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उप राष्‍ट्रपति निर्वाचित हुए वेंकैया नायडू!

सम्मानजनक विजय पर सभी का आभार प्रदर्शन

एम वेंकैया नायडू को विजय की शुभकामनाएं

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Saturday 5 August 2017 12:04:10 PM

vp m venkaiah naidu

नई दिल्ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविद, उप राष्‍ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के नवनिर्वाचित उप राष्‍ट्रपति एम वेंकैया नायडू को अगला उप राष्‍ट्रपति चुने जाने पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। आज उप राष्‍ट्रपति का चुनाव हुआ और आज शाम ही परिणाम भी घोषित किया गया, जिसमें उप राष्‍ट्रपति पद के भाजपा गठबंधन एनडीए के उम्मीदवार एम वेंकैया नायडू ने अपने प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस गठबंधन यूपीए के प्रत्याशी गोपालकृष्‍ण गांधी को बड़े अंतर से पराजित किया। उप राष्‍ट्रपति चुने जाने के बाद टेलीफोन पर बातचीत में मोहम्मद हामिद अंसारी ने वेंकैया नायडू को भारत के उप राष्‍ट्रपति और राज्‍यसभा के सभापति के रूप में नई भूमिका के लिए शुभकामनाएं दी। उल्लेखनीय है कि गोपालकृष्‍ण गांधी की पहचान राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के पौत्र हैं, जबकि वेंकैया नायडू राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पृष्ठभूमि के साथ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, एनडीए सरकार में वरिष्ठ मंत्री और भाजपा के अग्रिम पंक्ति के नेताओं में शुमार रहे हैं। उप राष्‍ट्रपति के चुनाव में वेंकैया नायडू को 516 वोट मिले और गोपालकृष्‍ण गांधी को 244 वोट प्राप्त हुए।
एम वेंकैया नायडू को बधाईयां देने वालों का तांता लगा है। कांग्रेस गठबंधन यूपीए के प्रत्याशी गोपालकृष्‍ण गांधी स्वयं एम वेंकैया नायडू को उनकी जीत पर बधाई देने आगे आए। एम वेंकैया नायडू को लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री और यूपी भाजपा के अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य, उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा, उत्तर प्रदेश के संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना, वरिष्ठ मंत्री सत्यदेव पचौरी, उत्तर प्रदेश के सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह, राज्यों के राज्यपालों और मुख्यमंत्रियों और अनेक राजनेताओं ने बधाईयां दी हैं। एम वेंकैया नायडू आरएसएस के दूसरे नेता हैं जो उप राष्‍ट्रपति चुने गए हैं, इनसे पूर्व आरएसएस की ही पृष्ठभूमि के भाजपा नेता भैरों सिंह शेखावत भी देश के उप राष्‍ट्रपति हुए हैं। देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविद भी आरएसएस की ही पृष्ठभूमि के हैं। एम वेंकैया नायडू आंध्रप्रदेश के रहने वाले हैं, जहां उनके भारत का उप राष्ट्रपति निर्वाचित होने पर जोर-शोर से जश्न मनाया जा रहा है।
उपराष्ट्रपति पद का चुनाव जीतने के बाद एम वेंकैया नायडू ने कहा कि राज्यसभा के सभापति के रूप में मैं निर्भय और निष्पक्ष होकर सदन का कामकाज संचालित करने की ईमानदार कोशिश करूंगा, मैं सदन के कामकाज के नियमों और संकल्पों के अनुसार काम करूंगा और सभी सदस्यों के सहयोग से सदन की मर्यादा को बनाए रखूंगा। उन्होंने कहा कि वह इस बात की कोशिश करेंगे कि ऊपरी सदन का हर सदस्य देश के सामने खड़े मुद्दों को सुलझाने की दिशा में अर्थपूर्ण योगदान करे। वेंकैया नायडू 10 अगस्त को विधिवत मोहम्मद हामिद अंसारी का स्थान लेंगे। वेंकैया नायडू ने कहा कि वह खासतौर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और अन्य कई पार्टियों के नेताओं के आभारी हैं, जिन्होंने उन्हें यह जिम्मेदारी देने का विचार किया। वेंकैया नायडू ने कहा कि वह इस बात से अभिभूत हैं कि एक आम आदमी को यह सम्मान प्राप्त हुआ है, क्योंकि मेरी जड़ें एक सामान्य किसान परिवार में हैं। उन्होंने कहा कि यह हमारे संसदीय लोकतंत्र की सुंदरता और क्षमता की बात है, संसद हमारी लोकतांत्रिक राजनीति का सर्वोच्च मंच है, जो जनजीवन की बेहतरी के लिए आवश्यक विधायी उपायों के जरिए हमारे देश के सामाजिक और आर्थिक विकास को सुनिश्चित करने के लिए है।
उपराष्ट्रपति के चुनाव में 14 सांसद उपस्थित नहीं थे, जिसमें बीजेपी, कांग्रेस और भारतीय संघ मुस्लिम लीग के दो-दो सांसद शामिल हैं, बाकी टीएमसी के चार, एनसीपी के एक और पीएमके के दो सांसद वोट देने नहीं आए, दो स्वतंत्र सांसद भी वोटिंग देने नहीं पहुंचे। बीजेपी के विजय गोयल और सांवरलाल जाट ने वोट नहीं डाला, टीएमसी के तापस पॉल, प्रतिमा मोंडल और अभिषेक बनर्जी ने भी वोट नहीं डाला। कांग्रेस के मौसम नूर और राणे नाराह ने वोट नहीं डाला। एनसीपी के राजे भोंसले वहीं पीएमके के अंबुमानी रमादास ने वोट नहीं डाला। भारतीय संघ मुस्लिम लीग के अब्दुल वहाब और पीके कुंघनकुट्टी ने वोट नहीं डाला। अनु आघा और नाबा कुमार ने भी वोट नहीं दिया। उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी का कार्यकाल 10 अगस्त को समाप्त हो रहा है। वह लगातार दो बार से इस पद पर हैं। राज्यसभा के पदेन सभापति एवं देश के उपराष्ट्रपति के चुनाव में मतदान का अधिकार संसद के दोनों सदनों के निर्वाचित तथा नामित सदस्यों को होता है। दोनों सदनों में सदस्यों की कुल संख्या 790 है।

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