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अधिकारी-कर्मचारी अपना दायित्व निभाएं-योगी

'अधिकारियों व कर्मचारियों के कल्याण के अनेक कदम उठाए'

उत्तर प्रदेश प्रांतीय सिविल सेवा संघ का सामान्य अधिवेशन

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Saturday 17 August 2019 06:13:25 PM

chief minister yogi adityanath

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि राज्य सरकार अपने अधिकारियों और कर्मचारियों से अपने दायित्वों का पूरी प्रतिबद्धता, निष्ठा, लगन और परिश्रम के साथ निर्वहन करते हुए अच्छे परिणाम दिए जाने की अपेक्षा करती है। योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश प्रांतीय सिविल सेवा (प्रोन्नत अधिकारी) संघ के सामान्य अधिवेशन के उद्घाटन सत्र को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने उल्लेख किया कि राज्य सरकार ने राजकीय अधिकारियों और कर्मचारियों के कल्याण हेतु अनेक प्रभावी कदम उठाए हैं, कर्मचारियों की समस्याओं का समयबद्ध निराकरण, अधिकारियों और कर्मचारियों के सेवा सम्बंधी लंबित प्रकरणों का शीघ्रता से निस्तारण किया गया है। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में तीन बार डीपीसी कर तहसीलदार संवर्ग के 299 अधिकारियों को प्रांतीय सिविल सेवा में प्रोन्नति दी गई है, जबकि यह पदोन्नतियां वर्षों से लम्बित थीं, इन प्रोन्नतियों हेतु पात्रता में शिथिलीकरण भी किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कार्यरत लगभग 1000 प्रांतीय सिविल सेवा के अधिकारियों में 60 प्रतिशत प्रोन्नत अधिकारी हैं, इससे पता चलता है कि राज्य सरकार राजकीय कर्मियों के हितों का ध्यान रखती है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राजस्व विभाग का सबसे बड़ा और पुराना संवर्ग होने के कारण उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, इस संवर्ग के अधिकारियों को अनेक महत्वपूर्ण दायित्वों के निर्वहन के अवसर मिलते हैं, संवर्ग की कार्यपद्धति से ही उसकी पहचान बनती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संवर्ग के अधिकारियों का जनता से सीधा जुड़ाव होता है, परिणाम देने के लिए विशेष अवसर की जरूरत नहीं होती है, मौजूदा तंत्र में भी अच्छे परिणाम दिए जा सकते हैं, इसके लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने की आवश्यकता होती है, दायित्वों का प्रतिबद्धता और निष्ठा के साथ निर्वहन करने से संतुष्टि मिलती है। उन्होंने कहा कि सेवा से बढ़कर कोई धर्म और पुण्य का कार्य नहीं है, आप सभी को जनता की सेवा निष्पक्ष भाव से पुण्य समझकर करनी चाहिए, पुण्य और सेवा भाव से किए गए कार्य दीर्घ कार्यावधि पीड़ा नहीं, खुशी देते हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वे स्वयं भी प्रतिदिन 17 से 18 घंटे पूरी प्रतिबद्धता से कार्य करते हैं, इससे उन्हें आत्मिक संतुष्टि प्राप्त होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिबद्धता, निष्ठा, लगन और परिश्रम से कार्य करने पर विश्वसनीयता के साथ सम्मान भी बढ़ता है, अच्छा कार्य करने वाले अधिकारियों को लोग वर्षों याद रखते हैं। उन्होंने कहा कि सब कुछ परिवर्तनशील है, इसलिए अधिकारियों को प्राप्त हुए अवसर का लाभ उठाते हुए परिश्रमपूर्वक कार्य करना चाहिए, इससे अधिकारी स्वयं और उनका संवर्ग यशस्वी होगा। उन्होंने कहा कि राजकीय सेवा को औपचारिकता नहीं समझा जाना चाहिए, यह अपने समाज, देश और प्रदेश की सेवा का अप्रतिम अवसर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अनुभव किया है कि 90 प्रतिशत से अधिक मामले राजस्व और पुलिस विभाग से सम्बंधित होते हैं, समय से इन प्रकरणों का समाधान न होने पर बड़े विवाद पैदा हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि हर संवर्ग के अधिकारी प्रतिदिन सुबह साढ़े नौ से साढ़े दस बजे तक जनसुनवाई करें, इससे जन शिकायतों का प्रभावी समाधान सम्भव होगा। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन सुनवाई करने से धीरे-धीरे जनता की संतुष्टि बढ़ती जाएगी और शिकायतें भी कम होती जाएंगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि राज्य सरकार ने जन शिकायतों के निस्तारण के लिए आईजीआरएस पोर्टल और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शुरु की है, जिसमें शिकायतकर्ता की संतुष्टि को ही शिकायत निस्तारण का आधार बनाया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सेवा संघ के अधिवेशनों में मुख्य सचिव, विभागीय अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव को आमंत्रित कर उनके समक्ष, क्षेत्र विशेष में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों द्वारा अपनाए गए नवाचारों आदि के सम्बंध में प्रस्तुतिकरण कराने चाहिएं, इससे अन्य अधिकारियों को भी इनकी जानकारी मिलेगी और वे भी अच्छे कार्य करने के लिए प्रेरित होंगे। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक मुकुल सिंघल, विशेष सचिव मुख्यमंत्री शुभ्रांत कुमार शुक्ला, शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी एवं उत्तर प्रदेश प्रांतीय सिविल सेवा (प्रोन्नत अधिकारी) संघ के पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित थे।

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