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छोटे
लोहिया जनेश्वर मिश्र नहीं रहे
इलाहाबाद।
छोटे लोहिया के नाम से विख्यात समाजवादी
पार्टी के वरिष्ठ नेता जनेश्वर मिश्र का इलाहाबाद में हृदयगति
रूकने से निधन हो गया वे 76 वर्ष के थे। जनेश्वर मिश्र ने 1977
में इलाहाबाद संसदीय क्षेत्र से वीपी सिंह को 90 हजार मतों से
हराया था। चंद्रशेखर की सरकार में वे रेल राज्यमंत्री रहे थे।
वर्तमान में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और
राज्यसभा के सदस्य थे।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव
इस समाचार से स्तब्ध रह गए। उन्होंने कहा कि उनका जाना उनके
लिए भारी नुकसान है। वे एक अच्छे दोस्त एक अच्छे इंसान और
प्रखर समाजवादी थे और डॉ राम मनोहर लोहिया की नीतियों में उनकी
दृढ़ निष्ठा थी। मुलायम ने उन्हें अपनी और पार्टी की ओर से
विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा की 'समाजवादी आन्दोलन
के जनेश्वर मिश्र ऐसे सेनानी थे, जिनके रहते हमें एक संरक्षक
के होने का आभास होता था। छात्र जीवन से लेकर अंतिम दिनों तक
वे जनता के दुःख दर्द की आवाज़ उठाते हुए संघर्षशील रहे। अभी
19 जनवरी को ही उन्होंने इलाहाबाद में समाजवादी पार्टी के
जनांदोलन का नेतृत्व किया था। उनका निधन मेरी व्यक्तिगत क्षति
तो है ही समाजवादी पार्टी में उनका हमेशा अभाव रहेगा। उनके न
रहने से एक युग की समाप्ति हो गई है।' जनेश्वर मिश्र
अन्त्येष्टि में शामिल होने के लिए मुलायम सिंह यादव इलाहाबाद
रवाना हो गए हैं।
सैफई महोत्सव में दंगल और कवि सम्मेलन का आयोजन था,
लेकिन जैसे ही जनेश्वर मिश्र के निधन का समाचार आया, सारे
कार्यक्रम रद्द कर दिए गए। वहां हजारों लोगों की उपस्थिति में
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव प्रोफेसर रामगोपाल यादव
ने जनेश्वर मिश्र के निधन पर शोक प्रस्ताव रखा। इस शोक सभा में
नेता विरोधी दल शिवपाल सिंह यादव, सपा के प्रदेश अध्यक्ष
अलिखेश यादव, सांसद धर्मेन्द्र यादव, पूर्व मंत्री बलराम यादव,
रामगोविंद चौधरी, प्रदेश सचिव एसआरएस यादव और प्रदेश प्रवक्ता
राजेन्द्र चौधरी ने भी अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
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