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बाबासाहेब का संविधान जनतंत्र का प्राण-नाईक

महापुरुषों के नाम पर छुट्टियां नहीं कार्यक्रम होंगे-मुख्यमंत्री

अंबेडकर महासभा ने मनाई डॉ भीमराव अंबेडकर जयंती

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Saturday 15 April 2017 06:59:14 AM

ambedkar mahasabha lucknow celebrates the birth anniversary of ambedkar

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि सरकारें जनभावना के आधार पर काम करती हैं, जबकि उनको संविधान के निर्देश के अनुसार काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि संविधान को व्यवहार में लाना ही बाबासाहेब के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। राज्यपाल राम नाईक अंबेडकर महासभा लखनऊ के बाबासाहेब डॉ भीमराव अंबेडकर जयंती कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल, उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री रीता बहुगुणा जोशी, स्वामी प्रसाद मौर्य और विशिष्टजन उपस्थित थे। इससे पूर्व राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने बाबासाहेब के चित्र और प्रतिमा पर पुष्प चढ़ाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। राज्यपाल राम नाईक ने बाबासाहेब के जीवनवृत और उनसे जुड़ी कई महत्वपूर्ण घटनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।
राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि स्वतंत्र भारत को दिया गया बाबासाहेब का संविधान जनतंत्र का प्राण है। उन्होंने कहा कि संविधान केवल श्रद्धा व्यक्त करने के लिए नहीं है, बल्कि उसके प्राविधानों को सब तरफ अमल में लाने की जरूरत है, संविधान में हर मसले का हल है, बस उसको व्यवहार में लाने की आवश्यकता है। राज्यपाल ने विधानपरिषद के सदस्यों के नाम निर्देशन तथा नई विधानसभा में नेता विरोधी दल के संदर्भ में अपने निर्णय का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि बाबासाहेब के संविधान में इसका प्राविधान न होता तो पद की जिम्मेदारी निर्वहन करने में बाधा आ सकती थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मौके पर कहा है कि बाबासाहेब डॉ भीमराव अंबेडकर राष्ट्र की कीमत पर राजनीति के विरोधी थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबासाहेब को संविधान के शिल्पी के रूप में जाना जाता है, जिन्होंने सबको सम्मानजनक जीवन जीने की राह प्रशस्त की है। उन्होंने कहा कि डॉ भीमराव अंबेडकर की प्रेरणा से समाज के वंचितों को आगे बढ़ाने का काम सार्थक हो रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाबासाहेब डॉ भीमराव अंबेडकर की जयंती पर भीम आधार मंच का शुभारंभ किया है, जिससे बाबासाहेब जन-जन से जुड़ गए हैं। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश में महापुरुषों के जन्मदिवस एवं पुण्यतिथियों पर अवकाश रद्द करने की घोषणा करते हुए कहा कि इस दिन छुट्टी नहीं होगी, बल्कि स्कूलों में उन महापुरुषों के बारे में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, ताकि वे अपने महापुरुषों के बारे में जान सकें, महापुरुषों की परंपरा और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान से बच्चे प्रेरणा प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि प्राथमिक विद्यालयों को बेहतर बनाने के लिए ग़रीब बच्चों को कापी-किताब, यूनीफार्म आदि दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ भारत, जनधन योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना आदि को पूरा करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार कटिबद्ध है, स्वच्छता अभियान के तहत व्यक्तिगत शौचालय का निर्माण किया जाएगा तथा खुले में शौच से मुक्ति के लिए पूरे प्रयास किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंबेडकर महासभा के अध्यक्ष के ज्ञापन पर विचार करने का आश्वासन दिया और आश्वस्त किया है कि उनकी सरकार में कोई भेदभाव या किसी के साथ अन्याय नहीं होगा, सरकार प्रदेश की 22 करोड़ जनता की सुरक्षा के लिए कृत संकल्प है, किसी को भी कानून से खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा, सबके साथ न्याय होगा। कार्यक्रम में अंबेडकर महासभा के अध्यक्ष डॉ लालजी प्रसाद निर्मल ने संस्था का संक्षिप्त परिचय दिया तथा दलित समाज की चिंताएं और समस्याएं भी रखीं। राज्यपाल ने इस अवसर पर उद्यमिता, शिक्षा, पत्रकारिता एवं चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान करने के लिए डॉ वीरेंद्र कुमार, डॉ जिलेदार रावत, राजेंद्र कुमार गौतम, प्रोफेसर सुरेश कुमार, मनोज कुमार सेन, राजकुमार सिंह को शाल एवं प्रशस्तिपत्र देकर अंबेडकर रत्न सम्मान से सम्मानित किया।

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