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दिल्ली में डिजिटल पुलिस पोर्टल की शुरूआत

सीसीटीएनएस परियोजना के कार्यांवयन में तेज़ी-गृहमंत्री

हितधारक ऑनलाइन प्राथमिकी दर्ज कर सकेंगे

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Tuesday 22 August 2017 06:05:50 AM

rajnath singh launching the digital police portal under the cctns project

नई दिल्ली। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि गृह मंत्रालय आपराधिक न्याय प्रणाली के पुलिस, न्यायालय, जेल, अभियोजन, फोरेंसिक प्रयोगशालाएं, फिंगर प्रिंट्स और किशोर गृह सहित विभिन्न अंगों को क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रेकिंग नेटवर्क एंड सिस्‍ट्स डेटाबेस के साथ जोड़ने के लिए कदम उठाएगा। सीसीटीएनएस परियोजना के अंतर्गत डिजिटल पुलिस पोर्टल शुरू करते हुए गृहमंत्री ने कहा कि यह इंटरऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्‍टम नीति निर्धारकों सहित समस्‍त हितधारकों के लिए उपयोगी संसाधन साबित होगा।
गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि डिजिटल पुलिस पोर्टल नागरिकों को ऑनलाइन प्राथमिकी दर्ज करने में सक्षम बनाएगा और यह पोर्टल शुरूआत में 34 राज्‍यों और संघशासित प्रदेशों में कर्मचारियों, किरायेदारों, नर्सों आदि के पते का सत्‍यापन, सार्वजनिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए मंजूरी, खोई या पाई वस्‍तुएं और वाहन चोरी आदि जैसी सात सार्वजनिक सेवाओं की पेशकश करेगा, इसके अलावा यह पोर्टल कानून प्रवर्तन एजेंसियों को पूर्ववर्ती सत्‍यापन और प्राथमिकियों का आंकलन करने जैसे विषयों के लिए सीमित पहुंच प्रदान करेगा। राजनाथ सिंह ने कहा कि इस समय सीसीटीएनएस परियोजना के अंतर्गत शामिल 15,398 पुलिस स्‍टेशनों में से 14,284 पुलिस स्‍टेशन सीसीटीएनएस सॉफ्टवेयर का इस्‍तेमाल कर रहे हैं, इन 14,284 पुलिस स्‍टेशनों में से 13,775 पुलिस स्‍टेशनों में इस सॉफ्टवेयर के अंतर्गत 100 प्रतिशत प्राथमिकियां दर्ज हो रही हैं।
केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सभी राज्‍यों में सीसीटीएनएस परियोजना के कार्यांवयन की रफ्तार संतोषजनक है। उन्‍होंने कहा कि देशभर के 15,398 पुलिस स्‍टेशनों में से 13,439 पुलिस स्‍टेशनों में कनेक्टिविटी उपलब्‍ध है। उन्‍होंने बताया कि 36 राज्‍यों और संघशासित प्रदेशों में से 35 राज्‍य और संघशासित प्रदेश सात करोड़ रिकॉर्ड वाले सीसीटीएनएस डेटाबेस साझा कर रहे हैं, जिसमें 2.5 करोड़ प्राथमिकियां शामिल हैं। राजनाथ सिंह ने कहा कि गृह मंत्रालय ने 1,450 करोड़ रुपए की राशि जारी की है, जिसमें से राज्‍यों और संघशासित प्रदेश 1086 करोड़ रुपए की राशि खर्च कर चुके हैं। गृहमंत्री ने कहा कि सीसीटीएनएस पोर्टल देशभर में कहीं से भी किसी भी अपराधी के पूरे इतिहास का ब्‍यौरा जांचकर्ता को उपलब्‍ध कराएगा। उन्‍होंने कहा कि ये सॉफ्टवेयर गूगल जैसे उन्‍नत सर्च इंजन और विश्‍लेषणात्‍मक रिपोर्टों की पेशकश करता है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि यह पोर्टल 11 प्रकार की जांच तथा 44 प्रकार की रिपोर्ट्स उपलब्‍ध कराता है। केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि ने कहा कि सीसीटीएनएस पोर्टल आपराधिक न्‍याय व्‍यवस्‍था की रीड़ बनेगा और आगे चलकर इस डेटाबेस को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के वाहनों के पंजीकरण संबंधी डेटाबेस से जोड़ा जाएगा। गृह मंत्रालय के ओएसडी राजीव गाबा ने कहा कि सीसीटीएनएस पोर्टल देश में बड़ा परितर्वन लाने वाला फोर्स मल्‍टीप्‍लायर साबित होगा और पुलिस के कार्यों में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा। इस अवसर पर गृह राज्‍यमंत्री हंसराज गंगाराम अहीर और किरेन रिजीजू, गुप्‍तचर ब्‍यूरो के निदेशक राजीव जैन, सीएपीएफ के महानिदेशक और गृह मंत्रालय तथा एनआईसी के वरिष्‍ठ अधिकारी मौजूद थे।

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