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सैमसंग
ने भी शुरू किए स्पोर्ट्स रत्न कार्यक्रम
कोलकाता।
सैमसंग इंडिया ने ग्वांगझाऊ, चीन में आयोजित होने वाले 16वें
एशियाई खेलों के मद्देनज़र अपने कार्यक्रमों की शुरूआत करते हुए
सैमसंग स्पोर्ट्स रत्न कार्यक्रम शुरूकर विभिन्न खेल-कूद
स्पर्धाओं में शानदार प्रदर्शन करने वाले दस शीर्ष खिलाड़ियों
को छात्रवृत्ति देने की घोषणा की है। इस तरह सैमसंग 2010
ग्वांगझाऊ एशियाई खेलों में भारतीय दल की ‘टीम प्रायोजक’ बन गई
है।
डिजिटल टैक्नोलॉजी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी सैमसंग
इंडिया इलेक्टॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड ने ग्वांगझाऊ, चीन में
आयोजित होने वाले एशियाई खेलों में भारतीय दल के 10 शीर्ष
खिलाड़ियों के लिए छात्रवृत्ति देने की घोषणा के साथ ही अपना
’स्पोर्ट्स रत्न प्रोग्राम‘ शुरू करने की घोषणा की है। सैमसंग
इंडिया भारतीय दल की 'आधिकारिक पार्टनर' है और इसकी अभिभावक
कंपनी सैमसंग इलेक्टॉनिक्स 12 से 27 नवंबर, 2010 के दौरान
ग्वांगझाऊ, चीन आयोजित होने वाले 16वें एशियाई खेलों की
'प्रेस्टीज पार्टनर' है।
सैमसंग का 'स्पोर्ट्स रत्न प्रोग्राम' वास्तव में,
सैमसंग के 'ओलंपिक रत्न प्रोग्राम' की तर्ज पर ही लाया गया है।
कंपनी ने 2004 एथेंस ओलंपिक और 2008 बीजिंग ओलंपिक खेलों में
विभिन्न व्यक्तिगत खेल-कूद श्रेणियों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
करने वाले खिलाड़ियों के प्रशिक्षण आदि का खर्च वहन करने के लिए
ओलंपिक रत्न प्रोग्राम चलाया था। सन् 2008 बीजिंग ओलंपिक खेलों
में स्वर्ण पदक विजेता रहे अभिनव बिंद्रा को 2004 एथेंस ओलंपिक
और 2008 बीजिंग ओलंपिक खेलों के लिए सैमसंग ओलंपिक रत्न के तौर
पर चुना गया था। सैमसंग के साथ उनका जुड़ाव अब 16वें एशियाई
खेलों में ’स्पोर्ट्स रत्न प्रोग्राम‘ के तहत भी जारी है।
सोलहवें एशियाई खेलों के लिए ’स्पोर्ट्स रत्न प्रोग्राम‘ के
तहत् चुने गए अन्य खिलाड़ी हैं- निशानेबाज-मानवजीत सिंह संधू,
गगन नारंग, रंजन सोधी, मुक्केबाज-वीरेंद्र कुमार, अखिल कुमार,
नानो सिंह थाकचोम, मायेंगबाम सुरंजय सिंह, कुश्ती-सुशील कुमार,
रमेश कुमार।
'स्पोर्ट्स रत्न प्रोग्राम' की घोषणा करते हुए जेएस
शिन, अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, सैमसंग दक्षिण
पश्चिम एशिया ने कहा की 'दुनिया के दूसरे भागों की ही तरह भारत
में भी खेल-कूद ने लोगों के दिलों में खास जगह बनायी है। हम
दुनिया भर में आयोजित होने वाले खेल-कूद स्पर्धाओं से लंबे समय
से जुड़े रहे हैं। भारत में पिछले कुछ सालों से हम एशियाई एवं
ओलंपिक खेलों में भाग लेने वाले भारतीय दल को लगातार सहयोग
देते आ रहे हैं और हमने यहां खेल-कूद प्रतिभाओं को बढ़ावा देने
के लिए छात्रवृत्ति कार्यक्रम भी शुरू किए हैं। सन् 2008
बीजिंग ओलंपिक में अपने ’ओलंपिक रत्न प्रोग्राम‘ को मिली सफलता
से प्रेरित होकर ही इस बार एशियाई खेलों में भाग लेने वाले उन
खिलाड़ियों की संख्या बढ़ाने का फैसला किया गया है जिन्हें हम
समर्थन देंगे और ऐसे 10 खिलाड़ियों का चयन किया गया। उन्होंने
कहा कि एशियाई खेलों के साथ हमारा जुड़ाव भारतीय दल को सहयोग
देने के साथ शुरू हो गया है और इन शीर्ष खिलाड़ियों को
प्रशिक्षण आदि में मदद करना देश की खेल-कूद संस्कृति को बढ़ावा
देने की दिशा में हमारा योगदान है।'
सुरेश कलमाडी, अध्यक्ष, इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन ने
एशियाई खेलों और ओलंपिक कार्यक्रमों के लिए सैमसंग के लगातार
जारी सहयोग की सराहना करते हुए उम्मीद जतायी कि खिलाड़ियों के
लिए व्यक्तिगत स्तर पर 'सैमसंग स्कॉलरशिप' और इंडियन ओलंपिक
एसोसिएशन को समूची टीम के लिए सैमसंग का सहयोग सकारात्मक नतीजे
दिलाएगा और देश खेलों में अधिक पदक भी जुटा सकेगा।' रणधीर
सिंह, महासचिव, इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन और सदस्य, इंटरनेशनल
ओलंपिक समिति ने भी भारत समेत दुनियाभर में एशियाई खेलों की
परंपरा को अधिक समृद्ध और मजबूत बनाने के लिए सैमसंग के
प्रयासों की सराहना की। भारतीय ओलंपिक एसोसिएशन के साथ सैमसंग
इंडिया का जुड़ाव 1998 में बैंकाक एशियाई खेलों से शुरू हुआ और
तभी से कंपनी ने वर्ष 2000 में सिडनी ओलंपिक, 2002 में बुसान
एशियाई खेलों, 2004 में एथेंस ओलंपिक और 2008 में बीजिंग
ओलंपिक और अब 2010 में ग्वांग्झाऊ एशियाई खेलों में खेलों में
भारतीय खिलाड़ियों के दल को समर्थन दिया है।

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