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खेलों के लिए ‘सहारा इंडियन स्पोर्ट्स अवार्ड’ की घोषणा
मुंबई ।
भारत में खेलों के प्रमुख प्रमोटर सहारा इंडिया परिवार ने खेल
जगत में ‘सहारा इंडियन स्पोर्ट्स अवार्ड्स’ की घोषणा की है।
विभिन्न श्रेणी के अंतर्गत भारतीय खिलाडि़यों को उनकी उपलब्धि
और प्रयासों के लिए इन पुरस्कारों से सम्मानित और प्रोत्साहित
किया जाएगा, साथ ही कोच वर्ग को भी सम्मानित किया जाएगा। ये
पुरस्कार 9 नवंबर को एक बड़े सम्मान समारोह में दिए जाएंगे।
भारतीय क्रिकेट और हॉकी के प्रायोजक सहारा इंडिया परिवार ने
हाल ही में भारतीय मुक्केबाजी, कुश्ती, तीरंदाजी और निशानेबाजी
को भी अंगीकृत किया है। इस श्रृंखला में इन चारों खेलों के
अंतर्गत सहारा इंडिया परिवार 56 खिलाडि़यों को 4 वर्षों तक
सहायता प्रदान करता रहेगा। यह सहायता लंदन ओलंपिक्स 2012 के
बाद तक जारी रहेगी।
ज्ञातव्य है कि सहारा समूह घरेलू व जमीनी स्तर पर
कलकत्ता फुटबाल लीग, शीशमहल क्रिकेट टूर्नामेंट और तमाम अन्य
खेलों को राष्ट्रीय, प्रादेशिक और जिला स्तर पर बढ़ावा देने के
लिए मदद करता है। हाल ही में इस समूह ने उप्र क्रिकेट सीनियर
टीम को भी प्रायोजित करने का निर्णय लिया है, जोकि रणजी ट्रॉफी
में राज्य का प्रतिनिधित्व करने के साथ ही अन्य घरेलू
टूर्नामेंट का प्रतिनिधित्व भी करती है। सहारा इंडिया परिवार
ने इन पुरस्कारों को इस इरादे से प्रस्तुत किया है, जिससे कि
सभी खेलों को एक साथ जोड़ा जा सके। इनमें वे खेल शामिल हैं जो
बहुत लोकप्रिय हैं और वे भी शामिल हैं जो इतने लोकप्रिय नहीं
हैं। इन खेलों की लोकप्रियता और सम्मान बढ़ाने के लिए इन्हें
एक प्लेटफार्म पर लाने की ही यह कोशिश है और इस क्रम में उन
भारतीय खिलाडि़यों की उपलब्धियों का सम्मान किया जाना है,
जिन्होंने राष्ट्र की अस्मिता को सर्वोच्च स्थान दिलाया है और
खेल जगत में भारतीय खिलाडि़यों का परचम लहराया है।
माना जा रहा है िक ये पुरस्कार युवा खिलाडि़यों के
प्रोत्साहन के लिए एक अवसर प्रदान करेंगे, जिससे वे राष्ट्र के
लिए ख्याति अर्जित कर सकें। इन पुरस्कारों के लिए मतदान
प्रक्रिया दो चरणों में होनी है- प्रथम स्तर पर स्पोर्ट्स
जर्नलिस्ट फेडरेशन ऑफ इंडिया विभिन्न खेलों और विभिन्न वर्गों
से नामित करेगा। इसके साथ सहारा इंडिया स्पोर्ट्स अवार्ड्स के
विजेताओं को खेल जगत की 13 हस्तियों की जूरी विभिन्न वर्गों
में चयनित करेगी। ये हस्तियां विभिन्न खेलों जैसे-क्रिकेट,
बिलियर्ड्स, टेनिस, गोल्फ, स्क्वैश, शतरंज, टेबल टेनिस के
क्षेत्र की होंगी। इस जूरी का नेतृत्व निर्णायक मण्डल के
चेयरमैन की हैसियत से पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर करेंगे। इस
समूची चयन प्रक्रिया की जांच -पड़ताल केपीएमजी करेगी।
‘सहारा इंडियन स्पोर्ट्स अवार्ड्स’ की घोषणा करते हुए
सहारा इंडिया परिवार के मैनेजिंग वर्कर एवं चेयरमैन सुब्रत रॉय
सहारा ने कहा है कि 'भारत में अभी भी खेल को यथोचित मान-सम्मान
नहीं मिल पाया है, इसी वजह से हमने खिलाडि़यों का
उत्साहवर्द्धन करने की आवश्यकता महसूस की और बधाई और सम्मान
देकर उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित किया, सहारा इंडियन
स्पोर्ट्स अवार्ड्स से खिलाडि़यों की भावना को सम्मान देना और
भारत में खेलों के विकास के लिए हमारी वचनबद्धता का यह एक और
कदम है।' इस अवसर पर क्रिकेट सम्राट व अवार्ड जूरी के चेयरमैन
सुनील गावस्कर ने कहा कि ‘सहारा इंडियन स्पोर्ट्स अवार्ड्स, एक
