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बुंदेलखंड का पैकेज और बढ़ाया जाए-योगी

एक्शन प्लान फॉर उत्तर प्रदेश पारदर्शी तत्परता से लागू

नीति आयोग ने यूपी की विकास परियोजनाओं को सराहा

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Friday 10 November 2017 03:37:03 AM

cm yogi adityanath and senior officers of policy commission

लखनऊ। नीति आयोग के उत्तर प्रदेश में दूसरी बार भ्रमण पर अपनी सरकार की कार्ययोजनाओं और भविष्य के विकास कार्यक्रमों को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि राज्य में ‘एक्शन प्लान फॉर उत्तर प्रदेश’ को पूरी तत्परता एवं प्रतिबद्धता के साथ लागू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने यहां शास्त्री भवन में नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ राजीव कुमार और उनके दल के साथ बैठक में उनके यूपी भ्रमण को उत्साहजनक बताया। कानून-व्यवस्था का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 7 माह में राज्य में एक भी दंगा नहीं हुआ है, प्रदेश सरकार प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षा प्रदान करने एवं भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के लिए कार्य कर रही है। नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने बैठक में प्रसन्नता व्यक्त की कि उत्तर प्रदेश में विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं को पारदर्शी ढंग से लागू किया जा रहा है, इस प्रकार उत्तर प्रदेश की प्रगति से भारत का विकास संभव है। उन्होंने आश्वासन दिया कि नीति आयोग उत्तर प्रदेश को हर संभव सहयोग उपलब्ध कराने के लिए तैयार है। उन्होंने विकास की रफ्तार को बनाए रखने की आशा करते हुए कहा कि नीति आयोग समय-समय पर मुख्यमंत्री को फीडबैक उपलब्ध कराने का भी काम करेगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ‘एक्शन प्लान फॉर उत्तर प्रदेश’ को समयबद्ध ढंग से लागू करने के लिए जिस प्रकार स्वास्थ्य, पोषण, ग्रामीण विकास एवं पेयजल, स्वच्छता, उद्योग, शिक्षा, कृषि, सिंचाई एवं जल संसाधन के लिए सचिव समूहों का गठन किया गया था, उसी प्रकार ही राज्य के शहरी क्षेत्र के समग्र एवं तीव्र विकास के लिए प्रदेश सरकार ने शहरी मुद्दों पर भी समूह का गठन किया है। उन्होंने कहा कि 9 सचिव समूहों के एक्शन प्लान पर कार्य शुरू कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश के महत्व को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के विकास का रास्ता उत्तर प्रदेश से ही होकर जाता है। उन्होंने इस बात पर खुशी जताई कि वर्तमान राज्य सरकार ने प्रशासनिक एवं निर्णयात्मक जड़ता को समाप्त कर कार्यक्रमों एवं परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने में सफलता प्राप्त की है। किसानों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने किसानों की आय दोगुना करने एवं उनकी उपज का लाभकारी मूल्य दिलाने के लिए प्रभावी कदम उठाए हैं। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश के गन्ना किसानों के कई पेराई सत्रों के लंबित भुगतान को दिलाने के साथ-साथ आपदा से त्रस्त किसानों तक सरकारी योजनाओं को पहुंचाने के लिए काफी कार्य किया गया है। उन्होंने फसली ऋण मोचन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इस योजना को सफलतापूर्वक लागू किया गया है, किसानों को नवीन तकनीक की जानकारी देने के लिए कॉल सेंटर की स्थापना के साथ-साथ उन्हें खाद्य प्रसंस्करण एवं अन्य मूल्य संवर्द्धन कार्यकलापों से जोड़ा जा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सिंचाई परियोजनाओं को समय से पूरा कराने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि संचालित परियोजनाओं को एक मुश्त आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराई जाए, जिससे परियोजना