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बीपीएल समुदाय के लिए आधार सेवाएं

आधार सेवाओं में ग्रामीण उद्यमियों की सराहनीय पहल

भ्रष्‍टाचार मिटाने में आधार प्रभावी-सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Thursday 13 July 2017 01:33:39 AM

workshop on aadhaar services-an extraordinary initiative by csc

नई दिल्ली। सामान्‍य सेवा केंद्रों के माध्‍यम से देश के ग़रीब और वंचित समुदायों को आधार सेवाएं उपलब्‍ध कराने के लिए ग्रामीण स्‍तर के उद्यमियों को उसके प्रभाव और प्रगति की जानकारी देने के लिए सीएससी एसपीवी ने ‘सीएससी के जरिए आधार सेवाएं-एक असाधारण पहल’ विषय पर कार्यशाला आयोजित की, जिसका केंद्रीय इलेक्‍ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिकी तथा वि‍धि एवं न्‍यायमंत्री रविशंकर प्रसाद ने इंडिया हेबिटेट सेंटर नई दिल्‍ली में उद्घाटन किया। उन्‍होंने जमीनी स्‍तर पर महत्‍वपूर्ण सेवाएं उपलब्‍ध कराने में उद्यमशील ग्रामीण स्‍तर के उद्यमियों के प्रयासों की सराहना की।
आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि मुझे सीएससी वीएलई से काफी उम्‍मीद है, हमारे वीएलई भारत में परिवर्तन लाने वाले हैं, सीएससी ने देश के दस लाख लोगों को रोज़गार दिया है, मुझे विश्‍वास है कि भविष्‍य में एक करोड़ लोग सीएससी में कार्य करेंगे। सरकारी अभियानों के अंतर्गत नागरिकों को जागरूक बनाने में वीएलई की क्षमता को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि मुझे यह जानकार प्रसन्‍नता हुई है कि नगदी रहित अभियान में वीएलई ने दो करोड़ लोगों को प्रशिक्षित किया है। उन्‍होंने कहा कि हाल ही में केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्‍मृति ईरानी ने हथकरघा उत्‍पादों के विस्‍तार के लिए वीएलई का सहयोग मांगा था, सरकार के सभी विभाग अपनी सेवाओं के लिए वीएलई को शामिल करना चाहते हैं। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि आधार भ्रष्‍टाचार मिटाने में प्रभावी उपाय है, हमने भ्रष्‍टाचार समाप्‍त कर 50,000 करोड़ रुपए की बचत की है।
रविशंकर प्रसाद ने आशा व्‍यक्‍त की कि समय-समय पर वीएलई आगे आएंगे और देश को भ्रष्‍टाचार मुक्‍त करने में सरकार की मदद करेंगे। इलेक्‍ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में सचिव अजय प्रकाश साहनी ने कहा कि सरकार के समर्थन विशेष रूपसे आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद के सहयोग से सीएससी अभियान को नई पहचान मिली है, मुझे यह जानकर प्रसन्‍नता हुई है कि आधार की यात्रा में सीएससी ने महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाई है। कार्यशाला में उत्‍तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्‍थान, मध्‍य प्रदेश, पंजाब और हिमाचल प्रदेश के लगभग 600 वीएलई ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर इलेक्‍ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, यूआईडीएआई, उर्वरक विभाग तथा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के वरिष्‍ठ अधिकारी भी शामिल हुए।

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