ही छत के नीचे विभिन्न प्रकार के खेल व खिलाडी़ की भावना को
सम्मानित व उत्साहित करने वाला एक फोरम है। सहारा इंडिया का इस
तरह के अवार्ड्स का आयोजन हमारे देश के श्रेष्ठ खिलाडि़यों को
सम्मानित करने की दिशा में एक महान कदम है।’
सहारा इंडिया परिवार कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन्स के प्रमुख
अभिजीत सरकार ने इस अवसर पर कहा कि ‘शुरू से ही सहारा इंडिया
परिवार सभी स्तरों पर खेल की उन्नति और विकास के लिए सहायक रहा
है, ऐसा देखा जाता है कि प्रसिद्धि की तुलना में सभी खेलों को
एक बराबर का सम्मान नहीं मिल पाता, जिससे कई खेल और खिलाड़ी
नेपथ्य में ही नजर आते हैं, ऐसे में उन सभी खेल और खिलाड़ी की
प्रतिभा और भावना को सम्मान देने के लिए एक व्यापक प्लेटफार्म
बनाने की आवश्यकता है, यह अवार्ड नौजवानों को खेल के प्रति
आकर्षित करने और खेल के विकास के प्रति सहारा परिवार की गहरी
वचनबद्धता की एक छोटी सी झलक है।’
सहारा इंडियन स्पोर्ट्स अवार्ड्स के
निर्णायक मण्डल के सदस्य हैं-
सुनील गावस्कर (क्रिकेट) जूरी के चेयरमैन, माइकल फरेरा
(बिलियर्ड्स), पुल्लेला गोपीचंद (बैडमिंटन), अश्वनी नाचप्पा
(एथलेटिक्स), नन्दन बल (टेनिस), मेहरबान दारूवाला (स्क्वैश),
प्रवीण थिप्से (शतरंज), धनराज पिल्लैई (हॉकी), कमलेश महेता
(टेबल टेनिस), दिलीप वेंगसकर (क्रिकेट), अंजू बॉबी जार्ज
(एथलेटिक्स), विक्रमजीत सिंह (गोल्फ) और आई-एम- विजयमेन
(फुटबाल)।
पुरस्कारों की श्रेणी-
क्रिकेटर ऑफ द ईयर (पुरूष), क्रिकेटर ऑफ द ईयर (महिला),
स्पोर्ट्समैन ऑफ द ईयर (नॉन-क्रिकेट), स्पोर्ट्सवुमेन ऑफ द
ईयर(नॉन-क्रिकेट), बेस्ट यंग एचीवर ऑफ द ईयर (पुरूष), बेस्ट
यंग एचीवर ऑफ द ईयर (महिला), खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के
लिए चार पुरस्कार (नॉन-क्रिकेट) और अनसंग हीरो के लिए दो
पुरस्कार, टीम ऑफ द ईयर, कोच ऑफ द ईयर, वर्ष का यादगार क्षण।
लंदन ओलंपिक
में मदद देगा सहारा इंडिया
‘चैंपियन
ऑफ चैंपियंस’ का भी प्रायोजक
मुंबई ।
सहारा इंडिया परिवार, भारतीय मुक्केबाजी, कुश्ती, तीरंदाजी और
अब निशानेबाजी के 56 खिलाडि़यों और 4 फेडरेशनों को लंदन
ओलम्पिक की तैयारी में सहायता देगा और ‘चैंपियन ऑफ चैम्पियन्स’
नामक नई शूटिंग प्रतियोगिता और नेशनल चैम्पियनशिप का भी
प्रायोजक होगा। सहारा इंडिया के चेयरमैन सुब्रत रॉय ने सहारा
परिवार के खेलों में योगदान की निरंतर प्रतिबद्धता प्रकट करते
हुए कहा है- 'उन क्रियाकलापों को हमेशा महत्व दिया गया है, जो
मनुष्य में सकारात्मक भावनाएं पैदा करते हैं और खेल उनमे से एक
है।'
मीडिया में आई खबरों के प्रत्युत्तर में कि अभिनव बिंद्रा
को इस संविदा में प्रायोजकों के संभावित मतभेद के कारण नहीं
लिया गया है, एनआरएआई के महासचिव सेठी ने कहा, ‘निशानेबाज का
चयन एनआरएआई की सिफारिश पर आधारित है, जिसमें अभिनव बिंद्रा के
नाम पर दो कारणों से विचार नहीं किया गया। प्रथम तो यह कि उनकी
अपेक्षाएं काफी ज्यादा थीं और दूसरा यह कि उन्हें अलग-अलग
जगहों से सहायता उपलब्ध हो रही है। एनआरएआई की इच्छा ज्यादा से
ज्यादा निशानेबाजों में बिना किसी विषमता के सहायता राशि देने
की है। इस खेल के इतिहास में इस प्रकार की पहली पेशकश है।
स्पष्टरूप से विदित हो कि एनआरएआई सहारा के इस उत्तम अवसर और
सहृदयता से वंचित नहीं रहना चाहता है।’
भारत में खेलों का प्रमुख प्रमोटर सहारा इंडिया परिवार ने
भारतीय शूटिंग (निशानेबाजी) को भी सहायता देने का फैसला किया।
