सम्मान-पुरस्कार  

 

नर्मदाप्रसाद उपाध्याय को ‘शिमेंगर लेडर फेलोशिप’

लब्धप्रतिष्ठ निबन्धकार और कलाविद् नर्मदाप्रसाद उपाध्याय को जर्मनी की प्रतिष्ठित ‘शिमेंगर लेडर फेलोशिप’ प्रदान की गई। इसके अन्तर्गत वे दो माह इटली, स्पेन, फ्रांस, जर्मनी, इंग्लैण्ड, ऑस्ट्रेलिया सहित यूरोप के विभिन्न देशों की यात्रा करेंगे तथा वहां के विश्वविद्यालयों, कला-वीथिकाओं और संग्रहालयों में भारतीय लघुचित्रों, विशेषकर मध्य भारत के लघुचित्रों, भारतीय सौन्दर्यशास्त्र तथा कला और साहित्य के अन्तर्सम्बन्धों पर व्याख्यान व चित्रमय प्रस्तुतीकरण देंगे।

भारतीय लेखिका को कॉमनवेल्थ पुरस्कार

भारत में जन्मी और फ्रांस में रहनेवाली भारतीय लेखिका इंद्रा सिन्हा के उपन्यास ‘एनिमल्स पीपुल’ को कॉमनवेल्थ के यूरोप और एशिया क्षेत्रीय लेखन का ‘बेस्ट बुक’ पुरस्कार प्राप्त हुआ है। यह उपन्यास 1984 की भोपाल गैस त्रासदी पर आधारित है। गत वर्ष इस उपन्यास को ‘बुकर पुरस्कार’ के लिए भी नामित किया गया था।
महाश्वेता को ‘भारतीय भाषा परिषद सम्मान’
सुप्रसिद्ध साहित्यकार प्रोफेसर यूआर अनंतमूर्ति ने बँगला की प्रख्यात लेखिका महाश्वेता देवी को भारतीय भाषा परिषद्, कोलकाता के विशेष पुरस्कार से सम्मानित किया, इसके अन्तर्गत 51 हजार रुपये की राशि प्रदान की गई, जो महाश्वेताजी ने पुरुलिया की खेडि़या-शबर कल्याण समिति को भेंट कर दी।

निर्मला पुतुल और कात्यायनी को पुरस्कार

राग-विराग कला केन्द्र के समारोह में युवा कवयित्री निर्मला पुतुल को उनके कविता संग्रह ‘नगाड़े की तरह बजते शब्द’ के लिए शीला सिद्धांतकर स्मृति पुरस्कार तथा कात्यायनी को उनकी गद्य कृति ‘कुछ जीवन, कुछ ज्वलंत’ के लिए अपराजिता स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

‘साहित्यश्री सम्मान’ समारोह

दिल्ली हिन्दी साहित्य सम्मेलन ने ‘साहित्यश्री सम्मान’ समारोह में आचार्य सोहनलाल रामरंग को ‘भारतीय मनीषा सम्मान’, डॉ० पूरनचंद टंडन को ‘साहित्यकार सम्मान’, श्री ज्ञानेश्वर मुले को ‘हिन्दीतर भाषी हिन्दी साहित्यकार सम्मान’, श्रीकृष्ण मित्र को ‘राष्ट्रीय चेतना के संवाहक गीतकार सम्मान’, उषा पाहवा को ‘पत्रकारिता सम्मान’, न्यायमूर्ति नैपाल सिंह को ‘हिन्दीसेवी न्यायाधीश सम्मान’, ईश्वरप्रसाद गुप्ता को ‘हिन्दीसेवी सम्मान’, डॉ० सुधांशु व्रती को ‘हिन्दी वैज्ञानिक सम्मान’, सुभाष लखोटिया को ‘हिन्दी विधिवेत्ता’ एवं सगीर खान जायसवाल को ‘हिन्दी प्रेमी अनुसंधानकर्त्ता सम्मान’ से सम्मानित किया गया। दिल्ली हिन्दी साहित्य सम्मेलन के वरिष्ठ सदस्य दीवानचंद बंसल को विशेष सम्मान दिया गया।

