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रोज़गार के सृजन में देर ठीक नहीं-गंगवार

लंबे मातृत्‍व अवकाश पर विशेषज्ञ सुझाव दें-श्रम सचिव

नोएडा में रोज़गार सृजन की रणनीतियों पर चर्चा हुई

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Friday 10 November 2017 11:26:22 PM

santosh kumar gangwar

नोएडा। केंद्रीय श्रम और रोज़गार राज्‍यमंत्री संतोष गंगवार ने नोएडा में रोज़गार सृजन की रणनीतियों पर चर्चा में कहा है कि यदि रोज़गार सृजन के लिए हम अविलंब कदम नहीं उठाते हैं तो आने वाली पीढ़ियां हमें माफ नहीं करेंगी। उन्होंने कहा कि हमारे देश में युवा जनसंख्‍या पूरी दुनिया में सबसे अधिक है और प्रत्‍येक युवा रोज़गार चाहता है, इसलिए रोज़गार सृजन में देर ठीक नहीं है। चर्चा का आयोजन वीवी गिरी नेशनल लेबर इंस्‍टीटयूट यानी वीवीजीएनएलआई ने किया था। उन्‍होंने कहा कि हमारा मंत्रालय प्रत्‍यक्ष रूपसे रोज़गारों का सृजन नहीं करता है, परंतु रोज़गार प्रदान करने वालों और रोज़गार के इच्‍छुक लोगों के लिए एक उपयुक्‍त वातावरण की सुविधा उपलब्‍ध कराता है। उन्‍होंने कहा कि सरकार और उनका मंत्रालय कौशल विकास और रोज़गार सृजन के लिए सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
श्रम और रोज़गार राज्‍यमंत्री संतोष गंगवार ने विमुद्रीकरण के ऐतिहासिक निर्णय का उल्‍लेख करते हुए कहा कि एक वर्ष में इसके सुखद परिणाम सामने आ गए हैं, जैसे कि इस एक वर्ष में ही ईपीएफओ और ईएसआईसी के लाभांवितों की संख्‍या 1 करोड़ से अधिक हो गई है। उन्होंने वीवीजीएनएलआई की प्रकाशित 4 पुस्तिकाओं को जारी किया और संस्‍थान के पुर्ननिर्मित सेमिनार ब्‍लॉक का भी उद्घाटन किया। श्रम और रोज़गार मंत्रालय की सचिव सत्यवती ने कहा कि रोज़गार ढूंढने वाले युवाओं में प्रतिवर्ष 10 मिलियन युवा जुड़ जाते हैं, दुर्भाग्‍य से अनेक युवाओं में कौशल की कमी है, सरकार इस अंतर को समाप्‍त करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्‍होंने कहा कि हाल के वर्ष में 1.17 करोड़ युवाओं को विभिन्‍न कौशल विकास हेतु प्रशिक्षण दिया गया है और उद्योग जगत एवं संस्‍थानों में नौकरी प्राप्‍त करने के लिए 920 जॉब फेयर आयोजित किए गए हैं।
श्रम और रोज़गार मंत्रालय की सचिव सत्यवती ने गर्भवती महिलाओं के लिए 26 सप्‍ताह के मातृत्‍व अवकाश संबंधी अधिनियम का जिक्र करते हुए कहा कि अनेक रोज़गार प्रदाता वेतन के साथ 26 सप्‍ताह का अवकाश देने के इच्‍छुक नहीं हैं, विशेषज्ञों को इस संबंध में सुझाव देना चाहिए। वीवीजीएनएलआई के महानिदेशक डॉ एच श्रीनिवास ने आईएलओ, नीति आयोग, दिल्‍ली विश्‍वविद्यालय, मानव विकास संस्‍थान, कृषि मंत्रालय, डब्‍ल्‍यूसीडी और अन्‍य संस्‍थानों से आए विशेषज्ञों का स्‍वागत करते हुए कहा कि इस प्रयास से कुछ व्‍याव‍हारिक और फलदायक सुझाव सामने आएंगे, जिन्हें विचार करने एवं लागू करने के लिए श्रम और रोज़गार मंत्रालय के समक्ष रखा जाएगा।

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