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अपने पुण्यधन से शिक्षा प्रदान करें-रमेशभाई

देशभर में शिक्षा सेवा का कार्य करने वाले अनुकरणीय

भारत लोक शिक्षा परिषद् का सम्मान कार्यक्रम

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Monday 18 September 2017 05:39:58 AM

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर देश में भारत लोक शिक्षा परिषद् के 55000 एकल विद्यालयों को वित्तीय संसाधन प्रदान करने वाले देश के उद्योगपति, कंपनीधारकों एवं समाजसेवकों को एक समर्पण सम्मान समारोह में प्रसिद्ध कथावाचक रमेशभाई ओझा और केंद्रीय राज्यमंत्री महेश शर्मा ने सम्मानित किया। इस अवसर पर रमेशभाई ओझा ने कहा कि ईश्वर ने हमें जो संसाधन दिए हैं, उनसे उपार्जित पुण्य धन को ईश्वर के कार्यों के निमित्त बांटकर अपने सामाजिक कर्तव्य का पालन करना चाहिए। दिल्ली के होटल ली-मेरिडियन में आयोजित इस कार्यक्रम में रमेशभाई ओझा, रामेश्वरलाल काबरा उद्योगपति, डॉ मधुकर गुप्ता अतिरिक्त सचिव उद्योग मंत्रालय एवं मांगेराम अग्रवाल की उपस्थिति में अनेक भामाशाहों महाशताकवीरों और शाताकवीरों को सम्मानित किया गया।
प्रसिद्ध कथावाचक रमेशभाई ओझा ने कहा कि ईश्वर और हमारे मध्य पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप में ईश्वर प्रदत्त संसाधनों से उपार्जित धन में से ईश्वर के भाग को उसके शिक्षा जैसे कार्य में खर्च करना चाहिए और भारत लोक शिक्षा परिषद् के निःस्वार्थ और पारदर्शिता भरे शिक्षा कार्य पर खर्च करके अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करना चाहिए। सम्मान समारोह में केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ महेश शर्मा ने कहा कि भारत लोक शिक्षा परिषद् बिना सरकारी सहायता के पूरे देश में एकल विद्यालय चलाकर देशसेवा में शिक्षा का जो कार्य कर रही है, वो अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि संस्कारपरक शिक्षा से राष्ट्र उन्नति के शिखर पर पहुंच सकता है। शिक्षा अभियान के प्रेरणा पुंज माने जाने वाले श्यामजी गुप्ता ने एस्सेल ग्रुप के लक्ष्मी नारायण गोयल की अध्यक्षता में उपस्थित महानुभावों का मार्गदर्शन किया।
गौरतलब है कि एक शिक्षक एक विद्यालय 30 बालक योजना के अंतर्गत इस अभियान से केवल 20,000 हजार रुपये प्रतिवर्ष एक एकल विद्यालय पर खर्च किया जाता है। लगभग 30 वर्ष से यह एकल अभियान देश के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में एकल विद्यालय योजना के अंतर्गत शिक्षा, स्वास्थ, विकास, ग्राम स्वराज तथा संस्कार संबंधी पंचमुखी शिक्षा प्रदान कर रहा है। आज संपूर्ण देश में लेह लद्दाख से कन्या कुमारी तथा असम से राजस्थान गुजरात तक लगभग 55,000 गांवों में एकल विद्यालयों में शिक्षित और स्वस्थ समृद्ध भारत की लक्षित शिक्षा दी जा रही है। परिषद् के 7,000 जीवन समर्पित कार्यकर्ता गांवों में कार्यरत हैं और आगामी वर्ष में एकल अभियान का पूरे देश में एक लाख विद्यालय खोलने का लक्ष्य है। एकल अभियान के शिक्षकों और कलाकारों ने करतल ध्वनि से सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। राष्ट्रगान एवं स्वरुचि भोज और परस्पर मिलन के साथ सम्मान कार्यक्रम संपन्न हुआ।

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