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उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के व्यापक प्रबंध

राज्यपाल ने कई स्थानों का स्थलीय निरीक्षण किया

हे‌लीकाप्टर एवं जनसुविधाओं की व्यवस्था

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Sunday 24 April 2016 07:26:40 AM

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देहरादून। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा को निर्बाध, सुरक्षित व सुविधाजनक बनाए जाने की दृष्टि से राज्यपाल डॉ कृष्णकांत पाल ने आज सोनप्रयाग, लिंचोली तथा केदारनाथ क्षेत्र का स्थलीय भ्रमण कर यात्रा सीजन तथा आपदा प्रबंधन संबंधी तैयारियों का जायजा लिया। सोनप्रयाग में राज्यपाल ने अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने के साथ ही कई महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए। राज्यपाल ने सोनप्रयाग में तत्काल रेगुलर पुलिस स्टेशन की स्थापना की स्वीकृति दी है, जिसका कल ही नोटिफिकेशन जारी हो जाएगा। यात्रा सीजन में आवश्यकतानुसार तत्काल मेडिकल सहायता पहुंचाने की दृष्टि से सोनप्रयाग में हेलीकाप्टर की उपलब्धता भी सुनिश्चित कर दी गई है। इस क्षेत्र में अर्ली वार्निंग मेंटिनेंस पैट्रोल सिस्टम भी शुरू होगा, जो केदारनाथ यात्रा मार्ग पर तथा झील के आस-पास किसी भी प्रकारकीआपदाकी आशंका से सचेत करेगा। इसी प्रकार अर्ली वार्निंग अलार्म सिस्टम भी सक्रिय रूप से कार्य करेगा।
राज्यपाल ने केदारनाथ क्षेत्र में तीर्थाटकों और श्रद्धालुओं के लिए की गई रात्रि विश्राम की सुविधाओं को और अधिक सुव्यवस्थित करने तथा किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में यात्रियों को आवश्यक सहायता देने के लिए पूरे यात्रा सीजन में गौरीकुंड से केदारनाथ तक के 16 किलोमीटर के पैदल यात्रा मार्ग पर एसडीआरएफ की पैट्रोलिंग निरंतर जारी रखने की व्यवस्था के निर्देश भी दिए। रुद्रप्रयाग से सोनप्रयाग के बीच कुछ स्थानों पर चल रहे कार्यों, जिनकी हफ्ते-दस दिन में पूरी होने की संभावना है, के पूर्ण होते ही वहां धरती पर होने वाले किसी भी असामान्य हलचल की सूचना देने वाले संयंत्र स्थापित किए जाएंगे।
कृष्णकांत पाल ने केदारनाथ पैदल यात्रामार्ग पर ड्रैगन लाइट अथवा लाइट टावर आदि के माध्यम से पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए, यद्यपि इस यात्रा मार्ग पर सायं 6.00 बजे बाद यात्रा प्रतिबंधित है। उन्होंने लिंचैली में अधिकारियों के साथ बैठक करके तीर्थ यात्रा निर्बाध रूप से कराने के लिए अनेक सुझाव और निर्देश दिए। उन्होंने इस क्षेत्र में यात्रियों की सुविधा के लिए बनाई गई हट्स आदि की व्यवस्था भी देखी। केदारनाथ क्षेत्र में जून 2013 में आई भीषण प्राकृतिक आपदा में क्षतिग्रस्त आदिशंकराचार्य की समाधि स्थल के जीर्णोद्धार संबंधी कार्यों के विषय में मंदिर समिति के लोगों से भी राज्यपाल ने वार्ता की। राज्यपाल के साथ उनके सचिव आनंद बर्द्धन तथा परिसहाय जन्मेजय खंडूरी भी थे।

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