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धर्म और राजनीति एक दूसरे के पूरक-योगी

जागरण संवादी कार्यक्रम में धर्म विषय पर बेबाक बोले

'धर्म मानव धर्म है और व्यापकता में वह सनातन धर्म'

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Monday 6 November 2017 04:34:58 AM

cm yogi adityanath and dainik jagran senior executive editor prashant mishra

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ की भारतेंदु नाट्य अकादमी के प्रेक्षागृह में दैनिक जागरण संवादी के कार्यक्रम में धर्म विषय पर बोलते हुए कहा है कि धर्म को जब हम किसी उपासना विधि से जोड़ देते हैं तो उसकी व्यापकता को कम कर देते हैं। उनका कहना है कि वास्तव में धर्म एक ही है और वह है मानव धर्म या उसमें और भी व्यापक देखें तो वह सनातन धर्म है, बाक़ी सब सेक्ट हैं, जो धर्म की श्रेणी में नहीं आते हैं। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शासन की व्यवस्था धर्मनिरपेक्ष नहीं होती है, वह पंथनिरपेक्ष हो सकती है। उन्होंने कहा कि धर्मनिरपेक्ष शब्द आज़ादी के बाद का सबसे बड़ा झूंठ है, क्योंकि हम किसी पर अपनी आस्था नहीं थोप सकते।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि तिलक हम अपने कपाल पर मध्य में वहां लगाते हैं, जहां हमारे शरीर की तीन नाड़ियों का मिलन स्थल है जो हमारे लिए नई ऊर्जा का निर्माण करता है, हम उस ऊर्जा का आध्यात्मिक और सकारात्मक उपयोग कर सकें, इसलिए हम तिलक लगाते हैं। उन्होंने कहा कि कर्मकांड के नाम पर रूढ़ियां नहीं थोपनी चाहिएं, हम घर में तुलसी का पौधा लगाएं और उसका काढ़ा पिएं तो डेंगू नहीं होता है, सर्दी जुकाम नहीं होता है, ये कई चीजें पाखंड नहीं हैं, भारत की सनातन धर्म की परंपरा का वैज्ञानिक आधार हैं, जैसे-रक्षा सूत्र और जैसे सर की चोटी। उन्होंने अपने मठ से लेकर मुख्यमंत्री तक के सफ़र पर बेबाक विचार प्रकट किए। उन्होंने कहा कि सत्ता लोककल्याण का सशक्त माध्यम है और एक आचार्य के रूपमें भी मैं लोककल्याण करता हूं। उन्होंने कहा कि धर्म और राजनीति एक दूसरे के पूरक हैं, आप दोनों को अलग नहीं कर सकते।
जागरण संवादी में योगी आदित्यनाथ से भारत में असहिष्णुता पर प्रश्न हुआ, जिसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि हम लोग सर्वे भवन्तु सुखिनः की बात करते हैं, वसुधैव कुटुम्बकम की बात करते हैं तो फिर सारी दुनिया की ही तो बात करते हैं, असहिष्णु कहने वाले ये वह लोग हैं, जिन्होंने भारत को कभी एक राष्ट्र माना ही नहीं। उन्होंने कहा कि भारत के कम्युनिस्ट आंदोलन की सबसे बड़ी विफलता यही रही कि उसने भारत को कभी एक राष्ट्र नहीं माना। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिन्होंने हिंदुत्व को कभी नहीं समझा, जो विदेशी जूठन खाकर अपना पेट पालते हैं, वही हिंदू आतंकवाद की बात करते हैं और देश की जनता ने उन्हें खारिज़ कर दिया है। योगी आदित्यनाथ हाल ही में केरल गए थे, जिसका उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि केरल में साम्यवादियों की गुंडागर्दी और अराजकता है, भाजपा ने उस अराजकता के खिलाफ़ पदयात्रा की थी, जिसमें मैं शामिल हुआ। उन्होंने कहा कि वहां बाकायदा धमकी देकर निर्मम हत्याएं की जा रही हैं और देश के अंदर जो भी जहां भी अराजकता फैलाएगा, उसके खिलाफ़ हम एकजुट होंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश और देश के भविष्य और विकास पर भी बात की। दैनिक जागरण के वरिष्ठ कार्यकारी संपादक प्रशांत मिश्र ने उनसे वार्तालाप किया। योगी आदित्यनाथ ने उनके प्रश्नों और जिज्ञासाओं पर कहा कि देश को अगर महाशक्ति बनाना है तो उसका रास्ता उत्तर प्रदेश से होकर जाता है, इसमें पांच-सात साल लगेंगे और यह देश का सबसे समृद्ध क्षेत्र बनेगा। उन्होंने कहा कि यहां टूरिज्म को बढ़ावा देना है उसके माध्यम से रोज़गार बढ़ाना है, हम प्रोग्रेसिव उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रदेश जातिवाद, व्यक्तिवाद और परिवारवाद में बांटा नहीं जाएगा, हम कला संस्कृति को बहुत बढ़ावा देंगे और हमने अयोध्या में दिवाली समारोह मनाकर इसकी शुरुआत कर दी है। योगी आदित्यनाथ ने दैनिक जागरण की संवादी पहल को एक उपयुक्त कार्यक्रम बताया। उन्होंने कहा कि संवाद और हिंदी भाषा को बढ़ाने का यह बेहतर मंच है, भारतीय लेखन हमेशा सकारात्मक रहा है और मैं लेखकों का आह्वान करूंगा कि वह सकारात्मक मुद्दों पर लिखें।

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