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देवर्षि नारद जयंती पर पत्रकारों को नसीहतें

तकनीकी विकास हुआ तो मीडिया का नैतिक पतन भी

विश्व संवाद केंद्र लखनऊ में देवर्षि नारद जयंती

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Sunday 14 May 2017 03:48:34 AM

devshi narada jayanti

लखनऊ। आद्य पत्रकार देवर्षि नारद जयंती आयोजन समिति ने विश्व संवाद केंद्र लखनऊ में देवर्षि नारद जयंती का आयोजन किया, जिसमें पत्रकारिता पर व्याख्यान हुए और पत्रकारों को सम्मानित किया गया। दैनिक जागरण लखनऊ के संपादक आशुतोष शुक्ल आयोजन के मुख्य वक्ता थे, जिन्होंने अपने संबोधन में कहा कि पत्रकार की पहली जिम्मेदारी अपने पत्रकारिता धर्म और सनातन संस्कृति की रक्षा करना है, यह सनातन संस्कृति ही है जो समाज को कुरीतियों से लड़ने की ताकत देती है। उन्होंने कहा कि समाज में जब-जब कुरीतियां बढ़ी हैं, तब-तब पृथ्वी पर बुद्ध, दयानंद, राम मोहन राय और अम्बेडकर जैसे महापुरुषों ने जन्म लिया है और उन्होंने समाज को संस्कारपूर्ण और आदर्शपूर्ण दिशा दी। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति बहता हुआ पानी है, हमारी संस्कृति कहने, बोलने और शास्त्रार्थ करने की शक्ति देती है।
आशुतोष शुक्ल ने कहा कि हमें अपने इतिहास को ठीक से देखना होगा, हमें जो इतिहास पढ़ाया और दिखाया गया है, वह एक विचारधारा से प्रभावित था, उस विचार ने हमें इस्लाम से पहले के इतिहास को देखने ही नहीं दिया है, यही लोग भारतीय विचारधारा, उसकी ऐतिहासिक और महान संस्कृति पर हमला कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश में नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद से एक द्वंद्व चल रहा है, जो भारतीय विचार के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि भारतीय विचार और भारतीय संस्कृति अत्यधिक प्रबल रही है, जिससे देश की सनातन मान्यताओं और परंपराओं को कोई नष्ट नहीं कर सका। आशुतोष शुक्ल ने पत्रकार और पत्रकारिता पर बहुत सटीक बातें कहीं। उन्होंने कहा कि पत्रकार अपने जज्बे से बनता है, कोई भी पत्रकार ज़बरदस्ती नहीं बनाया जा सकता और वह पत्रकार तभी बनेगा, जब उसमें पत्रकार बनने के स्वाभाविक गुण होंगे।
आशुतोष शुक्ल ने कहा कि सूचना क्षेत्र के लिए यह बड़ा कठिन समय है। उन्होंने कहा कि जो सूचना आज मोबाइल पर प्राप्त हो रही है, जरूरी नहीं कि वह सही भी हो, इसलिए नए संचार माध्यमों से आ रही सूचनाओं को अपने विवेक पर तोलना जरूरी हो गया है। आयोजन के मुख्य अतिथि और एपीजे अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति विनय पाठक ने कहा कि आज समाज कई गंभीर प्रश्नों का सामना कर रहा है और इन प्रश्नों का समाधान करने के लिए ही पत्रकारिता है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का तकनीकी विकास हुआ है, जो आज वेब और इलेक्ट्रानिक रूपमें हमारे सामने है, इससे ही पत्रकारिता में त्वरित टिप्पणीं देने की क्षमता विकसित हुई है। नारद जयंती कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यसभा सांसद रहे और वरिष्ठ पत्रकार राजनाथ सिंह सूर्य ने की। उन्होंने इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पत्रकार को नीर, क्षीर, विवेक से काम करना चाहिए, उसे अपने कर्तव्य पर ध्यान रखना चाहिए, अधिकार पर नहीं। उन्होंने कहा कि आज पत्रकारिता में तकनीकी विकास तो हुआ है, किंतु खेद है कि नैतिक ह्रास ज्यादा हुआ है।
नारद जयंती पर नौ पत्रकारों को स्मृति चिन्ह, अंगवस्त्र एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में रूमा सिन्हा दैनिक जागरण, भास्कर दुबे न्यूज़ टाइम्स, लालमणि वर्मा इंडियन एक्सप्रेस, पंकज झा एबीपी न्यूज़, मनोज राजन त्रिपाठी ई-टीवी, अखिलेश रस्तोगी न्यूज़ 18 नेटवर्क, दीपचंद्र राष्ट्रीय सहारा, ज्ञानेंद्र शुक्ल वरिष्ठ पत्रकार, नीरज भारती आजतक शामिल हैं। समारोह में प्रचारक राजेंद्र कुमार ने विश्व संवाद केंद्र का परिचय प्रस्तुत किया। न्यूज़ टाइम्स नेटवर्क के सम्पादक सौरभ मिश्र ने नारद जयंती के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के संयोजक सर्वेश कुमार सिंह ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया। विश्व संवाद केंद्र के कोषाध्यक्ष रामनिवास जैन, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक कौशलजी, सह प्रांत प्रचारक रमेशजी, अवध प्रांत के सह प्रचार प्रमुख अरविंदजी एवं दिवाकर अवस्थी, उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश कटियार, वरिष्ठ पत्रकार नंदकिशोर श्रीवास्तव, राष्ट्रधर्म प्रकाशन के निदेशक सर्वेश चंद्र द्विवेदी, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी हरीशचंद्र श्रीवास्तव, भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता शलभमणि त्रिपाठी, लखनऊ विश्वविद्यालय की प्रवक्ता प्रोफेसर अलका मिश्रा, वरिष्ठ पत्रकार राजीव वाजपेयी, दिनेश पाठक, नीरज श्रीवास्तव, श्रीधर अग्निहोत्री, सुशील सहाय कार्यक्रम के सह संयोजक अभिषेक आदि पत्रकार उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार राधेश्याम दीक्षित ने किया।

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