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कामगारों को गुणवत्तापरक सामाजिक सुरक्षा

ईएसआईसी व डीजीएफएएसएलआई में हुआ समझौता

समझौता तीन वर्ष की अवधि तक रहेगा प्रभावी

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Wednesday 12 July 2017 12:06:34 AM

bandaru dattatreya witnessing the exchange of a memorandum

नई दिल्ली। केंद्रीय श्रम एवं रोज़गार राज्‍यमंत्री बंडारू दत्‍तात्रेय की उपस्थिति में नई दिल्‍ली में एक कार्यक्रम के दौरान पेशे संबंधी स्‍वास्‍थ्‍य और चोट तथा बीमारी से बचाव पर सहयोग के लिए ईएसआईसी तथा कारखाना सलाह सेवा और श्रम संस्‍थान महानिदेशालय के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर किए गए। बंडारू दत्‍तात्रेय ने इस अवसर पर कहा कि मंत्रालय देशभर के कामगारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, एमओयू से कार्यस्‍थल पर स्‍वस्‍थ माहौल, बीमारी या चोट के खतरे को कम करने और कामगारों के लिए गुणवत्‍तापरक जीवन उपलब्‍ध कराने के बारे में जागरूकता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
रोज़गार राज्‍यमंत्री बंडारू दत्‍तात्रेय ने कहा कि एमओयू का मकसद आपसी सहयोग स्‍थापित करना है, जिससे कामगारों के पेशे संबंधी स्‍वास्‍थ्‍य देखभाल और कार्य से जुड़ी चोटों तथा बीमारियों को कम किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि औपचारिक और अनौपचारिक क्षेत्रों में कार्यस्‍थल के जोखिम भरे वातावरण पर विशेष ध्‍यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि फरीदाबाद में क्षेत्रीय श्रम संस्‍थान में ‘डीजीएफएएसएलआई-ईएसआईसी पेशे संबंध स्‍वास्‍थ्‍य प्रशिक्षण, अनुसंधान और विकास केंद्र’ स्‍थापित कर मुख्‍य रूपसे पेशे संबंधी स्‍वास्‍थ्‍य पर ध्‍यान केंद्रित किया जाएगा, इसके बाद मुंबई, चेन्‍नई, कोलकाता और कानपुर में अन्‍य संस्‍थानों में ऐसे केंद्र खोले जाएंगे।
बंडारू दत्‍तात्रेय ने कहा कि सहयोग का उद्देश्‍य संयुक्‍त वैज्ञानिक अनुसंधान के जरिए कामगारों के जीवन में गुणवत्‍तापरक सुधार लाना है, जिसके अंतर्गत आर्थिक गतिविधि के सभी क्षेत्रों में ओएसएच चुनौतियों का आकलन, एस्बेस्टोसिस, सिलिकोसिस और अन्य पेशे संबंधी रोगों की रोकथाम और नियंत्रण के लिए विशेष गतिविधियां और विभिन्न लक्ष्य समूहों के लिए प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार करना शामिल है। यह समझौता ज्ञापन तीन वर्ष की अवधि तक प्रभावी रहेगा।

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