डा गणेशदत्त सारस्वत सम्मानित

निबन्ध के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान एवं निबन्ध संग्रह ‘निकष’ के उत्कृष्ट प्रणयन के लिए ‘हिन्दी सभा, सीतापुर (उत्तर प्रदेश)’ के अध्यक्ष तथा ‘मानस चन्दन’ सम्पादक डॉ० गणेशदत्त सारस्वत को जबलपुर की संस्था ‘कादम्बरी’ ने सम्मानित एवं पुरस्कृत किया।

लक्ष्मी शर्मा न्यूयार्क में अभिनंदित

न्यूयार्क। विश्व हिन्दी न्यास ने विश्व हिन्दी सम्मेलन के अवसर पर नर्मदा की सह सम्पादक लक्ष्मी शर्मा की साहित्यिक उपलब्धियों की प्रशंसा करते हुए उनका अभिनंदन किया। इस मौके पर आयोजित गाँधी और हिन्दी विषय पर एक संगोष्ठी तथा अंतर्राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। विश्व हिन्दी न्यास के अध्यक्ष डॉ राम चौधरी ने लक्ष्मी को शॉल, श्रीफल, तथा प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया। लक्ष्मी ने अपनी रचनाधर्मिता पर प्रकाश डालते हुए मानवीय संवेदनाओं को साहित्य और साहित्यकार के लिये सर्वोपरि बताया।

नासिरा को ब्रिटेन का कथा सम्मान

नई दिल्ली। हिन्दी की प्रसिद्ध लेखिका नासिरा शर्मा को वर्ष 2007 के लिए ब्रिटेन का ‘अन्तर्राष्ट्रीय इंदु शर्मा कथा सम्मान’ दिया गया। यह सम्मान उनके चर्चित उपन्यास ‘कुड़यां जान’ के लिए ब्रिटिश संसद के ऊपरी सदन—हाउस ऑफ लार्ड्स में दिया गया। नासिरा शर्मा की प्रकाशित कृतियों में सात नदियाँ एक समंदर, पत्थर गली, सबीना के चालीस चोर, औरत के लिए औरत, शाल्मली, खुदा की वापसी प्रमुख हैं।

ज्योतिष जोशी को ‘देवीशंकर अवस्थी सम्मान’

साहित्य अकादमी सभागार में आयोजित समारोह में ज्योतिष जोशी को 12वाँ ‘देवीशंकर अवस्थी सम्मान’ उनकी आलोचना-पुस्तक ‘उपन्यास की समकालीनता’ के लिए दिया गया। इस सम्मान के अंतर्गत प्रशस्ति पत्र, प्रशस्ति चिह्न और पाँच हजार रुपये दिए जाते हैं।

कामसूत्र पर किताब पुरस्कार के लिए नामित

प्राचीन भारतीय सांस्कृतिक इतिहास के तहत भारतीय शास्त्रीय ग्रन्थ ‘कामसूत्र’ पर आधारित पुस्तक लिखने वाले युवा ब्रिटिश लेखक को ‘यंग राइटर ऑफ द ईयर’ के लिए नामित किया गया है। यह पुरस्कार ब्रिटेन का एक प्रमुख अखबार दिया करता है। ‘द बुक ऑफ लव-इन सर्च ऑफ द कामसूत्र’ के लेखक 34 वर्षीय जेम्स मैककोनाची हैं।

‘वाशिंगटन पोस्ट’ को छह पुलित्जर पुरस्कार

पत्रकारिता और रचनात्मक लेखन जगत् के सर्वाधिक प्रतिष्ठित ‘पुलित्जर पुरस्कार’ में द वाशिंगटन पोस्ट के पत्रकारों ने सबसे अधिक पुरस्कार अपने नाम किए। इस अखबार के पत्रकारों को कुल 14 में से 6 पुरस्कार मिले।

