स्वतंत्र आवाज़
word map

डाक विभाग डाकिया से एक बैंकर तक पहुंचा

विश्व डाक दिवस पर केंद्रीय संचार राज्यमंत्री का संबोधन

डाक विभाग का कई महत्वपूर्ण सेवाओं में पदार्पण

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Thursday 12 October 2017 06:04:33 AM

manoj sinha at the launch of the international tracked packet

नई दिल्ली। केंद्रीय संचार राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने कहा है कि भारत सरकार 650 भारतीय डाक भुगतान बैंक स्थापित करने और वित्तीय समावेशन के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दर्शन को पूरा करने के लिए सभी 1.55 लाख डाकघरों में वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराने हेतु तेजी से काम कर रही है। विश्व डाक दिवस पर एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय डाक विभाग बदलते समय के साथ बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है, नए रूपमें इसकी उपयोगिता बढ़ती जा रही है, चाहे वह एटीएम की अंतर-संचालनशीलता हो, कोर बैंकिंग या फिर पासपोर्ट सेवा और आधार नामांकन प्रदान करना हो। उन्होंने बताया अभी 57 डाकघरों के माध्यम से पासपोर्ट सेवा प्रदान की जा रही है तथा आने वाले दिनों में इसमें 93 और डाकघरों को जोड़ा जाएगा। डाक विभाग प्रत्येक वर्ष राष्ट्रीय डाक सप्ताह मनाता है।
मनोज सिन्हा ने एशिया-प्रशांत क्षेत्र में ई-कॉमर्स सेक्टर में सीमापार आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए विशेष रूपसे डिज़ाइन अंतर्राष्ट्रीय ट्रैक पैकेट सेवा की शुरूआत भी की। उन्होंने बताया कि शुरूआत में यह सेवा 12 देशों के लिए उपलब्ध होगी और धीरे-धीरे इसे पूरे विश्व में लागू किया जाएगा, इसमें कई विशेष सुविधाएं जैसे सस्ती कीमत, ट्रैक और ट्रेस, वॉल्यूम छूट, सामान घर से उठाने की सुविधा, नुकसान या क्षति के लिए मुआवजा आदि का प्रावधान किया गया है, जिससे लोगों को उनके पैसे का उच्चमूल्य मिलेगा। उन्होंने कहा कि इसके शुरू होने से डाक विभाग डाकघर और भारत में व्यापार के बीच घनिष्ठ सहयोग का एक नया अध्याय शुरू करने के लिए तैयार है, जो विदेशों में भी अपने ग्राहकों तक पहुंच बनाना चाहते हैं।
संचार राज्यमंत्री ने 10 रुपये, 20 रुपये, 50 रुपये और 100 रुपये मूल्य के ई-इंडियन पोस्टल ऑर्डर का बिहार, दिल्ली और कर्नाटक में पायलट परियोजना के रूप में शुभारंभ किया और कहा कि अगले दो महीने में यह सेवा पूरे देश में लागू की जाएगी। मनोज सिन्हा ने बताया कि ई-आईपीओ का उपयोग जैसे आरटीआई के लिए शुल्क भुगतान, शैक्षणिक संस्थानों, न्यायालय, केबल ऑपरेटरों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण इत्यादि में होगा, ग्राहक इस ई-आईपीओ को अपनी सुविधानुसार घर बैठे या फिर ऑफिस में रहते हुए भी खरीद सकता है। उन्होंने कहा कि इस सेवा का प्रारंभ डिजिटल इंडिया पहल के तहत किया जा रहा है, जिसमें भुगतान डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या नेट बैंकिंग के जरिए होगा। ई-आईपीओ को ऑनलाइन इस वेबसाइट https://www.epostoffice.gov.in पर जाकर खरीदा जा सकता है या फिर इसे भारतीय डाक की आधिकारिक वेबसाइट http://www.indiapost.gov.in से भी लिया जा सकता है।
मनोज सिन्हा ने भारतीय डाक की पुर्ननिर्मित वेबसाइट का भी अनावरण किया, जिसे जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा करने के लिए उपयोगकर्ता के अनुकूल और सूचनात्मक बनाया गया है, नागरिकों को प्रासंगिक जानकारी तेजी से और एक उपयोगकर्ता के अनुकूल प्राप्त करने से लाभ होगा। डाक विभाग के समारोह में पोस्ट कार्ड, अंतर्देशीय पत्र और लिफाफा श्रेणी में स्मारक लेखन सामग्री, जिसके अंतर्गत प्रत्येक में पांच डाक विरासत भवनों जैसे पटना जीपीओ, दिल्ली जीपीओ, मुंबई जीपीओ, शिमला जीपीओ और कोलकाता जीओपीओ को दिखाया गया है, भी जारी किए गए। पहली बार सामग्रियों को विविध रंगों के प्रारूप में जारी किया गया है।
विश्व डाक दिवस के कार्यक्रम में संसद सदस्य मीनाक्षी लेखी, डॉ उदित राज, रमेश बिधुड़ी, सचिव डाक एएन नंदा और सदस्य परियोजना मीरा हांडा भी उपस्थित थीं। भारतीय डाक 9 अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक हर वर्ष अक्टूबर माह में राष्ट्रीय डाक सप्ताह मनाता है, जिसकी शुरूआत प्रत्येक वर्ष 9 अक्टूबर यानी बर्न में 1874 में यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन की स्थापना की सालगिरह को विश्व डाक दिवस के दिन से होता है। विश्व डाक दिवस मनाने का उद्देश्य आम लोगों और व्यवसायों के रोजमर्रा के जीवन में डाकक्षेत्र की भूमिका और देशों के सामाजिक और आर्थिक विकास में योगदान के बारे में जागरूकता पैदा करना है। विश्व डाक दिवस का उद्देश्य अनेक कार्यक्रम, गतिविधियों का आयोजन कर जनता और मीडिया के बीच अपनी भूमिका और गतिविधियों के बारे में व्यापक जागरूकता पैदा करना है।

हिन्दी या अंग्रेजी [भाषा बदलने के लिए प्रेस F12]