ़ में नवम्बर 2007 से अंग्रेजी भाषा का यह कार्यक्रम चल रहा है। पहले चरण में 5 मेधावी छात्रों को सूची में रखा गया जिसमें दानिश अख्तर ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। दानिश के पिता डा अख्तर हुसैन अलीगढ़ आयुर्वेदिक एवं यूनानी कालेज में प्रवक्ता हैं। 26 जुलाई से 21 दिन की यह कार्यशाला अमेरिका के विभिन्न प्रसिद्ध नगरों में आयोजित की जायेगी। सिटी हाईस्कूल के प्राचार्य सैयद तनवीर नबी ने दानिश और उनके परिवार को बधाई दी है तथा उनके उज्जवल भविष्य की कामना व्यक्त की है। यूजीसी एकाडमिक स्टाफ कालिज के निदेशक प्रोफेसर एआर किदवई ने इसे विश्वविद्यालय के लिए एक उपलब्धी बताया तथा छात्र को शुभकामनाएं दी हैं। स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम की ओर से भी दानिश्‍ा को बधाई।

 

मुरसलीन गेस्ट हाउस के मेम्बर इंचार्ज
अलीगढ़। एएमयू के कुलपति प्रोफेसर पीके अब्दुल अजीज़ ने मैथमेटिक्स विभाग के प्रोफेसर मुरसलीन को यूनिवर्सिटी गेस्ट हाउस का दो वर्ष के लिए मेम्बर इंचार्ज नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति प्रोफेसर मुहम्मद मसूद खालिद के स्थान पर की गई है। नियुक्ति के आदेश तत्काल प्रभाव से प्रभावी हो गये हैं।

 

क्रिकेट में चयन के लिए ट्रायल
लीगढ़। कड़ी गर्मी में जब सब घर या आफिस में कूलर और एसी में बैठने के अलावा कुछ पसन्द नहीं करते वहीं एएमयू के क्रिकेट पवैलियन पर 8  से 18 साल तक की उम्र के बच्चे क्रिकेट की दीवानगी में क्रिकेट सीखने विल्गिंडन क्रिकेट खेल के मैदान में पहुंच जाते हैं। इनकी इसी हिम्मत को देखते हुए गेम्स कमेटी सचिव प्रोफेसर तारिक मंसूर और क्रिकेट क्लब अध्यक्ष डा एस अमजद रिजवी इन लड़कों को प्रोत्साहित करने क्रिकेट मैदान पहुंचे और इनसे मिलकर इनकी हौसला अफजाई की। तीन हफ्ते के इस कोचिंग कैम्प में 26 लड़कों ने जो कि अलीगढ़ के विभिन्न स्कूलों के हैं, ट्रायल दिया था। इनमें से 60 खिलाड़ियों का अंतिम रूप से चयन किया गया। ट्रायल के चयनकर्ता पूर्व रणजी खिलाड़ी असलम अली, अमुवि के पूर्व कप्तान मसूद अमीनी एवं सईदुर्रहमान थे। यह कैम्प गेम्स कमेटी हरेक वर्ष निःशुल्क आयोजित करती है।

 

तम्बाकू सेवन? कभी नहीं!

लीगढ़। एएमयू में जवाहर लाल नेहरू मेडीकल कालिज के रेडियोथेरेपी विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर शाहिद ए सिद्दीकी का कहना है कि विभिन्न अंगों का कैंसर, श्‍वांस रोग संबंधी रोग, अस्थमा एवं सीओपीडी, कोरोनरी आर्टीरी बीमारियां तथा उनके कारण होने वाली मृत्यों का एक महत्वपूर्ण कारण तम्बाकू सेवन है और इसे लोगों को जागरूक बनाकर टाला जा सकता है। प्रोफेसर सिद्दीकी ने यह बात विश्व तम्बाकू रहित दिवस के अवसर पर विभाग में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने
कहा कि महिलाओं में इन बीमारियों के अलावा फर्टिलिटी डिसआर्डर, गर्भपात एवं कोंजनीटल एबनॉरमलटीज भी तम्बाकू के कारण होती है। तम्बाकू सेवन से मरने वाले लोगों की संख्या सड़क हादसों, आत्महत्या, होमीसाइडस एवं एड्स व टीबी आदि की दोगुनी हो चुकी है। प्रो सिद्दीकी ने कहा कि विश्व में तम्बाकू के कारण मरने वालों की संख्या में तेज गति से वृद्धि हुई है। सन् 2005 में यह संख्या 5 मिलियन थी परन्तु इस बात का सख्त अंदेशा है कि 2020 में यह संख्या बढ़कर 10 मिलियन तक पहुंच जाएगी। प्रो शाहिद सिद्दीकी ने कहा कि विश्वस्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में प्रति वर्ष 1-5 मिलियन की दर से तम्बाकू सेवन के कारण मरने वाले लोगों की संख्या में वृद्धि हो रही है।
उन्होंने
इंडियन कांउसिल ऑफ मेडीकल रिसर्च में एपीडेमियोलोजी अध्ययन के बारे में बताते हुए कहा कि भारत में 184 मिलियन लोग तम्बाकू का सेवन करते हैं। उनमें से 20 प्रतिशत लोग सिगरेट पीते हैं, 40 प्रतिशत बीड़ी तथा अन्य 40 प्रतिशत तम्बाकू खाते हैं। हरेक वर्ष 55 हजार बच्चे धूम्रपान की लत का शिकार होते हैं। तम्बाकू के कारण हरेक वर्ष 8 लाख भारतियों की मृत्यु हो जाती है। वर्तमान समय में तम्बाकू सेवन, गुटका एवं पान मसाला के रूप में प्रचलित है और यह युवा वर्ग में काफी लोकप्रिय है। जिसके विरूद्ध ठोस एवं कारगर अभियान शुरू किये जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्‍य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने तम्बाकू सेवन के खतरों को लेकर जो चित्रित स्वास्थ्‍य चेतावनी जारी करने के आदेश दिये हैं, उससे निरक्षर लोगों तक तम्बाकू के उपयोग से जानलेवा परिणामों के विषय में प्रभावी जानकारी मिल सकेगी। उन्होंने सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान का तीव्र विरोध होना चाहिए।

कुलपति से मिलने का नया समय
अलीगढ़।
एएमयू के कुलपति प्रोफेसर पीके अब्दुल अजीज़ ने गर्मियों में शिक्षकों तथा छात्रों से मिलने का नया समय निर्धारित किया है जो 15 जुलाई तक प्रभावी रहेगा। रजिस्ट्रार सचिवालय से जारी सूचना के अनुसार शिक्षक हरेक मंगलवार व बुद्धवार को दोपहर 12 बजे से एक बजे के बीच तथा छात्र हरेक सोमवार व बृहस्पतिवार को 12 बजे से एक बजे के बीच कुलपति से मिल सकते हैं। कुलपति से मिलने के लिए उनके कार्यालय में लिखित में आवेदन जमा करना होगा।

सबजेक्ट रिफ्रेशर कोर्स संपन्न
अलीगढ़।
एएमयू में यूजीसी एकेडेमिक स्टाफ कालिज का, देश भर के शिक्षकों के लिए कम्पयूटर एप्लीकेशन्स पर आयोजित सबजेक्ट रिफ्रेशर कोर्स संपन्न हो गया। समापन समारोह में अंग्रेजी के प्रमुख विद्वान एवं मुख्य अतिथि प्रोफेसर एमेरेटस प्रोफेसर फरहतउल्लाह खान ने प्रतिभागी शिक्षकों को सर्टीफिकेट वितरित किये। अपने उद्बोधन में प्रोफेसर फरहतउल्लाह खान ने शिक्षकों से शैक्षणिक गुणवत्ता एवं व्यवसायिक प्रगति के लिए हमेशा कार्य करते रहने का आव्हान किया। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि वैश्वीकरण के दौर में शिक्षा के क्षेत्र में भी निरंतर शोध कार्य हो रहे हैं और इससे शिक्षकों का परिचित होना आवश्यक है
एकेडेमिक
स्टाफ कालिज के निदेशक प्रोफेसर एआर किदवई ने शिक्षकों से सामाजिक न्याय, साम्प्रदायिक सौहार्द एवं शांतिपूर्ण वातावरण में कार्य करने का आव्हान किया। कार्यक्रम में आरएमएल अवध विश्वविद्यालय फैजाबाद में बायोकैमिस्ट्री के शिक्षक डा फर्रूख जमाल एवं बुंदेलखण्ड विश्वविद्यालय झांसी के वाणिज्य प्रबंधन विभाग की डा अर्चना वर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त किये। कम्पयूटर साइंस विभाग के अध्यक्ष एस माहेश्वरी ने राष्ट्रीय एकता पर आयोजित निबंध प्रतियोगिता में विजयी शिक्षकों को पुरस्कार प्रदान किये। सबजेक्ट रिफ्रेशर कोर्स के कार्डीनेटर कम्पयूटर साइंस के डा सुहेल मुस्तजबा थे। इसमें 57 विवि व कालिजों के शिक्षकों ने भाग लिया।

नौवीं का परीक्षा का परिणाम
अलीगढ़।
एएमयू की कक्षा 9 की वार्षिक परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया गया है। इस वर्ष नवीं कक्षा में 75-77 प्रतिशत छात्र-छात्रायें उत्तीर्ण हुए हैं। नौवीं कक्षा में एसटी हाईस्कूल में 264 में से 225, सिटी हाईस्कूल में 214 में 159, गर्ल्स हाईस्कूल में 334 में से 245, सिटी गर्ल्स हाईस्कूल में 86 में से 54 तथा अहमदी ब्लाइंड स्कूल में 6 छात्रों में से 2 छात्र इस वार्षिक परीक्षा में कामयाब हुए हैं। इस परीक्षा में 904 छात्र शामिल हुए जिनमें 685 ने सफलता प्राप्त की।

एएमयू ने संयुक्त प्रवेश परीक्षा कराई

लीगढ़। एएमयू के इतिहास में पहली बार एमबीबीएस और बीडीएस की संयुक्त प्रवेश परीक्षा लखनऊ और हैदराबाद में आयोजित की गई इसके साथ ही भोपाल, कोलकता, कोजीकोड और अलीगढ़ में भी यह प्रवेश परीक्षा सम्पन्न हुई। प्रवेश परीक्षा में देश भर के 21 हजार 131 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था जिसमें अलीगढ़ सेंटर के लिये 9424 अभ्यर्थी थे। अलीगढ़ में यह प्रवेश परीक्षा तेरह परीक्षा केन्द्रों पर प्रातः 9 बजे से 12 बजे तक हुई।
कुलपति प्रोफेसर पीके अब्दुल अजीज़, कंट्रोलर प्रोफेसर मुहम्मद इरफान, रजिस्ट्रार प्रोफेसर वीके अब्दुल जलील ने अलीगढ़ के विभिन्न परीक्षा केन्द्रों का निरीक्षण किया। प्रवेश परीक्षा को सुचारू रूप से सम्पन्न कराने के लिये सुरक्षा व्यवस्था के विशेष प्रबन्ध किये गये, प्रोक्टर कर्मियों को परीक्षा केन्द्रों के बाहर तैनात किया गया था और यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से सम्पन्न कराने के लिये स्थानीय पुलिस ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। विश्वविद्यालय प्रशासन ने अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों के ठहरने के लिये विश्वविद्यालय परिसर में ही आवासीय सुविधा उपलब्ध कराई थी साथ ही एनएसएस के छात्र व छात्राओं ने रेलवे स्टेशन सहित अन्य स्थानों पर विशेष सहायता शिविर लगाये थे उन्होंने बाहर से आने वाले अभ्यर्थियों का मार्ग दर्शन किया।
परीक्षार्थियों के अभिभावकों ने विवि प्रशासन ने सुविधाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी व्यवस्थायें अन्य संस्थानों में देखने को नहीं मिलतीं। मेडीकल की इस प्रवेश परीक्षा को सम्पन्न कराने में एएमयू के सेवानिवृत्त और वरिष्ठ प्रोफेसरों ने भी पूरी तरह से सहयोग प्रदान किया। प्रख्यात इतिहासकार प्रोफेसर इरफान हबीब, एमरेटस प्रोफेसर फरहतउल्लाह खॉ, पूर्व कंट्रोलर और टीचिंग स्टाफ एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर हुमायूं मुराद, मेडीसन संकाय के डीन प्रोफेसर अबूकमर सिद्दीकी, पूर्व डीन प्रोफेसर शमीम जहॉ रिज़वी, प्रख्यात इतिहासकार प्रोफेसर शीरीं मूसवी, सेवानिवृत्त प्रोफेसर वजाहत हुसैन ने पर्यवेक्षक के रूप में प्रवेश परीक्षा को सम्पन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