सचिन, प्रणव व आशा भोंसले पद्मविभूषण

नई दिल्ली। राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने राष्ट्रपति भवन के अशोक हाल में विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी, प्रख्यात पार्श्वगायिका आशा भोंसले, ध्रुपद गायक रहीम, फहीमुद्दीन डागर और क्रिकेट स्टार सचिन तेंदुलकर सहित 55 विशिष्ट व्यक्तियों को ‘पद्म पुरस्कार’ प्रदान किए। मुखर्जी, आशा और सचिन को पद्मविभूषण व डागर को पद्मभूषण पुरस्कार दिया गया। पद्मविभूषण पाने वाले दो अन्य व्यक्ति हैं सूचना प्रौद्योगिकी में अग्रणी एनआर नारायणमूर्ति और होटल व्यवसायी पीआरएस ओबराय।
इस वर्ष गणतंत्र दिवस पर कुल 135 व्यक्तियों को पद्म पुरस्कार देने की घोषणा की गई थी। प्रसिद्ध मूर्तिकार अमरनाथ सहगल (मरणोपरान्त) फ्रांसीसी लेखक डोमिनिक लेपियर, बैंक अधिशासी एमवी कामथ, शिक्षाविद इंके ओम्मन और प्रो सुखदेव को पद्मभूषण पुरस्कार दिये गये। पत्रकारों में राजदीप सरदेसाई, विनोद दुआ और बरखा दत्त को पद्मश्री पुरस्कार दिये गये। पद्मश्री पाने वाले अन्य व्यक्ति हैं—प्रसिद्ध तैराक बुला चौधरी, कलाविद गुरु गंगाधर प्रधान, कलाविद मंगलप्रसाद मोहंती, शिक्षाविद निरुपम वाजपेयी, अमेरिकी चिकित्सा वैज्ञानिक डॉ० श्याम नारायण आर्य और सुरेन्द्र सिंह यादव व साहित्यकार डॉ० एम० लीलावती।

पिताश्री गोपीराम गोइन्का हिन्दी-कन्नड़ अनुवाद पुरस्कार समारोह

बैंगलूर। कमला गोइन्का फाउण्डेशन ने हिन्दी से कन्नड़ अथवा कन्नड़ से हिन्दी के सर्वश्रेष्ठ अनुवादक के सम्मानार्थ घोषित ‘पिताश्री गोपीराम गोइन्का हिन्दी-कन्नड़ अनुवाद पुरस्कार’ इस वर्ष डॉ० तिप्पेस्वामी को उनकी अनुदित कृति ‘अमृत मत्तु विष’ (जोकि श्री अमृतलाल नागरजी के हिन्दी उपन्यास ‘अमृत और विष’ का कन्नड़ अनुवाद है) के लिए दिया है।
श्रीनारायण समीरजी (संयुक्त निदेशक, केन्द्रीय अनुवाद ब्यूरो) के हाथों डॉ० तिप्पेस्वामी को पुरस्कार स्वरूप इक्कीस हजार रुपये नगद के साथ शाल, श्रीफल, स्मृति चिह्न व पुष्पगुच्छ प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि सांसद और साहित्यकार उदय प्रताप सिंह ने कर्नाटक के वरिष्ठ हिन्दी साहित्यकार डॉ० वी० वेन्कटेश को उनके हिन्दी साहित्य में योगदान के लिए कमला गोइन्का फाउन्डेशन के ‘गोइन्का हिन्दी साहित्य सारस्वत सम्मान 2008’ से भी नवाजा।

वरिष्ठ लेखक विष्णु प्रभाकर सम्मानित

वरिष्ठ लेखक विष्णु प्रभाकर को हरियाणा सरकार ने सम्मान राशि के रूप में एक लाख रुपये भेंट किए। हरियाणा साहित्य अकादमी के अध्यक्ष देश निर्मोही ने गुरुवार को प्रीतमपुरा स्थित उनके घर जाकर यह राशि दी। इस मौके पर शहर के कई जाने-माने रचनाकार भी उपस्थित थे।

डॉ० श्याम सखा ‘श्याम’ को पं० लखमीचन्द्र पुरस्कार

चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने हरियाणा साहित्य अकादमी के वार्षिक पुरस्कारों की घोषणा की। रोहतक शहर के वरिष्ठ चिकित्सक एवं देश के जाने माने साहित्यकार डॉ० श्याम सखा ‘श्याम’ को हरियाणवी लोक साहित्य एवं लोक संस्कृति का सर्वोच्च पुरस्कार ‘पं० लखमीचन्द्र पुरस्कार’ देने की घोषणा हुई। ज्ञातव्य है कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने भी डॉ श्याम को पद्मश्री मुकुटधर पाण्डेय ‘छत्तीसगढ़ सृजन सम्मान’ से सम्मानित कर 21,000 रुपए का चेक दिया था और 16 मार्च को भोपाल में इनकी पुस्तक ‘अकथ’ को पं० अम्बिका प्रसाद दिव्य रजत अलंकरण से सुशोभित किया गया।

