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आम आदमी को न्याय शीघ्र मिले-राज्यपाल

टीआरसी लॉ कालेज के छात्र और छात्राओं ने की भेंट

राज्यपाल ने छात्र और छात्राओं को उपदेश दिए

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Friday 10 November 2017 05:00:42 AM

governor ram naik, preaching to students of trc law college

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक से राजभवन में टीआरसी लॉ कालेज सतरिख बाराबंकी के छात्र-छात्राओं ने भेंट की। इस अवसर पर टीआरसी कालेज के अध्यक्ष उमेशचंद्र चतुर्वेदी, कॉलेज के सचिव डॉ सुजीत चतुर्वेदी, निदेशक अश्वनी गुप्ता, फैकल्टी सदस्य भी उपस्थित थे। कालेज के अध्यक्ष उमेशचंद्र चतुर्वेदी ने राज्यपाल को स्मृति चिन्ह और अंग वस्त्र भेंट करके उन्हें कॉलेज की ओर से सम्मानित भी किया। राज्यपाल ने कॉलेज के विधि के छात्र-छात्राओं से कहा कि ज्ञान और शिक्षा पूंजी के समान है, जिससे लाभ उठाकर वे अपना भविष्य स्वयं तय कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि स्वयं को स्थापित करने के लिये कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास की आवश्यकता होती है।
राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेक 39(क) में सभी के लिए न्याय सुनिश्चित किया गया है, विधि की पढ़ाई पूरी करने के बाद छात्र वकालत का पेशा, न्यायिक अधिकारी बनकर, विधि शिक्षण, प्रशासनिक सेवाओं या कारपोरेट क्षेत्र में अपना योगदान दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमी को न्याय शीघ्र मिले यह देखने का काम न्यायालय, जजों, अधिकारी-कर्मचारी और वकीलों का है। राम नाईक ने कहा कि केवल किताबी कीड़ा न बनें, बल्कि ज्ञानार्जन के साथ अपने व्यक्तित्व एवं स्वास्थ्य का भी ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि दीर्घकाल तक काम करने के लिए व्यक्तित्व विकास के साथ स्वास्थ्य का अच्छा होना भी जरूरी है। राज्यपाल ने व्यक्तित्व विकास के मंत्र बताए व कहा कि सदैव प्रसन्नचित रह कर मुस्कराते रहो, दूसरों के गुणों की प्रशंसा करें और गुणों को आत्मसात करने की कोशिश करें, दूसरों को छोटा न समझें तथा हर काम और भी बेहतर ढंग से करने का प्रयास करें। उन्होंने ‘चरैवेति! चरैवेति!!’ श्लोक उद्धृत किया, जिसका अर्थ है कि निरंतर प्रयास करने वाले को ही सफलता मिलती है।
राज्यपाल ने बताया कि उन्होंने भी 1958 में मुंबई के केसी लॉ कालेज से विधि की डिग्री प्राप्त की थी, किंतु वह प्रत्यक्ष रूप से वकील की हैसियत से कभी न्यायालय नहीं गए, लेकिन तीन बार विधायक तथा पांच बार सांसद रहते हुए कानून कैसे बनता है, इसका अनुभव उन्हें है। उन्होंने छात्रों को राज्यपाल के दायित्वों के बारे में बताया और कहा कि सामाजिक क्षेत्र में काम करने वालों के जीवन में पारदर्शिता एवं जवाबदेही जरूरी है, इसी दृष्टि से वे विधायक, सांसद रहते हुए अपना वार्षिक कार्यवृत्त जनता के समक्ष रखते हैं। उन्होंने कहा कि राजभवन में रहते हुए भी उनका यह क्रम जारी है। राम नाईक ने विद्यार्थियों को अपने वार्षिक कार्यवृत्त ‘राजभवन में राम नाईक 2016-17’ की प्रति भी भेंट की। इस मौके पर राज्यपाल के सचिव चंद्रप्रकाश भी मौजूद थे।

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