एमएड एवं एमएलआई परीक्षा संपन्न

अलीगढ़। एएमयू की एमएड एवं एमएलआई साइंस की प्रवेश परीक्षा शांतिपूर्ण संपन्न हुई। एमएड की प्रवेश परीक्षा में 201 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है जब कि एमएलआई की प्रवेश परीक्षा के लिए 53 उम्मीदवारों ने आवेदन किया है। यह प्रवेश परीक्षा मैथमेटिक्स विभाग में बने परीक्षा केंद्र पर आयोजित की गई।

परीक्षा कार्यक्रम
अलीगढ़।
एएमयू की सीनियर सेकेंड्री स्कूल सर्टीफिकेट कोर्स पार्ट सेकेंड (कक्षा-12) व सेकेंड्री स्कूल सर्टीफिकेट कोर्स पार्ट सेकेंड (कक्षा-10) की पूरक परीक्षा की तिथि घोषित कर दी गई है। परीक्षा कंट्रोलन प्रोफेसर मुहम्मद इरफान ने बताया कि कक्षा-12 की पूरक परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र अपने आवेदन 13 जून तक कक्षा दस की पूरक परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र अपने आवेदन 10 जून तक परीक्षा शुल्क के साथ जमा कर सकते हैं।


गोपाल कृष्ण गांधी दीक्षान्त समारोह के मुख्य अतिथि

अलीगढ़। पश्चिमी बंगाल के राज्यपाल गोपाल कृष्ण गांधी ने 7 जून को एएमयू के वार्षिक दीक्षान्त समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पधारेंगे। उन्होंने इसकी स्वीकृति प्रदान कर दी है। समारोह में अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति के संगीतकार और आस्कर पुरस्कार विजेता एआर रहमान, साहित्य अकादमी के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर गोपी चन्द नारंग को डी लिट की मानद उपाधियां प्रदान की जायेंगी साथ ही प्रख्यात कृषि वैज्ञानिक और भारत में हरित क्रान्ति के जनक प्रोफेसर एमएस स्वामीनाथन और उद्योगपति रतन टाटा को भी मानद उपाधियां प्रदान करने का निर्णय लिया लिया गया है। वार्षिक दीक्षान्त समारोह की अध्यक्षता चासंलर जसटिस एएम अहमदी करेंगे।

छात्रों ने लैदर की वस्तुओं की प्रदर्शनी लगाई
लीगढ़। एएमयू के पालीटेक्निक में लैदर एण्ड फुटवियर टेक्नालॉजी के अंतिम वर्ष के छात्रों ने पॉलीटेक्निक में लैदर से निर्मित वस्तुओं की प्रदर्शनी लगायी गयी जिसमें लैदर से बनाये गए जूते विशेष आकर्षण का केन्द्र रहे।
सेंट्रल
फुटवियर ट्रेनिंग इंस्टीटयूट आगरा के निदेशक एसएन गांगुली ने छात्रों की बनायी वस्तुओं की सराहना करते हुए कहा कि एएमयू पॉलीटेक्निक के छात्र कोलकाता व आगरा के लैदर एण्ड फुटवियर संस्थानों के मुकाबले अल्प अवधि में उत्कृष्ट कार्य व डिजाइन का प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत की जनता डैनमार्क व अमेरिका के मुकाबले जूतों का कम प्रयोग करती है, जिसका कारण यहॉ का गर्म वातावरण है। उन्होंने कहा कि भारत, लैदर के जूतों के निर्यात के मामले में अभी काफी पिछड़ा हुआ है, आवश्यकता इस बात की है कि लैदर एण्ड फुटवियर टेक्नालॉजी के छात्र अपना कोर्स पूर्ण करने के बाद स्वयं का रोजगार प्रारम्भ कर निर्यात को बढ़ावा देने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।
पॉलीटेक्निक
के प्रिंसपिल प्रोफेसर एस इकबाल अली ने कहा कि एसएन गांगुली, पॉलीटेक्निक के लैदर एण्ड फुटवियर टेक्नालॉजी सेक्शन से इसकी स्थापना से ही जुड़े हुए हैं। उन्होंने बताया कि इस प्रदर्शनी में छात्रों ने डिजाइन डेवलपमेंट, रॉमेटीरियल प्रोडक्शन, मूल्य निर्धारण, अंतिम मैन्यूफक्चरिंग को प्रदर्शित किया है। इनमें लैडीज़ व जैन्टस जूते विशेष रूप से शामिल हैं। इस अवसर पर सेक्शन के शिक्षक मुहम्मद सईदउज्जमा, एसके बासु व पंकज त्यागी भी मौजूद थे।

अमेरिकन सेंटर ने दीं इंग्लिश टीचिंग की पुस्तकें

अलीगढ़। भारत स्थित अमेरिकी दूतावास के अमेरिकन सेंटर के रीजनल इंग्लिश आफिस ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से हुए करार के तहत इंग्लिश टीचिंग की पॉच सौ से अधिक पुस्तकें दान स्वरूप भेंट की हैं।
रीजनल इंग्लिश लेंग्वेज आफिस के निदेशक रिचर्ड ए बॉयम ने यूजीसी एकेडेमिक स्टाफ कालिज के निदेशक प्रोफेसर एआर किदवई को लिखे एक पत्र में इस बात की जानकारी दी है। उन्होंने कहा है कि गत चार वर्षो से एएमयू के साथ कार्य करना एक हर्ष की बात रही है। इस रिश्ते को और अधिक मजबूती प्रदान करने के लिए यह पुस्तकें भेजी जा रही हैं जो शिक्षकों, छात्रों व शोधार्थियों के लिए बहुत उपयोगी साबित होंगी।
गौरतलब है कि कुलपति प्रोफेसर पीके अब्दुल अजीज़ के नेतृत्व में यूजीसी एकेडेमिक स्टाफ कालिज ने अमेरिकन सेंटर के साथ एक करार पर हस्ताक्षर किये थे, जिसके तहत अमेरिकन सेंटर ने एएमयू के सौ छात्रों को अपने एसेस इंग्लिश लैंग्वेज प्रोफिशियन्सी प्रोग्राम के अंतर्गत प्रायोजित किया था। यह कार्यक्रम एकेडेमिक स्टाफ कालिज में गत दो वर्षो से निरन्तर चल रहा है। अमेरिकन सेंटर की पुस्तकों से एएमयू के अंग्रेजी शिक्षकों, छात्रों व शोधार्थियों तथा एकेडेमिक स्टाफ कालिज को काफी लाभ पहुंचेगा। इन पुस्तकों में न्यू वेज़ इन टीचिंग ग्रामर, टीचिंग लिस्निंग, टीचिंग रीडिंग, टीचिंग स्पीकिंग, टीचिंग राइटिंग, टीचिंग वाकबलरी, क्लासरूम एसेसमेंट आदि की पुस्तकें मुख्य रूप से शामिल हैं।
 

हैपेटाइटिस डे पर शिविर लगाया

अलीगढ़। एएमयू के जवाहर लाल नेहरू मेडीकल कालिज में वर्ल्ड हैपेटाइटिस डे पर लोगों में जागरूकता लाने के लिए एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। वर्ल्ड हैपेटाइटिस डे पर हुए इस पहले वार्षिक कार्यक्रम में हैपेटाइटिस की बीमारी के लक्षण, उसकी रोकथाम और इलाज के बारे में लोगों को जागरूक किया गया। बताया गया कि हैपेटाइटिस बी और सी की बीमारी एचआईवी/एड्स व टीबी जैसी खतरनाक बीमारी है।
जेएन मेडीकल कालिज के मेडीसन विभाग के गेस्टोएंट्रोलोजिस्ट प्रोफेसर एमआर अजमल के नेतृत्व में आयोजित शिविर में कार्यक्रम में लोगों के लिए शिक्षाप्रद पोस्टर लगाये गये और एमआई नम्बर टूवैल्व की टी शर्ट का वितरण किया गया। जिसका मतलब है कि विश्व में तकरीबन हर बारहवां व्यक्ति हैपेटाइटिस बी और सी से ग्रसित है। प्रोफेसर एमआर अजमल ने बताया कि विश्व में लगभग 350 मिलियन लोग हैपेटाइटिस से ग्रस्त हैं और इससे लगभग एक मिलियन लोग हरेक वर्ष मौत का शिकार हो जाते हैं। केवल भारत में ही हैपेटाइटिस सी से मरने वाले लोगों की संख्या लगभग एक लाख प्रति वर्ष है।
प्रोफेसर अजमल ने बताया कि आम लोगों को इस बात से परिचित कराना आवश्यक है कि हैपेटाइटिस वायरस ए एण्ड ई से ग्रस्त होने से उत्पन्न पीलिया रोग सीमित स्वरूप का होता है, लेकिन हैपेटाइटिस बी एण्ड सी अधिकतर हानिकारक होता है तथा इस पर ध्यान देने की विशेष आवश्यकता है। इसके संक्रमण से नवजात शिशुओं में नब्बे प्रतिशत बच्चों में 35 से 45 प्रतिशत और बड़ों में पॉच प्रतिशत क्रोनिक हैपेटाइटिस की संभावना होती है। इस संक्रमण से बचने के लिए मुख्य उपाय और इलाज में हैपेटाइटिस बी का टीका रक्त की नियमित जॉच, सर्जरी अथवा बच्चे के जन्म एवं पैथालोजिकल जॉच के समय अति सावधानी बरतने की आवश्यकता है। बाजार में शेविंग के समय या नाक, कान छिदवाने में भी सावधानी बरतनी चाहिए। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं को नियमित रूप से जॉच कराते रहना चाहिए। हैपाटाइटिस से ग्रस्त महिलाओं का अपने नवजात शिशुओं को जन्म लेते ही एचआईवी का टीका लगवाना चाहिए। प्रोफेसर अजमल ने बताया कि अब हैपेटाइटिस बी एण्ड सी से संक्रमित हर वर्ग के लोगों के लिए दवायें उपलब्ध हैं। हैपेटाइटिस से पीड़ित व्यक्ति के लीवर में सूजन हो जाती है। इस बीमारी के चलते लीवर बुरी तरह से प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि जेएन मेडीकल कालिज हास्पिटल में इस रोग से पीड़ित लोग उपचार के लिए हरेक शनिवार को जीई क्लीनिक ओपीडी नम्बर 22 में संपर्क स्थापित कर सकते हैं।

