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विहिप के नेता अशोक सिंघल याद किए गए

लखनऊ में अशोक सिंघल स्मृतिसभा में उद्गारों की झड़ी

राम मंदिर और हिंदुत्व के लिए जीवन का महान समर्पण

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Thursday 28 September 2017 01:07:48 AM

ashok singhal smrti sabha

लखनऊ। 'अयोध्या में श्रीराम मंदिर के शिलान्यास के माध्यम से अशोक सिंघल ने देशभर में नवचेतना का पुर्नजागरण किया, अशोक सिंघल ही वो शख्सियत थे, जिन्होंने देश-विदेश में विश्व हिंदू परिषद को एक नई पहचान दिलाई, उन्होंने हिंदू समाज और संस्कृति के सर्वांगीण विकास के लिए अपना तन मन धन समर्पित कर राष्ट्र में नव चेतना का संचार किया। हिंदुत्व के नवजागरण के महानायक अशोक सिंघल की संकल्पना के अनुसार सशक्त समर्थ भारत का निर्माण हम सभी का लक्ष्य होना चाहिए।' विश्व हिंदू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे अशोक सिंघल के लिए उनकी जयंती पर अशोक सिंघल स्मृति न्यास की ओर से श्रीदुर्गा मंदिर शास्त्रीनगर लखनऊ में आयोजित अशोक सिंघल स्मृतिसभा में ये उद्गार व्यक्‍त किए गए।
अशोक सिंघल स्मृतिसभा में विश्व हिंदू परिषद के प्रांत उपाध्यक्ष कन्हैयालाल ने अशोक सिंघल के जीवनवृत का वर्णन करते हुए कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन हिंदुत्व को स‌मर्पित किया। उन्होंने कहा कि राम जन्मभूमि आंदोलन के रूप में हिंदू जनमानस को जागृत करने के पीछे अशोक सिंघल एक बड़ा नाम है, उन्होंने राम जन्मभूमि पर राम मंदिर निर्माण के लिए हिंदू समाज को प्रेरित करने और विश्व समुदाय को इसके लिए आगे बढ़ने के जो यत्न किए, वे युगों-युगों तक नहीं भूले जाएंगे। वे हिंदुओं के एक महानायक थे और उन्होंने हिंदू समाज को एक दिशा दी, जिसका असर आज हिंदू जागरुकता के रूप में दिखाई पड़ता है।
भाजपा के वरिष्ठ नेता और भाजपा के एमएलसी रहे विंध्यवासनी कुमार ने अशोक सिंघल स्मृतिसभा में कहा कि वेदों के प्रति अशोक सिंघल का ज्ञान विलक्षण था, विश्व हिंदू परिषद के काम में धर्म जागरण, सेवा, संस्कृत, परावर्तन, गोरक्षा आदि पर उन्होंने अनेक नए आयाम जोड़े थे। उन्होंने भी कहा कि अशोक सिंघल ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर आंदोलन से देश की सामाजिक और राजनीतिक दिशा बदल दी। विंध्यवासनी कुमार ने कहा कि भारतीय इतिहास में यह आंदोलन एक मील का पत्थर है, वर्ष 1992 में बाबरी ढांचा तोड़ने वाले कारसेवकों का नेतृत्व अशोक सिंघल ने ही किया था।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के भाग संघ चालक हरि अग्रवाल ने कहा कि हिंदुत्व की अलख जगाकर अशोक सिंघल ने लोगों का स्वाभिमान जगाया, उन्हें जीना सिखाया, उन्होंने संतों की समृद्ध परंपरा एवं आध्यात्मिक शक्ति को आगे बढ़ाते हुए सभी धर्माचार्यों को एक मंच पर लाकर हिंदू समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर किया। अशोक सिंघल स्मृति न्यास लखनऊ इकाई के संयोजक राजकुमार ने कहा कि अशोक सिंघल ने हिंदुओं के सपनों के अनुरूप सशक्त और समर्थ राष्ट्र की सुख-शांति और समृद्धि का संकल्प दिलाया। स्मृतिसभा को संघ के स्वयंसेवक सुभाष चंद्र अग्रवाल, श्रीदुर्गा मंदिर समिति के अध्यक्ष ताराबाबू, कोषाध्यक्ष पवन अग्रवाल और सचिव रामनरेश मिश्र ने भी संबोधित किया। स्मृतिसभा में हिंदू परिषद सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि विनोद कुमार, अमर सिंह, नीलम तिवारी, आदर्श सिन्हा, केके मिश्र और केके पांडेय की उपस्थित उल्लेखनीय है।

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