पांच वैद्य पुरस्कृत

वाराणसी। राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने देश के पाँच वैद्यों को स्वदेशी चिकित्सा पद्धति में उल्लेखनीय योगदान के लिए रामनारायण वैद्य पुरस्कार से सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि विश्व को आयुर्वेद की आवश्यकता है और इसे आगे बढ़ाने का सदैव प्रयास होते रहना चाहिए। राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में पाटिल ने वर्ष 2003 से लेकर वर्ष 2007 के लिए इन वैद्यों को सम्मानित किया। अहमदाबाद के एचएस कस्तूरे, मुम्बई के वैद्य सुरेश चतुर्वेदी, वाराणसी के प्रो रामहर्ष सिंह, नोएडा के वैद्य मायाराम उनियाल और बेंगलूर के टीएल देवराज को पुरस्कार स्वरूप डेढ़ लाख रुपये, धन्वंतरि की रजत प्रतिमा और प्रशस्ति पत्र दिए गए। यह पुरस्कार आयुर्वेद जगत में लम्बे समय से काम कर रही वैद्यनाथ कम्पनी देती है।

गिरिजा व सरोजा को लाइफ टाइम एवार्ड

नई दिल्ली। बनारस घराने की प्रसिद्ध ठुमरी गायिका गिरिजा देवी और भरतनाट्यम की प्रसिद्ध नृत्यांगना एमके सरोजा को नृत्य कला के लिए लाइफ टाइम अचीवमेंट एवार्ड से सम्मानित किया गया। लिजेंड्स ऑफ इंडिया संस्था की अगुवाई में उपराज्यपाल तेजेन्द्र खन्ना ने दोनों कलाकारों को एवार्ड प्रदान किया।

अनुवाद के लिये अकादमी पुरस्कार

कोलकाता। हिन्दी के अमर कथाकार मुंशी प्रेमचंद के प्रसिद्ध उपन्यास ‘निर्मला’ के संस्कृत अनुवाद के लिये इस वर्ष साहित्य अकादमी का अनुवाद पुरस्कार पंडित श्रीराम दवे को मिला है। अकादमी के अध्यक्ष सुनील गंगोपाध्याय के उपन्यास के मराठी अनुवाद के लिये रंजना श्रीकृष्णा पाठक, महर्षि अरविंदो की प्रसिद्ध काव्य रचना ‘सावित्री’ के तमिल अनुवाद के लिये स्वर्गीय एआई रवि आसमुगम, प्रसिद्ध अंग्रेजी लेखक रस्किन बांड के उपन्यास ‘ए फ्लाइट ऑफ पीजन्स’ के मणिपुरी में अनुवाद के लिये एस भानुमति देवी, ‘ज्ञानपीठ पुरस्कार’ के लिये इंदिरा गोस्वामी के उपन्यास ‘आधा लेखा दस्तावेज’ के बोडो भाषा में अनुवाद के लिये अंजलि देमारि को पुरस्कार मिला है।
अकादमी ने इस बार 21 भाषाओं में अनुवाद पुरस्कार दिये जाने की घोषणा की है। तीन भाषाओं—डोगरी, नेपाली और संथाली में कोई पुरस्कार नहीं दिया गया। ये पुरस्कार 21 अगस्त को कोलकाता में अकादमी के अध्यक्ष प्रदान करेंगे। हिन्दी के प्रख्यात लेखक यशपाल, ओडिया लेखक गोपीनाथ मोहंति, बंगला लेखक बुद्धदेव बसु, ओडिया लेखक मनरेजमे दास, कमलादास आदि की कृतियों के अनुवाद के लिये भी पुरस्कार दिये जायेंगे। पुरस्कार में 20 हजार रुपये की धनराशि तथा ताम्रपत्र प्रदान किया जाता है।