बीटेक, बीआर्क की प्रवेश परीक्षा हुई
लीगढ़। एएमयू में बी टेक और बी आर्क की प्रवेश परीक्षा सत्ताइस परीक्षा केन्द्रों पर शांतिपूर्ण समपन्न हुई। राष्ट्रीय स्तर की इस प्रवेश परीक्षा को सुचारू रूप से सम्पन्न कराने के लिये विश्वविद्यालय प्रशासन ने व्यापक प्रबंध किये थे। सुबह दस बजे से एक बजे तक बी टेक की प्रवेश परीक्षा 25 केन्द्रों पर हुई जिसमें जीटी रोड स्थित सिटी हाई स्कूल में सर्वाधिक ग्यारह सौ चालीस अभ्यर्थियों के बैठने की व्यवस्था थी। विश्वविद्यालय परिसर से बाहर आवर लेडी फातिमा स्कूल के परीक्षा केन्द्र पर एक हजार अभ्यर्थियों के बैठने की व्यवस्था की गई थी।
कुलपति प्रोफेसर पीके अब्दुल अजीज़, कंट्रोलर प्रोफेसर मुहम्मद इरफान और रजिस्ट्रार प्रोफेसर वीके अब्दुल जलील ने विभिन्न परीक्षा केन्द्रों का निरीक्षण कर परीक्षा शांतिपूर्ण सम्पन्न होने पर प्रसन्नता व्यक्त की। कुलपति ने इस मौके पर विश्वविद्यालय के सेवानिवृत प्रोफेसरों का भी विशेष तौर पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने परीक्षा पर्यवेक्षक का दायित्व भली भॉति पूरा किया है। इस बार सेवानिवृत शिक्षकों को भी विभिन्न परीक्षा केन्द्रों में पर्यवेक्षक बनाया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ-साथ ट्रैफिक व्यवस्था को बनाये रखने में स्थानीय पुलिस ने भी सक्रिय भूमिका निभाई, जिला प्रशासन का भी पूरा सहयोग रहा। प्रोक्टर आफिस के कर्मियों को भी परीक्षा केन्द्र के बाहर तैनात किया गया था।
अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों के ठहरने के लिए विवि प्रशासन ने समुचित व्यवस्था की थी साथ ही अभ्यर्थियों के अभिभावकों को परीक्षा केन्द्रों के बाहर बैठने के लिये कुर्सियों के साथ-साथ शामियाने लगाये गये। भीषण गर्मी को देखते हुए एम्बूलैंस की व्यवस्था भी की गई थी और परीक्षा केन्द्रों पर ठंडे पानी के साथ साथ पहली बार गुलूकोज भी मुहैय्या कराया गया था।
एनएसएस के स्वंय सेवी छात्र-छात्राओं ने अभ्यर्थियों की सहायता के लिये विशेष शिविर लगाये और परीक्षा केन्द्रों तक पहुंचाने में मदद की। एएमयू में पहली बार लखनऊ और हैदराबाद में भी परीक्षा केन्द्र बनाये गये ताकि इन क्षेत्रों के अभ्यर्थियों को वहीं परीक्षा में बैठने की सुविधा उपलब्ध हो सके। इसके साथ ही भोपाल, कोलकोता और कोजी कोड में भी गत वर्ष से प्रवेश परीक्षा केन्द्र बनाये गये, इन सभी परीक्षा केन्द्रों पर भी सचारू रूप से प्रवेश परीक्षा सम्पन्न हो गई है।

ब्यूटी कल्चर कोर्सेज
अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय वीमेन्स कालिज का कैरियर प्लानिंग सेंटर ग्रीष्मकालीन अवकाश में ब्यूटी कल्चर (स्किन) तथा कम्पयूटर के क्रेश कोर्सेज 15 जून से प्रारंभ कर रहा है। इस कोर्स की अवधि 5 जुलाई तक होगी। इच्छुक छात्रायें कैरियर प्लानिंग सेंटर से आवेदन प्राप्त कर इन क्रेश कोर्सेज के लिए आवेदन कर सकती हैं।

 

रेलवे स्टेशन पर एनएसएस विशेष का शिविर

लीगढ। एएमयू में बी टेक/बी आर्क की प्रवेश परीक्षा के लिये अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों की सहायता के लिए रेलवे स्टेशन पर लगाए गए एनएसएस विशेष शिविर का उद्घाटन रजिस्ट्रार प्रोफेसर वीके अब्दुल जलील ने किया और कहा कि देश भर के विश्वविद्यालयों में एएमयू पहला एसा संस्थान है जो अपने अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों की सहायता के लिये ऐसी व्यवस्थायें करता है जिससे बाहर से आने वालों को किसी प्रकार की कठिनाई न हो।
उन्होंने एनएसएस के स्वंयसेवियों के समर्पित भाव से कार्य करने की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस सहायता शिविर से बाहरी व्यक्तियों को बहुत आसानी हो जाती है। उन्होंने विवि प्रशासन की ओर से इस रचनात्मक कार्य के लिये छात्रों और प्राध्यापकों के कार्यो की प्रशंसा की।
एनएसएस के समन्वयक अशकार हुसैन ने कहा कि प्रमुख प्रवेश परीक्षाओं के दौरान एनएसएस की टीम रात दिन रेल से आने वाले अभ्यर्थियों का मार्ग दर्शन करती रहेगी। परिसर में भी शिविर लगाये गए हैं ताकि अभ्यार्थियों को परीक्षा केन्द्रों तक पहुंचने मे कोई परेशानी न हो।
जनसंपर्क अधिकारी डा राहत अबरार ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने पन्द्रह स्थानों पर ठहरने की विशेष व्यवस्था की है। लड़कियों के ठहरने के लिये अलग से व्यवस्था की गई। उन्होंने कहा कि इस बात का प्रयास भी किया जाता है कि अभ्यर्थियों को परीक्षा केन्द्र के करीब ही ठहराया जाये ताकि भीड़ को कन्ट्रोल किया जा सके, साथ ही अभ्यर्थियों के मार्गदर्शन के लिये महत्वपूर्ण स्थानों पर परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिये मानचित्र भी लगाये गये। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यों से विश्वविद्यालय की छवि बेहतर होती है और अभ्यर्थियों में संस्था के प्रति हमदर्दी पैदा होती है।
एनएसएस के प्रोग्राम आफीसर डा कुवॅर आरिफ ने कहा कि वे लम्बे समय से एनएसएस की गतिविधियों से जुड़े हुए हैं और इस संस्था के छात्र पूरी निष्ठा और विश्वास के साथ अपने मेहमानों का स्वागत करते और उन्हें बेहतर सुविधायें उपलब्ध कराते हैं। प्रवेश परीक्षा में एएमयू में 12504 उम्मीदवार हिस्सा ले रहे हैं, जिनके लिए 25 प्रवेश परीक्षा केन्द्र बनाये गये।

परिचर्चा का आयोजन
अलीगढ। एएमयू के सुन्नी थ्योलोजी विभाग में परिचर्चा का आयोजन किया गया जिसमें विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर सऊद आलम कासमी ने शोध छात्रों से शोध कार्यो को उत्कृष्ट स्तर का बनाने की आवश्यकता जताई। इस अवसर पर एमफिल की छात्रा सायमा परवीन ने श्हक़ूकउल्लाह’’ पर अपना आलेख प्रस्तुत किया। मुहम्मद नासिर ने कुरान व गीता में अमन व युद्ध की शिक्षा पर अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए शोधार्थी नदीम अशरफ ने कहा कि आज विभाग में जो भी शैक्षणिक गतिविधियां हो रही उसका श्रेय विभागाध्यक्ष प्रोफेसर सऊद आलम कासमी को जाता है। इस अवसर पर रेहाना अख्तर, जावेद अहमद खॉ, आसिम खॉ, अबरारूल हक, निगार अफशॉ, शहनाज आमिर, ज़ाकिरा परवीन, ज़ीनत, ज़हीर व अतीकउर्रहमान आदि शोधार्थी मौजूद थे।
 

कोर्ट की बैठक
अलीगढ। एएमयू की कोर्ट की बैठक अगले माह 22 जून को होगी। रजिस्ट्रार कार्यालय के काउंसिल सेक्शन से जारी सूचना के अनुसार यह बैठक प्रातः 10 बजे यूनिवर्सिटी पॉलीटेक्निक के आडीटोरियम में होगी। कोर्ट सदस्यों को मीटिंग संबंधी एजेन्डा भी भेजा जा रहा है।

आईपी स्वीकृत
अलीगढ। एएमयू के जवाहर लाल नेहरू मेडीकल कालिज के कम्युनिटी मेडीसन विभाग में रोगियों (क्लीनिकल ट्रायल) की जॉच हेतु एक वृहद परियोजना एवालुएशन ऑफ इम्यूनोजेनेस्टी एण्ड सेफटी ऑफ रेबीज वेक्सीन हयूमैन (सेल कल्चर) आईपी स्वीकृत की गई है। कम्युनिटी मेडीसन विभाग के अध्यक्ष डाक्टर नजम खलीक ने बताया कि देश में केवल तीन मेडीकल कालिजों को इस क्लीनिकल ट्रायल के लिए स्वीकृति प्रदान की गई है। डा खलीक ने बताया कि ट्रायल में स्वास्थय स्वयंसेवकों की पहचान की जाएगी। उन्हें रैबीज़ की वेक्सीन दी जाएगी तथा सेरोलोजिकल टेस्टिंग के लिए रक्त के नमूने भी दिये जाएंगे ताकि ट्रायल वेक्सीन में इम्यूनोजेनेस्टी एवं सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। प्रयोग के दौरान यदि वेक्सीन उपयोगी पायी जाती है तो उसे बाजार में भी उपलब्ध कराया जाएगा। कम्युनिटी मेडीसन विभाग की वरिष्ठ चिकित्सक प्रोफेसर जुलफिया खान व विभागाध्यक्ष प्रोफेसर नजम खलीक को क्रमशः प्रिंसपिल एण्ड को-इंवेस्टीगेटर्स नियुक्त किया गया है। टीम के अन्य सदस्यों में वरिष्ठ लेक्चरार डाक्टर अब्दुल रज्जाक खान व रीडर डाक्टर एम अतहर अंसारी, दो प्रोजेक्ट सुपरवाइज़र के रूप में कार्य करेंगे। यही परियोजना बायोमेड (पी) लिमि टेड गाजियाबाद ने निर्मित की है।

 

