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वित्तीय धोखाधड़ी पर केंद्र सरकार गंभीर

केंद्रीय गृहमंत्री की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक

अंतर मंत्रालयी समिति कर रही है कड़ी निगरानी

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Tuesday 14 November 2017 02:04:21 AM

home minister chairing a meeting to review cybercrime in the financial sector

नई दिल्ली। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने वित्तीय क्षेत्र में धोखाधड़ी को रोकने के लिए 19 सितंबर 2017 को हुई बैठक में लिए गए निर्णयों की प्रगति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में गृहमंत्री को बताया गया कि उनकी अध्यक्षता में 19 सितंबर 2017 को हुई बैठक में जो निर्णय लिए गए थे, उसके परिप्रेक्ष्य में गृह मंत्रालय में 28 सितंबर 2017 को फोन धोखाधड़ी पर अंतर मंत्रालयी समिति का गठन किया गया, जिसमें गृह मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव की अध्यक्षता में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, वित्तीय सेवाएं विभाग, दूरसंचार विभाग, रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया और काऩून व्यवस्था से जुड़ी एजेंसियों जैसे साझेदारों के प्रतिनिधियों को सदस्य के तौरपर शामिल किया गया है।
अंतर मंत्रालयी समिति की पहली बैठक 24 अक्टूबर 2017 को हुई, जिसमें भारत में फोन से जुड़ी धोखाधड़ी की प्रकृति और इससे निपटने के लिए विभिन्न साझेदार संगठनों द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में चर्चा हुई। केंद्रीय गृहमंत्री ने इस दौरान कई अपेक्षित उपायों की समीक्षा की, जैसे-फोन के जरिए धोखाधड़ी करने वालों को चिन्हित करने के लिए आईआईटी दिल्ली की मदद से व्यापक डाटा विश्लेषण करना, ताकि ई-वॉलेट के प्रतिरूप को बनाने से रोका जा सके। बैंक ग्राहकों को एसएमएस और ई-मेल अलर्ट के जरिए अतिरिक्त जानकारी प्रदान करना। किसी भी वित्तीय लेनदेन में आवश्यकता अनुसार लाभार्थी का नाम शामिल करना और इसके बारे में ग्राहक को अलर्ट भेजने का तंत्र विकसित करना, ताकि धोखाधड़ी की स्थिति में आसानी से जांच की जा सके। ई-वॉलेट कंपनी और बैंकों के ग्राहकों के साथ होने वाली धोखाधड़ी से जुड़ी घटनाओं और जांच का विवरण प्रकाशित करना ताकि ई-वॉलेट सेवा का उपयोग करने से पहले ग्राहक भलिभांति जागरुक हों। बैठक में राज्यों और विभिन्न एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
समीक्षा बैठक में मेटाडॉटा तैयार करने के कानूनी पक्ष और विभिन्न सरकारों और निजी एजंसियों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान, बीमा लागत में कमी, प्रीपेड भुगतान विकल्प प्रदान करने वालों के लिए अनिवार्य केवाईसी, क्रेडिट और डेबिट कार्ड के जरिए देश से बाहर लेनदेन को प्रतिबंधित करना जैसे मुद्दे प्रमुख थे। अंतर मंत्रालयी समिति की समीक्षा बैठक में झारखंड पुलिस द्वारा फोन पर धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ की गई कार्रवाई और इसके बाद ऐसे अपराधों में कमी आने के बारे में केंद्रीय गृहमंत्री को जानकारी दी गई। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने फोन धोखाधड़ी पर अंतर मंत्रालयी समिति को आदेश दिया कि वो सभी साझेदारों के साथ मिलकर बातचीत के दौरान समीक्षा बैठक में उठाए गए मुद्दों पर तेजी से कार्रवाई करेगा।

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