स्वतंत्र आवाज़
word map

अनंत भटनागर के कविता संग्रह का लोकार्पण

सरल अभिव्यक्ति कौशल अत्यंत कठिन कार्य-विष्णु नागर

कविता संग्रह में शामिल कंटेंट की जोरदार सराहना हुई

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Saturday 13 May 2017 01:42:00 AM

anant bhatnagar's opening ceremony of poetry collection

अजमेर। विख्यात कवि, कथाकार, पत्रकार और व्यंग्यकार विष्णु नागर ने कहा है कि यह आवश्यक नहीं है कि जो आसानी से समझ आ जाए वह अच्छी और जो समझना जटिल हो वह खराब कविता है या इसके विपरीत भी, जो कविता समय की जटिलता को समेटती है, वो कविता है, कहने का मतलब यह है कि सामाजिक परिवर्तनों को रेखांकित करना ही कविकर्म है। विष्‍णु नागर कवि, शिक्षाविद् और सामाजिक कार्यकर्ता डॉ अनंत भटनागर के नए काव्य-संग्रह 'वह लड़की जो मोटरसाइकिल चलाती है' के लोकार्पण समारोह में मुख्य अतिथि थे, जिसमें उन्होंने ये विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर नगर के अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
सूचना केंद्र अजमेर में हुए इस कार्यक्रम में विष्णु नागर ने कहा कि संग्रह की कविताएं सामाजिक चेतना से संबद्ध हैं और समझने में भी सरल हैं। उन्होंने कहा कि सरल अभिव्यक्ति कौशल अत्यंत कठिन कार्य है। समारोह में विशिष्ट अतिथि और युवा आलोचक डॉ पल्लव ने कविता के सामाजिक सरोकारों पर प्रकाश डाला और कहा कि अनंत भटनागर की काव्य चेतना पर जन आंदोलनों का स्पष्ट प्रभाव दिखाई देता है। अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए प्रतिष्ठित कवि एवं स्तंभकार प्रेमचंद गांधी ने कहा कि इस संग्रह की कविताएं नए तेवर और प्रभावी शब्दावली को लिए हुए हैं। चित्तौड़गढ़ से आए डॉ राजेश चौधरी और वरिष्ठ काव्य आलोचक डॉ बीना शर्मा ने पुस्तक पर विस्तृत आलेख पढ़ते हुए कहा कि वर्तमान की स्थितियों पर केंद्रित होना इस संग्रह की विशेषता है। मोबाइल फोन, बाजार, नया साल और सेज में नई सभ्यता के उपादानों को समझने की कोशिश की गई है।
काव्य संग्रह के दूसरे खंड उम्र का चालीसवां में नितांत निजी अनुभूतियों के साथ रिश्तों में आते बदलाव को अभिव्यक्त करती हुई कविताएं हैं। शीर्षक कविता कथ्य में अनूठी और सच्चे स्त्री विमर्श की कविता है। डॉ रजनीश चारण, कालिंदनंदिनी शर्मा और दिव्या सिंहल ने अतिथियों का परिचय दिया। नगरनिगम उपायुक्त ज्योति ककवानी, शचि सिंह और वर्षा शर्मा ने संग्रह की चुनिंदा कविताओं का पाठ किया। समारोह में डॉ सीपी देवल, जीके माथुर, डॉ रश्मि भटनागर, राम जैसवाल, बख्शीश सिंह, रासबिहारी गौड़, गोपाल गर्ग, गोकुल प्रसाद शर्मा, संदीप पांडे, दीपक शर्मा, रश्मि जैन, डीएल त्रिपाठी, सोमरत्न आर्य, श्याम माथुर, सिस्टर गीता कैरोल, एचपी गौड़ ने साहित्यकारों का स्वागत किया। स्वागत उद्बोधन में नाटककार उमेश कुमार चौरसिया ने कृति को मानवीय संवेदनाओं की अभिव्यक्ति बताया। समारोह का संचालन गीतकार कवयित्री पूनम पांडे ने किया। डॉ बृजेश माथुर ने आभार अभिव्यक्त किया।

हिन्दी या अंग्रेजी [भाषा बदलने के लिए प्रेस F12]