अनीता वर्मा को बनारसी प्रसाद भोजपुरी सम्मान

रांची। हिन्दी की भाव प्रवण युवा कवयित्री अनीता वर्मा को उनके प्रथम कविता संग्रह ‘एक जन्म में सब’ तथा हिन्दी कविता में उल्लेखनीय योगदान के लिए राँची में वर्ष 2006 का बनारसी प्रसाद भोजपुरी सम्मान प्रदान किया गया। इस समारोह के लिए विशेष रूप से आमंत्रित हिन्दी जगत के प्रख्यात कवि मंगलेश डबराल, लीलाधर मंडलोई, अष्टभुजा शुक्ल, कात्यायनी, एकान्त श्रीवास्तव और निर्मला पुतुल ने भी अनीता वर्मा की कविताओं की भावभूमि और काव्यात्मक अवदान पर सकारात्मक चर्चा करते हुए उनमें व्यापक सम्भावनाओं की तलाश की।

संस्कृत विद्वान् सम्मानित

नई दिल्ली। दिल्ली संस्कृत अकादमी ने अखिल भारतीय संस्कृत प्रतियोगिता पुरस्कार वितरण समारोह 2007-08 में संस्कृति के विभिन्न क्षेत्रों के 60 से ज्यादा विद्वानों को सम्मानित किया। इसके अलावा भारतीय श्लोक समस्या-पूर्ति के लिए देश के 16 संस्कृत विद्वानों, लघु कथा लेखन के लिए 15 संस्कृत विद्वानों, लघु नाटक के लिए 14 विद्वानों को, जबकि संस्कृत शोध निबन्ध के लिए एक संस्कृत विद्वान् को दस हजार रुपये की राशि से सम्मानित किया गया। ‘संस्कृत शिक्षक पुरस्कार’ के तहत दिल्ली के पाँच शिक्षकों को सात-सात हजार रुपये, शॉल, प्रमाण-पत्र और साहित्य भेंट कर सम्मानित किया गया।

चित्रकला संगम सम्मान

नई दिल्ली। ‘चित्रकला संगम सम्मान’ वर्ष 2008 साहित्य के लिए डा हरीश नवल, संगीत-नृत्य के लिए शिवाश्री व्यास, कला के लिए अल्का आर्य, कार्टून के लिए सुधीर तैलंग तथा फोटोग्राफी के लिए एस पाल को प्रदान किए गए। पुरस्कार में 21-21 हजार रुपये की राशि और प्रशस्ति-पत्र दिए गए।

‘राष्ट्रधर्म’ कहानी प्रतियोगिता पुरस्कार

नई दिल्ली। ‘राष्ट्रधर्म’ मासिक की राधेश्याम चितलांगिया स्मृति अखिल भारतीय हिन्दी कहानी प्रतियोगिता में 7,000 रुपये का प्रथम पुरस्कार अंजु दुआ जैमिनी को ‘मजबूर कौन’ कहानी के लिए; 5,000 रुपये का द्वितीय पुरस्कार कृतिका केसरी को ‘आ अब लौट चलें’ के लिए, 3,000 रुपये का तृतीय पुरस्कार डा निरुपमा राय को ‘जनता दरबार’ के लिए, 1,500 रुपये के प्रोत्साहन पुरस्कार कल्पना कुलश्रेष्ठ को ‘और परी चली गई’ के लिए, डा अमिता दुबे को ‘अस्तित्व’ के लिए और ओमप्रकाश मिश्र को ‘एक इबारत यह भी’ कहानी के लिए दिया गया।

अखिल भारतीय हिन्दी व्यंग्य लेख प्रतियोगिता पुरस्कार

लोक कल्याण समिति, उत्तर प्रदेश की अख्लि भारतीय हिन्दी व्यंग्य लेख प्रतियोगिता के अन्तर्गत 5,000 रुपये का प्रथम पुरस्कार कैलाशचन्द्र जोशी ‘डुंगराकोटी’ को ‘मामला विचाराधीन है’ के लिए, 3,000 रुपये का द्वितीय पुरस्कार सत्यवान नायक ‘राष्ट्रवादी जूते’ के लिए, 2,000 रुपये का तृतीय पुरस्कार जगदीश ज्वलंत को ‘हार पर आत्ममंथन’ के लिए और 1,000 रुपये के प्रोत्साहन पुरस्कार रामसहाय वर्मा को ‘यह सरकारी कार्यालय है’ के लिए, बिहारी दुबे को ‘जमघट अनसुलझे सवालों का’ के लिए तथा रंजना जायसवाल को ‘मूँदे आँखि कतहुँ कोउ नाहीं’ के लिए प्रदान किए गए।