न्यूरोफिजियोलोजी लैब का उद्घाटन

अलीगढ़। एएमयू के जवाहर लाल नेहरू मेडीकल कालिज के फिजियोलोजी विभाग में कुलपति प्रोफेसर पीके अब्दुल अजीज़ ने न्यूरोफिजियोलोजी लैब का उद्घाटन किया। इस लैब में मांसपेशियों एवं तंत्रिका तंत्र से संबंधित रोगों का इलाज मशीन से किया जायेगा। इस अवसर पर प्रोफेसर पीके अब्दुल अजीज़ ने कहा कि फिजियोलोजी विभाग ने लैब की स्थापना कर जो कार्य किया है वह भविष्य में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि जेएन मेडीकल कालिज को एम्स के बराबर दर्जा दिलाने के लिए आधुनिक सुविधाओं का होना आवश्यक है और मेडीकल कालिज को मिलने वाली डेढ़ सौ करोड़ रूपये की राशि से यह मेडीकल कालिज देश के आधुनिक मेडीकल कालिज के रूप में विकसित होगा।
मेडीसन संकाय के डीन प्रोफेसर अबुकमर सिद्दीकी ने कहा कि दो माह में यह दूसरा अवसर है जब विभाग में वैज्ञानिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि हाल में फिजियोलोजी विभाग से एक नवीन चिकित्सा जर्नल ग्लोबल जर्नल ऑफ एप्लाइड फिजियोलोजी का प्रकाशन हुआ है जिसके लिए इसके संपादक डा राजीव गुलाटी बधाई के पात्र हैं। मेडीकल कालिज के प्राचार्य एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रोफेसर एम अशरफ मलिक ने कहा कि सभी को तय किये गये शैक्षणिक मापदंडों को हासिल करने के लिए कठिन परिश्रम करना चाहिए।
फिजियोलोजी विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर डीके अग्रवाल ने न्यूरोफिजियोलोजी के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह लैब जेएन मेडीकल कालिज के विभिन्न विभागों जैसे आर्थोपैडिक, मेडीसन, पीडियाट्रिक्स, आप्थामालोजी तथा ईएनटी के लिए बुनियादी जॉच केन्द्र के रूप में कार्य करेगी। यह जॉच केन्द्र न्यूरो मसकुलर डिस आर्डर तथा लेजन्स ऑफ स्पाइनल कोर्ड के रोगियों के लिए लाभदायक होगा। विभाग में रीडर डा राजीव गुलाटी ने कुलपति को बुके भेंट कर उनका स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन विभाग की रीडर डा संगीता सिंघल ने किया।
इस अवसर पर प्रोफेसर अबरार हसन, प्रो शमीम जहॉ रिज़वी, प्रो खालिद शेरवानी, प्रो शाहिद सिद्दीकी, प्रो हारून सुभान खान, प्रो एमयू रब्बानी, डा शादाब ए खान, प्रो उषा सिंघल, प्रो कमलेश चंद्रा, डा नजम खलीक, डा एस मनाजिर अली व डा तमकीन रब्बानी भी मौजूद थीं।

 

अवकाश समय में संशोधन
अलीगढ़।
एएमयू की फैकल्टी ऑफ मेडीसन में ग्रीष्मकालीन अवकाश का पुर्न संशोधित कार्यक्रम घोषित किया गया है। नये कार्यक्रम के मुताबिक मेडीसन फैकल्टी में अवकाश अब 17 मई से 23 जून तथा 24जून से 31 जुलाई तक दो चरणों में होगा।

प्रवेश परीक्षा हुई
अलीगढ़।
एएमयू की बीयूएमएस एवं प्रीतिब की प्रवेश परीक्षा चार परीक्षा केन्द्रों पर संपन्न हुई। कंट्रोलर प्रोफेसर मुहम्मद इरफान ने बताया कि इस कोर्स में प्रवेश के लिए 1082 छात्र-छात्राओं ने आवेदन किया है। बीयूएमएस एवं प्रीतिब की यह परीक्षा सीनियर सेकेंड्री स्कूल (ब्वायज) व सीनियर सेकेंड्री स्कूल (गर्ल्स) में दो चरणों में हुई। बीयूएमएस में 847 तथा प्रीतिब में 235 अभ्यर्थी शामिल हुए।

सच की ही विजय होती है- कुलपति

अलीगढ़। एएमयू के समस्त संकायों के लगभग डेढ़ सौ प्राध्यापकों की विशेष बैठक में कुलपति प्रोफेसर पीके अब्दुल अजीज़ ने कहा है कि विश्वविद्यालय में शैक्षिक वातावरण, अनुशासन और सुरक्षा की स्थिति भी काफी सन्तोषजनक है जिसका श्रेय सभी शिक्षकों, गैर शिक्षकों और छात्रों को जाता है। वास्तव में यहां एक टीम भावना से सौहार्द का वातावरण स्थापित हुआ है, परन्तु कुछ लोग हैं जो इस संस्था की छवि को धूमिल करना चाहते हैं और विवि को विवादों में घेरने की चेष्टा कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि सच की ही विजय होती है और सच को हमेशा सामने लाना चाहिये।
कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय की छवि को बनाये रखने के लिये सभी को एक जुट होकर कार्य करना चाहिये। यह संस्था भारतीय मुसलमानों की सबसे बड़ी धरोहर है और इस संस्था के कुलपति का चयन भी कोर्ट के माध्यम से होता है जिसमें देश भर के नामी लोग शामिल हैं। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यो में पारदर्शिता लाने के लिये सभी निर्माण कार्य सीपीडब्ल्यूडी को दिये गये हैं और पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ इस संस्था के विकास के लिये कार्य किये जा रहे हैं।
कुलपति प्रोफेसरे अजीज़ ने बताया कि यूनिवर्सिटी के विजीटर की तरफ से जो नोटिस प्राप्त हुआ था उसका बिन्दुवार जवाब तैयार करके एक्‍जीक्यूटिव कौंसिल की मीटिंग से पास करके निर्धारित समय सीमा में भेज दिया गया है और इस ड्राफट रिप्रिजेन्टेशन की प्रतियां विभागाध्यक्षों को भी भेज दी गई हैं, यदि कोई व्यक्ति चाहे तो वह इसका अध्ययन कर सकता है। उन्होंने अफवाहों से सचेत रहने की भी अपील की और इसको विवि की गरिमा के विरूद्ध बताया।
उन्होंने बताया कि छात्रावासों को अनाधिकृत कब्जों से मुक्त करा दिया गया है और वेटिंग लिस्ट भी पूरी कर ली गई है। वे बोले कि मेरे पास कोई जादू नहीं है, बल्कि जो भी सुधार हुआ है उसमें सभी का सक्रिय सहयोग शामिल है। परिसर की सुरक्षा और अनुशासन एक बड़ी चुनौती थी परन्तु अब उसे पूरी तरह हल कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि वीमेन्स पॉलीटेक्निक और लाइब्रेरी में सीसीटीवी लगे हुए हैं।
मीटिंग में अंग्रेजी विभाग के मदीहउर्रहमान शेरवानी, वीमेन्स पॉलिटेक्निक के प्राचार्य प्रोफेसर शमीम अहमद, अम्बेडकर चेयर के प्रोफेसर एम शब्बीर, बायोकैमिस्ट्री विभाग के डा नजमुल इस्लाम, डा अमिताब, बाटनी के डा शाहिद फारूक, कम्युनिटी मैडीसन के डा अशर अंसारी और कानून विभाग के डा शकील समदानी ने भी अपने विचार व्यक्त किये।

 

स्वावलम्बी बनाने के लिए प्रशिक्षण

अलीगढ़। यूनिवर्सिटी वीमेन्स पालीटेक्निक तीन माह के अल्प अवधि व्यवसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम एमएस एण्ड इन्टरनेट सरफिंग, टैली, मोबाइल रिपेयरिंग एण्ड रिपेयर एण्ड मेंटीनेन्स ऑफ होम एप्लाइन्सेज प्रारम्भ करने जा रही है। वीमेन्स पालीटेक्निक के प्रिंसिपल प्रोफेसर शमीम अहमद ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गो की लड़कियों, महिलाओं को प्रशिक्षण देना है ताकि वे स्वावलम्बी हो कर अपना रोजगार प्रारम्भ कर सकें। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के लिए प्रार्थना मिलने शुरू हो गए हैं, इच्छुक अभ्यर्थी यूनिवर्सिटी वीमेन्स पालीटेक्निक के आफिस से विस्तारपूर्वक जानकारी हासिल कर सकते हैं। प्रत्येक पाठ्यक्रम में 15 सीटें उपलब्ध हैं। एमएस आफिस एण्ड इन्टरनेट सरफिंग एण्ड टैली में 5 सीटें विश्वविद्यालय के कर्मचारियों के लिए आरक्षित हैं।

शाबाश आबिद अली!
लीगढ़। एएमयू की फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग के मकैनिकल इंजीनियरिंग विभाग में युवा लेक्चरार डा आबिद अली को इस वर्ष का देश का प्रतिष्ठित यंग इंजीनियर्स का एवार्ड दिये जाने की घोषणा की गई है। यह एवार्ड हरेक वर्ष इंस्टीटयूशन ऑफ इंजीनियर्स ऑफ इंडिया गत पॉच वर्ष में शिक्षण तथा शोध में उल्लेखनीय कार्य करने पर युवा शिक्षक को प्रदान करती है। डा आबिद अली को यह एवार्ड प्रोडक्शन इंजीनियरिंग डिविजन बोर्ड ऑफ इंस्टीटयूशन की बैठक में लिये गये निर्णय पर देने की घोषणा की गई। डा आबिद को पुरस्कार त्रिचूर में आयोजित प्रोडक्शन इंजीनियर के 24 वें राष्ट्रीय कन्वेंशन में दिया जाएगा। डा आबिद अली गेट की परीक्षा उत्तीर्ण क रने के अलावा यूरोपियन स्कॉलरशिप भी प्राप्त कर चुके हैं। उन्होंने अपनी पीएचडी आयरलैंड से पूर्ण की है। उनके शोध पत्र महत्वपूर्ण जर्नल्स में प्रकाशित हो चुके हैं और वह अनेक राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय कांफ्रेंस में भी अपने विभाग का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।

बड़ी परीक्षाओं की विशेष तैयारियां
अलीगढ़। एएमयू में प्रवेश परीक्षाओं को सुचारू रूप से सम्पन्न कराने के लिये कुलपति प्रोफेसर पीके अब्दुल अजीज़ की अध्यक्षता में एक मीटिंग हुई जिसमें कुलपति ने शिक्षकों से अपील की है कि वह इन परीक्षाओं को सम्पन्न कराने के लिये अपना सहयोग प्रदान करें। कंट्रोलर परीक्षा प्रोफेसर मुहम्मद इरफान ने बताया कि इस वर्ष कक्षा ग्यारह और डिप्लोमा इंजीनियरिंग की संयुक्त प्रवेश परीक्षा में 25 हजार के करीब अभ्यर्थी भाग ले रहे हैं। इतनी बड़ी संख्या को ध्यान में रखते हुए लेडी फामिता और इकरा पब्लिक स्कूल को भी परीक्षा केन्द्र बनाया गया है। ग्रीष्मकालीन अवकाश की वजह से प्रवेश परीक्षाओं को सम्पन्न कराने में प्राध्यापकों से विशेष सहयोग की अपील की गई है। कार्यवाहक रजिस्ट्रार प्रोफेसर परवेज मुस्तजाब ने वार्षिक रिर्पोट को समय से पूर्व तैयार करने के लिये विभागाध्यक्षों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि 31 मई तक वांछित सूचनायें उपलब्ध करा दी जायें। उन्होंने कहा कि गत वर्ष वार्षिक रिर्पोट तैयार करने में विलम्ब हुआ था इस लिये इस कार्य को पहले से ही कराया जा रहा है। फाइनैंस आफीसर इन्चार्ज यासमीन जलाल बेग ने विभागाध्यक्षों से आग्रह किया है कि वह 31 मई तक खर्चे की रिर्पोट भेज दें ताकि दूसरी इंस्टालमैंट जारी कराई जा सके। प्रवेश परीक्षाओं को सम्पन्न कराने के लिए नियमित विद्युत आपूर्ति के लिये सम्बन्धित अधिकारियों से सम्पर्क स्थापित करने और जैनरेटर की व्यवस्था करने का भी निर्णय लिया गया।

परीक्षा में अव्वल
अलीगढ़। एएमयू में बारहवीं कक्षा के वार्षिक परीक्षाफल में फरह अज़हर छात्रा ने 93 प्रतिशत अंक प्राप्त कर पहली पोजीशन हासिल की है। फरह अज़हर ने चार सौ में से 372 अंक प्राप्त किये हैं। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में सीनियर सैकेंड्री स्कूल सर्टीफिकेट भाग-2 (कक्षा बारह) का परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया गया है। मुहम्मद लुकमान ने 90-50 प्रतिशत अंक प्राप्त कर द्वितीय और रिषब कुमार ने 89-50 प्रतिशत अंक प्राप्त कर तीसरा स्थान प्राप्त किया है।
 

