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मृत्यु पंजीकरण पर आधार संख्या जरूरी

झूंठी सूचना पाए जाने पर होगी कड़ी कार्रवाई

1 अक्टूबर 2017 से आधार संख्या अनिवार्य

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Saturday 5 August 2017 06:21:45 AM

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नई दिल्ली। किसी व्यक्ति की मृत्यु पर मृतक के परिजन के लिए मृत्यु का पंजीकरण कराने के लिए 1 अक्टूबर 2017 से आधार संख्या की भी अनिवार्य रूपसे जरूरत होगी। भारत के महापंजीयक ने एक अधिसूचना में कहा है कि मृत्यु प्रमाण पत्र के आवेदन के समय आधार के प्रयोग से मृतक के बारे में उसके परिजन से सटीक जानकारी मिल सकेगी, इससे तब और बाद में पहचान संबंधी धोखाधड़ी पर भी लगाम लगेगी। आधार संख्या मृतक की पहचान से जुड़ी जानकारियों को प्राप्त करने में भी मददगार साबित होगी, साथ ही मृतक की पहचान के लिए कई दस्तावेजों को पेश करने की अनिवार्यता से भी छुटकारा मिल सकेगा।
केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन भारत के महापंजीयक ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के संबंधित विभागों को जन्म और मृत्यु का पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं और इस बारे में 1 सितंबर 2017 तक इस बारे में उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी देने को कहा है। जम्मू-कश्मीर, असम और मेघालय के लिए उपरोक्त प्रावधान लागू होने की दिनांक अलग से घोषित की जाएगी, बाकी सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ये प्रावधान 1 अक्टूबर 2017 से ही तत्काल प्रभाव से लागू होंगे।
मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करने वाले आवेदकों को मृतक की आधार कार्ड संख्या बतानी होगी, साथ ही मृत्यु प्रमाण पत्र के आवेदन में अन्य जानकारियां भी भरनी होंगी, ताकि मृतक की पहचान की जा सके। अगर किसी आवेदक के पास मृतक की आधार या पंजीकरण संख्या नहीं है तो उसे मृतक की आधार संख्या ज्ञात न होने का एक शपथ पत्र देना होगा। अगर आवेदक गलत जानकारी देता है तो उस पर आधार अधिनियम 2016 और जन्म एवं मृत्यु अधिनियम 1969 के तहत कड़ी कार्रवाई होगी।

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