लखनऊ।
सहारा पुणे वारियर्स, इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की पुणे
फ्रेंचाइजी ने आईपीएल सेशन-4 के लिए अपने हेड और असिस्टेंट कोच
की नियुक्ति की घोषणा कर दी है। वर्ष 1999 का वर्ल्ड कप जीतने
वाली आस्ट्रेलियन टीम के कोच लिजेंडरी आस्ट्रेलियन ओपनर ज्यॉफ
रॉबर्ट मार्श को टीम का हेड कोच नियुक्त किया गया है जबकि
इंग्लैण्ड के भूतपूर्व इंटरनेशनल ऑलराउंडर डरमॉट रीव को
असिस्टेंट कोच बनाया गया है। सहारा इंडिया परिवार के मैनेजिंग
वर्कर एवं चेयरमैन, सुब्रत रॉय सहारा ने अपनी आईपीएल
फ्रेंचाइजी के बारे में सहारा मुख्यालय में और ज्यादा जानकारी
देते हुए सहारा पुणे वारियर्स के हेड कोच ज्यॉफ रॉबर्ट मार्श
और असिस्टेंट कोच डरमॉट रीव का मीडिया से परिचय कराया। इस महत्वपूर्ण चयन पर सुब्रत रॉय सहारा ने कहा, ‘हमें
इस बात की खुशी है कि हम इस क्षेत्र के दो सबसे सुयोग्य
विशेषज्ञों के हाथों में सहारा पुणे वारियर्स टीम की लगाम देने
में कामयाब रहे हैं। ज्यॉफ, जिनके पास ज्ञान और अनुभव का अथाह
भण्डार है, इस जहाज के कप्तान होंगे जबकि डरमॉट अपने आक्रामक
रवैये, उत्साह और अनुभव के साथ उनके सहायक होंगे। इससे भी
ज्यादा, ये लोग बेहतर इंसान हैं और मुझे पूरा विश्वास है कि
वृहद् अनुभव और आक्रामक रवैये का यह अद्भुत संयोग ‘सहारा पुणे
वारियर्स’ को एक सुसंगठित और मजबूत टीम बनाने में बहुत सहायक
सिद्ध होगा।’ ज्यॉफ मार्श ने इस नियुक्ति पर खुशी जाहिर करते हुए
कहा, ‘क्रिकेट जगत का सबसे आकर्षक बिन्दु है- आईपीएल और वहीं
सहारा पुणे वारियर्स, इसकी सबसे रोचक टीम होगी। इस अवसर पर मैं
खुद को बहुत उत्साहित महसूस कर रहा हूँ।’ रिटेन्शन पॉलिसी के
बारे में पूछे जाने पर मार्श ने कहा, ‘एक नयी फ्रेन्चाईजी के
रूप में हम उम्मीद करते हैं कि बीसीसीआई हमें एक स्तरीय खेल
क्षेत्र देगा और सभी खिलाड़ियों को नीलामी में जाने की अनुमति
भी’। कुछ इसी तरह के भाव रीव ने भी प्रदर्शित किए। उन्होंने
कहा ‘टूर्नामेंट का मानक केवल तभी बरकरार रहेगा जब बराबरी का
सिद्धांत कायम रखते हुए स्वाभाविक न्याय का माहौल बने।’ ज्ञातव्य है कि ज्यॉफ रॉबर्ट मार्श लिजेंडरी
आस्ट्रेलियन क्रिकेटर, कोच और सलेक्टर ने एक क्रिकेटर के तौर
पर 50 टेस्ट मैच खेले हैं और ओपनिंग बैट्समैन के तौर पर
आस्ट्रेलिया के लिए 100 से अधिक एक दिवसीय इंटरनेशनल खेल चुके
हैं। उन्होंने वेस्टर्न आस्ट्रेलिया के लिए अपने फर्स्ट-क्लास
खेल की शुरूआत 19 वर्ष की आयु में वर्ष 1977-78 में शीफील्ड
शील्ड सेशन के दौरान की। मार्श ने इंटरनेशनल क्रिकेट सात
वर्षों से ऊपर खेला और 1992 में इसे विदा कह दिया। एक कोच के
