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कश्मीर के समाधान के लिए 5 सी सिद्धांत

केंद्रीय गृहमंत्री ने शुरू किया बातचीत का सिलसिला

जम्मू में विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों से मिले

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Tuesday 12 September 2017 04:26:02 AM

union home minister launches dialogue

राजौरी। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने जम्मू-कश्मीर दौरे के तीसरे दिन राजौरी जिले के नौशेरा में सेना और केंद्रीय सीमा सुरक्षाबल के शिविरों का दौरा किया और जवानों का हालचाल लिया। उन्होंने युद्धविराम उल्लंघन के कारण सीमावर्ती क्षेत्रों से शिविरों में प्रवास कर रहे लोगों और छात्रों के एक समूह से भी मुलाकात की। राजनाथ सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने युद्धविराम उल्लंघन के दौरान मारे गए लोगों को दी जानी वाली सहायता राशि को एक लाख रुपए से बढ़ाकर पांच लाख रुपए कर दिया है, इसके साथ ही पचास प्रतिशत से अधिक दिव्यांगों को भी पांच लाख रुपए की सहायता राशि दी जाएगी।
केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि अधिकारियों को सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षाबलों में और भी अधिक भर्ती करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोग हमारे लिए बेहद अहम हैं। राजनाथ सिंह ने सीमा सुरक्षाबल के जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि मैं जानता हूं कि आप लोग बेहद चुनौतीभरे माहौल में काम कर रहे हैं और देश के प्रति प्रेम के कारण आप सुरक्षाबल में शामिल हुए हैं।
गृहमंत्री ने श्रीनगर में एक पत्रकार सम्मेलन में कहा कि केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर की समस्याओं का पांच 'सी' के आधार पर समाधान करेगी, ये पांच 'सी' करूणा, संवाद, सहअस्तित्व, विश्वास में बहाली और स्थिरता हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विशेष पर्यटन अभियान शुरू कर रही है। गृहमंत्री राजनाथ सिंह इसके बाद जम्मू पहुंचे और उन्होंने पनून कश्मीर सहित समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात की। समझा जाता है कि केंद्रीय गृहमंत्री ने घाटी में बातचीत का सिलसिला शुरू किया है और विभिन्न लोगों ने उनसे मुलाकातें भी की हैं। गृहमंत्री का यह दौरा उस वक्त हुआ है, जब घाटी में टेरर फंडिंग पर कड़ी कार्रवाई हुई है।

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