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वन्य प्राणियों के स्वास्‍थ्य पर कार्यशाला

केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण ने किया आयोजन

पशुचिकित्सकों को मिलीं महत्वपूर्ण सीख

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Friday 15 September 2017 06:47:14 AM

workshop on the health of wild creatures

नई दिल्ली। केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण ने स्मिथसोनियन राष्ट्रीय प्राणि उद्यान वाशिंगटन डीसी यूएसए और राष्ट्रीय प्राणि उद्यान नई दिल्ली के सहयोग से 11 सितंबर से 14 सितंबर 2017 के बीच पशु स्वास्थ्य प्रबंधन पर भारतीय चिड़ियाघर के पशु चिकित्सकों में क्षमता निर्माण के लिए चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया। इस प्रशिक्षण कार्यशाला का उद्घाटन केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ हर्षवर्द्धन ने 11 सितंबर 2017 को नई दिल्ली में इंदिरा पर्यावरण भवन के गंगा सभागार में किया था। इस प्रशिक्षण कार्यशाला में भारत के 18 चिड़ियाघरों के करीब 18 पशु चिकित्सकों ने भाग लिया। कार्यशाला का उद्घाटन करने के तुरंत बाद सारे प्रतिभागी राष्ट्रीय प्राणि उद्यान में पहुंचे। प्रशिक्षण कार्यशाला में स्मिथ सोनियन राष्ट्रीय प्राणि उद्यान, वाशिंगटन डीसी यूएसए के डॉ जेसिका सिग्सल विलॉट, डॉ बुद्धन पुकाजेथी और मिस्टर एथंनी कार्लबॉन बारथेल ने अपनी बातें रखीं।
कार्यशाला के प्रथम दिन प्रतिभागियों को सफल स्थिरीकरण, अभिग्रहण और रोकथाम की प्रक्रिया के बारे में सिखाया गया था। दूसरे दिन जगुआर को स्थिरीकरण के क्रम में स्थिर किया गया, पशु की जांच, नमूना संग्रह, यानी सीबीसी, केम, बैंक के लिए रक्त माइक्रोचिप्स की जांच और फिर सेहत की निगरानी की गई। इसके बाद प्रतिभागियों ने सफलता, चुनौतियों, विचार-विमर्श और प्रश्नों के डार्ट की तैयारी और डार्ट कार्यप्रणाली पर चर्चा की। तेरह सितंबर 2017 को स्थिरीकरण में इसी प्रकार एक जंगली बिल्ली का स्थिरीकरण किया गया। इसके बाद प्रतिभागियों ने डार्ट की तैयारी और डार्ट कार्यप्रणाली पर चर्चा की। कक्षा के सत्र में क्षेत्रीय रोगों और इनकी स्थिति पर भी चर्चा की गई।
कार्यशाला के अंतिम दिन 14 सितंबर 2017 को सेहत की निगरानी के क्रम में एक सफेद बाघ का स्थिरीकरण किया गया और उसपर प्रतिभागियों ने विचार-विमर्श किया। प्रशिक्षण कार्यशाला का समापन हिमाचल प्रदेश के मुख्य वन्यजीव वार्डन रमेश कांग की अध्यक्षता में किया गया। केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण के सदस्य सचिव डॉ जीएन सिंह ने स्मिथ सोनियन राष्ट्रीय प्राणि उद्यान वाशिंगटन डीसी यूएसए के सहयोग से ही इस कार्यशाला का क्यों आयोजन किया गया, इसके बारे में विस्तार से बताया। राष्ट्रीय प्राणि उद्यान की निदेशक रेणु सिंह ने धन्यवाद दिया। अंत में प्रतिभागियों ने कहा कि इस कार्यशाला से उन्हें अपने कार्यस्थलों पर आत्मविश्वास से कार्य करने में काफी फायदा मिलेगा।

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