बिजनेस परिक्षाएं संपंन

अलीगढ़। एएमयू की एमबीए/एमबीए (आईबी), पीजी डिप्लोमा इन इस्लामिक बैंकिंग एण्ड फायनांस व एमएफसी, एमटीए, पीजी डिप्लोमा इन बैंकिंग रिस्क एण्ड इन्शोरेन्स मैंनेजमेंट व पीजी डिप्लोमा इन बिजनेस फायनांस की प्रवेश परीक्षा संपन्न हो गई। इन परीक्षाओं में पॉच हजार से अधिक प्रवेशार्थियों ने आवेदन किया है। एमबीए/एमबीए (आईबी) व पीजी डिप्लोमा इन इस्लामिक बैंकिंग की प्रवेश परीक्षा एएमयू गर्ल्स हाई स्कूल, सीनियर सेकेंड्री स्कूल (ब्वायज़) गणित विभाग, भू-गर्भ विज्ञान विभाग तथा एसटी हाई स्कूल में बने परीक्षा केन्द्रों पर संपन्न हुई। प्रवेश परीक्षा में सर्वाधिक 1381 छात्र एस टी हाई स्कूल में बने परीक्षा केन्द्र पर शामिल हुए जब कि एएमयू गर्ल्स हाईस्कूल में 969 छात्रों ने परीक्षा दी। एमएफसी, एमटीए, बीआरआईएम व बिजनेस फायनांस की प्रवेश परीक्षा में 913 प्रवेशार्थियों ने शिरकत की। प्रवेश परीक्षा को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए विवि प्रशासन ने पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की थी।

परीक्षा समय में परिवर्तन
अलीगढ़। एएमयू की एमबीबीएस एवं बीडीएस की 28 मई को एएमयू में आयोजित होने वाली प्रवेश परीक्षा के प्रारम्भ होने के समय में मामूली परिवर्तन किया गया है। परीक्षा कंट्रोलर के कार्यालय से जारी सूचना के अनुसार अब यह प्रवेश परीक्षा प्रातः 10 बजे की बजाए सुबह नौ बजे प्रारंभ होगी और दोपहर 12 बजे समाप्त होगी।

कोर्ट सदस्य नियुक्त
अलीगढ़। एएमयू के चार विभागाध्यक्षों को वरिष्ठता के आधार पर यूनिवर्सिटी कोर्ट का सदस्य नियुक्त किया है। रजिस्ट्रार कार्यालय से जारी सूचना के अनुसार मकैनिकल इंजीनियरिंग विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर मुहम्मद हमीदउद्दीन, फिजिकल हैल्थ एण्ड र्स्पोट एजूकेभान विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर जावेद अली खान इलैक्ट्रोनिक्स इंजीनियरिंग विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर जिया अहमद अब्बासी तथा कुल्लियात विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर अनीस अहमद अंसारी नये कोर्ट सदस्य बने हैं। इन सदस्यों का कार्यकाल तीन वर्ष या उनके विभागाध्यक्ष पद पर तैनाती के दिन से माना जाएगा।
 

शिक्षकों का कंप्यूटर कोर्स शुरू

अलीगढ़। यूजीसी एकेडमिक स्टाफ कालिज एएमयू का सबजेक्ट रिफ्रेशर कोर्स इन कम्पयूटर एप्लीकेशन्स शुरू हो गया है, जिसमें मध्य प्रदेश, जम्मू एण्ड कश्मीर, उड़ीसा, राजस्थान, बंगाल, महाराष्ट्र, आसाम, बिहार, छत्तीसगढ़ एवं गुजरात के विश्वविद्यालयों और कालिजों के 57 शिक्षक भाग ले रहे हैं।
एकेडमिक स्टाफ कालिज के निदेशक प्रोफेसर एआर किदवई ने अपने स्वागत भाषण में सबजेक्ट रिफ्रेशर कोर्स के मुख्य बिन्दुओं पर प्रकाश डालते हुए एएमयू की परम्पराओं के बारे में प्रतिभागी शिक्षकों से अवगत कराया। उन्होंने सर सैयद के आंदोलन एवं राष्ट्र निर्माण में एएमयू की भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम की अध्यक्षता कम्पयूटर साइंस विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर एस माहेश्वरी ने की। कोर्स कोऑर्डीनेटर डा सुहैल मुस्तजाब ने भी कोर्स प्रतिभागियों को संबोधित किया।

डा कलीमउद्दीन को जर्मन की स्कॉलरशिप
लीगढ़। एएमयू के गणित विभाग में रीडर डा मुहम्मद कलीमउद्दीन को जर्मन एकेडमिक सर्विस की प्रतिष्ठित स्कॉलरशिप प्रदान की गई है। जिसके तहत वह इंस्टीटयूट ऑफ टेक्निकल एण्ड बिजनेस मैथमेटिक्स केसरस्लाटन जर्मनी में 16 मई से 15 जून तक महत्वपूर्ण शोध परियोजना पर कार्य करेंगे। डा कलीमउद्दीन जो डीएएडी फैलो (जर्मनी) भी हैं, को यह स्कालरशिप उनकी शोध परियोजना के गहन विश्लेषण के उपरांत प्रदान की गई है। जर्मनी के इस इंस्टीटयूट की गणना विश्व के सर्वश्रेष्ठ इंस्टीट्यूट्स में होती है। डा कलीम को जर्मनी में अपने प्रवास के दौरान विश्व के प्रमुख गणितिज्ञों के साथ कार्य करने का अवसर प्राप्त होगा जिसका लाभ एएमयू में शोध कर रहे छात्रों को मिलेगा। इस इंस्टीटयूट में पूरे विश्व में औद्योगिक क्षेत्र से संबंधित समस्यायें आती हैं जहॉ उनका निराकरण किया जाता है। डा कलीमउद्दीन गणित विभाग में गत 13 वर्षो से अध्ययन कार्य कर रहे हैं और उन्हें अनेक प्रतिष्ठित पुरस्कारों से भी नवाजा जा चुका है।

एएमयू कोर्ट के लिए प्रतिनिधि चुने गए
अलीगढ़। एएमयू कोर्ट में गैर शिक्षक वर्ग से प्रतिनिधित्व हेतु पॉच सदस्यों के चुनाव में उर्दू विभाग के सलमान साबिर, जेएन मेडीकल कालिज की आशिया बेगम, अफशां अहमद, रईस अहमद एवं प्राक्टर आफिस के राशिद मुस्तफा विजयी घोषित किये गये हैं। मुख्य चुनाव अधिकारी प्रोफेसर अब्दुल वहाब ने परिणामों की घोषणा करते हुए बताया कि इस चुनाव में सलमान साबिर ने सर्वाधिक 1200, आशिया बेगम ने 1007, अफशां अहमद ने 929, रईस अहमद ने 785 तथा राशिद मुस्तफा ने 773 मत पाकर जीत दर्ज करायी। चुने गये कोर्ट सदस्यों का कार्यकाल तीन वर्ष के लिए होगा। कोर्ट सदस्यों के चुनाव में कुल 39 उम्मीदवार चुनावी मैदान में थे।
 

दीक्षांत समारोह में रतन टाटा को भी न्योता
अलीगढ़। एएमयू के सात जून को वार्षिक दीक्षान्त समारोह में भाग लेने के लिए प्रख्यात वैज्ञानिक प्रोफेसर एमएस स्वामीनाथन और उद्योगपति रतन टाटा से भी सम्पर्क स्थापित किया जा रहा है ताकि वह भी दीक्षान्त समारोह में पधार सकें। प्रख्यात संगीतकार और आस्कर पुरस्कार विजेता एआर रहमान, प्रख्यात उर्दू विद्वान प्रोफेसर गोपीचन्द नारंग ने दीक्षान्त समारोह में मानद् उपाधि प्राप्त करने के लिये पधारने की स्वीकृति प्रदान कर ही दी है। दीक्षांत समारोह की तैयारी के सिलसिले में एक बैठक कुलपति प्रो पीके अब्दुल अजीज़ की अध्यक्षता में हुई जिसमें कुलपति ने यह जानकारियां दीं। दीक्षान्त समारोह 7 जून को प्रातः साढ़े आठ बजे एथलेटिक मैदान में होगा। इसके सफल आयोजन के लिये विभिन्न कमैटियॉ भी गठित कर दी गई हैं।
एएमयू के कन्ट्रोलर परीक्षा प्रोफेसर इरफान ने बताया कि दीक्षान्त समारोह में लगभग पॉच हजार छात्रों को डिग्रियॉ दी जायेंगी और 170 मैडल भी प्रदान किये जायेंगे। डिग्री और मैडल प्राप्त करने वालों के सम्मान में सॉय छह बजे सर सैयद हाउस में एटहोम भी आयोजित किया जायेगा। कार्यवाहक रजिस्ट्रार प्रोफेसर परवेज मुस्तजाब ने बैठक में भाग लेने के लिए उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया।

ऑक्साइड मैटीरियल पर कार्याशाला
अलीगढ़। एएमयू के फिजिक्स विभाग में ऑक्साइड मैटीरियल पर दो द्विवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए कुलपति प्रोफेसर पीके अब्दुल अजीज़ ने कहा कि केन्द्र सरकार के पास शोध कार्यो के लिये बहुत सा धन है इसलिए प्राध्यापकों को भी रिसर्च प्रोजेक्ट जमा करके शोध कार्यो को और गति देनी चाहिये। उन्होंने कहा कि देश में नैना टैकनालौजी मिशन के लिये एक हजार करोड़ रूपया आवंटित किया गया है। यहां के प्राध्यापकों में भी स्पार्क आना चाहिये।
कुलपति ने बताया कि ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना में एएमयू को सबसे ज्यादा पैसा मिला है और इसका श्रेय यहॉ के प्राध्यापकों को जाता है, जिन्होंने अच्छे प्रोजेक्ट बनाये। कुलपति ने कहा कि जेएन मेडीकल कालिज के स्तर को ऊंचा उठाने के लिये एक सौ पचास करोड़ रूपए और विवि से सम्बद्ध स्कूलों के लिये अलग से धन की व्यवस्था के लिये प्रोजेक्ट बनाया गया। स्कूल स्तर पर 120 टीचिंग पोस्ट की भी मांग की गई।
कुलपति ने अफसोस व्यक्‍त किया कि कुछ लोग एएमयू में अफवाहें फैला रहे हैं और इस संस्था को श्रियूमर मिल’’ बनाने की चेष्‍टा की जा रही है जब कि यहॉ भौक्षिक गुणवक्ता आई है और शान्ति व अनुशासन स्थापित हो गया है। उन्होंने कहा कि प्रोफेसर आलिम नकवी नैनो टैक्नालौजी के क्षेत्र में इस संस्था का नेतृत्व कर रहे हैं।
इन्टर यूनिवर्सिटी एकसीलेटर सैंटर, दिल्ली के सचिव डा रवि कुमार ने कहा कि 1997 से वह यहॉ पधार रहे हैं और उनका मत है कि जो तहजीब इस संस्था में है वह देश के किसी भी विश्वविद्यालय में नहीं है। उन्होंने यहां के अतीत का जिक्र करते हुए कहा कि यहॉ का भौतिक विज्ञान विभाग हमेंशा से ही बहुत प्रख्यात रहा है। होमी भाभा के सहयोगी प्रोफेसर पीएस गिल यहॉ कार्य करते थे। प्रोफेसर हंस भी इस विभाग से जुड़े रहे। उन्होंने बताया कि देश के पैंसठ विश्‍वविद्यालयों में मैटीरियल साइंस विभाग स्थापित हैं।
उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि और दिल्ली विवि में प्रोफेसर आरपी टंडन ने कहा कि ऑक्साइड आज उद्योग में रीड़ की हड्डी है। अब बहुत से देशों में हाइड्रोजन फयूल सैंटर बनाये जा रहे हैं, जिसका इस्तेमाल कारों में ईंधन के तौर पर हो रहा है।
एप्लाइड फिजिक्स के प्रोफेसर आलिम नकवी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि नौनो मैटीरियल का इस्तेमाल विज्ञान और प्राद्यौगिकी के क्षेत्र में किया जा रहा है। यह दो द्विवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला इन्टर यूनिवर्सिटी एकसीलेटर सैंटर के सौजन्य से आयोजित की जा रही है। उन्होंने एएमयू की प्रगति के लिए कुलपति के प्रयासों को सराहा। भौतिकी विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर मुहम्मर जफर, इंजीनियरिंग संकाय के डीन प्रोफेसर अनिल कुमार गुप्ता और जाकिर हुसैन इंजीनियरिंग कालिज के प्राचार्य प्रोफेसर एमटी अहमद ने भी अपने विचार व्यक्त किये। कार्यशाला के संगठन सचिव डा अमीर आजम ने उद्घाटन सत्र का संचालन किया।