इसके अंतर्गत नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के साथ 15 शूटर्स
को चिन्हित किया गया है जिसमें कई उभरते हुए खिलाड़ी हैं और
इनमें पांच महिला शूटर्स भी शामिल हैं। उनमें से कुछ जाने-माने
नाम जैसे-राज्यवर्द्धन सिंह राठौर, गगन नारंग, समरेश जंग, रंजन
सोढ़ी और मानवजीत सिंह भी हैं। इस करार के तहत सहारा इंडिया
परिवार इन खिलाडि़यों को वर्ष 2012 में लंदन में होने वाले
ओलम्पिक खेलों के बाद तक सहायता प्रदान करेगा। इसके अलावा
सहारा इंडिया ने नेशनल चैम्पियनशिप और नई शूटिंग प्रतियोगिता
‘चैम्पियन ऑफ चैम्पियन्स’ को भी प्रायोजित करने की घोषणा की
है। भारतीय क्रिकेट और हॉकी के प्रायोजक सहारा इंडिया परिवार
ने इसी वर्ष हाल ही में भारतीय मुक्केबाजी, कुश्ती और तीरंदाजी
को भी अंगीकृत किया है। इस श्रृंखला में इन चारों खेलों के
अंतर्गत सहारा इंडिया परिवार 56 खिलाडि़यों को 4 वर्ष तक
सहायता प्रदान करता रहेगा।
सहारा इंडिया परिवार के सहयोग का उद्देश्य अन्तरराष्ट्रीय
स्तर पर भारत की अस्मिता को बढ़ाना और ओलम्पिक्स, एशियन और
कामनवेल्थ खेलों में मेडल की दावेदारी बढ़ाना है। इस सहायता का
उद्देश्य उभरते हुए निशानेबाजों को बेहतर प्रदर्शन करने के लिए
प्रेरित करना है ताकि वे देश के लिए गौरवपूर्ण सम्मान अर्जित
कर सकें। इस चार वर्षीय सहायता के अंतर्गत खिलाडि़यों को हर
वर्ष उनके प्रदर्शन और उपलब्धि की समीक्षा के आधार पर ग्रेडिंग
सिस्टम से स्पांसरशिप राशि प्रदान की जाएगी, जिसमें इस बात का
ध्यान भी रखा गया है कि इस करार में नहीं शामिल अति उत्तम
प्रदर्शन वाले खिलाडि़यों को भी संज्ञान में लिया जाएगा।
हालांकि, टॉप 5 निशानेबाजों की समीक्षा हर दो साल बाद होगी।
इस अवसर पर सुब्रत रॉय सहारा, मैनेजिंग वर्कर और चेयरमैन,
सहारा इंडिया परिवार ने कहा, ‘खेल राष्ट्र और राष्ट्रीयता की
सीमाओं से ऊपर उठकर मानव को भावनात्मक रिश्ते में बांधता है।
सहारा इंडिया परिवार ने उन क्रियाकलापों को हमेशा महत्व दिया
है, जो मनुष्य में सकारात्मक भावनाएं पैदा करते हैं और खेल
उनमे से एक है।' उन्होंने कहा कि 'मेरा मानना है कि भारत की
प्रतियोगी क्षमता उन खेलों में ज्यादा है, जो या तो कौशल
आधारित हैं या हमारे पारम्परिक खेलों से मिलते-जुलते हैं।
शूटिंग को यह सहायता, इसी श्रृंखला की एक कड़ी है और इस प्रकार
के खेलों को, जो देश को ख्याति दिलाने में सामर्थ्य रखते हैं,
जमीनी स्तर पर बढ़ावा देने की हमारी प्रतिबद्धता भी है। यकीन
है कि ये नवजवान निशानेबाज भारत को गौरवान्वित करेंगे और
श्रेष्ठता का नया मानक स्थापित करेंगे, जैसा कि पहले भी
उन्होंने किया है।’
नेशनल रायफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के प्रेसीडेंट दिग्विजय
सिंह ने समस्त निशानेबाजों की तरफ से सहारा इंडिया परिवार को
और खासतौर पर उनके चेयरमैन को धन्यवाद ज्ञापित किया है
जिन्होंने इस फेडरेश्न और खिलाडि़यों को सम्बल दिया। उन्होंने
कहा कि निश्चित रूप से सहारा इंडिया परिवार के साथ यह भागीदारी
निशानेबाजों के राष्ट्रीय और अन्तरराष्ट्रीय स्तर के प्रदर्शन
को बेहतर बनाएगी।’
एलएसएम के मैनेजिंग डायरेक्टर दासगुप्ता ने कहा, ‘इस
ऐतिहासिक गठबंधन का हिस्सा बनने में वह गर्व और विशेषाधिकार
महसूस करते हैं, जिसमें 15 शीर्षस्थ निशानेबाज और फेडरेशन को 4
वर्ष के लिए सहारा इंडिया परिवार का संरक्षण प्राप्त हुआ है।
इस अनुकरणीय सहयोग के लिए उन्होंने सहाराश्री का आभार व्यक्त
किया।
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