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आर्मको का एशिया इंडिया से बढ़ा व्यापार

आर्मको एशिया इंडिया कार्यालय का हुआ उद्घाटन

भारत की आर्मको के साथ व्यापार की बड़ी योजना

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Sunday 8 October 2017 06:56:17 AM

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गुरूग्राम। आर्मको एशिया इंडिया यानी एएआई अब सऊदी अरब की सबसे बड़ी सरकारी तेल कंपनी आर्मको के साथ औपचारिक रूपसे कच्चे तेल और एलपीजी व्यापार, अभियांत्रिकी एवं तकनीकी सेवाओं सहित अन्य व्यापार भी करेगा। सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी सऊदी आर्मको में भारत हिस्सेदारी खरीदने की योजना बना रहा है। आर्मको अगले साल मार्केट में अपने शेयर बेचने जा रही है, भारत सरकार सऊदी अरब के साथ रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के लिए इस कंपनी में अहम हिस्सेदारी खरीदना चाहता है। सऊदी आर्मको ने सहायक कंपनी आर्मको एशिया इंडिया से वर्ष 2016 में भारत में अपने औपचारिक व्यापार की शुरूआत की थी। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस, कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने टू होरिज़न टॉवर गुरूग्राम में सऊदी आर्मको के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अमीन एचएएल नसीर के साथ संयुक्त रूपसे सऊदी आर्मको के आर्मको एशिया इंडिया कार्यालय का उद्घाटन भी किया।
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस अवसर पर कहा कि भारत सऊदी तेल और एलपीजी का सबसे बड़ा बाजार है, भारत में सऊदी आर्मको कार्यालय हाइड्रोकार्बन क्षेत्र में द्विपक्षीय खरीदार आपूर्तिकर्ता संबंधों की सामरिक साझेदारी को मजबूती प्रदान करने में मदद करेगा। धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि एआरएमएमओ इंडिया ने निकट भविष्य में इंजीनियरिंग सेवाओं, आईटी आपरेशन, सुरक्षा और आर एंड डी सेंटर सहित हाइड्रोकार्बन सेक्टर सेवाओं के कार्यों को शुरू करने के लिए भी अपने ऑपरेशन के विस्तार की योजना बनाई है। उन्होंने कहा कि सऊदी आर्मको भारतीय कंपनियों के साथ भागीदारी करने का इरादा रखता है और भारत में मेक इन इंडिया गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए भारत में हाइड्रोकार्बन मूल्य श्रृंखला में एकीकृत व्यवसाय उद्यम स्थापित करना चाहता है। सऊदी अरब, इराक के बाद भारत के लिए कच्चे तेल का दूसरा सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है, देश में 19 प्रतिशत कच्चा तेल और 29 प्रतिशत एलपीजी आयात सऊदी अरब से होता है। वर्ष 2016-17 के दौरान भारत ने सऊदी अरब से 39.5 एमएमटी कच्चे तेल का आयात किया है।
पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि भारत की सरकारी तेल कंपनियां चाहती हैं कि सऊदी आर्मको के साथ मिलकर एक ज्वाइंट वेंचर तेल रिफाइनरी खोली जाए, इसी रणनीति के तहत सरकारी तेल कंपनियां सऊदी आर्मको में निवेश करना चाहती हैं। पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि मैं चाहता हूं कि आर्मको लंबे समय के लिए हमारा सप्लायर बने, हमने इस बारे में सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री खालिद अल फलिह से चर्चा भी की थी। आर्मको ने इस ज्वाइंट वेंचर के लिए रूचि दिखाई है। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि भारत की तीन सरकारी तेल कंपनियां पश्चिमी समुद्री तट पर एक मेगा रिफाइनरी स्थापित करने की योजना बना रही है, करीब 6 करोड़ टन सालाना क्षमता वाली इस रिफाइनरी के लिए कच्चे तेल के एक बड़े आपूर्तिकर्ता की तलाश है और सऊदी आर्मको इसके लिए सही साझेदार माना जाता है। सऊदी आर्मको अगले साल दुनिया का सबसे बड़ा आईपीओ लाने जा रही है, कंपनी दुनिया के टॉप शेयर बाजार में अपने 5 प्रतिशत शेयर को बेचेगी, लेकिन इस पांच प्रतिशत शेयर का मूल्य दुनिया के कई देशों की जीडीपी से भी ज्यादा है। पांच प्रतिशत शेयर बेचने पर सऊदी आर्मको को 100 अरब डॉलर यानी कि लगभग 6.70 लाख करोड़ रुपये हासिल होंगे, जिसके बाद कंपनी की वैल्यू 2 ट्रिलियन डॉलर हो जाएगी।
गौरतलब है कि पाकिस्तान भी सऊदी अरब के साथ अपने संबंधों को मज़बूत करने के फिराक में लगा रहता है, उसकी मंशा सदैव सऊदी अरब के जरिये भारत पर दबाव बनाने की रहती है, लेकिन भारत सऊदी अरब के साथ व्यापारिक रिश्तों को मज़बूत कर पाकिस्तान को उसीकी भाषा में जवाब देना चाहता है। सऊदी आर्मको कच्चे तेल के अपने दो बड़े आयातकों चीन और भारत को इस कंपनी में अहम हिस्सेदारी देना चाहता है। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि ये बेहतरीन विचार हैं और हम लोग इसका अध्ययन करेंगे। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल खर्च करने वाला देश है, भारत अपनी तेल ज़रूरतों का 86 फीसदी हिस्सा ओपेक देशों से आयात करता है।

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