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'स्वास्‍थ्य सेवाओं में डिजिटल प्रौद्योगिकी अपनाएं'

मेडिकल टेक्नोलॉजी शेपिंग यूनिवर्सल हेल्थकेयर पर सम्मेलन

देश की स्वास्‍थ्य सेवाओं के कई अधिनियम ऑनलाइन

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Friday 8 September 2017 05:17:49 AM

medical technology shaping universal healthcare

नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने कॉंफेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स के 'मेडिकल टेक्नोलॉजी शेपिंग यूनिवर्सल हेल्थकेयर' विषय पर नई दिल्ली में 10वें चिकित्सा प्रौद्योगिकी सम्मेलन का उद्घाटन किया और कहा कि डिजिटल प्रौद्योगिकी व्यापक रूपसे स्वास्थ्य देखभाल लागत को कम करने में मदद कर सकती है, लेकिन हमें कम लागत वाली नई और बेहतर प्रौद्योगिकी में निवेश सुनिश्चित करने की ज़रूरत है। अनुप्रिया पटेल ने कहा कि सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र में डिजिटल प्रौद्योगिकी का दायरा, सेवा वितरण से काफी अधिक हो गया है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय सतत विकास लक्ष्य के समतुल्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 पर प्रकाश डालने वाले लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकी के फायदों को अपनाने की दिशा में पहले से ही बढ़-चढ़कर कार्य कर रहा है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, स्वास्थ्य अवसंरचना संबंधी आंकड़े एकत्र एवं संगठित करने के लिए पहले से ही देशभर में वेब आधारित स्वास्थ्य प्रबंधन सूचना प्रणाली का इस्तेमाल कर रहा है। अनुप्रिया पटेल ने बताया कि स्वास्थ्य बीमा वितरण, जन्म और मृत्यु जैसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सांख्यिकी पंजीकरण, भौगोलिक स्थिति निर्धारण प्रणाली के जरिए मोबाइल मेडिकल यूनिट्स की निगरानी, पूर्व गर्भाधान और प्रसव पूर्व निदान तकनीक लिंग चयन प्रतिषेध अधिनियम 2003 आदि कुछ अन्य अधिनियम हैं, जिन्हें ऑनलाइन किया जा रहा है, ताकि कार्यांवयन, प्रगतिशील तरीके से लागत कम करना और सबसे महत्वपूर्ण जवाबदेही एवं पारदर्शिता को बढ़ाया जा सके। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार भारत को चिकित्सा उपकरणों का हब बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, क्योंकि हमारा चिकित्सा प्रौद्योगिकी उद्योग तेज़ी से बढ़ रहा है और वर्ष 2022 में इसके 14 बिलियन अमरीकी डॉलर पर पहुंचने की उम्मीद है, जबकि इस समय यह आंकड़ा 4.5 बिलियन अमरीकी डॉलर है।
अनुप्रिया पटेल ने कहा कि हमारी सरकार चिकित्सा उपकरण नियम 2017 को अधिसूचित कर चुकी है और हम देशभर में चिकित्सा उकरणों के व्यापक नियमन के लिए चिकित्सा उपकरण विनियमन विधेयक को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में हैं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित मानव संसाधन की इस आवश्यकता का समर्थन करने के लिए अहमदाबाद में राष्ट्रीय औषधी शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान ने कुशल कर्मचारियों के विकास के लिए राष्ट्रीय चिकित्सा उपकरण केंद्र स्थापित करने की पहल को अनिवार्य किया है। कार्यक्रम में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सहित चिकित्सा प्रौद्योगिकी उद्योग के सदस्य, छोटे-बड़े व्यावसायिक संगठनों के व्यावसायिक प्रतिनिधि, इस क्षेत्र से जुड़े विभिन्न उपभोक्ता एवं नागरिक संगठन, अंतरराष्ट्रीय संगठन और विकास सहयोगी, संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ और केंद्र एवं राज्य सरकारों के संबंधित मंत्रालयों के सरकारी अधिकारी और हितधारक मौजूद थे।

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