दिनकर कुमार को भाषा सेतु सम्मान

कोलकाता। प्रसिद्ध साहित्यिक संस्था ‘अपनी भाषा’ का वर्ष 2008 का ‘जस्टिस शारदा चरण मित्र स्मृति भाषा सेतु सम्मान’, हिन्दी-असमिया के बीच सेतु निर्मित करने वाले रचनाकार दिनकर कुमार को प्रदान किया गया। असमिया से हिन्दी एवं हिन्दी से असमिया में करीब चालीस से अधिक कृतियों का अनुवाद कर चुके दिनकर कुमार ने कहा कि हिन्दी में अनुवाद की परम्परा बहुत पुरानी है। स्वतंत्रता आन्दोलन के समय महात्मा गाँधी ने बाबा राघव दास व कमल नारायणदेव को असम में हिन्दी भाषा के प्रचार के लिए भेजा था। उन लोगों ने असमिया भाषा को सीखा व असमिया से कई पुस्तकों का हिन्दी में अनुवाद किया।

डॉ० विश्वनाथप्रसाद तिवारी

रायपुर। गोरखपुर से पिछले तीन दशकों से अनवरत निकल रही त्रैमासिक पत्रिका ‘दस्तावेज’ के सम्पादक डा विश्वनाथ प्रसाद तिवारी को यहां एक गरिमामय समारोह में प्रख्यात लेखक विनोद कुमार शुक्ल ने शाल, श्रीफल, स्मृति चिह्न, प्रशस्ति-पत्र और ग्यारह हजार रुपये नगद देकर पं० बृजलाल द्विवेदी स्मृति साहित्यिक पत्रकारिता सम्मान से विभूषित किया। विनोदकुमार शुक्ल ने कहा कि साहित्यिक पत्रकारिता में अपने अवदान, तेवर के लिए ‘दस्तावेज’ को पं० बृजलाल द्विवेदी स्मृति साहित्यिक पत्रकारिता सम्मान मिलने और इसके सम्पादक डॉ० विश्वनाथप्रसाद तिवारी की उपस्थिति से यह सम्मान ही सम्मानित हुआ है। डॉ विश्वनाथ प्रसाद तिवारी ने कहा कि साहित्य और पत्रकारिता दोनों के लक्ष्य समान हैं और संवेदना, सहिष्णुता से ही पत्रकारिता, साहित्य और साहित्यिक पत्रकारिता में नये आयाम स्थापित किए जा सकते हैं।

कादयान की पुस्तक को पुरस्कार

चंडीगढ़। प्रसिद्ध छायाकार व लोक संस्कृति लेखक ओमप्रकाश कादयान की पुस्तक ‘हरियाणा की सांस्कृतिक धरोहर’ को हरियाणा साहित्य अकादमी ने वर्ष 2006-2007 के लिये लोक साहित्य वर्ग में वर्ष की सर्वश्रेष्ठ पुस्तक के रूप में चुना है। यह पुस्तक हरियाणा की सम्पूर्ण सांस्कृतिक विरासत को उजागर करती है।

प्रो सुधाकर को शिक्षा रत्न

नई दिल्ली। इण्डिया इण्टरनेशनल फ्रेंडशिप सोसाइटी (नई दिल्ली) ने ‘शिक्षा रत्न’ पुरस्कार के लिए काशी हिन्दू विश्वविद्यालय स्थित हिन्दी विभाग में प्रो सुधाकर सिंह का चयन किया है।

रमेश सोबती सम्मानित

नई दिल्ली। अहिन्दीभाषी हिन्दी लेखक संघ, नई दिल्ली पंजाब के सुप्रसिद्ध लेखक, कवि एवं समीक्षक रमेश सोबती को उनकी दीर्घकालीन साहित्यिक सेवाओं के लिए 2100 रुपये नगद, प्रशस्ति-पत्र तथा प्रतीक चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उनकी सद्यः प्रकाशित काव्य कृति ‘ठण्डे महीनों की कुनकुनी धूप में’ का लोकार्पण भी मुख्यमंत्री श्रीमती शीला दीक्षित ने किया।

