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पिछड़े वर्ग के सांसदों का पीएम को धन्यवाद

पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा मिलने पर खुशी

पिछड़ा वर्ग सांसदों की 70 साल पुरानी मांग पूरी हुई

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Friday 14 April 2017 03:55:36 AM

pm narendra modi with obc mps

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के पिछड़ा वर्ग के सांसदों ने संसद परिसर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भेंट करके पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने के लिए आभार व्यक्त किया है। भाजपा के पिछड़ा वर्ग के सांसदों ने इसे आजादी के 70 वर्ष से गरीब एवं दूर-दराज क्षेत्रों में बसे हुए पिछड़े वर्गों की एक लंबित मांग को पूरा करने का ऐतिहासिक कदम बताया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सांसदों को संबोधित करते हुए कहा कि पिछड़े वर्ग की जातियों के कल्याण के कार्य संवैधानिक आयोग को सौंपने से उनके जीवन में बदलाव के बेहतर अवसर आएंगे। नरेंद्र मोदी ने कहा कि सरकार यह प्रबंध करेगी कि मंत्रालय से भी किसी भी प्रकार के शंका समाधान को सभी वर्गों तक पहुंचाने का प्रबंध किया जाएगा। पिछड़ा वर्ग के सांसदों से भी उन्होंने अपेक्षा करते हुए कहा कि उनका भी इस वर्ग के नेता और प्रतिनिधि होने के नाते यह दायित्व बनता है कि वे पिछड़े समाज को शिक्षित करने एवं कानून का फायदा पहुंचाने की दृष्टि से जन-जागरण करने का काम करें, यह इस वर्ग के सभी सांसदों का नैतिक एवं संवैधानिक दायित्व है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि राजनीतिक जीवन में गरीबों के हित का काम करने से जो मन को संतोष प्राप्त होता है, वह अतुलनीय होता है। उन्होंने कहा कि देश में अर्थव्यवस्था के डिजिटल लेन-देन के लिए भीम एप का ज्यादा से ज्यादा प्रयोग करना चाहिए, भीम एप के ज्यादा प्रयोग से गरीबों को व्यापार और कारोबार में बैंकों को मदद करने में आसानी होगी और साहूकारों के शोषण से भी छुटकारा मिलेगा। उन्होंने कहा कि पिछड़ा वर्ग समाज आत्मसम्मानीय समाज है और छोटे से उपकार को भी कभी नहीं भूलता है, हमें उनके जीवन को बदलने के अवसरों को इस संवैधानिक अधिकार के माध्यम से बढ़ाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने विपक्षी दल के रवैये पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि लंबे समय से जिस विषय को लेकर ओबीसी संसदीय समिति की सिफारिश और सभी दलों के सांसदों ने व्यक्तिगत रूप से उन्हें मिलकर संविधान के इस संशोधन को करने का आग्रह किया उसे लोकसभा में सर्वसम्मति से तो पारित किया गया, लेकिन राज्यसभा में रोक दिया गया। उन्होंने कहा कि इस तरह के नकारात्मक राजनीति से पिछड़े वर्ग के अधिकारों को रोकना खेदजनक है। उन्होंने सांसदों से कहा कि वे अपने विपक्ष के सांसदों को समझाएं।
भाजपा के वरिष्ठ सांसद हुकुमदेव नारायण यादव ने सांसदों की तरफ से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि एक सांसद होने के नाते मैं 1977 से इस मुद्दे के लिए लड़ रहा था, परंतु आज यह सुखद संयोग है कि नियति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसे दृढ़ नेतृत्व के माध्यम से इस कार्य को पूरा किया। गौरतलब है कि सांसद हुकुमदेव नारायण यादव लोकसभा में बड़ी बेबाकी से बोलते हैं और अनेक अवसरों पर उन्होंने गैर भाजपा दलों के सांसदों की विभिन्न मुद्दों पर अकाट्य रूप से बोलती बंद की है। वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुखर प्रशंसक हैं। इस अवसर पर संसदीयकार्य मंत्री अनंत कुमार, समाज कल्याण मंत्री थावरचंद गहलोत, गंगा संरक्षण और जल मंत्री उमा भारती, बंडारू दत्तात्रेय, कानून राज्यमंत्री पीपी चौधरी, सीआर चौधरी, पी राधाकृष्णन, साध्वी निरंजन ज्योति, ओबीसी संसदीय समिति के अध्यक्ष गणेश सिंह, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद भूपेंद्र यादव, सांसद प्रहलाद पटेल एवं भारतीय जनता पार्टी के सभी ओबीसी सांसद उपस्थित थे।

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