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हवाईयात्रा में अभद्रता पर लगेगा प्रतिबंध

विमान में यात्रियों से अभद्र शिकायतें ज्यादा बढ़ीं

नागर विमानन ने जारी किए यात्रा के कड़े नियम

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Saturday 9 September 2017 04:54:27 AM

ashok gajapathi raju pusapati briefing the media

नई दिल्ली। केंद्रीय नागरिक उड्यन मंत्रालय ने हवाईयात्रा के दौरान यात्रियों के अभद्र और परेशानी पैदा करने वाले व्यवहार पर नियंत्रण के लिए कुछ सख्त नियम जारी किए हैं, जिनके होते हुए कोई भी व्यक्ति विमान में अभद्रता करने पर विमान में यात्रा करने के लिए दो साल तक प्रतिबंधित किया जा सकता है। केंद्रीय नागरिक उड्यन मंत्रालय ने ऐसा इसलिए किया है कि विमान में परिचायिकाओं से छेड़छाड़ और विमान यात्रियों से अभद्रता की घटनाएं बढ़ती जा रही थीं और विमान अधिकारियों के लिए यह आएदिन की समस्या बन गई थीं। मीडिया से बातचीत में नागर विमानन मंत्री पी अशोक गजपति राजू ने कहा है कि नए नियमों की मदद से ऐसे अभद्र यात्रियों की एक राष्ट्रव्यापी सूची तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि भारत से उड़ान भरने से प्रतिबंधित व्यक्तियों की सूची तैयार करना दुनिया में इस तरह का पहला कदम है। सुरक्षा सुनिश्चित करने की सरकार की प्रतिबद्धता पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि इस सूची का विचार केवल सुरक्षा खतरे पर नहीं, बल्कि यात्रियों, विमानकर्मियों और विमान की सुरक्षा की चिंता पर आधारित है।
नागर विमानन मंत्री पी अशोक गजपति राजू ने कहा कि डीजीसीए ने इसके लिए नागर विमानन आवश्यकता यानी अभद्र यात्रियों से निपटना सीएआर सेक्शन 3, सीरीज-एम, खंड VI के प्रासंगिक नियमों में बदलाव कर दिया है, ताकि हवाईयात्रा के दौरान अभद्रता करने वाले यात्रियों से निपटा जा सके। उन्होंने कहा कि यह संशोधन 1963 के टोक्यो समझौते के प्रावधानों के अनुसार है। संशोधित नियम हवाईयात्रा के दौरान अभद्र यात्रियों से निपटने से संबंधित हैं, हवाईअड्डों पर यात्रियों के अभद्र व्यवहार से निपटना प्रचलित दंड कानूनों के अनुसार सुरक्षा एजेंसियों की जिम्मेदारी रहेगी। उन्होंने कहा कि संशोधित नियम सभी भारतीय एयरलाइनों पर लागू होगा, जिसमें सूचित एवं अनुसूचित एवं ढुलाई सेवाएं भी शामिल हैं, यह भारतीय एवं अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के मामलों में भी लागू होगा। विमान यात्रा के लिए संशोधन 1963 के टोक्यो समझौते के अनुसार यह नियम विदेशी एयरलाइंस पर भी लागू होगा।
नागर विमानन राज्यमंत्री जयंत सिन्हा ने कहा कि नए नियम सभी संबंधित पक्षों से व्यापक बातचीत के बाद तैयार किए गए हैं, इनका उद्देश्य हवाईयात्रा के दौरान यात्रियों, विमान चालक दल और एयरलाइन के हितों की सुरक्षा करना है। उन्होंने कहा कि नए नियमों में अभद्र व्यवहार के तीन स्तर परिभाषित किए गए हैं, पहला-जिसमें मौखिक अभद्रता शामिल है, इसमें 3 महीने तक के प्रतिबंध का प्रावधान है, दूसरा स्तर शारीरिक रूपसे भी अभद्रता शामिल है, जिसके लिए 6 महीने का प्रतिबंध लगाया जा सकता है, तीसरा स्तर जीवन को जोखिम में डालने वाली अभद्रता है, जिसके लिए कम से कम 2 वर्ष का प्रतिबंध रहेगा। अभद्रता की शिकायत पायलट-इन-कमांड के पास दर्ज कराई जाएगी, जिसकी जांच विमान कंपनी की एक आंतरिक समिति करेगी। इस समिति के अध्यक्ष एक सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश होंगे और इसमें विमान कंपनियों, यात्री संगठनों, उपभोक्ता संगठनों के प्रतिनिधि और जिला उपभोक्ता परिषद के सेवानिवृत्त अधिकारी भी शामिल होंगे।
संशोधित नियमों के मुताबिक समिति को 30 दिन में फैसला लेना होगा और यात्री पर प्रतिबंध की अवधि तय करनी होगी। जांच पर फैसला आने की पहले की अवधि के दौरान संबंधित एयरलाइन उस यात्री के उड़ान भरने पर रोक लगा सकेगी और अभद्रता की पुनरावृत्ति पर दंड की अवधि पहले से दुगुनी हो जाएगी। एयलाइंस को यह सूची साझा करनी होगी और यह डीजीसीए की वेबसाइट पर भी उपलब्ध होगी, लेकिन दूसरी विमान कंपनियां इसे मानने के लिए बाध्य नहीं होंगी। इस सूची में दो तरह के यात्री होंगे, पहला-जिन्हें अवधि विशेष के लिए प्रतिबंधित किया गया है और दूसरा-जिन्हें गृह मंत्रालय के मुताबिक राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा माना गया है। दूसरी सूची वेबसाइट पर जारी नहीं की जाएगी। संशोधित नियमों में प्रतिबंध के खिलाफ अपील का भी प्रावधान है। पीड़ित व्यक्ति (जिसमें गृह मंत्रालय से प्रतिबंधित व्यक्ति शामिल नहीं हैं), प्रतिबंध के 60 दिन के अंदर नागर विमानन मंत्रालय में अपीलीय अधिकरण के सामने अपील दाखिल कर सकेंगे, इस समिति में उपभोक्ता समूहों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।

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