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फिक्की भी अपनी भूमिका बदले-अमित शाह

वोट बैंक की चिंता किए बिना दृढ़ता से रिफॉर्म्स लागू किया

दुनिया ने अब फिरसे माना है कि 21वीं सदी भारत की सदी

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Saturday 9 September 2017 07:13:49 AM

amit shah in ficci at new delhi

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने आज नई दिल्ली में फिक्की की राष्ट्रीय कार्यकारिणी को संबोधित किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की हो रही उल्लेखनीय आर्थिक प्रगति पर विशेष रूपसे चर्चा की। उन्होंने फिक्की से बदलते हुए सामयिक एवं आर्थिक परिप्रेक्ष्य में अपनी भूमिका में बदलाव लाने की भी वकालत की। उन्होंने कहा कि फिक्की ने अपनी स्थापना से लेकर आज तक भारत की अर्थव्यवस्था एवं औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है और नीति निर्धारकों और जिनके लिए नीतियां बनती हैं, उनके बीच एक सफल माध्यम बनने का सार्थक प्रयास किया है। अमित शाह ने कहा कि 2014 से पहले 10 साल तक देश में कांग्रेसनीत यूपीए सरकार थी और इस सरकार में देश में सर्वत्र निराशा थी। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार में अर्थव्यवस्था लगातार नीचे जा रही थी, विकास दर 4 प्रतिशत के आस-पास आ गया था, वित्तीय घाटा 5 प्रतिशत से ज्यादा हो गया था, करेंट एकाउंट डेफिसिट भी 5 प्रतिशत के लगभग हो गई थी, महंगाई दर अपने चरम पर थी, साथ ही भ्रष्टाचार ने देश को झकझोर कर रख दिया था।
अमित शाह ने कहा कि देश में ही नहीं, बल्कि विश्व में भी यूपीए सरकार की कोई विश्वसनीयता नहीं रह गई थी, इस सरकार का हर मंत्री और घोटालेबाज़ अपने आपको प्रधानमंत्री समझता था और प्रधानमंत्री को कोई प्रधानमंत्री मानने को तैयार ही नहीं होता था। उन्होंने कहा कि मीडिया ने भी मान लिया था कि सरकार पॉलिसी पैरालिसिस से ग्रस्त है। उन्होंने कहा कि जहां एनडीए की अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के समय में पूरी दुनिया यह मानने लगी थी कि 21वीं सदी भारत की सदी है, वहीं यूपीए सरकार के समय देश का भविष्य अंधकारमय दिखाई देने लगा था। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थिति में देश की जनता ने 30 साल बाद एक पूर्ण बहुमत की सरकार का गठन किया और देश के विकास की बागडोर नरेंद्रभाई मोदी के हाथों में सौंपने का फैसला किया, जिससे आज फिर से दुनिया यह मानने लगी है कि 21वीं सदी भारत की सदी है। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार के गठन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शॉर्ट टर्म गेन की जगह लॉंग टर्म गेन के लिए नीतियां बनाकर उनके इम्प्लीमेंटेशन को प्राथमिकता दी है।
अमित शाह ने कहा कि फिक्की जैसे उद्योग संगठनों को रिसर्च एंड डेवलपमेंट के लिए कंसोर्टियम बनाना चाहिए, ताकि पेटेंट रजिस्ट्रेशन और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स से होने वाले मुनाफे का लाभ देश को मिल सके। उन्होंने कहा कि आज भी दुनिया में कई ऐसे छोटे-छोटे देश हैं, जहां भारतीय औद्योगिक कंपनियां इन्वेस्ट करके व्यवसाय कर सकती हैं, हमें मैनुफैक्चरिंग सेक्टर में काम करने की जरूरत है, हम आज उस जगह पर खड़े हैं, जहां भारतीय कंपनियां नई संभावनाओं को एक्सप्लोर कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि उद्योग जगत से जुड़े संगठनों को एक अलग डायमेंशन से भी सोचने की जरूरत है, अगर हम यह नहीं करेंगे तो आने वाले दिनों में ब्रांड इंडिया का जितना फायदा होना चाहिए, उतना हमें नहीं मिल पाएगा। उन्होंने कहा कि भारत सरकार देश को 125 करोड़ का मार्केट बनाने का प्रयास कर रही है, यह अपने आपमें बहुत बड़ी ताकत है, इस लक्ष्य को हम ‘मेक इन इंडिया' के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं, लेकिन इस पर हमें काफी सारा आर एंड डी करने की जरूरत है। अमित शाह ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था का भविष्य बहुत सुंदर है, हमें विश्व में सबसे तेज गति से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बनने से कोई नहीं रोक सकता।