बरेली।
चार बार एवरेस्ट फतेह करने वाली दुनिया की प्रथम भारतीय महिला
पद्मश्री सन्तोष यादव ने एक महिला के आदर्श, उसकी शक्ति और
संस्कारों के विविध आयाम पेश करते हुए उसके महत्व को रेखांकित
किया। बरेली में इनरव्हील क्लब के चालीसवें मंडलीय सम्मेलन में
मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए संतोष यादव ने महिलाओं को
अपनी वास्तविक शक्ति का एहसास कराया और कहा कि आदि काल से आज
तक महिला शक्ति और त्याग की मूर्ति रही है उसका महत्व न तो
पहले कम था और न आज कम है। दुनिया के 'भविष्य' को यही महिला
अपनी कोख से जन्म देकर उसमें कर्म, संस्कार, प्यार और अपनत्व
की भावना का संचार कर उसे शक्तिवान बनाकर विश्व की चुनौतियों
के सामने पेश करती है, बस आज इस शक्ति को सही दिशा देने की
आवश्यकता है। कृष्णा लॉज में आयोजित इस कार्यक्रम में क्लब की
महिलाओं ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया जिसे देखकर संतोष यादव ने
अपने मन के उदगार खुलकर व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि महिला तीन
तरीके से कार्य करती है एक तो किसी मजबूरी वश, दूसरी घर की
आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए और तीसरे बड़े-बड़े मिशनों
और कारपोरेट जगत में स्टेटस के वशीभूत होकर। इन परिस्थितियों
में आज की महिलाएं अपने नवजात शिशुओं को भी घर छोड़कर अपने
कार्य और मिशन पर जाती हैं जिससे उनका लालन-पालन सही से नहीं
हो पाता, यही कारण है कि बच्चों में कर्म और संस्कारों में अदब
और सलाहियतों की कमी रह जाती है और बच्चा उदंडी, विरोधी
मानसिकता का शरारती और अक्रामक हो जाता है इसलिए जरूरी है कि
उन्हें अपने नवजात शिशुओं के सही लालन-पालन पर भी ध्यान देना
चाहिए। संतोष यादव ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरुकता पैदा
करते हुए पर्यावरण प्रदूषण पर अपनी गहरी चिन्ता व्यक्त की।
उन्होंने इसे समाज में दो समस्याएं बताया। उनका कहना था कि
प्रदूषण नियंत्रण पर महिलाएं काफी काम कर सकती हैं जिसमें एक
तो यही है कि वे प्लास्टिक का सामान, थैली पन्नी और किचन के
सामानों में प्लास्टिक का बहिष्कार कर अपना सहयोग कर सकती हैं।
एवरेस्ट विजेता ने इनरव्हील क्लब की महिलाओं से आग्रह किया कि
वे उन पेड़ों को लगाने या लगवाने का कार्य भी करें जिनसे समाज
का हित हो। कीकर और यूकेलिपटिस की जगह धर्म-शास्त्र सम्मत
छायादार, फलदार, पीपल, आंवला, नीम, वट, कैर आदि समाज उपयोगी
वृक्ष लगाएं और लगवाएं तो और अच्छा होगा। इनहरव्हील क्लब के
सम्मेलन को दो दिन तक आधारशिला नाम से मनाया गया। दूसरे दिन
संतोष यादव मुख्य अतिथि थीं। महिला आयोग की राष्ट्रीय अध्यक्ष
गिरजा व्यास को भी आमंत्रित किया गया था लेकिन वे किन्हीं
कारणों से इस कार्यक्रम में नहीं पहुंच सकीं। कार्यक्रम में इनरव्हील क्लब की पूर्व इकाई ने मौजूदा
इकाई की चेयरपर्सन मीना शर्मा, अध्यक्ष अंशु महरोत्रा,
सेक्रेटरी हिना सक्सेना, अर्पिता वार्ष्णेय को कॉलर पहनाकर
कार्यभार सौंपा। इस मौके पर संतोष यादव ने ‘आधारशिला पत्रिका’
इनरव्हील पुस्तक फ्रेगरेन्स, क्लब डायरेक्टरी और कृष्णा
खण्डेलवाल के काव्य संग्रह ‘बचपन से पचपन तक' का विमोचन किया।
इस मौके पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए। कार्यक्रम में
मंडलाध्यक्ष और जिले की सभी पदाधिकारियों के अलावा 40 क्लबों
से आईं सदस्यों ने हिस्सा लिया।