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'डॉ कलाम का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा'

डॉ एपीजे कलाम की संदेश वाहिनी राष्ट्रपति भवन पहुंची

रामेश्वरम से बस से आए बच्चों से मिले राष्ट्रपति

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Monday 16 October 2017 02:30:13 AM

ramnath kovind with the children of dr. kalam sandesh vahini vision-2020

नई दिल्ली। 'डॉ कलाम संदेश वाहिनी विजन 2020' बस से रामेश्वरम से राष्ट्रपति भवन नई दिल्ली आए बच्चों ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविद से मुलाकात की। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि डॉ एपीजे अब्दुल कलाम आज तक की सबसे महान शख्सियतों में से एक रहे हैं। उन्होंने कहा कि डॉ कलाम को एक वैज्ञानिक, एक विद्वान तथा भारत के राष्ट्रपति के रूप में उनकी महान उपलब्धियों को नमस्कार करते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी देश के युवाओं के चरित्र का निर्माण करने के सर्वश्रेष्ठ तरीकों में एक तरीका उन्हें महान हस्तियों की जीवन गाथाओं को पढ़ने के लिए प्रेरित करना है। डॉ एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती पर राष्ट्रपति भवन में उनकी प्रतिमा के समक्ष राष्ट्रपति और डॉ कलाम के परिवार के सदस्यों, राष्ट्रपति भवन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पुष्पांजलि भी अर्पित की।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविद ने कहा कि डॉ एपीजे अब्दुल कलाम भारत के महान दूरदर्शी व्यक्तियों में एक थे, उन्हें भारत के मिसाइल मैन तथा लोगों के राष्ट्रपति के रूप में श्रद्धापूर्वक याद किया जाता है। उन्होंने दिल के लिए किफायती स्टेंट या पोलियो पीड़ितों के लिए हल्के वजन की नली के व्यासों की डिजाइन तैयार करने से लेकर नाभिकीय प्रौद्योगिकी तक विभिन्न क्षेत्रों में अपनी भागीदारी के माध्यम से भारत की वैज्ञानिक विरासत में अपना ऐतिहासिक योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत डॉ कलाम के उल्लेखनीय योगदान को कभी भी नहीं भुला पाएगा, उनके मन में शिक्षण एवं शिक्षा के प्रति बहुत ज्यादा लगाव था और उन्होंने वास्तव में युवा मस्तिष्कों को सोचने और नवप्रर्वतन के लिए प्रेरित किया, उन्हें लोगों एवं युवाओं का बहुत अधिक प्यार हासिल था, वह छात्रों से प्रेम करते थे तथा उन्हीं के बीच उन्होंने अपना अंतिम समय व्यतीत किया।
रामनाथ कोविद ने कहा कि डॉ कलाम संदेश वाहिनी बस उनकी जीवन गाथा को बहुत ही मनोरंजक तरीके से प्रस्तुत करती है। उन्होंने इस अभिनव प्रयास की सराहना की और कहा कि उन्हें भरोसा है कि बड़ी संख्या में भारत के लोगों, खासकर युवाओं को डॉ कलाम के जीवन, उनकी कृतियों एवं उनके विजन पर आधारित चलंत प्रदर्शनी को देखकर लाभ पहुंचा होगा। डॉ कलाम संदेश वाहिनी हाउस ऑफ कलाम एवं चिन्मय विश्वविद्यालय ने आरंभ की है। संदेश वाहिनी में डॉ कलाम के जीवन की विभिन्न घटनाओं तथा भारत की प्रमुख वैज्ञानिक उपलब्धियों का चित्रण किया गया है, जिसका उद्देश्य आम लोगों को शिक्षित और प्रेरित करना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 जुलाई 2017 को डॉ कलाम स्मारक के उद्घाटन समारोह के दौरान रामेश्वरम में संदेश वाहिनी को झंडी दिखाई थी, जो देश के विभिन्न राज्यों से गुजरती हुई राष्ट्रपति भवन नई दिल्ली पहुंची।

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