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कश्मीर घाटी में गृहमंत्री का मुठभेड़ से सामना

सोपोर में मुठभेड़ हुई और पाक की ओर से बरसीं गोलियां

राजनाथ ने मुफ्ती से विकास पैकेज पर की बातचीत

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Sunday 10 September 2017 03:16:56 AM

cm mehbooba mufti and  home minister rajnath singh

श्रीनगर। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह जम्मू एवं कश्मीर के चार दिन के दौरे पर श्रीनगर पहुंचे, जहां राज्य के उपमुख्यमंत्री डॉ निर्मल कुमार सिंह, वरिष्ठ मंत्री अब्दुल रहमान वीरी और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने हवाईअड्डे पर उनकी अगवानी की। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने एक ट्वीट में कहा है कि मैं यहां खुले मन से आया हूं, मैं उस हर व्यक्ति से मिलने का इच्छुक हूं, जो जम्मू एवं कश्मीर की समस्याओं के हल में हमारी मदद कर सकते हैं। वे राजौरी जिले के नौशेरा में और जम्मू भी जाएंगे। केंद्रीय गृहमंत्री जब जम्मू-कश्मीर में दाखिल हो रहे थे तो उस वक्त पाकिस्तान की ओर से गोलियां चल रही थीं और उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले के सोपोर में सुरक्षाबलों की आतंकवादियों से मुठभेड़ भी चल रही थी, जिसमें एक आतंकवादी ढेर कर दिया गया। सुरक्षाबलों ने कुलगाम और सोपिया के गांवों में जबरदस्त सर्च ऑपरेशन चलाया हुआ है, क्योंकि यह पता चला था कि इन इलाकों में सशस्‍त्र पाकिस्तानी आतंकवादी शरण लिए हुए हैं।
दक्षिण कश्मीर में पाकिस्तानी आतंकवादियों की घुसपैठ रूकने का नाम नहीं ले रही है, जिसका कारण उन्हें कुछ स्‍थानीय इलाकों में शरण मिलना बताया जा रहा है और सुरक्षाबलों को यहां तक सूचनाएं मिल रही हैं कि जबसे हुर्रियत और दूसरे अलगाववादी नेताओं की गिरफ्तारियां हुईं हैं, तबसे इन संदिग्‍ध इलाकों में आर्थिक संकट पैदा हो गया है और जो लोग केवल पत्‍थरबाज़ों के आतंकवादी धन पर परिवार चला रहे थे, अब उनकी आर्थिक मदद पाकिस्तानी आतंकवादी कर रहे हैं। वे कश्मीर में नकली नोट और बैंकों से लूटे गए धन का इस्तेमाल कर रहे हैं। पाकिस्तानी आतंकवादियों की मौजूदगी का दूसरे कश्मीरी भंडाफोड़ भी ‌कर रहे हैं, क्योंकि उनमें वो हैं, जिन्हें धन नहीं मिला है और वो, जो आतंकवादियों के व्यवहार और धमकियों से परेशान हैं। भारतीय सुरक्षाबलों ने अपने खुफियातंत्र की मदद से ऐसे स्‍थानों को चिन्हित किया हुआ है, जहां आतंकवादियों का आना-जाना है। सुरक्षाबलों के सामने अगर चुनौती है तो केवल यह है कि वे रिहायशी आबादी में सीधे ऑपरेशन नहीं कर स‌कते, क्योंकि वहां आम लोगों के मारे जाने की दुश्वारी है।
बहरहाल गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने जम्मू-कश्मीर पहुंचकर राज्य की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के साथ लगभग एक घंटे चर्चा की, जिसमें जम्मू एवं कश्मीर के लिए मुहैया कराए गए प्रधानमंत्री विकास पैकेज के क्रियांवयन की स्थिति की भी समीक्षा की गई। गृहमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वे समयबद्ध तरीके से प्रधानमंत्री विकास पैकेज को लागू करें, इससे जम्मू एवं कश्मीर के लोगों के लिए रोज़गार के अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 नवंबर 2016 को जम्मू एवं कश्मीर के लिए 80,068 करोड़ रुपए का पैकेज प्रदान किया था, जिसके तहत 63 परियोजनाओं को कवर किया जाना है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अब तक जम्मू एवं कश्मीर में विभिन्न परियोजनाओं के लिए 63,000 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत कर चुकी है, जो इस पैकेज की पूर्ण राशि का 78 प्रतिशत है, अब 22,000 करोड़ रुपए की राशि जारी की जानी है। गृहमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री विकास पैकेज 2015 के दो साल बाद 63 में से पांच परियोजनाएं पूरी कर दी गई हैं, जिनमें प्रतिष्ठित चेनानी-नशरी सुरंग का कार्य भी शामिल है, इस पर 781 करोड़ रुपए की लागत आई है।
गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-1ए पर जम्मू उधमपुर सेक्शन की चार लेन का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। राजनाथ सिंह ने श्रीनगर और जम्मू में विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों और जम्मू एवं कश्मीर पुलिस, सीआरपीएफ और बीएसएफ के जवानों से भी मुलाकात की।इस अवसर पर केंद्रीय गृह सचिव राजीव गाबा, जम्मू एवं कश्मीर के मुख्य सचिव बीबी व्यास और गृह मंत्रालय तथा राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। गृहमंत्री का यह दौरा उसके बाद हुआ है, जब कश्मीर घाटी में टैरर फंडिंग के खिलाफ जबरदस्त अभियान चल रहा है और अलगाववादी नेताओं और पाकिस्तानी आतंकवादियों के शरणदाताओं को पकड़ा जा रहा है। घाटी में इस अभियान का अच्छा असर पड़ा है और जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मु‌फ्ती भी मान रही हैं कि इससे उन लोगों की कमर टूट रही है, जो कश्मीर में युवाओं को गुमराह करके उन्हें आतंकवादियों के बनाए नरक की ओर ढकेल रहे हैं।

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