स्वतंत्र आवाज़
word map

सैनिकों के कल्याण के लिए हम दृढ़-निर्मला

दिल्ली में आयोजित हुआ बड़ा सेना कमांडर सम्मेलन

थलसेना, वायुसेना प्रमुखों ने भी किया संबोधित

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Thursday 12 October 2017 06:10:48 AM

defence minister nirmala sitharaman and the chief of army staff general bipin rawat

नई दिल्ली। रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने दिल्ली कैंट के मानकेशॉ सेंटर में सेना कमांडर सम्मेलन में भाग लिया और सेना प्रमुख बिपिन रावत एवं सेना के कमांडरों सहित उच्चाधिकारियों को संबोधित किया। सेना प्रमुख बिपिन रावत ने रक्षामंत्री का स्वागत किया। सेना प्रमुख ने इस अवसर पर उल्लेख किया कि रक्षा मंत्रालय का कार्यभार संभालने के बाद रक्षामंत्री सियाचिन, उत्तर-पूर्व और तिब्बत के सीमा क्षेत्रों सहित कई फारवर्ड पोस्ट्स का दौरा कर चुकी हैं। रक्षामंत्री ने कहा कि उनकी सीमाई क्षेत्रों की यात्रा आंखे खोल देने वाली थीं। उन्होंने भारतीय सेना के पेशेवर दृष्टिकोण प्राथमिक आपदाओं के दौरान कार्यकुशलता और पूर्वोत्तर राज्य में विद्रोह पर नियंत्रण जैसे कार्यों की प्रशंसा की। नई विशेषताओं से युक्त न्यू लुक एयरफोर्स सेंट्रल अकाउंट्स ऑफिस वेबसाइट की शुरूआत की गई। सम्मेलन के दौरान 'एरो इंडिया-एसेंट थ्रू द एजिज' किताब भी जारी की गई।
रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने सेना के क्षमता विकास, रणनीतिक अवसंरचना विकास, सैन्य संशोधन, सेवारत व सेवानिवृत्त सैन्यकर्मियों और उनके परिवार के कल्याण का भरोसा दिया। रक्षामंत्री ने कहा कि एचएडीआर उपकरणों के प्रावधान के लिए गृहमंत्री को प्रस्ताव भेजा गया है, जिसके अंतर्गत भारतीय सेना प्राकृतिक आपदाओं के दौरान कई सहायक उपकरणों का इस्तेमाल कर सकेगी। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण, संचार, परिवहन और साइबर क्षेत्रों का एकीकरण उनकी प्राथमिकता है। रक्षामंत्री ने कहा कि सेनाओं का मनोबल सरकार की प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने राजनयिक रक्षा सहयोग, मेक इन इंडिया का समर्थन और राष्ट्र निर्माण के प्रति भारतीय सेना के योगदान की प्रशंसा की। इस मौके पर भारतीय वायुसेना के द्विवार्षिक सम्मेलन का भी उन्होंने वायुसेना मुख्यालय में उद्घाटन किया।
वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ ने रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण और रक्षा राज्यमंत्री डॉ सुभाष भामरे का स्वागत किया और उनसे भारतीय वायुसेना के कमांडरों का परिचय कराया। वायुसेना प्रमुख ने रक्षामंत्री को भारतीय वायुसेना की वर्तमान स्थिति और हाल के दिनों में किए गए प्रयासों के बारे में जानकारी दी। रक्षामंत्री ने कहा कि सेना प्रमुखों को अपनी क्षमताओं को अर्जित करने के लिए उन्हें दिए गए अधिकारों का पूरी तरह से उपयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि वायुसेना को आयुध कारखाना बोर्ड और डीआरडीओ के साथ मिलकर मेक इन इंडिया कार्यक्रम के तहत स्वदेशीकरण के बारे में आकलन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बजटीय आवंटनों को एक बाधा के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि जो बिल्कुल जरूरी है, उसे प्राप्त करने के बारे में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार पिछले दशक के दौरान समय पर निर्णय लेने की कमी के कारण पैदा हुए अंतरालों को पाटने के लिए प्रतिबद्ध है।
वायुसेनाध्यक्ष ने कमांडरों को संबोधित करते हुए भारतीय वायुसेना को अत्याधुनिक बनाए रखने के लिए सतत प्रयास और प्रशिक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने सर्वाधिक आकस्मिकताओं में सबसे पहले उत्तरदाता के रूप में वायुसेना की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार की मेक इन इंडिया पहल का उपयोग करते हुए क्षमता बढ़ाने की वर्तमान प्रक्रिया को सतत बनाए रखने की जरूरत है। कमांडरों के सम्मेलन में भारतीय वायुसेना के भविष्य की गति का निर्धारण करने वाले विभिन्न विषयों के बारे में विचार-विमर्श किया गया। इन विषयों में परिचालन, रखरखाव मुद्दे और विभिन्न प्रशासनिक पहल शामिल थे, जिन्हें भारतीय वायुसेना के मुख्य सिद्धांत 'पीपुल फर्स्ट, मिशन आलवेज' पर ध्यान केंद्रित करते हुए भारतीय वायुसेना के कार्य वातावरण में बढ़ोतरी करने के लिए शुरू किया जाएगा। भारत सरकार की डिजिटल इंडिया पहल के अनुरूप सम्मेलन के दौरान भारतीय वायुसेना सेलुलर नेटवर्क फोन के लिए दो मोबाइल ऐप पहल 'मैडवाच' और 'एफचैट' जारी किए गए। इस पहल को आगे बढ़ाने के लिए ऑनलाइन परीक्षण एवं मूल्यांकन तथा ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा जैसी अन्य विभिन्न पहलों को भी शामिल किया जाएगा।

हिन्दी या अंग्रेजी [भाषा बदलने के लिए प्रेस F12]