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि सरकार रिफॉर्म्स से भी कई कदम आगे बढ़कर ट्रांसफॉर्मेशन में यकीन रखती है, हम सोच के साथ-साथ कार्यप्रणाली में भी आमूल-चूल परिवर्तन करना चाहते हैं और सभी फैसले सोच समझकर देशहित में लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने जीडीपी के प्रति सरकार के दृष्टिकोण को भी बदलने का काम किया है, जीडीपी को पहले कृषि विकास सेवा और औद्योगिक विकास के साथ जोड़ा जाता था, इंफ्रास्ट्रक्चर के महत्व को भी सीमित कर दिया गया था, हमने इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को देश की जीडीपी के साथ जोड़ने का काम किया है। उन्होंने कहा कि यदि सड़कों का निर्माण होता है, टॉयलेट बनते हैं, घरों में बिजली और गैस सिलिंडर पहुंचाए जाते हैं तो लोगों के जीवनस्तर में सुधार होने के साथ-साथ देश की जीडीपी में भी बढ़ोतरी होती है। अमित शाह ने कहा कि युवा आज जॉब सीकर नहीं, जॉब क्रियेटर बनकर देश की अर्थव्यवस्था में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर में प्रत्यक्ष लाभार्थियों की संख्या 2014 में आठ करोड़ थी, जो 2017 में 36 करोड़ को पार कर गई है, इतना ही नहीं डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर से सरकार को लगभग 59,000 करोड़ रुपये की बचत हुई है, जो पहले भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता था, अकेले प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना में इस योजना के माध्यम से लगभग 14 हजार करोड़ रुपये की बचत हुई है।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार ने एडमिनिस्ट्रेशन को कई प्रकार के द्वंद्वों से बाहर निकालने का काम किया है, हमने यह सिद्ध करके दिखाया है कि शहरों के विकास के साथ-साथ गांवों का भी वैसे ही विकास किया जा सकता है और उद्योगों के साथ-साथ कृषि क्षेत्र का भी उसी प्रकार से विकास किया जा सकता है। अमित शाह ने कहा कि हमने जनप्रतिनिधि और अफसरशाही के बीच के द्वंद्व को भी ख़त्म किया है, हमने यह साफ कर दिया है कि पॉलिसी निर्माण का कार्य जनप्रतिनिधि करेंगें तो उसकी इम्प्लीमेंटेशन की जिम्मेदारी नौकरशाहों की होगी। उन्होंने कहा कि हमने वोट बैंक की परवाह किये बगैर रिफॉर्म्स को भी दृढ़ता के साथ लागू किया है तो राज्य के निर्माण के लिए कई जनोपयोगी योजनाओं की भी नींव रखी है। उन्होंने कहा कि जब सरकार नीतियां नहीं बनाती और नीतियों की जरूरत के हिसाब से समयानुकूल परिवर्तन नहीं करती तो अर्थव्यवस्था की गति मंद पड़ना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद से नीतिगत फैसले लेने शुरू किए गए।
अमित शाह ने कहा कि अकेले नीति आयोग की रचना ने ही देश के फेडरल स्ट्रक्चर के बारे में काफी गुणात्मक परिवर्तन किया है, पहले राज्य मदद के लिए वित्त आयोग के पास आया करते थे, अब नीति आयोग राज्यों के पास जाता है। उन्होंने कहा कि हर क्षेत्र में एजुकेशन हो, इंडस्ट्री हो, इश्यू हो, नीति आयोग ने हर क्षेत्र में एक सकारात्मक भूमिका अदा की है। प्रगति कार्यक्रम का ख़ास तौर पर जिक्र करते हुए अमित शाह ने कहा कि इस कार्यक्रम को जितनी प्रसिद्धि मिलनी चाहिए थी, उतनी नहीं मिल पाई है, इस कार्यक्रम के तहत प्रधानमंत्री स्वयं हर 15 दिन में एक बार सभी राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ देशभर में रुके हुए प्रोजेक्ट्स के बारे में बात किया करते हैं और इसमें आ रही दिक्कतों को दूरकर इन योजनाओं को गति देते हैं, इस कार्यक्रम की बदौलत देश की अर्थव्यवस्था को काफी गति मिली है।
