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'निर्यातक कारीगरों के कल्याण पर भी ध्यान दें'

केंद्रीय वस्त्रमंत्री स्मृति जुबिन इरानी का निर्यातकों से आग्रह

आईएचजीएफ का नई दिल्ली में शरदकालीन मेला-2017

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Friday 13 October 2017 04:10:18 AM

textiles minister smriti jubin irani

ग्रेटर नोएडा। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और वस्त्रमंत्री स्मृति जुबिन इरानी ने निर्यातकों से आग्रह किया है कि वे कारीगरों के कल्याण पर भी ध्यान दें, जो इस क्षेत्र की रीढ़ हैं। स्मृति इरानी ने कहा कि डिजाइन और उत्पाद का विकास विक्रय मूल्य तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और बदले में कारीगरों और उत्पादकों को उत्पाद से लाभ मिलता है। दुनिया के सबसे बड़े हथकरघा और उत्पाद मेले आईएचजीएफ के दिल्ली में शरदकालीन मेले 2017 का उद्घाटन करने के बाद उन्होंने निर्यातकों और कारीगरों को संबोधित किया। यह मेला ग्रेटर नोएडा में इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में 16 अक्टूबर 2017 तक आयोजित किया जाएगा। हस्तशिल्प और उपहार मेले के उद्घाटन समारोह में बड़ी संख्या में विदेशी खरीददार शामिल हुए। मेले के प्रमुख आकर्षण में डिजाइनर फोरम और दोबारा उपयोग में आने वाले उत्पाद शामिल हैं।
वस्त्रमंत्री स्मृति इरानी ने हस्तशिल्प के निर्यात को बढ़ावा देने में हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि हस्तशिल्प के निर्यात में वर्ष दर वर्ष वृद्धि हुई है और यह 2016-17 में 13.15 प्रतिशत बढ़कर 24.392 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। स्मृति जुबिन इरानी ने कारीगरों के बच्चों की शिक्षा के लिए कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व यानी सीएसआर कार्यक्रम के अंतर्गत ईपीसीएच की योजनाओं की सराहना की। यह योजना ओपन स्कूलों के जरिए कारीगरों के बच्चों को शिक्षा में पूरी सहायता प्रदान करती है। वस्त्रमंत्री ने कहा कि 75 प्रतिशत खर्च ईपीसीएच और 25 प्रतिशत निर्यातक सदस्य उठाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वप्न है कि देश में कोई भी बच्चा निरक्षर न रहे। स्मृति जुबिन इरानी ने ईपीसीएच की डिजाइन पंजीकरण योजना शुरू करने के लिए सराहना की, इससे सदस्य निर्यातक बिना किसी परेशानी के डिजाइन का पंजीकरण करा सकेंगे।
स्मृति इरानी ने कहा कि ईपीसीएच डिजाइन सेवाएं निश्चित रूपसे बड़े पैमाने पर इस क्षेत्र की मदद करेंगी और हस्तशिल्प का निर्यात बढ़ेगा, जिससे कारीगरों के लिए रोज़गार के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री की पूर्वोत्तर को बढ़ावा देने की परिकल्पना को ईपीसीएच ने प्रभावी तरीके से लागू किया है। ईपीसीएच के पास पूर्वोत्तर क्षेत्र के हस्तशिल्प और हथकरघा विकास के लिए एक समन्वित कार्यक्रम है, जिसके अंतर्गत डिजाइन, मार्केटिंग और कौशल विकास प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हस्तशिल्प क्षेत्र में पहली बार निर्यातकों और आयातकों दोनों के संयुक्त उद्यम के लिए विदेशी प्रत्यक्ष निवेश और अवसरों को बढ़ाने की पहल की जा रही है, इस पहल से विदेशी खरीददारों को तकनीकी जानकारी, निवेश, मार्केटिंग नेटवर्क को लाने का अवसर मिलेगा, ताकि वे विश्व बाजार में भारतीय हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त उद्यम स्थापित कर सकेंगे।
ईपीसीएच के अध्यक्ष ओपी प्रहलादका ने इस अवसर पर प्रौद्योगिकी उन्नयन के बारे में अगले पांच वर्ष के लिए ईपीसीएच के विजन की चर्चा की। उन्होंने कहा कि ईपीसीएच ने हाल ही में डिजाइन और उत्पाद विकास प्रौद्योगिकी मिशन शुरू किया है। उन्होंने जीएसटी को सरलता से लागू करने के लिए वस्त्र मंत्रालय और वाणिज्य मंत्रालय से प्राप्त सहायता की सराहना की। ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक राकेश कुमार के अनुसार आईएचजीएफ दिल्ली मेले में घर, लाइफस्टाइल, फैशन, वस्त्र और फर्नीचर जैसे सामान को दिखाने वाले करीब 2980 प्रदर्शक भाग ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि 110 देशों के 6000 से अधिक खरीददार मेले में आएंगे।

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