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सहारा हॉस्पिटल ने मनाई अपनी पहली वर्षगांठ
लखनऊ।
मल्टी डिसिप्लनरी, सुपर स्पेशियलिटी, टर्शियरी केयर हॉस्पिटल,
सहारा हॉस्पिटल ने आज अपनी वर्षगांठ मनाई। इस अवसर पर हॉस्पिटल
ने मेडिकल एवं सर्जिकल ओनकोलॉजी विभाग, इंडोस्कोपिक एस्थेटिक
सर्जरी और माइक्र हेयर ट्रांसप्लांट और उच्चस्तरीय
डेंटिस्ट्री के शुभारम्भ की घोषणा की। सहारा इंडिया की डिप्टी
मैनेजिंग वर्कर (पर्सनल एंड वेलफेयर) स्वप्ना रॉय सहारा ने
सहारा हॉस्पिटल, में केक काटकर पहली वर्षगांठ मनाई।
इस मौके पर बताया गया कि सहारा हॉस्पिटल स्थित कैंसर सेंटर,
मेडिकल एवं सर्जिकल ओनकोलॉजी से संबंधित सभी केसों को
अत्याधुनिक हाई-टेक उपकरणों एवं इंफ्रास्ट्रक्चर की सहायता से
इलाज करेगा। हाल ही में लांच किया गया ओनकोलॉजी विभाग समर्पित
क्रीमोथेरेपी वार्ड और सर्जिकल ओनकोलॉजी विभाग से लैस है, जहां
जल्द ही रेडियेशन ओनकोलॉजी भी उपलब्ध होगी। सहारा हॉस्पिटल का
एक वर्ष पूरा होने पर इंडोस्कोपिक एस्थेटिक सर्जरी और माइक्रो
हेयर ट्रांसप्लांट यूनिट विषयक तीन दिवसीय कार्यशाला आयोजित की
गई। इस दौरान राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की फैकल्टी की
प्लास्टिक सर्जरी से संबंधित विविध कार्यप्रणाली का प्रदर्शन
किया गया।
उल्लेखनीय है कि हॉस्पिटल ने हाल ही में अपना डर्मेटोलॉजी,
मेडिकल और सर्जिकल ओनकोलॉजी और डेंटिस्ट्री और हार्ट केयर
सेंटर नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी एवं यूरोगायेनकोलॉजी,
ग्रेस्ट्रोइंटिरियोलॉजी और ऑपथेलमोलॉजी प्रारम्भ किया है, जो
कि प्राथमिक उपचार के साथ ही हाई-एंड क्रिटिकल ट्रीटमेंट की
विस्तृत रेंज की उपलब्धता हर समय प्रदान कर रहा है।
स्टेट-ऑफ-द-आर्ट टेक्नोलॉजी और अनुभवी सर्जनों के साथ
कार्डियोथोरेसिक एवं वस्कुलर सर्जरी के अंतर्गत बीटिंग हार्ट
(ऑफ पंप) सर्जरी एवं बाल्व रिप्लेसमेंट सर्जरी के साथ ही
मीडियास्टिनल मासेस, लंग सर्जरी आदि को हार्ट केयर सेंटर करने
में पूर्ण रूप से सक्षम है। नेफ्रोलॉजी विभाग कटिंन्यूअस रेनल
रिप्लेसमेंट थेरेपी (सीआरआरटी) पोर्टेबल आरओ प्लांट के साथ
गंभीर रूप से बीमार रोगियों के लिए बेड साइड डायलेसिस प्रदान
करता है। भर्ती रोगियों को पेरिटोनियल डायलिसिस और सीआरएफ
रोगियों के लिए सीएपीडी घर पर एम्यूलेटरी डायलेसिस भी उपलब्ध
करता है। यूरोडायनेमिक स्टडी लैब वाइडिंग डिसआर्डर के लिए और
लिथोट्रिपटर नॉन-ऑपरेटिव किडनी स्टोन के इलाज के लिए प्रयुक्त
किया जाना यूरोलॉजी और यूरोगाइनोकोलॉजी विभाग का अटूट हिस्सा
है। गेस्ट्रोइंटिरियोलॉजी विभाग की कैप्सूल इंडोस्कोपी प्रदान
की जाती है। ऑपथेलनोलॉजी विभाग को मिनिमल इंसिशियन के साथ
मोतियाबिंद की फेको सर्जरी का इस्तेमाल करने हेतु और एंटिरियर
चेम्बर, कोरनियल रोगों, रेटिना क्लीनिक, ग्लूकोमा क्लीनिक,
स्कूयिन्ट क्लीनिक एवं पेडियाट्रिक ऑपथेलनोलॉजी प्रदान करने
हेतु अपग्रेड किया गया है।
इस अवसर पर डॉ एचपी कुमार, डायरेक्टर, मेडिकल हेल्थ, सहारा
हॉस्पिटल ने कहा कि 'सहारा हॉस्पिटल अपनी विश्वस्तरीय उन्नत
तकनीकी और अनुभवी फैकल्टी के साथ अनेक क्रिटिकल केसों के लिए
जीवन रक्षा-स्थल बनता जा रहा है। सौ बेड वाले क्रिटिकल केयर
सिस्टम में काफी बड़ी संख्या में वेंटीलेटर्स होंगे और सभी
इंटेशिव केयर मॉनीटरिंग सिस्टम, ट्रामा ट्रेंड इंटेशिविस्ट,
नर्सिंग स्टाफ और टेक्नीशियन 24x7 उपलब्ध हैं। इनके 'क्योरिंग
थ्रू केयर' के हमारे मूलमंत्र को पूरी कर्त्तव्यनिष्ठा से
सम्पन्न किया जाएगा।'
हॉस्पिटल अत्यंत विश्वसनीय क्रिटिकल केयर सेवाएं प्रदान करेगा
जो कि ट्रामा केयर सेंटर से पूर्णत: लैस होगा। इसमें क्रिटिकल
केयर एम्बूलेंस का नेटवर्क और 100 क्रिटिकल केयर बेड होंगी।
इसके साथ ही न्यूरो/स्ट्रोक आईसीयू, इंटेसिव कार्डियक केयर
यूनिट, मेडिकल एवं सर्जिकल आईसीयू, ट्रांसप्लांट आईसीयू,
नियोनटल एवं पेडियेट्रिक आईसीयू एवं हाई डिपेंडेंसी यूनिट
होंगी, जो अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होंगी। ये सभी
सुविधाएं विविध स्पेशियलटीज को समर्पित 6 'अल्ट्राक्लीन'
ऑपरेशन थियेटर से आवर्धित होंगी। इंफेक्शन कंट्रोल वाया
सेंट्रल स्टरलाइजेशन और सप्लाई विभाग (सीएसएसडी) और रोगी की
सुरक्षा के साथ रेडियेशन सेफ्टी मानकों के प्रति हॉस्पिटल,
मुख्य ध्यान देता है। चिकित्सा सेवाओं की इस प्रकार की
सुविधाएं इस क्षेत्र में हाई-एंड अपने ढंग का पहला हॉस्पिटल
बनाती हैं।
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