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संसार की जल यात्रा के लिए निकला तरिणी

रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने गोवा से किया रवाना

पोत की विशेषता यह कि इसमें सभी क्रू महिलाएं

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Sunday 10 September 2017 09:43:56 AM

insv tarni flag by defense minister nirmala sitaraman

पणजी (गोवा)। रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने आज गोवा से भारतीय नौसेना के पोत वाहक जहाज तरिणी यानी आईएनएसवी तरणी को झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्‍होंने कहा कि इस ऐतिहासिक महत्‍वपूर्ण अवसर पर मैं चालक दल की महिला सदस्‍यों को उनकी सफलता की शुभकामनाएं देती हूं। गोवा के आईएनएस मंडोवी नौका पूल से रवाना किए गए इस पोत की विशेषता यह है कि इसमें सभी क्रू महिला हैं। पहली बार भारतीय नौसेना के पोत वाहक जहाज आईएनएसवी तरिणी पूरे संसार की जल यात्रा के लिए चालक दल की सभी महिला सदस्‍यों के नेतृत्‍व में निकला है। समुद्री यात्रा की समाप्‍ति पर इस जहाज के अप्रैल 2018 में वापस गोवा लौटने की आशा है। यह अभियान पांच चरणों में पूरा होगा। यह आस्‍ट्रेलिया के फ्रीमेनटेली, न्‍यूज़ीलैंड के लाइटलेटन, पोर्टसिडनी के फॉक्लेंड्स और दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन आदि चार बंदरगाहों पर रुकेगा।
आईएनएसवी तरणी को रवाना करने के अवसर पर गोवा के मुख्‍यमंत्री मनोहर पर्रिकर, नौ सेनाध्‍यक्ष एडमिरल सुनील लांबा, फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ वाइस एडमिरल एआर करवे, दक्षिणी नौसेना कमान के कमांडर इन चीफ वाइस एडमिरल आरहरि कुमार और नौसेना के सेवानिवृत एवं सेवारत अधिकारियों के साथ-साथ गणमान्‍य नागरिक,क्रू चालक दल एवं सेलर्स के पारिवारिक सदस्‍य भी मौजूद थे। तरणी के समारोह में रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि यह दिन हमारे देश के इतिहास का ऐतिहासिक दिवस है, यह विश्‍व के नौपरिवहन इतिहास में दर्ज होगा, क्योंकि आज हमारी महिलाएं विश्‍व के समक्ष उस कार्यका संचालन कर रही हैं, जिसके बारे में विश्‍व की अधिकतर नौसेना सोच भी नहीं पाती है। निर्मला सीतारमण ने कहा कि इस पहल के लिए मैं भारतीय नौसेना और उन अनुभवी परामर्शदाताओं एवं प्रेरकों की सराहना करती हूं, जिन्‍होंने इन साहसी और निर्भीक महिलाओं को प्रेरणा दी और प्रशिक्षण दिया।
नौसेना अध्‍यक्ष एडमिरल सुनील लांबा ने भारतीय नौसेना की समुद्री यात्रा अभियानों की शानदार परंपरा पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि 1988 में समुद्र अभियान के साथ इसका शुभारंभ हुआ था, इस ऐतिहासिक समुद्र यात्रा की शुरूआत पहली बार अकेले कैप्‍टन दिलीप डोंडे ने की थी, जो सेवानिवृत हो चुके हैं, इनके साथ ही कमांडर अभिलाष डोमी ने संसार की जलयात्रा में बिना रुके नौराष्‍ट्रों को साहस के साथ पार किया था। उन्‍होंने कहा कि सभी महिला क्रू का यह अभियान पहले के प्रयासों का विस्‍तारित रूप है, यह महिला सशक्‍तिकरण-नारी शक्‍ति की दिशा में किए जा रहे सरकार के प्रयासों का प्रतिबिंब है। आईएनएसवी तरिणी 55 फुट का जलयान है, जिसे स्‍वदेशी तकनीक से बनाया गया है। इसे इसी वर्ष के आरंभ में भारतीय नौसेना में शामिल किया गया है। विश्‍व के फॉरम पर यह मेक इन इंडिया पहल को प्रदर्शित करता है। आईएनएसवी तरिणी के दल में कप्‍तान लेफ्टिनेंट कमांडर वर्तिका जोशी एवं क्रू सदस्‍यों में लेफ्टिनेंट कमांडर प्रतिभा जामवाल, पी स्‍वाति, लेफ्टिनेंट एस विजयादेवी, लेफ्टिनेंट बी ऐश्‍वर्या एवं लेफ्टिनेंट पायल गुप्‍ता शामिल हैं।
तरिणी का दल समुद्र यात्रा के दौरान गहरे समुद्र में प्रदूषण की भी जांच करेगा और इस संबंध में समुद्री सेलिंग को बढ़ावा देने के लिए विभिन्‍न बंदरगाह पड़ावों पर स्‍थानीय पीआईओ के साथ व्‍यापक विचार-विमर्श की रिपोर्ट देगा। इस दौरान साहसिक दल भारतीय मौसम विज्ञान विभाग को मौसम के पूर्वानुमान की सही जानकारी प्रदान करने के लिए मौसम विज्ञान समुद्री लहरों के बारे में नियमित रूप से आंकड़े इकट्टा करेगा और उन्‍हें लगातार नवीन जानकारी भी उपलब्‍ध कराएगा। इससे अनुसंधान और विकास संगठनों को विश्‍लेषण में भी मदद मिलेगी। समुद्री यात्रा में पर्यावरण हितैषी गैर परपंरागत ऊर्जा स्रोतों के इस्‍तेमाल को बढ़ावा दिया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्‍य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को अपनाना भी है। अभियान का विषय नाविका सागर परिक्रमा रखा गया है। यह विषय महिलाओं की उनकी अंतनिर्हित शक्‍ति के जरिए सशक्‍तिकरण की राष्‍ट्रीय नीति के अनुरूप है। इसका उद्देश्‍य भारत में महिलाओं के प्रति सामाजिक दृष्‍टिकोण और सोच में बदलाव लाना है।

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