आवेदन जमा करें
अलीगढ़। एएमयू के पालीटेक्निक के तहत चलने वाले नोडल सेंटर फॉर ईएमडी में अल्प अवधि के कम्पयूटर कोर्स पाठ्यक्रम कम्पयूटर फंडामेंटल एण्ड एमएस आफिस में प्रवेश के लिए आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 18 मई घोषित की गई है। नोडल सेंटर फॉर ईएमडी के कार्डीनेटर डा मुहम्मद सोहराब ने बताया कि इस कोर्स में प्रवेश के लिए साक्षात्कार 20 मई को दोपहर तीन बजे से होगा। आवेदन फार्म सेंटर के कार्यालय से प्राप्त किये जा सकते हैं।

रोबो टाइम्स का प्रकाशन
अलीगढ़। एएमयू के जेडएच कालिज ऑफ इंजीनियरिंग एण्ड टेक्नालौजी के एएमयू रोबो क्लब ने प्रथम वार्षिक न्यूज़ लैटर रोबो टाइम्स का प्रकाशन किया है। इंजीनियरिंग कालिज के प्राचार्य प्रोफेसर एमटी अहमद ने बताया कि इस न्यूज़ लैटर में एक वर्ष के दौरान की सभी गतिविधियॉ विस्तारपूर्वक दर्शायी गई हैं। इनमें उद्योगों के साथ आयोजित की गई कार्यशालायें तथा रोबोटिक्स पर आधारित आयोजित किये गये कार्यक्रम आदि हैं। इस समय इंजीनियरिंग कालिज के चार विभागों इलैक्ट्रोनिक्स, इलैक्ट्रीकल, कम्पयूटर तथा मेकेनिकल के शिक्षक तथा छात्र संयुक्त रूप से भाग ले रहे है। प्रोफेसर एमटी अहमद ने बताया कि अगले वर्ष कुछ नवीन विभागों तथा विभिन्न संकायों के भी विभागों को शामिल किया जायेगा। साथ ही इस क्षेत्र में ऐच्छिक विषय का भी प्रावधान किया जायेगा।

नेहा समी ने टॉप किया
लीगढ़। एएमयू की सेकेंड्री स्कूल सर्टीफिकेट पार्ट द्वितीय (कक्षा 10) की वार्षिक परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया गया है। इस परीक्षा में विश्‍वविद्यालय से संबद्ध स्कूलों के 74.4 प्रतिशत छात्र-छात्राओं ने सफलता प्राप्त की है। परीक्षा कंट्रोलर प्रोफेसर मुहम्मद इरफान ने बताया कि हाईस्कूल की इस प्रवेश परीक्षा में एएमयू गर्ल्स हाई स्कूल की छात्रा नेहा समी ने 90 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान प्राप्त किया जबकि एसटी हाई स्कूल के मुहम्मद फरहान खान ने 88.60 प्रतिशत अंक प्राप्त कर द्वितीय तथा इसी स्कूल के जीतेन्द्र कुमार ने 87.80 प्रतिशत अंक प्राप्त कर तीसरा स्थान प्राप्त किया। यह परीक्षा परिणाम बीती रात घोषित किया गया।

एएमयू के कुलपति नही हटाए जाएंगे - मानव संसाधन मंत्री

अलीगढ़। मानव संसाधन विकास मंत्री अर्जुन सिंह ने एएमयू के शिक्षकों के प्रतिनिधि मंडल को आश्‍वस्त किया है कि एएमयू के कुलपति प्रो अजीज़ नहीं हटाए जाएंगे। उन्होंने प्रतिनिधि मंडल के सामने स्पष्ट किया कि कुलपति के विरूद्ध कोई जांच नही बैठाई गई है बल्कि वहां परस्पर दोषारोपण पर कुलपति से तथ्यों की जानकारी मांगी गई थी। इसमें जो भी दोषी होगा कार्रवाई की जाएगी। मानव संसाधन विकास मंत्री ने कहा कि एएमयू की बेहतरी के लिए जितना हो सकेगा, किया जाएगा।
एएमयू के शिक्षकों का 22 सदस्यीय प्रतिनिधि मण्डल डा मुजाहिद बेग के नेतृत्व में मानव संसाधन विकास मंत्री अर्जुन सिंह से मिला और उन्हें विश्वविद्यालय के मौजूदा हालात से अवगत कराया। एक घंटे तक चली इस बैठक में अर्जुन सिंह को बताया गया कि एएमयू के कुलपति को कार्यभार संभाले मात्र दो वर्ष ही बीते हैं परन्तु इन्होंने 20 वर्षों से फैली कुरीतियों को दूर करने में बहुत अहम् भूमिका निभाई है। डा बेग ने बताया कि पिछले 2 वर्षों मे एएमयू के वातावरण तथा पठन-पाठन कार्य में जो प्रगति हुई है वह कुलपति डा अब्दुल अजीज़ की ही देन है। उन्हें यह भी बताया गया कि एक विशेष ग्रुप प्रचारित कर रहा है कि कुलपति के खिलाफ जाँच हो रही है एवं शीघ्र ही वे यहां से जाने वाले हैं। इस पर मानव संसाधन मंत्री ने कहा कि इससे एएमयू के लोगों को भ्रमित नहीं होना चाहिये क्योंकि जो कुलपति पर दोषारोपण किया गया और दोषारोपण करने वालों पर जो आरोप लगाए गए थे उनके संबंध में कुलपति से तथ्यों की जानकारी मांगी थी न कि कुलपति के खिलाफ जांच गठित की थी।
मानव संसाधन मंत्री अर्जुन सिंह ने प्रतिनिधि मण्डल को आश्वस्त किया कि वे कुलपति को वापस नहीं बुलाने जा रहे हैं। हमने उनकी पहले भी हर संभव सहायता की थी और अब भी एएमयू के उत्थान एवं विकास के लिये यथासंभव प्रयास करते रहेंगे। मानव संसाधन विकास मंत्री ने कहा कि दोष पाये जाने पर दोषियों को क्षमा नहीं किया जायेगा, यदि सीबीआई जाँच की आवश्यकता भी पड़ी तो वह भी कराई जाएगी। एएमयू की सुरक्षा, शैक्षणिक वातावरण एवं शांति-सौहार्द स्थापित करने के लिए हम दृढ़ संकल्प हैं।
डा बेग ने मानव संसाधन मंत्री को यह भी बताया कि विगत बीस वर्षों से जो लोग विश्वविद्यालय को विभिन्न प्रकार से हानि पहुँचा रहे हैं तथा ठेकेदारी, नामांकन और नौकरियाँ दिलवाने के नाम पर कमाई कर रहे थे, उनकी कमाई बन्द हो चुकी है और कुलपति ने इनको सख्‍ती से कहा हुआ है कि पठन पाठन में रूचि रखें। ये वही लोग हैं जो कि कामचोर हैं और एएमयू में कोई न कोई खुराफात करने में लगे रहते हैं और अब कुलपति के विरोध में खड़ हो गये है। उन्हें बताया गया कि इनमें ईसी के सदस्य वसीम अहमद भी हैं जिनसे ईसी की बैठक में एक सदस्य ने उनके यात्रा भत्ते के बारे में सवाल उठाये। वसीम अहमद ने अपना यात्रा भत्ता पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जनपद से प्राप्त किया, जबकि वसीम अहमद स्वयं पूर्व राज्य सभा सदस्य हैं जिन्हें सरकार यात्रा भत्ता देती है। विश्वविद्यालय में यात्रा भत्ता केवल गृह स्थान से ही देने का प्रावधान है। प्रतिनिधि मंडल ने मानव संसाधन मंत्री से आग्रह किया कि वे हमेशा से अल्पसंख्यक समुदाय और उनकी समस्यायों के शुभचिंतक रहे है इसलिये आशा और विश्वास है कि वे इस तरह के एएमयू विरोधी तत्वों से सख्ती से निपटेंगे।
मानव संसाधन मंत्री ने प्रतिनिधि मण्डल को आश्वस्त किया कि वे एएमयू के बेहतर वातावरण के लिए यथासंभव प्रयास करेंगे। प्रतिनिधि मण्डल में ईसी सदस्य डा मुजाहिद बेग के अलावा ईसी सदस्य डा मो आसीफ खान प्रो मौहम्मद शब्बीर, एकेडेमिक काउंसिल सदस्य प्रो मुहम्मद अफजल, डा नजमुल इस्लाम, डा जमीरउल्लाह, डा सलीम कासमी, कोर्ट सदस्य डा परवेज नजीर, सलीम मुस्तियाक, अमुटा सदस्य डा उवैदउल्लाह बुखारी, डा शमसुद्दीन, डा मासूम रज़ा, मौहम्मद आरिफ सहित 22 लोग शामिल थे।
 

