स्वतंत्र आवाज़
word map

भारत-फिलिपिंस बहुलवादी समाज-मोदी

भारत-फिलिपिंस कई क्षेत्रों में बढ़ाएंगे आपसी सहयोग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मनीला में जोरदार स्वागत

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Tuesday 14 November 2017 02:20:10 AM

pm narendra modi at the abis 2017 in manila, philippines

मनीला/ नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फिलिपिंस की राजधानी मनीला में आसियान व्यवसाय और निवेश शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा है कि भारत और फिलिपिंस की अनेक विषयों में समानता है। फिलीपिंस की अपनी पहली यात्रा पर मनीला पहुंचकर प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और फिलिपिंस दोनों बहुलवादी समाज हैं और आकर्षक लोकतंत्र हैं। उन्होंने कहा कि विश्व में हमारी अर्थव्यवस्थाएं तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्थाएं हैं, हमारे पास नवाचारी और उद्यमी युवा एवं महत्वकांक्षी आबादी है। नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत की तरह ही फिलिपिंस सेवाक्षेत्र का पावरहाउस है। उन्होंने कहा कि भारत की तरह ही फिलिपिंस में भी सरकार परिवर्तन चाहती है, समावेशी विकास, संरचना विकास और भ्रष्टाचार से लड़ना चाहती है। नरेंद्र मोदी ने भारत की अनेक शीर्ष आईटी कंपनियों ने यहां निवेश किया है, ये कंपनियां हजारों रोज़गार सृजन कर रही हैं और पूरे विश्व में फिलिपिंस के सेवा क्षेत्र को प्रभावित कर रही हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आसियान शिखर सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में हमने रामायण पर आधारित शानदार नृत्यनाटक 'रामहरि' देखा, इसमें दिखाया गया कि किस तरह ऐतिहासिक रूपसे भारत और आसियान की जनता एक-दूसरे से जुड़ी है, यह बंधन केवल ऐतिहासिक बंधन नहीं है, यह एक जीवंत साझी विरासत है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की एक्ट ईस्ट नीति इस क्षेत्र को सहयोग के केंद्र में रखती है, आसियान क्षेत्र के प्रत्येक देश के साथ हमारे असाधारण राजनीतिक और जन संबंध हैं, हम इसी स्तर पर अपने आर्थिक और व्यावसायिक संबंधों को लाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि अप्रत्याशित स्तर पर भारत को बदलने का काम किया जा रहा है। नरेंद्र मोदी ने कहा कि हम सहज, प्रभावी और पारदर्शी शासन संचालन सहित सुशासन सुनिश्चित करने के लिए रात-दिन काम कर रहे हैं, उदाहरण के लिए हमने दूरसंचार स्पेक्ट्रम, कोयला खदानों तथा अन्य खनिजों और यहां तक की निजी रेडियो चैनलों सहित प्राकृतिक संसाधनों के लिए खुली नीलामी की व्यवस्था शुरू की है, इससे राजस्व में 75 बिलियन अमेरीकी डॉलर मिला है। प्रधानमंत्री ने कहा कि टेक्नोलॉजी का उपयोग करते हुए हम दायित्व बढ़ा रहे हैं तथा विवेकाधिकार और भ्रष्टाचार को कम कर रहे हैं, इसके लिए हम वित्तीय लेनदेन और कराधान में यूनिक आईडी सिस्टम का उपयोग कर रहे हैं और इसके परिणाम दिखने लगे हैं।
नरेंद्र मोदी ने कहा कि उच्च मूल्य के नोटों को बंद करने के साथ-साथ इन कदमों से हम अपनी अर्थव्यवस्था के बड़े हिस्से को औपचारिकरूप दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि आयकर रिटर्न भरने वाले नए करदाताओं की संख्या दोगुनी से अधिक हो गई है और नकद रहित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ने के साथ एक वर्ष में डिजिटल लेनदेन में 34 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि हमने टेक्नोलॉजी का उपयोग लोगों तक पहुंचने के लिए किया है, ऑनलाइन नागरिक भागीदारी मंच माईगोव से 2 मिलियन अति सक्रिय नागरिकों की ओर से सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों के बारे में विचार और सुझाव तथा इनपुट मिले हैं। उन्होंने बताया कि हमने प्रगति नामक नया मंच प्रारंभ किया है, जो सक्रिय शासन संचालन और समयबद्ध कार्यक्रम क्रियांवयन के लिए है और मैं इसके अंतर्गत पूरे देश के अधिकारियों के साथ वीडियों कांफ्रेंस के जरिए परियोजना क्रियांवयन और लोक शिकायत समाधान की समीक्षा कर पाता हूं। नरेंद्र मोदी ने कहा कि न्यूनतम सरकार और अधिकतम शासन पर बल देते हुए तीन वर्ष में 1200 पुराने कानूनों को समाप्त कर दिया गया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि दिवालियापन और दिवाला और आइपीआर तथा मध्यस्थता के लिए नए कानून और संस्थान बनाए गए हैं, 36 उद्योगों को पर्यावरण मंजूरी की आवश्यकता दायरे से बाहर निकाला गया है। नरेंद्र मोदी ने कहा कि अब कंपनी का निगमीकरण एक दिन की बात हो गई है, हमने औद्योगिक लाइसेंस प्रणाली को सरल बनाया है तथा पर्यावरण और वन मंजूरियों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया आरंभ की है, इन सभी कदमों से नया कारोबार शुरू करना सहज हो गया है और परिणाम स्पष्ट हैं। नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत ने इस वर्ष विश्व बैंक कारोबारी सुगमता सूचकांक में 32 स्थानों की छंलाग लगाई है, किसी भी देश की यह सबसे बड़ी छलांग है और यह भारत के दीर्घकालिक सुधार मार्ग को मान्यता है और विश्व इसपर ध्यान दे रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि विश्व आर्थिक मंच के वैश्विक स्पर्धी सूचकांक में हम पिछले 2 वर्ष में 32 स्थान आगे बढ़े हैं, हमने विश्व बैंक के लाजिस्टिक प्रदर्शन सूचकांक 2016 में 19 स्थानों की छलांग लगाई है। उन्होंने कहा कि अब हमारी अर्थव्यवस्था के अधिकतर क्षेत्र प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के लिए खुले हैं, एफडीआई क्षेत्र का 90 प्रतिशत से अधिक स्वतः मंजूरी दायरे में है।
नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए अग्रणी रूपमें उभरा है, पिछले तीन वर्ष की तुलना में इस वर्ष 67 प्रतिशत से अधिक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्राप्त हुए हैं, अब हम वैश्विक रूपसे एकीकृत अर्थव्यवस्था हैं, हाल के कुछ बड़े सुधारों से पहले यह उपलब्धियां हासिल की गई हैं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष जुलाई में हमने पूरे देश में एकरूप वस्तु और सेवाकर प्रणाली लागू की है, पूरे भारत में अनेक राज्यस्तरीय और केंद्रस्तरीय करों को समाप्त कर दिया गया है। नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत की विशालता और विविधता और संघीय स्वभाव को देखते हुए यह कोई छोटी उपलब्धि नहीं है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की बड़ी आबादी की बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच नहीं थी, इससे यह आबादी बचत के अवसरों तथा संस्थागत ऋण से वंचित हो जाती थी। उन्होंने कहा कि जनधन योजना से कुछ महीनों के अंदर ही लाखों भारतीयों के जीवन में बदलाव आया है, एक वर्ष में 197 मिलियन बैंक खाते खोले गए हैं, इस वर्ष अगस्त तक भारतीय बैंकों में ऐसे 290 मिलियन खाते खोले गए हैं, सहज नकद रहित लेनदेन के लिए लगभग 200 मिलियन रूपे कार्ड जारी किए गए, बैंकिंग सेवाओं तक ग़रीब लोगों की पहुंच सरकार में भ्रष्टाचार से निपटने में बड़ी भूमिका निभाई है, अब प्रत्यक्ष लाभ अंतरण रूपमें सब्सिडी, गरीबों के खाते में प्रत्यक्ष रूपसे जमा कर दी जाती है, इससे चोरी खत्म हो गई है और किसी तरह के विवेकाधिकार की संभावना नहीं रह गई है, केवल रसोईगैस के मामले में बैंक खातों के जरिए 146 मिलियन लोग प्रत्यक्ष नकद सब्सिडी प्राप्त कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज सरकार 59 अलग-अलग योजनाओं के लिए प्रत्यक्ष लाभ अंतरण का उपयोग कर रही है, वांछित लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे 10 मिलियन अमेरीकी डॉलर की सब्सिडी अंतरित की जा रही है। नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस शिखर सम्मेलन का प्रमुख विषय उद्यमिता है और हमने ‘मेक इन इंडिया’ अभियान प्रारंभ किया है, जिसके माध्यम से हम भारत को वैश्विक वैल्यू चेन में प्रमुख भागीदार के रूपमें बदलने के लिए संकल्पबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि हम भारत को वैश्विक मैन्यूफैक्चरिंग केंद्र बनाना चाहते हैं, साथ-साथ हम चाहते हैं कि हमारे युवा रोज़गार सृजनकर्ता बनें न कि महज रोज़गार चाहने वाले, इसके लिए हमने स्टार्टअप इंडिया और स्टैंडअप इंडिया अभियान लांच किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि छोटे उद्यमियों की उद्यमी ऊर्जा को मुक्त बनाने में एक प्रमुख बाधा है कि वित्त के लिए गारंटी की कमी है, भारत में पहली बार मुद्रा योजना के अंतर्गत गारंटी मुक्त ऋण 90 मिलियन से अधिक छोटे उद्यमियों को दिए गए हैं, यह अर्थव्यवस्था में छोटे उद्यमियों के योगदान को मान्यता देना है और ऐसे व्यक्ति को सशक्त बनाना है, जिसके पास कामकाजी कारोबार का विचार है, लेकिन किसी तरह की गारंटी नहीं है।
नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैं फिलिपिंस और आसियान क्षेत्र में उद्यमिता को दिए जा रहे महत्व को देख रहा हूं, इस शिखर सम्मेलन में उद्यमियों के लिए आसियान संरक्षण सराहनीय कदम है, वास्तव में निकट भविष्य में विश्व विकास का इंजन दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया होगा। नरेंद्र मोदी ने कहा कि हम इस क्षेत्र में भूमि, समुद्र और वायु संपर्क बनाना चाहते हैं, दक्षिण-पूर्व एशिया के अन्य देशों को जोड़ने के लिए म्यांमार और थाइलैंड के जरिए त्रिपक्षीय बनाने का काम जारी है, हम भारत और आसियान के बीच समुद्री परिवहन पर समझौता शीघ्र संपन्न कराने के लिए काम कर रहे हैं और अपने निकटतम समुद्री पड़ोसियों के साथ तटीय जहाजरानी सेवाओं की संभावना तलाश रहे हैं। उन्होंने कहा कि वायु संपर्क के क्षेत्र में आसियान देश भारत के चार मेट्रो शहरों और 18 अन्य स्थानों के लिए दैनिक सेवा प्रदान करते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इलेक्ट्रानिक वीजा देने जैसे कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि संपर्क की प्रमुखता को देखते हुए भारत सभी आसियान देशों के मंत्रियों, अधिकारियों तथा व्यवसाय प्रतिनिधियों के लिए अगले महीने नई दिल्ली में आसियान-भारत संपर्क शिखर सम्मेलन आयोजित कर रहा है, भारत इस क्षेत्र में व्यवसाय का अवसर देख रहा है।
नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैं आश्वस्त हूं कि आसियान व्यवसाय समुदाय भारत में व्यवसाय की क्षमता को मान रहा है, आपमें से कुछ भारत में पहले से काम कर रहे हैं तो अन्य लोग भारत में संभावनाओं की तलाश कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि अगले वर्ष जनवरी में आसियान नेताओं के आसियान भारत स्मृति शिखर सम्मेलन के साथ-साथ हम आसियान भारत व्यवसाय और निवेश बैठक तथा एक्सपो भी आयोजित कर रहे हैं, मैं आप सभी को इसमें शामिल होने का निमंत्रण देता हूं, यह भारत में आयोजित होने वाला सबसे बड़ा आसियान केंद्रित व्यावसायिक आयोजन होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत विकास गाथा में भागीदारी की कामना करता है और आसियान के सभी देशों को अपनी विकास गाथा में भाग लेने का निमंत्रण देता है।

हिन्दी या अंग्रेजी [भाषा बदलने के लिए प्रेस F12]