को यथाशीघ्र पूरा कराकर उनका लाभ किसानों तक पहुंचाया जा सके। उन्होंने नीति आयोग को बताया कि बुंदेलखंड क्षेत्र की एक सिंचाई परियोजना मात्र 64 करोड़ रुपये की कमी के चलते काफी दिन से लंबित थी, आवश्यक धनराशि तत्काल उपलब्ध कराते हुए इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए कहा गया है, इसी प्रकार सरयू परियोजना को शीघ्र पूरा कराने के लिए 1 हजार करोड़ रुपये का प्राविधान किया गया है। उन्होंने बैठक में बताया कि मार्च 2018 तक 60,000 हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचन क्षमता वृद्धि सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्युत आपूर्ति में भेदभाव को समाप्त कर पूरे प्रदेश के लिए एक समान व्यवस्था लागू की गई है। उन्होंने बताया कि राज्य में उद्योगों की स्थापना एवं पूंजी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोज़गार प्रोत्साहन नीति लागू की गई है। उन्होंने बताया कि औद्योगिक एवं व्यावसायिक प्रक्रियाओं के सरलीकरण के लिए ‘ईज़ ऑफ डुइंग बिजनेस’ परियोजना के तहत अधिकांश कार्रवाई पूर्ण कर ली गई है, जिससे निवेश के लिए बेहतर माहौल बनाने में मदद मिलेगी। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पूर्वांचल एवं बुंदेलखंड जैसे क्षेत्रों को एक्सप्रेस-वे से जोड़ने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है, पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के लिए आवश्यक 80 प्रतिशत से अधिक भूमि का अधिग्रहण हो चुका है, इस माह तक 10 फीसदी अतिरिक्त भूमि की व्यवस्था कर इस परियोजना पर कार्य शुरू हो जाएगा।
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि शासकीय विभागों में भाई-भतीजावाद एवं भ्रष्टाचार को समाप्त करने केलिए ई-टेंडरिंग की व्यवस्था लागू की गई है, आगरा, मेरठ तथा गोरखपुर में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क स्थापित किए जाएंगे, मथुरा में इन्क्यूबेटर की स्थापना की जा रही है, राजकीय विभागों में सामग्री एवं सेवाओं के क्रय के लिए भारत सरकार द्वारा विकसित गवर्नमेंट ई-मार्केट प्लेस (जेम) को अंगीकृत किया गया है, उत्तर प्रदेश सचिवालय के 22 विभागों को ई-ऑफिस योजना से जोड़ा गया है, शेष विभागों में यह व्यवस्था दिसंबर 2017 तक लागू कर दी जाएगी। स्वास्थ्य सेवाओं की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि गोरखपुर में एम्स की स्थापना के साथ ही प्रदेश में 5 नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है, इसके अलावा 5 अन्य मेडिकल कॉलेजों के लिए प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया है, जिला अस्पतालों की क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ 1,000 जन औषधि केंद्रों की स्थापना का कार्य भी तेजी से चल रहा है, दिसंबर 2017 तक 500 से अधिक जन औषधि केंद्र कार्य करना शुरू कर देंगे, शेष को जनवरी 2018 तक स्थापित कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नीति आयोग को बताया कि चिकित्सकों की उपलब्धता बनाए रखने के उद्देश्य से चिकित्सकों की सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष की गई है, चिकित्सकों के रिक्त पदों पर भर्ती की कार्रवाई भी प्रारंभ कर दी गई है, मिशन इंद्रधनुष के अंतर्गत 37 जनपदों के टीकाकरण से छूटे लगभग 26 लाख बच्चों का टीकाकरण कराया गया, एईएस एवं जेई से प्रभावित जनपदों में विशेष कैंप लगाकर 92 लाख बच्चों को प्रतिरोधक टीकाकरण कराया गया है और 150 अत्याधुनिक एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस की सेवाएं लोगों को मिलने लगी हैं। उन्होंने कहा कि कुपोषण की समस्या के निदान के लिए 39 जनपदों में ‘शबरी संकल्प योजना’ लागू की गई है।