अमित शाह ने उदाहरण दिया कि सड़क बनाने की गति लगभग दुगुनी हो गई है, एनवायरनमेंट एंड फ़ॉरेस्ट क्लीयरेंस में पहले 600 दिन लगते थे, अब महज 180 दिन लगते हैं, हम इसे और कम करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, पहले कोयले एवं खनिज खदानों की नीलामी के लिए कोई पॉलिसी नहीं थी, लेकिन आज एमएमडीआर में संशोधन और पारदर्शी नीलामी की प्रक्रिया के कारण हमारे कार्यकाल में एक भी केस नहीं हुआ है, सारी कोयला खदानें उत्पादन कर रही हैं, यही कारण है कि आज भारत बिजली के क्षेत्र में सरप्लस है। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि एफडीआई को सरल बनाने की दिशा में भी मोदी सरकार ने कई कदम उठाये हैं, जिसमें आपसी सहयोग से नीतिगत फैसलों को क्रियांवित करने का सबसे बड़ा उदाहरण जीएसटी का लागू होना है। उन्होंने कहा कि कोई यह मानने को तैयार नहीं था कि इतने बड़े देश में विविधताओं, कई सारी राजनीतिक पार्टियों एवं विभिन्न विचारों के चलते जीएसटी भारत में लागू भी हो सकता है।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि सबको साथ लेकर, सभी राज्यों से बात करके हम देश में एक राष्ट्र, एक कर के स्वप्न को साकार करने में सफल हुए हैं। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के पास देश के पश्चिमी हिस्से की तरह देश के पूर्वी हिस्से का विकास नहीं हो पाया और एक ही देश में एक हिस्सा मैनुफैक्चरिंग और दूसरा हिस्सा कंज्यूमर हब बन कर रह गया, लेकिन आज जीएसटी के बाद देश में समान विकास की परिकल्पना साकार हो सकेगी। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश के साथ सीमा विवाद हल हो जाने से पूर्वोत्तर के विकास में आ रही बाधाओं को पार करने में अच्छी सफलता प्राप्त होगी। अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार लोगों को अच्छे लगने वाले फैलसे लेने की जगह लोगों के लिए अच्छे फैसले लेने में यकीन रखती है। उन्होंने कहा कि हमने नीतिगत निर्णय को वोट बैंक के साथ कभी नहीं जोड़ा, हमने देश के अर्थतंत्र को आगे बढ़ाने के लिए कुछ कठोर एवं जरूरी फैसले लेने का काम किया है, विमुद्रीकरण इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। उन्होंने कहा कि डिमोनेटाइजेशन के कारण फॉर्मल इकोनॉमी बढ़ेगी, मॉरीशस-सिंगापुर-साइप्रस रूट को बंदकर और दोहरे कराधान के करारों का पुनर्मूल्यांकन करके कालेधन पर नकेल कसने का काम केंद्र की भारतीय जनता पार्टी ने ही किया है।
अमित शाह ने कहा कि हमने अपनी दिक्कतों के बावजूद राजनीतिक चंदे की सीमा 2,000 रुपये तक सीमित कर दी है, हम देश की राजनीतिक एवं चुनावी व्यवस्था से कालेधन को बाहर निकालना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि आजादी के 70 साल बाद भी किसी पार्टी ने इस दिशा में इतना बड़ा प्रयास नहीं किया, जितना गंभीर प्रयास भारतीय जनता पार्टी की मोदी सरकार ने किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमने एक ऐसा देश बनाने का प्रयास किया है, जिसमें अगली पीढ़ी को प्रगतिशील एवं भ्रष्टाचारमुक्त भारत के अंदर विकास करने का मौक़ा मिले और शेष विश्व के साथ प्रतिस्पर्द्धा कर सके। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि हमने फिस्कल डेफिसिट को 3 प्रतिशत के पास लाकर वित्तीय घाटे को करने में सफलता प्राप्त की है, हमने राज्यों को एम्पावर करके उन्हें देश के विकास से जोड़ा है। उन्होंने कहा कि हमने हर क्षेत्र में दो से तीन गुना वृद्धि करने के बावजूद फिस्कल डेफिसिट को काबू में रखने का सफल प्रयास किया है, शेयर बाजार सूचकांक अब तक के सर्वोच्च स्तर पर है, साथ ही सरकार ने बैंकों के बैलेंस को भी क्लियर करने का प्रयास किया है।