एएमयू से रहमान और नारंग को डीलिट्

 सात जून को दीक्षांत समारोह

लीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम विश्‍वविद्यालय का वार्षिक दीक्षांत समारोह सात जून को होगा, जिसमें अंतर्राष्‍ट्रीय ख्याति प्राप्त संगीतकार और पुरस्कार विजेता एआर रहमान और उर्दू के प्रख्यात विद्वान एवं साहित्य अकादमी के भूतपूर्व अध्यक्ष प्रो गोपीचंद नारंग को डीलिट् की मानद उपाधि दी जाएगी। दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता भारत के भूतपूर्व मुख्य न्यायधीश और एएमयू के चांसलर न्यायमूर्ति एएम अहमदी करेंगे। इस मौके पर कुलपति प्रोफेसर पीके अब्दुल अजीज़ एएमयू की वार्षिक रिपोर्ट भी प्रस्तुत करेंगे।
एएमयू में वार्षिक दीक्षांत समारोह की जोरदार तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस समारोह को हमेशा की तरह यादगार बनाने के लिए एएमयू प्रशासन ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। एएमयू के छात्र दुनिया भर में फैले हैं उनमें भी एमयू के वार्षिक समारोह को लेकर काफी दिलचस्पी रहती है। सर सैय्यद अहमद की इस अमिट धरोहर की छाया में अनगिनत शख्सियतों का नाम जुड़ा है जिंहोंने समाजिक, आर्थिक, शैक्षिणक, विज्ञान क्षेत्र में शोहरतें पाई हैं। इसी दृष्टि से विख्यात संगीतकार एआर रहमान का नाम भी एएमयू से जुड़ जाएगा जिन्हें किसी विख्यात और विरले शिक्षा संस्थान का सबसे महान सम्मान मिलेगा। ऐसे सम्मान को एएमयू से पाने के लिए यहां से जुड़ी रही हस्तियां दिन-रात तमन्ना करती हैं।
एएमयू में दीक्षांत समारोह की तैयारियों के सिलसिले में जहां एएमयू प्रशासन ने जिम्मेदारियां बांटने का काम शुरू कर दिया है, वहीं इसमें आमंत्रितों की और इसमें भाग लेने वालों की ख्वाहिश को देखते हुए विशेष इंतजामात किए जा रहें हैं। एआर रहमान के यहां आने से संगीत प्रेमियों का भी ख्याल रखा जा रहा है, जिसमें सुरक्षा के इंतजाम भी प्रमुख हैं। कुलपति प्रो पीके अब्दुल अज़ीज के लिए यह समारोह एक खास महत्व रखता है क्योंकि उन्हें इसमें एएमयू की वार्षिक रिपोर्ट भी पेश करनी है, जिसमें उनके एएमयू के लिए खास योगदान और उपलब्धियों की चर्चा होगी और एएमयू के लिए उनकी भविष्य की योजनाओं का पता चलेगा। यह समारोह इस माइने में भी खास होगा कि पिछले कुछ समय से कुलपति की कार्यप्रणालियों को लेकर एएमयू और ईसी का एक तबका उनसे नाइत्तेफाकी रखता आ रहा है।
बहरहाल एएमयू दीक्षांत समारोह की सफलता और इंतजाम पर एएमयू प्रशासन कमर कसे हुए है। एएमयू के ओल्ड ब्वायज़ और यहां किसी न किसी रूप में जुड़े रह चुके महानुभवों को ऐसे समारोह की प्रतीक्षा रहा करती है आखिर एएमयू दुनिया का एक विख्यात शिक्षण संस्थान और अपनी जीवन में शिखर पर पहुंचने के सपने दिखाने और उन्हें पूरा करने वाली संस्था जो है जिसे सभी प्यार करते हैं और सज़दा करते है।
 

मीर पर रेशमा परवीन की पुस्तक का विमोचन
लीगढ़ / लखनऊ। प्रख्यात प्रगतिशील आलोचक प्रोफेसर शारिब रुदौलवी ने कहा है कि मीर हमारी शायरी के ऐसे स्तंभ हैं जिस पर उर्दू शायरी की इमारत कायम है और शमीर तनकीद-तज़करों से असरे हाजि़र तक’’ एक ऐसा शैक्षणिक, शोधपरक एवं आलोचनात्मक कार्य है, जिसका कहीं भी हवाला दिया जा सकता है।
यह बात उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के उर्दू विभाग की पूर्व छात्रा और ख़ुन-ख़ुन जी गर्ल्स डिग्री कालिज लखनऊ में उर्दू की प्राध्यापिका डा रेशमा परवीन की पुस्तक मीर तनक़ीद तज़करों से असरे हाजि़र तक का विमोचन करते हुए कही। उन्होंने इस अनुसंधानात्मक एवं आलोचनात्मक कार्य के लिए डा रेशमा परवीन को बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि वह भविष्‍य में इसी प्रकार शोध एवं आलोचना का कार्य करती रहेंगी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रोफेसर अनीस अशफाक ने कहा कि यह पुस्तक मीर की आलोचना के संबंध में एक मुख्य स्रोत है और भविष्य में मीर पर कार्य करने वालों के लिए इस किताब की सहायता लेना अनिवार्य होगा। प्रख्यात पत्रकार, कहानीकार एवं आलोचक आबिद सुहैल ने कहा कि रेशमा परवीन की इस किताब से मीर की कला के कई पहलू उभर कर सामने आये हैं।

प्रख्यात शायर और उत्तर प्रदेश के कृषि उत्पादन आयुक्‍त अनीस अंसारी ने इस किताब को मीर को समझने में मार्गदर्शन की संज्ञा दी। उन्होंने कहा कि क्योंकि अधिकांश हिंदी वाले उर्दू की शायरी की जानकारी नहीं रखते और ऐसे ही उर्दू वाले हिंदी की जानकारी नहीं रखते इसलिए इसे समझने के लिए मीर सबसे अच्छा रास्ता हैं। लखनऊ विवि की पूर्व कुलपति प्रोफेसर रूपरेखा वर्मा, प्रख्यात कहानीकार प्रोफेसर शमीम निगहत, कहानीकार शाहनवाज कुरैशी, विद्यांत डिग्री कालिज मे लेक्चरर डा असमत मलिहाबादी आदि ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया।
पुस्तक की लेखिका डा रेशमा परवीन ने पुस्तक के विषय पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए शोध कार्यो में आने वाली समस्याओं का वर्णन किया और उनके समाधान पर भी रोशनी डाली ताकि नई नस्ल के शोधकर्ताओं को इन समस्याओं से जूझना न पड़े। इस अवसर पर प्रख्यात शायरों ने मीर की शायरी पर अपना-अपना कलाम पेश किया। कार्यक्रम का संचालन मिर्जा शफीक हुसैन शफ़क ने किया। सभी अतिथियों ने इस किताब का सामूहिक रूप से विमोचन किया। यह कार्यक्रम लखनऊ में लखनऊ विश्‍व विद्यालय में आयोजित हुआ।

 

एएमयू में अवकाश का समय बदला
अलीगढ़। एएमयू के रजिस्ट्रार कार्यालय की सूचना के अनुसार कंट्रोलर ऑफिस को छोड़कर बाकि सभी शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक विभागों केंद्रीय कार्यालयों के ग्रीष्मकालीन अवकाश को देखते हुए 11 मई से 10 जुलाई तक कार्य दिवस के समय में परिवर्तन किया गया है। ये कार्यालय 11 मई से प्रात: 8 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक खुलेंगे, जबकि कंट्रोलर कार्यालय खुलने व बंद होने का समय पूर्ववत् रहेगा, केवल शुक्रवार में यह समय प्रात: 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक रहेगा।


छात्रों के लिए कंप्यूटर ट्रेनिंग
अलीगढ़। एएमयू के पॉलिटेक्निक के तहत चलने वाले ईएमडी सेंटर ने आठवीं कक्षा पास करने वाले छात्रों के लिए समर स्पेशल कंप्यूटर ट्रेनिंग कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की है। एएमयू पॉलिटेक्निक के प्रिंसिपल प्रो एस इकबाल अली ने बताया कि प्रवेश के इच्छुक छात्र 20 मई तक सेंटर से संपर्क कर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। उनका कहना था कि इससे ग्रीष्म कालीन अवकाश के दौरान छात्र अपनी छुट्टियों का बेहतर तरीके से इस्तेमाल कर सकेंगे।
 

शोध परिषद की गोष्‍ठी

अलीगढ़। एएमयू के हिन्दी विभाग के सेमिनार कक्ष में शोध परिषद’’ की ओर से हुई गोष्ठी में शोध छात्र मुहम्मद नियामत अली खां व कपिल कुमार ने शोध पत्र प्रस्तुत किये।
गोष्ठी का शुभारंभ विभागाध्यक्ष प्रोफेसर एमई जुबैरी ने किया। उन्होंने कहा कि विभाग में शोध गोष्ठी की पुरानी पंरम्परा है, इसलिए इसका आयोजन एवं शोध परिषद का गठन पुरानी परंपरा को पुर्नजीवित करने का ही प्रयास है। यह गोष्ठी शोधार्थियों के व्यक्तित्व के विकास और बौद्धिक प्रगति में यकीनन मदद करेगी। शोधार्थियों के सहयोग की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि इस प्रकार का कोई भी आयोजन बिना सहयोग के सफल नहीं हो सकता। उन्होंने शोधार्थियों से कहा कि यदि वे शोध परिषद के कार्यक्रमों में सक्रिय भागेदारी करते हैं, तो यह शोध परिषद उनके व्यक्तित्व के विकास के लिए एक प्लेटफार्म साबित होगी।
शोध परिषद के प्रभारी डा रमेश रावत ने शोध गोष्ठी की रूपरेखा व शोध आलेखों के संदर्भ में अपना विचार प्रकट करते हुए कहा कि हर पन्द्रह दिन बाद इसी प्रकार की शोध गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा, जिसमें कम से कम दो शोध आलेख पढ़े जायेंगे। उन्होंने कहा कि शोध से संबद्ध किसी भी प्रकार की समस्या के हल के लिए शोधार्थी उनसे संपर्क स्थापित कर सकते हैं।
शोध परषिद के संयोजक मंडल के सदस्य शोधार्थी शाहबाज अली खान ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए कहा कि विभाग की ओर से शोधार्थियों को एक मंच दिया गया है, जिसका लाभ उठाना चाहिए। यह मन में व्याप्त मंचीय-फोबिया के डर को निकालने का साधन हो सकता है। गोष्ठी के अंत में डा मेराज अहमद ने कहा कि शोधार्थियों को अपनी वाचन शैली पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने गोष्ठी को शोधार्थियों के मानसिक उन्नयन के लिए बहुत बड़ा कदम बताया।
गोष्ठी में मुहम्मद नियामत अली खां व कपिल कुमार के शोध पत्र, मैला आंचल में जाति व्यवस्था तथा भारतेन्दु के साहित्य में व्यंग्य पर छात्रों ने अनेक प्रश्न किये। प्रश्न पूंछने वाले छात्रों में आदित्य मिश्रा, आयशा खातून, विनीत कुमार, दौलतराम, जावेद आलम, योगेन्द्र कुमार, तरूण बंसल आदि प्रमुख थे। शोधार्थियों की जिज्ञासा को आलेख वाचकों ने संतुष्ट करने का प्रयास किया। गोष्ठी में विभाग के प्रोफेसर आरिफ नज़ीर, प्रो अब्दुल अलीम, डा एसएन शर्मा, डा तस्नीम सुहैल, डा आशुतोष कुमार आदि प्राध्यापकगण मौजूद थे। इसमें विभाग के अधिकांश शोधार्थी भी उपस्थित थे।
 

