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पिछड़े वर्गों के उपवर्गीकरण का परीक्षण

राष्ट्रपति रामनाथ कोविद ने किया आयोग नियुक्त

आयोग राष्ट्रपति को 12 हफ्ते में सौंपेगा रिपोर्ट

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Tuesday 3 October 2017 05:45:04 AM

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नई दिल्ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविद ने संविधान के अनुच्छेद 340 के तहत प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए अन्य पिछड़े वर्गों के उपवर्गीकरण के परीक्षण के लिए एक आयोग की नियुक्ति की है। राष्ट्रपति ने इस मौके पर कहा है कि महात्मा गांधी की जयंती पर लिया गया यह निर्णय शिक्षा के अनुरूप सरकार के सभी को सामाजिक न्याय प्रदान करने के लक्ष्य को प्राप्त करने और विशेषतौर पर अन्य पिछड़े वर्ग के सदस्यों सहित सभी को शामिल करने के प्रयास को दर्शाता है। आयोग अपनी रिपोर्ट अध्यक्ष के पदभार ग्रहण करने के 12 सप्ताह के भीतर राष्ट्रपति के समक्ष प्रस्तुत करेगा।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविद ने कहा कि अन्य पिछड़े वर्गों का उपवर्गीकरण अन्य पिछड़े वर्ग समुदाय में अधिक पिछड़े लोगों को शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी नौकरियों में आरक्षण का लाभ सुनिश्चित करेगा। आयोग का गठन इस प्रकार होगा-आयोग के अध्यक्ष सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति जी रोहिणी होंगे, जबकि डॉ जीके बजाज सदस्य पदेन निदेशक भारतीय मानव विज्ञान सर्वेक्षण, सदस्य पदेन महारजिस्ट्रार और जनगणना आयुक्त, आयोग के सचिव, संयुक्त सचिव, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय आयोग के सदस्य होंगे।
आयोग का उद्देश्य है-केंद्रीय सूची में शामिल संदर्भ सहित अन्य पिछड़े वर्गों की श्रेणी में शामिल जातियों और समुदायों को प्राप्त आरक्षण के लाभ के असमान वितरण की सीमा का परीक्षण, ऐसे अन्य पिछड़े वर्गों के उपवर्गीकरण के लिए वैज्ञानिक पद्धति द्वारा प्रक्रिया, मानदंड, मानक और मापदंड निर्धारित करना और अन्य पिछड़े वर्गों की केंद्रीय सूची में संबधित जातियों और समुदायों एवं उपजातियों की पहचान करना और उन्हें सबंधित उपश्रेणियों में सूचीबद्ध करना। आयोग की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद केंद्र सरकार अन्य पिछड़े वर्गों के सभी वर्गों को केंद्र सरकार की नौकरियों और केंद्रीय शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश के लिए आरक्षण के लाभ के समान वितरण के लिए प्रकिया प्रारंभ करेगी।

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