एनपीए के मुद्दे पर बोलते हुए अमित शाह ने कहा कि किसी भी रोग को छुपाने से रोग का समाधान नहीं हो सकता, यदि एनपीए की समस्या है तो इसका समाधान किया जाना चाहिए, इसे छुपाने से कोई फायदा नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि बैलेंस शीट की जगलरी करने से एनपीए की समस्या का समाधान नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि हम एनपीए को रिकॉर्ड पर लेकर आए हैं। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद अब तक देश के किसी भी नेता में एनपीए को स्पष्ट तरीके से बैलेंस शीट में लाने का साहस नहीं था, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया है। उन्होंने कहा कि एनपीए को बैलेंस शीट में लाकर बैंकिंग व्यवस्था को सुधारने का बहुत बड़ा कदम मोदी सरकार ने ही उठाया है। उन्होंने कहा कि एनपीए का एक भी एकाउंट हमारे समय का नहीं है, ये सभी हमें विरासत में मिले हैं। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप एवं स्टैंडअप इंडिया से भी देश की अर्थव्यवस्था को काफी गति मिली है। अमित शाह ने कहा कि रोड, रेलवे, पोर्ट, हाउसिंग इन सभी को लक्ष्य बनाकर डेवलपमेंट को मोदी सरकार ने आगे बढ़ाने का काम किया है।
उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार के समय प्रतिदिन लगभग 69 किलोमीटर के हिसाब से ग्रामीण सड़कों का निर्माण होता था जबकि आज प्रतिदिन 133 किलोमीटर के हिसाब से निर्माण हो रहा है, यूपीए के समय 4.3 किलोमीटर प्रतिदिन के हिसाब से रेल लाइंस बिछाई जाती थी, आज 7.9 किलोमीटर प्रतिदिन के हिसाब से निर्माण हो रहा है। उन्होंने कहा कि यूपीए पार्ट दो के पांच वर्ष में रेलवे में जितना निवेश हुआ, उसका दोगुना केवल मोदी सरकार के दो साल में हुआ है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा के क्षेत्र में भी भारत ने मोदी सरकार के तीन साल में काफी प्रगति की है, कोयले और बिजली के क्षेत्र में हम आज सरप्लस हैं, सारे डिस्कॉम को लॉस से बाहर निकाला गया है। अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार के आर्थिक फैसलों के कारण देश की अर्थव्यवस्था की विकास दर में काफी वृद्धि हुई है। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि इंटरेस्ट रेट को 6 प्रतिशत तक लाने में हम सफल हुए हैं, महंगाई को 5 प्रतिशत तक सीमित किया है, करेंट एकाउंट डेफिसिट को-4.80 से -0.6 तक लाने में हम सफल हुए हैं।
अमित शाह ने कहा कि विदेशी मुद्रा भंडार 3.91 बिलियन डॉलर के साथ अब तक के सर्वोच्च शिखर पर है और एफडीआई इनफ्लो 3.7 बिलियन डॉलर से बढ़कर 6.3 बिलियन डॉलर पहुंचा है। उन्होंने कहा कि आजादी से लेकर केंद्र में मोदी सरकार के गठन तक देश में कुल टैक्स पेयर्स की संख्या महज 3.7 करोड़ थी, जबकि मोदी सरकार के तीन साल में ही यह आंकड़ा बढ़कर 6.3 करोड़ हो गया है, जो बताता है कि देश के आर्थिक विकास के प्रति हमारी प्रतिबद्धता क्या है। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि सबसे बड़ी उपलब्धि देश के सोचने के स्केल में बदलाव लाना है, आज दुनियाभर में एक ब्रांड इंडिया की सोच डेवलप हुई है, ब्रांड इंडिया के निर्माण का काम सरकार का है, लेकिन इसे एनकैश करने का कम फिक्की और उद्योग जगत से जुड़े संगठनों का है। उन्होंने कहा कि जिन देशों के अंदर किसी एक दशक के अंदर सबसे अधिक औद्योगिक विकास में औद्योगिक संगठनों ने क्या भूमिका निभाई है, इसकी एक स्टडी होनी चाहिए और उसमें हम कहां खड़े हैं, यह देखना चाहिए।

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