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'सामुद्रिक अर्थव्यवस्था को मिलेगा प्रोत्साहन'

द्वीपों के समग्र विकास हेतु मास्टर प्लान व परियोजनाएं

दिल्ली में द्वीप विकास एजेंसी की दूसरी समीक्षा बैठक

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Wednesday 8 November 2017 05:33:27 AM

home minister rajnath singh chairing the second meeting of ida

नई दिल्ली। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने आज द्वीप विकास एजेंसी यानी आईडीए की दूसरी बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें आईडीए ने 9 द्वीपों के समग्र विकास के लिए विस्तृत मास्टर प्लान और विकास योजनाओं की अवधारणा की समीक्षा की। इन 9 द्वीपों में चार ए और एन द्वीपसमूहस्मिथ, रॉस, लांग, एविस तथा पांच लक्षद्वीप यानी मिनिकॉय, बंगारम, थिन्नकारा, चेरयम, सुहेली शामिल हैं। नीति आयोग की संचालित परियोजना का उद्देश्य इन द्वीपों की सामुद्रिक अर्थव्यवस्था के विकास को प्रोत्साहन देना है। राजनाथ सिंह ने 24 जुलाई 2017 को आयोजित बैठक के बाद हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया।
उल्लेखनीय है कि उस बैठक में पानी और बिजली के साथ बुनियादी सुविधाओं और संपर्कता परियोजनाओं के विषय में निर्देश दिए गए थे। परियोजना द्वीपों में पर्यावरण के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्रों को स्पष्ट रूपसे दिखाया गया है, जिनमें द्वीपों की जैवविविधता की जानकारी दी गई है। इन क्षेत्रों की संपर्कता बढ़ाने का सुझाव भी दिया गया है। इस दृष्टि से उत्तरी अंडमान और निकोबार द्वीव समूहों में डिगलीपुर के निकट शिबपुर में नौसेना वायुस्टेशन का संयुक्त उपयोग हवाईअड्डे के रूपमें परिवर्तित करने का निर्णय किया गया है। बैठक के दौरान यह भी तय किया गया कि पर्यटन क्षमता को बढ़ाने के लिए मिनीकॉय द्वीप में पीपीपी पैकेज विकसित किया जाए, जिसमें संयुक्त उपयोग के लिए हवाईअड्डा भी शामिल हो।
केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने निर्देश दिया कि द्वीपों में चलने वाली प्रमुख ढांचागत परियोजनाओं में तेजी लाई जाए तथा स्थानीय हितधारकों के साथ सलाह करके समुदाय आधारित पर्यटन का विकास किया जाए। बैठक में अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के उप राज्यपाल और पूर्व नौसेना प्रमुख (आईडीए के उपाध्यक्ष), एडमिरल डीके जोशी, कैबिनेट सचिव पीके सिन्हा, नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कांत, केंद्रीय गृह सचिव राजीव गाबा, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तनमंत्रालय, पर्यटन मंत्रालय, ऊर्जा मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय, दूरसंचार मंत्रालय और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।

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