वीसी मामले पर ईसी में मतदान

अलीगढ़। कुलपति के मामले पर ईसी की बैठक में मत विभाजन हुआ और आठ के मुकाबले तेरह मतों से कुलपति पक्ष की जीत हुई। एएमयू के ईसी सदस्य डा मुजाहिद बेग और डा मुहम्मद आसिफ ने अपने संयुक्त बयान में कहा है कि तीन मई की ईसी की बैठक विश्वविद्यालय के इतिहास में इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें उन आरोपों, प्रत्यारोपों पर एएमयू की विजिटर और राष्ट्रपति ने तथ्य पेश करने को कहा था। ज्ञातव्य है कि कुछ ईसी सदस्यों ने कुलपति पर तानाशाह का रवैया अख्तियार करने का आरोप लगाया था।
डा बेग और डा आसिफ ने कहा कि कुछ ईसी सदस्य, कोर्ट, एकेडेमिक काउन्सिल सदस्यों तथा अमुटा सदस्यों ने मानव संसाधन विकास मंत्री अर्जुन सिंह से माँग की थी कि विश्वविद्यालय में गत बीस वर्षों में जो भी हंगामे, हत्याएं, लूट, तोड़-फोड़ और आगजनी की घटनायें हुई हैं, उनकी सीबीआई जांच हो और दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई हो। इसके अलावा ओल्ड ब्वॉयज तथा फोर्थ ग्रेड एम्पलाईज यूनियन के सदस्यों ने भी सरकार को कुछ मुद्दों से अवगत कराया था। इन तमाम मुद्दों के तथ्यों की जानकारी विश्वविद्यालय के विजिटर ने कुलपति से मांगी थी। आज इन्हीं जानकारियों पर ईसी की बैठक में मत विभाजन हुआ और आठ के मुकाबले तेरह मतों से कुलपति पक्ष की जीत हुई।
डा बेग और डा आसिफ ने इस बात को स्पष्ट किया है कि वे कुलपति का पक्ष नहीं ले रहे हैं, बल्कि उनका प्रयास है कि विश्वविद्यालय सुचारु रुप से चले और इसका शैक्षिक वातावरण कायम रहे। उन्होंने इस बात को भी साफ किया कि यदि उनका कोई अपना सगा सम्बंधी भी दोषी पाया जाता है तो उसे भी सजा़ दिलवाई जायेगी। उन्होंने अमुवि समुदाय का आहवान किया कि विश्वविद्यालय विरोधी तत्वों की पहचान कर वह आगे आयें तथा उन्हें बेनकाब करें।
उन्होंने बताया कि इन्हीं उद्देश्यों के दृष्टगत हम लोगों ने केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्री से दिल्ली जाकर भेटें की थी और अगर आवश्यकता पड़ी तो वे राष्ट्रपति और प्रधान मंत्री से भी मिलने में कोई हिचक नहीं महसूस करेंगे। दोनों सदस्यों ने मुस्लिम समुदाय के लोगों से भी अपील की है कि वे विश्वविद्यालय की सुरक्षा, स्वच्छता एवं शैक्षणिकता को बढा़वा देने में आगे आयें। अन्यथा इतिहास उन्हें माफ नहीं करेगा।

वसीम अहमद के रेलयात्रा भत्ते की जांच हो
अलीगढ़। एएमयू प्रशासन पर जो लोग वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं का आरोप लगा रहे हैं उनमें कुछ ऐसे भी हैं जो प्रत्यक्ष तौर पर भ्रष्टाचार में लिप्त हैं और जनप्रतिनिधि होने के बावजूद उन्होंने ऐसा कदाचार किया है कि जिसके लिए उनके पास कोई सफाई नही है।
ये हैं पूर्व सांसद वसीम अहमद जो दिल्ली में रहते हैं। वसीम अहमद स्वयं ऐसी वित्तीय अनियमितताओं में लिप्त हैं जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण यह है कि वे दिल्ली में रहते हैं, उन्होंने अपना पश्‍िचम बंगाल के मुर्शिदाबाद से अलीगढ़ तक का यात्रा भत्ता प्राप्त किया है जबकि पूर्व सांसद के रुप में उनके पास रेलवे का यात्रा पास भी है । ईसी के सदस्यों ने केन्द्र सरकार से मांग की है कि इस मामले की जांच करायी जाए।
 

परंपरागत चिकित्सकों के लिए कार्यशाला हुई

लीगढ़। एएमयू के जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कालिज के कम्युनिटी मेडीसन विभाग ने डायरिया एवं मलेरिया जैसे महारोगों के फैलने के दृष्टिगत अलीगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रैक्टिस कर रहे प्राइवेट चिकित्सकों एंव परम्परागत स्वास्थ्‍य चिकित्सकों के लिए ओरियंटेशन कार्यशाला का आयोजन किया।
कार्यशाला में कार्डीनेटर एवं कम्युनिटी मेडीसन विभाग की प्रोफेसर जुलफिया खान ने इस उद्देश्य के बारे में प्रकाश डाला। मेडीसन संकाय के डीन प्रोफेसर अबुकमर सिद्दीकी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को इन बीमारियों से निजात दिलवाने एवं उनको जागरूक बनाने की बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने इस प्रकार की और अधिक कार्यशाला आयोजित करने की आवश्यकता जताई। मेडिकल कालिज के प्राचार्य एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रोफेसर एम अशरफ मलिक ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि कम्युनिटी मेडीसन विभाग, गरीब लोगों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए ग्रामीण क्षेत्र में चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करा रहा है। बाल एंव शिशुरोग विभाग के अध्यक्ष डा एस मनाजिर अली ने बच्चों में होने वाले डायरिया के बारे में चिकित्सकों द्वारा पूछे गये प्रश्नों के उत्तर दिये। कार्यशाला के आयोजन सचिव डाक्टर इकबाल एम खान ने उपस्थितजनों का आभार जताया।
इस अवसर पर कम्युनिटी मेडीसन विभाग में रीडर डाक्टर एम अतहर अंसारी की पुस्तक डिज़ास्टर मैंनेजमेंट-ए-पब्लिक हैल्थ इमरजेंसी का मेडीसन संकाय के डीन प्रोफेसर अबुकमर सिद्दीकी एवं मेडिकल कालिज के प्राचार्य प्रोफेसर एम अशरफ मलिक ने संयुक्त रूप से विमोचन किया। प्रोफेसर अबुकमर सिद्दीकी एवं प्रोफेसर एम अशरफ मलिक ने डाक्टर अतहर अंसारी को बधाई देते हुए कहा कि वर्तमान परिपेक्ष में यह घातक आपदा प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं को समझे में न केवल मदद करेगी बल्कि मेडिकल छात्रों को एक नई दिशा भी प्रदान करेगी।
ओरियंटेशन प्रोग्राम में डाक्टर अब्दुल रज्जाक सिद्दीकी, डाक्टर सुबुही अफज़ाल, डाक्टर अनीस अहमद, डाक्टर एम सलमान शाह, डाक्टर एस हसन नवाज़, डाक्टर समीना मुशफिक तथा डाक्टर सुमित दीक्षित ने भी डायरिंया व मलेरिया की रोकथाम के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। यूएचटीसी पर तैनात इंर्टन छात्रों ने इन रोगों पर पोस्टर प्रदर्शनी लगाई। इस अवसर पर डा सलमान खलील व डाक्टर एस जियाउर्रहमान भी मौजूद थे।

 

कृत्रिम अंगों के लिए जैविक फाइबर फायदेमंद
अलीगढ़। एएमयू के इंजीनियरिंग एण्ड टेक्नालॉजी संकाय के शिक्षक अख्तर हुसैन अंसारी ने शोध कर इस बात का पता लगाया है कि नैनोटेक्नालॉजी की सहायता से बनाया गया जैविक फाइबर मनुष्य के कृत्रिम अंगों को बनाने में न केवल लाभदायक बल्कि बहुत सस्ता भी है। एएमयू पालीटेक्निक के मकैनिकल इंजीनियरिंग सेक्शन में वरिष्‍ठ शिक्षक अख्तर हुसैन अंसारी ने हाल में गोवा में आयोजित इंटरनेशनल कांफ्रेंस में नेनो क्रिस्टाइन पार्टिकल्स पर अपना शोध पत्र प्रस्तुत करते हुए यह रहस्योद्घाटन किया।
उन्होंने बताया कि जिंक आक्साइड के नैनो कण कृत्रिम हड्डियों एवं ज्वाइंटस के प्रयोग में लाये जा सकते हैं। जिंक आक्साइड के कण न केवल कृत्रिम अंगों को मजबूती प्रदान करेंगे बल्कि अपनी पीजियोलेक्ट्रिक गुण के कारण विद्युत का प्रवाह भी करेंगे। यह विद्युत तमाम तनाव को भी कम करेगी। अख्तर अंसारी ने आगे बताया कि बीमार व्यक्तियों में यह कृत्रिम बायोलोजिकल अंग अधिक अच्छा कार्य करेंगे विशेषकर अधिक आयु के लोगों को इससे अधिक लाभ होगा। वह अपने को अधिक बेहतर महसूस कर सकेंगे। ये जिंक आक्साइड के गुण आप्टीकल ट्रांसपेरेंसी, इलैक्ट्रीकल कंडक्टिविटी एवं अल्ट्रावायलेट रेडियेशन के लिए भी प्रयोग में लाये जा सकते हैं।
 

एएमयू शिक्षक संघ के चुनाव में मुख्तार अध्यक्ष निर्वाचित

अलीगढ़। लोकसभा चुनाव की गर्मा गर्मी के बीच, एएमयू शिक्षक संघ के पदो के दावेदारों की किस्मत का फैसला हो गया है। प्रो मुख्तार अहमद अध्यक्ष और जमशेद सिद्दीकी एएमयू शिक्षक संघ के सचिव चुन लिए गए। संयुक्त सचिव के पद पर प्रो नूरूल हसन चुने गए जबकि तीन कार्यकारिणी सदस्य निर्विरोध चुने गए। ये हैं - इकबाल अहमद, मोहम्मद आरिफ और एम वसीम रज़ा। इस चुनाव में कुल 1102 वोट थें जिनमें से 976 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदान का इस बार यह अच्छा प्रतिशत माना जा रहा है। यह भी कहा जा रहा है ‍कि एक प्रकार से यह चुनाव एएमयू की ईसी और वीसी समर्थकों के बीच था जिसमें कि ईसी समर्थकों को विजय हासिल हुई है। इससे आगे चलकर वीसी को एएमयू के संबंध में फैसले लेने पर असर पड़ सकता है।
एएमयू शिक्षक संघ, एएमयू का महत्वपूर्ण अंग है। अमुवि के अल्पसंख्यक दर्जे के लिए केन्द्र सरकार को घेरने की बात हो या फिर छठे वेतन आयोग को लागू करने की खींचातानी, एएमयू शिक्षक संघ ने अपनी भूमिका का अहसास दिलाया है। शिक्षक संघ में अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पद के लिए कई कद्दावर शिक्षक नेताओं ने अपनी किस्मत आजमाई है। मुख्य रूप से सचिव पद के लिए घमासान था। चुनाव परिणाम की घोषणा देरशाम की गई। इससे पहले दिन भर चुनाव की गहमा-गहमी रही और प्रत्याशी अपनी विजय के लिए जोड़-तोड़ करते रहे। चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न हुआ।
सचिव पद के उम्मीदवारों में, सूचना का अधिकार अधिनियम का सहारा लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन की नाक में दम करने वाले डा तारिक इस्लाम, विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ़ राष्ट्रपति तक पहुंच जाने वाले ईसी सदस्य डा जमशेद सिद्दकी तथा विश्वविद्यालय प्रशासन के करीबी कहे जाने वाले डा नजमुल इस्लाम थे। अध्यक्ष पद के लिए प्रोफेसर अनीस अंसारी, प्रोफेसर मुहम्मद इजहार अहमद और प्रोफेसर मुख्तार अहमद दावेदार थे जबकि संयुक्त सचिव के पद के लिए डा एस नूरुल हसन, डा अशरफ मतीन व डा हसन इमाम उम्मीदवार थे। चुनावी दौड़ के ये नेता अपने-अपने अंदाज में शिक्षकों के हितों की बात करते रहे हैं, मगर इनमे से कुछ, इंतजामियां से सम्बन्धित समस्याओं से निजात दिलाने का भरोसा दिलाते रहे हैं। अब देखना यह है कि एएमयू शिक्षक संघ के लिए निर्वाचित पदाधिकारी एएमयू की बेहतरी, और एएमयू की छवि खराब करने के लिए तुली शक्तियों से कितना मुकाबला करते हैं और अपने वादों को पूरा करते हैं कि नहीं।
ध्यान रहे कि एएमयू में 1970 से पहले यह परंपरा थी कि एएमयू शिक्षक संघ के चुनाव में वरिष्‍ठ सदस्यों के सामने आने पर उनके कनिष्‍