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महामारी फैलाने को उतारू देहरादून के अस्पताल

सड़कों पर सीधे फेंक रहे हैं संक्रमित सिरिंज और खून के नमूने

देहरादून के जागरुक छात्रों ने किया अस्पतालों को अगाह

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Sunday 10 September 2017 07:02:26 AM

dehradun hospitals, syringe and infected blood samples on the road

देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश में स्वच्छता अभियान की देहरादून का प्रशासन भारी उपेक्षा कर रहा है, वह उन अस्पतालों को सफाई के प्रति पाबंद नहीं कर रहा है, जिन्होंने अपने यहां के कूड़े-कचरे के निस्तारण का कोई प्रबंध नहीं किया है। देहरादून के जागरुक छात्रों के संगठन मेकिंग अ डिफरेंस बाय बीइंग द डिफरेंस मेड ने रविवार को शहर के कुछ अस्पतालों एवं क्लीनिक जैव चिकित्सालयों से शिकायत व्यक्त की है कि वे अवशिष्ट अर्थात अस्पतालों से निकलने वाले कूड़े का सही तरह से निस्तारण नहीं कर रहे हैं और वहां का कूड़ा आम कूड़े की तरह कूड़ेदानों में नहीं, बल्कि सीधे सड़कों पर फेंका जा रहा है। मेड संस्‍था ने ऐसे अस्पतालों और क्लिनिकों को आगाह किया है कि वे ऐसा कदापि न करें, क्योंकि इससे जनसामान्य में महामारी फैलने का ख़तरा तो है ही साथ ही साथ कूड़ा बीनने वालों एवं सफाई कर्मचारियों के लिए भी गंभीर स्वास्‍थ्य हानि का कारण है।
देहरादून में जागरुक छात्रों के संगठन ने नगर में जब सफाई अभियान चलाया हुआ था, तब यह गंदगी सामने आई। देहरादून शहर में कोई एक अस्पताल नहीं, बल्कि अधिकांश अस्पताल या क्लीनिक अपने यहां का अपशिष्ट कूड़ा सड़क पर फेंककर शहर की सफाई व्यवस्‍था को संक्रमित करने को उतारू हैं, उनपर सफाई जागरुकता अभियान का कोई भी असर दिखाई नहीं देता है। छात्रों ने पाया कि आराघर चौक के समीप पुराने बस अड्डे के समक्ष जब सफाई अभियान चलाया जा रहा था, तब अस्पताल के सामने सड़क पर इस्तेमाल सिरिंज और संक्रमित खून के नमूनों के साथ-साथ बैंडेड, फ्रैक्चर प्लास्टर और अन्य संक्रमित कूड़ा यूंही कूड़े के साथ पड़ा हुआ मिला। यह वो क्षेत्र है, जिसमें कई सारे नामी गिरामी एवं निजी अस्पताल हैं और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करने का दावा करते हैं। इन अस्पतालों के इस कृत्य पर कभी कोई कार्रवाई सामने आई हो कभी नहीं सुना गया।
मेड संस्‍था ने सफाई अभियान में नगरनिगम कर्मियों को भी यह गंदगी दिखाई और उन्हें कूड़े के ढेर पर पड़ी वे तमाम सिरिंज और खून के सैंपल भी पेश किए, जिनके संपर्क में आने से कोई भी व्यक्ति खतरनाक रूपसे संक्रमित हो सकता है। सड़कों पर आवारा कुत्ते और मांसाहारी पक्षी उन्हें उठाते हैं और ईधर-उधर गिराते हैं। रविवार होने के कारण नगर निगम आधिकारिक रूप से बंद था, जिससे उसके अधिकारियों को तत्काल यह दृश्य नहीं दिखाया जा सका, लेकिन मेड ने यह तय किया है कि इस गंभीर मुद्दे को वह सरकार के हर स्तर पर जरूर उठाएगा। देहरादून नगरनिगम और देहरादून के स्वास्‍थ्य विभाग क‌ा इस ओर कोई ध्यान नहीं है। भारी बारिश के बीच हुए संस्‍था के छात्रों ने सफाई अभियान चलाया। इसमें संस्‍था के संस्थापक अध्यक्ष अभिजय नेगी, शार्दुल असवाल, विनोद बगियाल, पल्लवी भाटिया, सौरव जोशी उल्लेखनीय रूपसे शामिल थे।

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