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'बच्चों को बताएं कि अंग्रेजों ने कैसे भारत छोड़ा'

नए भारत के निर्माण का संकल्प पर प्रदर्शनी सह संगोष्ठी

लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने किया उद्घाटन

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Saturday 2 September 2017 02:45:04 AM

sumitra mahajan visiting after inaugurating the exhibition-cum-seminar

नई दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने 'नए भारत के निर्माण का संकल्प' नाम की प्रदर्शनी सह संगोष्ठी का उद्घाटन किया। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि यह कार्यक्रम सिर्फ एक प्रदर्शनी नहीं है, बल्कि यह एक संकल्प है, अपने संकल्प की वजह से ही भारत छोड़ो आंदोलन के शुरू होने के बाद मात्र 5 वर्ष में ही देश ने स्वतंत्रता हासिल कर ली थी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक स्वतंत्रता सेनानी ने स्वतंत्रता संग्राम की लड़ाई अलग-अलग तरीके से लड़ी थी। उन्होंने कहा कि लोकसभा में सभी दलों ने अगले 5 वर्ष में नए भारत का निर्माण करने का संकल्प लिया है और यह प्रदर्शनी बच्चों के लिए है, जो देश का भविष्य हैं, इसका उद्देश्‍य है कि बच्‍चे देश की समृद्ध परंपराओं के बारे में जानें, त‌ाकि वे नए भारत का बेहतर तरीके से निर्माण कर सकें।
संकल्प प्रदर्शनी में संसदीयकार्य राज्यमंत्री मुख्तार अब्बास नक़वी भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि अगस्त क्रांति आंदोलन में शामिल बहुत कम लोग आज जीवित हैं, इस संदर्भ में हमारे बच्चों के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि हमें किस तरह स्वतंत्रता मिली है, इस प्रकार के कार्यक्रमों से बच्‍चों को स्वतंत्रता संग्राम के बारे में जानकारी मिलेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार देश को भ्रष्टाचार, ग़रीबी, गंदगी, सांप्रदायिकता आतंकवाद और जातिवाद से मुक्त करने के लिए हर किसी को संकल्प से सिद्धि से जोड़ने का प्रयास कर रही है, हमने 2022 तक नया भारत बनाने का संकल्‍प लिया है। उन्होंने कहा कि भारत छोड़ो आंदोलन के 75 वर्ष और 2022 में स्‍वतंत्रता के 75 वर्ष का स्‍मरणोत्‍सव मनाने के लिए संसदीय कार्य मंत्रालय केंद्रीय सार्वजिनक क्षेत्र की इकाईयों के साथ सहयोग कर देशभर में 39 स्थानों पर 'नया भारत-करके रहेंगे' या 'नए भारत के निर्माण का संकल्‍प' विषय पर प्रदर्शनी-सह-संगोष्ठी के आयोजन कर रहा है।
मुख्तार अब्बास नक़वी ने कहा कि ये प्रदर्शनियां 1857 से 1947 तक के देश के स्वतंत्रता आंदोलनों पर केंद्रित होंगी, जिनमें ब्रिटिश शासन से स्वतंत्रता हासिल करने के लिए किए गए विभिन्न आंदोलन-1857 का पहला स्वतंत्रता संग्राम, चंपारण सत्याग्रह, असहयोग आंदोलन, दांडी यात्रा और भारत छोड़ो आंदोलन दर्शाए जाएंगे। राज्यमंत्री ने कहा कि प्रदर्शनी में 1942 से 1947 तक की पांच वर्ष की अवधि के बारे में बताया जाएगा कि कैसे अंग्रेजी शासन से स्वतंत्रता हासिल करने की लड़ाई में पूरे देश में परिवर्तन आ गया था। उन्होंने कहा कि अंत में 2017 से 2022 तक के नए भारत के विचार को प्रदर्शित किया जाएगा, जब देश की स्‍वतंत्रता के 75 वर्ष की वर्षगांठ मनाई जाएगी। वर्ष 2017 से 2022 तक की पांच वर्ष की अवधि में संकल्प से सिद्धि नए भारत के निर्माण के लिए असाधारण अवसर उपलब्ध कराएगा। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश को भ्रष्टाचार, ग़रीबी, गंदगी, सांप्रदायिकता, आतंकवाद और जातिवाद से मुक्त कराने का संकल्प लेने के जन आंदोलन के अनुरूप है। इस अवसर पर संसदीयकार्य मंत्रालय में सचिव राजीव यादव भी मौजूद थे।

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