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अंबेडकर जयंती पर लाभार्थियों को प्रोत्साहन

कपड़ा मंत्री स्‍मृति जुबिन ईरानी ने लाभ वितरित ‌किए

अनेक बुनकरों को सरकारी योजनाओं का मिला लाभ

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Saturday 15 April 2017 01:41:52 AM

mriti irani presented the cheques to sc weavers/ artisans

नई दिल्ली। केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्‍मृति जुबिन ईरानी ने भारतीय संविधान निर्माता बाबासाहेब डॉ भीमराव अंबेडकर की 126वीं जयंती पर देश के विभिन्‍न क्षेत्रों के अनुसूचित जाति से संबंधित लाभार्थियों को कपड़ा मंत्रालय की कल्‍याणकारी योजनाओं के तहत लाभों का वितरण किया। उन्‍होंने कहा कि डॉ भीमराव अंबेडकर ने एक ऐसे भारत का स्‍वप्‍न देखा, जहां हर भारतीय अपने खुद के ईमानदार प्रयासों तथा शिक्षा के माध्‍यम से राष्‍ट्रनिर्माण में सहयोग देने में सक्षम हो। स्मृति ईरानी ने कपड़ा क्षेत्र से जुड़े उस प्रत्‍येक व्‍यक्‍ति की सराहना की जो, अनुसूचित जाति से संबंधित लोगों के आर्थिक सशक्‍तिकरण के लिए योगदान दे रहे हैं। नई दिल्‍ली में विज्ञान भवन में एक विशेष कार्यक्रम में उन्होंने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्‍यम से पांच राज्‍यों में विभिन्‍न स्‍थानों पर हथकरघा बुनकरों, हस्‍तशिल्‍प कारीगरों, रेशम उद्यमियों एवं कौशल विकास प्रशिक्षुओं के साथ बातचीत की।
स्‍मृति जुबिन ईरानी ने इस अवसर पर ओडिशा के एक बुनकर का उल्लेख किया, जो प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की मदद से अपनी मासिक आमदनी को 4,000 रुपए से बढ़ाकर 8,000 रुपए कर पाने में समर्थ हो पाया है। स्‍मृति जुबिन ईरानी ने इंदौर के एक श्रमिक के पुत्र की कहानी का भी जिक्र किया, जो आईएसडीएस के तहत नौकरी पाने में समर्थ हुआ और अब वह एक बेहतर भविष्‍य का स्‍वप्‍न देखने में सक्षम है। उन्होंने बरेली की एक लड़की के बारे में बताया, जिसने समारोह में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्‍यम से उन्‍नत कारीगर टूलकिट के लाभों को प्रदर्शित किया। उन्होंने उसे एक इंस्‍ट्रक्‍टर बनने के लिए भी प्रोत्‍साहित किया तथा अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अन्‍य कारीगरों को उन्‍नत टूलकिट के लाभों को संप्रेषित करने के उसके कौशल का उपयोग करें। इस अवसर पर कपड़ा मंत्रालय के विकास आयुक्‍त (हथकरघा) एवं सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के राष्‍ट्रीय अनुसूचित जाति वित्‍त एवं विकास निगम के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर भी किए गए।
स्‍मृति जुबिन ईरानी ने कहा कि यह समझौता ज्ञापन सरकार के भीतर सहयोग का एक महान उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यह साल ‘गरीब कल्‍याण वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्‍व में सरकार के लोगों के साथ आधार एवं मुद्रा के जरिए जुड़ने के प्रयासों से गरीबों के बैंक खातों तक लाभों का प्रत्‍यक्ष अंतरण हो रहा है। स्‍मृति जुबिन ईरानी ने कहा कि उनका मंत्रालय हस्‍तशिल्प, हथकरघा एवं रेशम उत्‍पादन क्षेत्रों में काम कर रहे लगभग 20 लाख अनुसूचित जाति के लोगों के कल्‍याण के लिए विशेष प्रयास कर रहा है। उन्‍होंने कहा कि सरकार ने वर्क-शेड के निर्माण के लिए अनुसूचित जाति के बुनकरों को 100 प्रतिशत सब्‍सिडी देने का प्रयास किया है।

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