सदाशिव कौतुक को भारत भाषा भूषण

भोपाल। अखिल भारतीय भाषा साहित्य सम्मेलन, भोपाल इन्दौर के साहित्यकार सदाशिव कौतुक को ‘भारत भाषा भूषण’ की उपाधि से अलंकृत किया गया।

हिन्दी संस्थान से पुरस्कृत

लखनऊ। डा भीमराव अम्बेडकर आगरा विश्वविद्यालय, के इतिहास एवं संस्कृति विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो० सुगम आनन्द को उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान ने उनकी पुस्तक ‘भारतीय इतिहास में नारी’ पर इतिहास विषय का बीस हजार रुपये का आचार्य नरेन्द्रदेव पुरस्कार से सम्मानित किया एवं वरिष्ठ साहित्यकार आरपी मित्तल को उनकी पुस्तक ‘क्या ईश्वर है? है तो क्या’ के लिए वर्ष 2004 का भगवान दास पुरस्कार प्रदान किया । इसके अन्तर्गत भी बीस हजार रुपये दिये जाते हैं।

मुबीन को मुंशी प्रेमचंद पुरस्कार

मुंबई। महाराष्ट्र राज्य हिन्दी साहित्य अकादमी की ओर से उपमुख्यमंत्री आरआर पाटिल ने संगीतकार उमर खैयाम की उपस्थिति में पश्चिम रेलवे के प्रबन्धक आलोक झिंगरन के हाथों, उपन्यास ‘रेवड़’ के आधार पर युवा लेखक एम० मुबीन, भिवण्डी को ‘मुंशी प्रेमचंद पुरस्कार 2006’ (रु० 25,000, स्मृति चिह्न, शॉल, श्रीफल) प्रदान किया।

हिंदुस्तानी अकादमी सम्मान समारोह

इलाहाबाद। हिंदुस्तानी अकादमी ने एक सम्मान समारोह का आयोजन किया जिसमें शहर के लब्धप्रतिष्ठित विद्वानों को सम्मानित किया गया। सम्मानित विद्वानों में डा शिव गोपाल मिश्र, प्रो सुरेशचन्द्र पाण्डेय, डा मत्स्येन्द्रनाथ शुक्ल, डा रामकिशोर शर्मा, प्रो हरिदत्त शर्मा और डा उर्मिला जैन को शाल उढ़ाकर, सरस्वती प्रतिमा व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री राकेशधर त्रिपाठी ने अकादमी की पुस्तक ‘प्रयाग प्रदीप’ का लोकार्पण भी किया। अध्यक्षीय सम्बोधन में न्यायमूर्ति प्रेमशंकर गुप्त ने कहा कि इलाहाबाद साहित्यिक विद्वानों का नगर है लेकिन आज उनकी स्थिति ठीक नहीं, सरस्वती की आराधना के साथ उन्हें लक्ष्मी के भी दर्शन कराना जरूरी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रभाषा हिन्दी के महत्त्व को अवरुद्ध करने का कुत्सित प्रयास हो रहा है जिसके प्रति हिन्दी विद्वानों को सतर्क रहना होगा।

पंचारिया गुरुजी सम्मानित

बैंगलूर। गुलेदगुड्ड (कर्नाटक) के स्थानीय हिन्दी सेवी अनुवादक एसके पंचारिया ‘गुरुजी’ को अखिल भारतीय साहित्य संगम, उदयपुर की ओर से राष्ट्रीय-प्रतिभा-सम्मान 2008 के अन्तर्गत, उनकी साहित्यिक सेवाओं के लिए ‘कलम-कलाधर’ की मानद सम्मानोपाधि से अलंकृत किया गया। उपर्युक्त सम्मान के अलावा साहित्यिक सांस्कृतिक कला संगम अकादमी, परियावाँ, प्रतापगढ़ (उ०प्र०) ने सम्पूर्ण कृतित्व के लिए उनका ‘साहित्य-मार्तंड’ से विभूषित करने हेतु चयन भी किया है।