मुख्यमंत्री योगी ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था की चर्चा करते हुए बताया कि इस वर्ष परिषदीय विद्यालयों में 1 करोड़ 53 लाख बच्चों को प्रवेश दिलाया गया है। उन्होंने कहा कि शासकीय एवं राज्य सरकार के मान्यता प्राप्त विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को निःशुल्क पाठ्य पुस्तक, यूनीफॉर्म, बैग, जूता-मोजा प्रदान किया जा रहा है, इस वर्ष उन्हें स्वेटर भी उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने नीति आयोग को बताया कि जहां बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ी है, वहीं इन विद्यालयों की गुणवत्ता में भी सुधार आया है, अगले सत्र से बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा में एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा, सभी वर्ग की छात्राओं के लिए ग्रेजुएशन स्तर तक निःशुल्क शिक्षा प्रदान करने के लिए ‘अहिल्याबाई निःशुल्क शिक्षा योजना’ लागू की जा रही है, कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए भी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। योगी आदित्यनाथ ने नीति आयोग को अवगत कराया कि प्रदेश में युवाओं को रोज़गारपरक प्रशिक्षण दिलाने के लिए कौशल विकास मिशन योजना को संचालित किया जा रहा है, इस वर्ष लगभग 3 लाख युवाओं को प्रशिक्षित कर रोज़गार से जोड़ने का कार्य चल रहा है और 5 वर्ष में 20 लाख नौजवानों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य है। स्वच्छता मिशन का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दिसंबर 2017 तक 30 जनपदों को ओडीएफ घोषित कराने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास किया जा रहा है, गंगा के किनारे 1605 ग्रामों को खुले में शौच से मुक्त कराया जा चुका है, ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 38 लाख व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण हो चुका है, जिनमें करीब 70 प्रतिशत शौचालयों के फोटोग्राफ की जियो टैगिंग भी हो चुकी है।
प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में अब तक लगभग 8 लाख आवास स्वीकृत कर लाभार्थियों के खाते में सीधे 3 हजार करोड़ रुपए से अधिक की धनराशि भेजी गई है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश नागर विमानन प्रोत्साहन नीति-2017 को लागू कर दिया गया है, रीजनल कनेक्टिविटी के तहत 5 नए एअररूट चयनित किए गए हैं, जेवर में अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे के निर्माण के लिए भी कार्य तेज करने के निर्देश दिए गए हैं, ग्राम समाज एवं शासकीय भूमि पर अवैध कब्जों को हटाने के लिए एंटी भू-माफिया पोर्टल की व्यवस्था की गई है, धांधलेबाजी रोकने के लिए खतौनी में खातेदारों का अंश निर्धारण और आधार सीडिंग का कार्य फरवरी 2018 तक पूर्ण कर लिया जाएगा, अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण एवं खनन प्रक्रिया के सरलीकरण, पारदर्शिता, प्रतिस्पर्धा एवं राजस्व वृद्धि हेतु उत्तर प्रदेश खनन नीति-2017 लागू की गई है। मुख्यमंत्री ने नीति आयोग से आग्रह किया कि बुंदेलखंड का विकास पैकेज और ज्यादा बढ़ाया जाए और मौजूदा विकास पैकेज की निर्धारित धनराशि यथाशीघ्र उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बुंदेलखंड क्षेत्र के विकास के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने प्रयाग कुम्भ मेला-2019 के सफल संचालन के लिए राज्य के संसाधनों से विकसित की जा रही सुविधाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इस मामले में भारत सरकार को भेजी गई परियोजनाओं के सापेक्ष शीघ्र धनराशि उपलब्ध कराने की आवश्यकता है, जिससे कार्य में तेजी आ सके। बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह, मुख्य सचिव राजीव कुमार, नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत, राज्य सरकार एवं नीति आयोग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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