रूप में वह उस समय इंचार्ज थे, जब आस्ट्रेलिया ने इंग्लैण्ड
में 1999 क्रिकेट वर्ल्ड कप जीता था। उन्होंने टीम को
टूर्नामेंट में लगातार सात जीत दिला कर टूर्नामेंट जिताने में
गाईड किया था। मार्श को आस्ट्रेलियन नेशनल टेस्ट और वन-डे
इंटरनेशनल टीम के कोच के तौर पर जुलाई 1996 में चुना गया।
उन्होंने अपने देश की पोजिशन को उस दौरान की टॉप क्रिकेटिंग
नेशन के क्रम को लगातार बनाए रखने में महती भूमिका निभायी थी।
इसके बाद मार्श ने आस्ट्रेलियन कोचिंग जॉब छोड़ दिया और शीघ्र
ही आस्ट्रेलियन क्रिकेट बोर्ड (जो अब क्रिकेट आस्ट्रेलिया है)
के चयनकर्ता बनाये गये। वर्ष 2001 में वह जिम्बावे की
राष्ट्रीय टीम के कोच नियुक्त किये गये। डरमॉट रीव जो कि एक बेहतर ऑलराउंडर हैं प्रथम श्रेणी
क्रिकेट की शुरूआत ससेक्स की ओर से 1983 में की थी और 29 एक
दिवसीय अन्तरराष्ट्रीय मैचों को खेला, जिसमें इंग्लैण्ड के लिए
1992 में खेले जाने वाला विश्वकप फाइनल तथा इंग्लैण्ड के लिए
ही 3 टेस्ट मैच शामिल थे। उन्हें वर्ष 1995 का विसडेन
क्रिकेटर-ऑफ-द-ईयर का पुरस्कार दिया गया और वे लार्ड्स फाइनल्स
में 3 मैन-ऑफ-द-मैच हासिल करने वाले एक मात्र खिलाड़ी थे।
1994-95 में वे हांगकांग के क्रिकेट कोच रहे। 2008 में
न्यूजीलैंड के टी-20 के बॉलिंग कोच रहे। इसके उपरांत 2008-09
और 2009-10 में सेन्ट्रल डिस्ट्रिक्ट्स के कोच के रूप में काम
किया तथा 2009 और 2010 में रायगाड रॉयल्स कोच के रूप में अपनी
सेवाएं देते रहे। भारतीय क्रिकेट व हॉकी के प्रायोजक सहारा इंडिया परिवार
ने इससे पूर्व भारतीय मुक्केबाज़ी, कुश्ती व तीरंदाजी तथा हाल
ही में भारतीय निशानेबाज़ी को भी अपने संरक्षण में लिया है। इन
चारों खेलों के कुल 56 खिलाड़ियों को सहारा इंडिया परिवार 2012
के लंदन ओलम्पिक खेलों तक पूरा सहयोग देगा। ज़मीनी व घरेलू स्तर
पर खेलों का उत्थान करने के लिए सहारा सुविख्यात कलकत्ता
फुटबाल लीग, शीशमहल क्रिकेट टूर्नामेंट व राष्ट्रीय, राज्य व
जिला स्तरों पर अनेक खेलों को पहले से ही मदद, प्रोत्साहन व
संरक्षण दे रहा है। रणजी ट्रॉफी व अन्य घरेलू प्रतिस्पर्धाओं
में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने वाली प्रदेश की सीनियर
क्रिकेट टीम को भी सहारा की ओर से प्रायोजित किया जा रहा है।
इससे पूर्व वर्ष 2009 में सहारा समूह ने समस्त खेलों-अति
प्रचलित व कम प्रचलित-को एक साझे मंच पर लाकर उन भारतीय
खिलाड़ियों को सम्मानित व पुरस्कृत करने के ध्येय से ‘सहारा
इंडिया स्पोर्ट्स अवार्ड्स’ की शुरूआत की थी, जिन्होंने भारत
के गौरव को सर्वोच्च शिखर पर पहुंचा कर वहां तिरंगे को ऊँचा
फहराया है।