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माखनलाल पत्रकारिता विश्‍वविद्यालय में विस्तार

शोध विभाग, छात्रवृत्तियां भवन निर्माण और अन्य सुविधाएं

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुए अनेक खास निर्णय

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Thursday 9 March 2017 05:29:53 AM

logo makhanlal chaturvedi, national journalism and communication university

भोपाल। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में भारतीय भाषाओं पर वैज्ञानिक शोध हेतु एक विभाग स्थापित किया जाएगा, इसी प्रकार संस्कृति के अध्ययन के लिए भी एक विभाग की स्थापना की जाएगी। ये दोनों नव-निर्मित विभाग प्रारंभ में केवल शोध का कार्य करेंगे, बाद में इन विभागों के विषयानुसार पाठ्यक्रम भी चलाए जा सकेंगे। दोनों विभागों में तीन-तीन छात्रिवृत्तियों का भी प्रावधान किया गया है। ये निर्णय 8 मार्च को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय की प्रबंध समिति की बैठक में लिए गए। बैठक में वित्तमंत्री जयंत मलैया, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर बृजकिशोर कुठियाला, कुलाधिसचिव लाजपत आहूजा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव एसके मिश्रा एवं वरिष्ठ पत्रकार उमेश उपाध्याय उपस्थित थे।
माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग के अध्यक्ष संजय द्विवेदी ने बताया है कि पत्रकारिता विश्वविद्यालय के रीवा एवं खंडवा परिसरों के लिए भूमि उपांतरण एवं भवन निर्माण के लिए प्रत्येक परिसर हेतु 60 करोड़ की राशि की स्वीकृति इसी बैठक में की गई है। ज्ञातव्य है कि मध्य प्रदेश शासन की ओर से विश्वविद्यालय के खंडवा एवं रीवा परिसर के निर्माण के लिए 5-5 एकड़ भूमि प्रदान की गई है। इन दोनों स्थानों पर निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ होगा। इसी प्रकार भारतीय जीवन बीमा निगम के माध्यम से विश्वविद्यालय के कर्मचारियों को गेच्युटी दिलाए जाने की स्वीकृति भी प्रदान की गई, इस हेतु भारतीय जीवन बीमा निगम को दो करोड़ सत्तर लाख रुपये एकमुश्त और चौबीस लाख रुपये प्रीमियम प्रतिवर्ष दिए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई। विश्वविद्यालय के कार्पस को रिज़र्व बैंक आफ इंडिया के 8 प्रतिशत सेविंग (टैक्सेवल) बांड 2003 में विनियोजित किए जाने की स्वीकृति दी गई।
पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के कुलपति ने कहा कि मीडिया का आधार भाषा है और भारतीय भाषाओं में अंतर्संवाद को बढ़ावा देने की आवश्यकता है, जिससे देश में एकता और एकात्मता स्थापित हो। उन्होंने कहा कि भाषा विज्ञान विभाग में प्रयास किया जाएगा कि भारतीय भाषाओं की समानताओं एवं एक ही स्रोत से उत्पत्ति पर तीन शोधार्थियों से वैज्ञानिक शोधकार्य कराया जाए। उन्होंने कहा कि मीडिया, संस्कृति का वाहक भी और संस्कृति का निर्माण भी करता है, इसीलिए मीडिया के विश्वविद्यालय में संस्कृति के अध्ययन का भी प्रावधान किया गया है। इस विभाग में भी तीन शोधार्थियों से शोध कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि शोध प्रस्ताव प्राप्त करने के लिए शीघ्र ही विज्ञापन जारी किया जाएगा। विश्‍वविद्यालय प्रबंध समिति की बैठक के दौरान काठमांडू विश्वविद्यालय के साथ ‘भारत-नेपाल सम्बंधों में मीडिया की भूमिका’ विषय पर काठमांडू में दो दिवसीय संगोष्ठी के आयोजन पर भी चर्चा हुई, जिसमें मुख्यमंत्री स्वयं उपस्थित रहने वाले हैं। कुलपति ने बताया है कि माखनलाल विश्वविद्यालय की 18-19 मार्च 2017 को कोलकाता में भारतीय भाषा परिषद कोलकाता के परिसर में ‘भारतीय भाषाओं में अंतर्संवाद’ विषय पर एक संगोष्ठी भी आयोजित की गई है।

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